RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 14 विधुत धारा के रासानिक प्रभाव

Rajasthan Board RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 14 विधुत धारा के रासानिक प्रभाव Textbook Exercise Questions and Answers.

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RBSE Class 8 Science Solutions Chapter 14 विधुत धारा के रासानिक प्रभाव

RBSE Class 8 Science विधुत धारा के रासानिक प्रभाव InText Questions and Answers


पृष्ठ 175 

प्रश्न 1. 
क्या हर अवस्था में वायु विद्युत की हीन चालक होती है? 
उत्तर:
नहीं, हर अवस्था में वायु विद्युत की हीन चालक नहीं होती है। तड़ित के समय यह विद्युत की चालक बन जाती है।

RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 14 विधुत धारा के रासानिक प्रभाव

प्रश्न 2. 
क्या हीन चालकों की श्रेणी में रखे अन्य पदार्थ भी विशेष परिस्थितियों में अपने में से विद्युत को प्रवाहित होने देते हैं? 
उत्तर:
हाँ, विशेष परिस्थितियों में होन चालकों की श्रेणी में रखे अन्य पदार्थ भी विशेष परिस्थितियों में अपने में से विद्युत को प्रवाहित होने देते हैं।

पृष्ठ 178 

प्रश्न 3. विद्युतलेपन (electroplating) के क्रियाकलाप को करने के पश्चात् इलेक्ट्रोडों को आपस में बदलकर क्रियाकलाप को दोहराने पर क्या प्रेक्षण प्राप्त होंगे? 
उत्तर:
विधुतलेपन की प्रक्रिया में हम जानते हैं कि कॉपर ऋण ध्रुव पर एकत्रित होता है अत: जिस धातु पर परत चढ़ाते हैं वह पूण ध्रुव पर ही संयोजित की जाती है। इलेक्ट्रोडों को आपस में बदलकर क्रियाकलाप को दोहराने पर विधुतलेपन की क्रिया प्रभावित होगी तथा जिस धातु पर विद्युतलेपन करना है वह संपादित नहीं होगी।

RBSE Class 8 Science विधुत धारा के रासानिक प्रभाव Textbook Questions and Answers 


प्रश्न 1. 
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:
(a) विद्युत चालन करने वाले अधिकांश द्रव ........................... तथा ........................... के विलयन होते हैं। 
(b) किसी विलयन से विद्युतधारा प्रवाहित होने पर ........................... प्रभाव उत्पन्न होता है। 
(c) यदि कॉपर सल्फेट विलवन से विद्युतधारा प्रवाहित की जाए तो कॉपर बैटरी के ........................... टर्मिनल से संयोजित प्लेट पर निक्षेपित होता है। 
(d) विद्युतधारा द्वारा किसी पदार्थ पर वांछित धातु की परत निक्षेपित करने की प्रक्रिया को ........................... कहते हैं। 
उत्तर:
(a) अम्लों, भारकों, लवणों, 
(b) रासायनिक 
(c)- ve (ऋण) 
(d) विद्युत लेपन। 

प्रश्न 2. 
जब किसी संपरीक्षित्र (tester) के स्वतंत्र सिरों को किसी विलयन में डुबोते हैं तो चुम्बकीय सुई विक्षेपित होती है। क्या आप ऐसा होने के कारण की व्याख्या कर सकते हैं? उत्तर:
संपरीक्षित्र के स्वतंत्र सिरों को किसी विलयन में डुबोते हैं तो विलयन में विद्युतधारा प्रवाहित होती है। विलयन में विद्युतधारा के प्रवाहित होने के कारण चुम्बकीय सुई विक्षेपित होती है। 

प्रश्न 3. 
ऐसे तीन ब्रवों के नाम लिखिए जिनका परीक्षण चित्र में दर्शाए अनुसार करने पर चुम्बकीय सुई विक्षेपित हो सके।
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 14 विधुत धारा के रासानिक प्रभाव 1
उत्तर:

  1. नींबू का रस 
  2. नमक का विलयन 
  3. कॉपर सल्फेट का विलयन। 

प्रश्न 4. 
चित्र में दर्शाई गई व्यवस्था में बल्व नहीं जलता। क्या आप संभावित कारणों की सूची बना सकते हैं? अपने उत्तर की व्याख्या कीजिए।
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 14 विधुत धारा के रासानिक प्रभाव 2
उत्तर:
चित्र में दर्शाई गई व्यवस्था में बल्ब नहीं जलता । इसका संभावित कारण हो सकता है कि पीकर में विद्युत अपघट्य न हो। ग्लूकोस विलयन, ऐल्कोहॉल अथवा आसुत जल होने पर बाल्य नहीं जलेगा। यह भी हो सकता है कि विद्युतधारा दुर्बल हो। इसलिए LED का उपयोग किया जा सकता है जो दुर्बल विद्युतभारा प्रवाहित होने पर भी दीप्त होता है। 

प्रश्न 5. 
दो द्रवों A तथा B में विद्युत चालन की जाँच करने के लिए एक संपरीक्षित्र का प्रयोग किया गया। यह देखा गया कि संपरीक्षित्र का बल्ब द्रव A के लिए चमकीला दीप्त हुआ जबकि द्रव B के लिए अत्यन्त धीमा दीप्त हुआ। आप निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि:
(i) द्रव A, द्रव B से अच्छा चालक है। 
(ii) द्रव B, द्रव से अच्छा चालक है। 
(iii) दोनों द्रवों की चालकता समान है। 
(iv) द्रवों की चालकता के गुणों की तुलना इस प्रकार नहीं की जा सकती। 
उत्तर:
(i) द्रव A, द्रव B से अच्छा चालक है।  

प्रश्न 6. 
क्या शुद्ध जल विद्युत का चालन करता है? यदि नहीं, तो इसे चालक बनाने के लिए हम क्या कर सकते हैं? 
उत्तर:
शुद्ध जल विद्युत का चालन नहीं करता है। इसको चालक बनाने के लिए इसमें कुछ बूदें तनु सल्फ्यूरिक अम्ल की मिला देनी चाहिए। 

प्रश्न 7. 
आग लगने के समय फायरमैन पानी के हौज (पाइपों) का उपयोग करने से पहले उस क्षेत्र की मुख्य विद्युत आपूर्ति को बन्द कर देते हैं। व्याख्या कीजिए कि वे ऐसा क्यों करते हैं।
उत्तर:
पानी विद्युत का सुचालक होता है। विद्युत के झटके से बचने के लिए फायरमैन पानी के हौज (पाइपों) का उपयोग करने से पहले मुख्य विद्युत आपूर्ति को बन्द कर देते है।

प्रश्न 8. 
तटीय क्षेत्र में रहने वाला एक बालक अपने संपरीक्षित्र से पीने के पानी तथा समुद्र के पानी का परीक्षण करता है। वह देखता है कि समुद्र के पानी के लिए चुम्बकीय सुई अधिक विक्षेप दिखाती है। क्या आप इसके कारण की व्याख्या कर सकते हैं? 
उत्तर:
समुद्र के पानी में लवण घुले होते हैं। अतः समुद्र का पानी विद्युत का सुचालक हो जाता है अर्थात् उसमें से विधुत गुजर सकती है। इसके विपरीत पीने का पानी दुर्बल सुचालक है। इसमें से विद्युत धारा कठिनाई से गुजरती है, अत: समुद्र के पानी के लिए चुम्बकीय सुई अधिक विक्षेप दिखाती है। 

प्रश्न 9. 
क्या तेज वर्षा के समय किसी लाइनमैन के लिए बाहरी मुख्य लाइन के विद्युत तारों की मरम्मत करना सुरक्षित होता है? व्याख्या कीजिए। 
उत्तर:
नहीं। तेज वर्षा के समय किसी लाइनमैन के लिए बाहरी मुख्य लाइन के विद्युत तारों की मरम्मत करना सुरक्षित नहीं होता है क्योंकि जल विद्युत का चालक है। लाइनमैन को विधुत का झटका लग सकता है। 

प्रश्न 10. 
पहेली ने सुना था कि वर्षा का जल उतना ही शुद्ध है जितना कि आसुत जल। इसलिए उसने एक स्वच्छ काँच के बर्तन में कुछ वर्षों का जल एकत्रित करके संपरीक्षित्र से उसका परीक्षण किया। उसे यह देखकर आश्चर्य हुआ कि चुम्बकीय सुई विक्षेप दर्शाती है। इसका कारण क्या हो सकता है? 
उत्तर:
यह सत्य है कि वर्षा का जल उतना ही शुद्ध है जितना कि आसुत जल। परन्तु वर्षा का जल, वायुमण्डल में उपस्थित बहुत - सी अशुद्धियां जैसे कार्यन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड आदि घोल लेता है जो कि वर्षा के जल को चालक बना देती है। इसलिए संपरीक्षित्र से परीक्षण करने पर चुम्बकीय सुई विक्षेप दिखाती है। 

प्रश्न 11. 
अपने आस - पास उपलब्ध विद्युतलेपित वस्तुओं की सूची बनाइए।
उत्तर:
विद्युतलेपित वस्तुओं की सूची निम्नलिखित है:

  1. स्नानघर की टोंटी, गैस बर्नर तथा साइकिल के रिम आदि पर क्रोमियम का लेपन किया जाता है। 
  2. आभूषण बनाने वाली सस्ती धातुओं पर चाँदी तथा सोने का विधुतलेपन करते हैं।
  3. लोहे के ऊपर टिन का विद्युतलेपन करते हैं। 
  4. बाल्टी / लोहे की बाल्टी पर जिंक की परत निक्षेपित कर दी जाती है। 
  5. रसोई के बर्तन आदि। 

प्रश्न 12. 
जो प्रक्रिया आपने पाठ्यपुस्तक के क्रियाकलाप 14.7 में देखी वह कॉपर के शोधन में उपयोग होती है। एक पतली शुद्ध कॉपर छड़ एवं एक अशुद्ध कॉपर की छड़ इलेक्ट्रोड के रूप में उपयोग की जाती है। कौनसा इलेक्ट्रोड बैटरी के धन टर्मिनल से संबोजित किया जाए? कारण भी लिखिए। 
उत्तर:
अशुद्ध कॉपर की छड़ जो कि एनोड का कार्य करती है, को बैटरी के धन टर्मिनल से संयोजित किया जाना चाहिए। कॉपर सल्फेट में विद्युत प्रवाहित करने पर धनायन कैथोड की ओर गति करते हैं और शुद्ध धातु कैथोड पर जमा हो जाती है, अशुद्धियाँ ऐनोड ताल के नीचे बैठ जाती है। 

Bhagya
Last Updated on May 16, 2022, 6:48 p.m.
Published May 16, 2022