RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 1 कृषि प्रबन्धन

Rajasthan Board RBSE Class 8 Science Chapter 1 कृषि प्रबन्धन

RBSE Solutions for Class 8 Science

RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 1 कृषि प्रबन्धन

RBSE Class 8 Science कृषि प्रबन्धन Intext Questions and Answers

फसलों की जानकारी से सम्बन्धित सारणी

पृष्ठ 1.

सारणी 1.1:
पादपों की सामान्य जानकारी
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 1 कृषि प्रबन्धन 1
फसली पौधों के नाम, मौसम एवं समयावधि

पृष्ठ 2.

सारणी 1.2:
फसली पौधों के नाम, मौसम एवं समयावधि
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 1 कृषि प्रबन्धन 2

पृष्ठ 3.

प्रश्न 1.
ऋतुओं के आधार पर फसलें कितने प्रकार की होती?
उत्तर:
ऋतुओं के आधार पर फसलों को मुख्य रूप से तीन वर्गों में वर्गीकृत किया जा सकता है

  1. रबी की फसल
  2. खरीफ की फसल
  3. जायद की फसल।

पृष्ठ 4.

प्रश्न 2.
किसान द्वारा फसल का उत्पादन किन-किन प्रक्रियाओं द्वारा किया जाता है?
उत्तर:
खेती के निम्नलिखित मुख्य चरण हैं

  1. मिट्टी तैयार करना
  2. बुआई करना
  3. खाद या उर्वरक देना
  4. सिंचाई करना
  5. फसल की सुरक्षा करना
  6. फसल काटना
  7. अनाज का भण्डारण करना।

पृष्ठ 5.

प्रश्न 3.
खेत में फसल की बुआई से पहले हल क्यों चलाते हैं?
उत्तर:
फसल की बुआई से पहले किसान सबसे पहले मिट्टी को तैयार करता है। वह खेत में हल चलाकर मिट्टी को उलट – पलट कर पोली कर देता है।

प्रश्न 4.
पानी से भरी बाल्टी में दो चार मुट्ठी मूंग के बीज लीजिए और कुछ देर बाद बाल्टी में बीजों की स्थिति का अवलोकन कीजिए, क्या स्थिति नजर आ रही है?
उत्तर:
हम देखते हैं कि कुछ बीज पानी में डूब गए हैं एवं कुछ बीज पानी पर तैर रहे हैं।

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प्रश्न 5.
पानी से भरी बाल्टी में मूंग के बीज डालने पर कुछ बीज पानी पर क्यों तैर रहे हैं?
उत्तर:
जो बीज पानी के ऊपर तैर रहे हैं वे बीज क्षतिग्रस्त व खोखले हैं। अतः हल्के होने से तैरने लगते हैं, जबकि स्वस्थ बीज खोखले नहीं होने से पानी से भरी बाल्टी के पेंदे में बैठे हैं।

पृष्ठ 6.

खाद व उर्वरक में अन्तर

प्रश्न 6.
आपने किसान को खाद व उर्वरक को खेतों में डालते हुए देखा होगा, दोनों ही मिट्टी की उर्वर क्षमता बढ़ाते हैं फिर भी इनके नाम अलग-अलग क्यों हैं? इन दोनों में क्या अन्तर है?
उत्तर:
खाद प्राकृतिक एवं जैविक हैं परन्तु उर्वरक कृत्रिम हैं। प्राकृतिक खाद खेतों में बनाई जाती है, जैसे- गोबर की खाद (कम्पोस्ट खाद) व वर्मी कम्पोस्ट खाद, जबकि उर्वरक फैक्ट्रियों में तैयार किये जाते हैं, जैसे-यूरिया, अमोनियम सल्फेट, सुपर फॉस्फेट, पोटाश आदि। खाद उर्वरक से बेहतर है, प्राकृतिक खाद में ह्यूमस की मात्रा अधिक होती है तथा ये मृदा की उर्वरा शक्ति को बढ़ाता है, जबकि उर्वरक में ह्यूमस का अभाव होता है।

पृष्ठ 7.

सिंचाई करना

प्रश्न 7.
खेत में फसल के उगने एवं खाद मिलाने के पश्चात् किसान क्या करता है?
उत्तर:
किसान फसल को पानी देता है।

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प्रश्न 8.
सिंचाई के कई साधनों द्वारा फसलों की जल आपूर्ति करते हैं, ये साधन कौन – कौन से हैं?
उत्तर:

  1. पारम्परिक साधन
  2. आधुनिक साधन।

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प्रश्न 9.
आजकल नलकूप, विद्युत या डीजल पम्पं आदि से सिंचाई की जाती है। ऐसा क्यों?
उत्तर:
परम्परागत साधनों की तुलना में आधुनिक साधनों से कम समय में अधिक सिंचाई हो जाती है। इनसे जल का उपयोग मितव्ययता से कर सकते हैं।

पृष्ठ 9.

प्रश्न 10.
फसलों की सुरक्षा में किसानों के सामने कौन-कौनसी समस्याएँ आती हैं? सारणी बनाकर विवरण प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर:
सारणी : किसान द्वारा कृषि के दौरान अनुभूत समस्याओं का विवरण
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 1 कृषि प्रबन्धन 3

पृष्ठ 10.

प्रश्न 11.
आपने खेतों में फसल कटते हुए देखा होगा। फसलं कब काटी जाती है?
उत्तर:
फसल के पक जाने पर किसान फसल को काटता है, जिसे फसल की कटाई कहते हैं।

RBSE Class 8 Science कृषि प्रबन्धन Text Book Questions and Answers

सही विकल्प का चयन कीजिए

Question 1.
गेहूँ एक फसल है।
(अ) रबी
(ब) खरीफ
(स) जायद
(द) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(अ) रबी

Question 2.
सिंचाई का आधुनिक साधन है ……………….
(अ) चड़स
(ब) ढेकली
(स) विद्युत पम्प
(द) रहट
उत्तर:
(स) विद्युत पम्प

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए1

  1. खेत की मिट्टी में हल चलाकर मिट्टी को पोली बनाना ……………… कहलाता है।
  2. स्वस्थ बीज वजन में ……………….. एवं अस्वस्थ बीज ……… होते हैं।
  3. लगातार एक ही फसलें बोने से मिट्टी की ………… क्षमता कम हो जाती है।
  4. ऋतुओं के आधार पर फसलें मुख्य रूप से प्रकार की होती हैं।

उत्तर:

  1. जुताई
  2. भारी
  3. हल्के
  4. उत्पादन
  5. तीन।

लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
फसल किसे कहते हैं?
उत्तर:
जब एक ही प्रकार के पादप भूमि के बहुत बड़े क्षेत्र में उगाए जाते हैं तो उसे फसल कहते हैं।

प्रश्न 2.
रबी, खरीफ व जायद फसल के दो – दो उदाहरण दीजिए?
उत्तर:
रबी की फसल – जौ, चना खरीफ की फसल मक्का, मूंगफली जायद की फसल – तरबूज, ककड़ी।

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प्रश्न 3.
श्रेशिंग किसे कहते हैं?
उत्तर:
थ्रेशिंग – फसल की कटाई के बाद नमी दूर करने के लिए कुछ दिन इसे सुखाते हैं। इसके बाद बीज के दानों एवं भूसे को अलग करते हैं, इस प्रक्रिया को थ्रेशिंग कहते हैं।

प्रश्न 4.
सिंचाई के कौन-कौन से साधन हैं?
उत्तर:

  1. सिंचाई के पारम्परिक साधन – चड़स, ढेकली, रहट, मोट आदि।
  2. सिंचाई के आधुनिक साधन – नलकूप, विद्युत पम्प, डीजल पम्प आदि।

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
सिंचाई की आधुनिक विधियाँ कौन-कौन सी हैं? वर्णन कीजिए।
उत्तर:
समय – समय पर फसल को जल की आवश्यकता की पूर्ति कराना सिंचाई कहलाती है। परम्परागत साधनों की तुलना में आधुनिक विधियों से कम समय में अधिक सिंचाई हो जाती है। सिंचाई की आधुनिक विधियाँ निम्न हैं.

1. छिड़काव तन्त्र:
इस विधि का उपयोग असमतल भूमि के लिये किया जाता है। इस विधि में ऊर्ध्व पाइपों (नलों) के ऊपरी सिरों पर घूमने वाले नोजल लगे होते हैं। ये पाइप निश्चित दूरी पर मुख्य पाइप से जुड़े होते हैं। जब पम्प की सहायता से जल मुख्य पाइप में भेजा जाता है तो वह घूमते हुए नोजल से बाहर निकलता है, यह छिड़काव पौधों पर इस प्रकार होता है, जैसे वर्षा हो रही हो। इसलिए इसे छिड़काव तन्त्र कहते हैं। यह छिड़काव बलुई मिट्टी के लिये अंत्यन्त उपयोगी है।

2. ड्रिप तन्त्र:
इस विधि में जल बूंद-बूंद करके पौधों की जड़ों में गिरता है, इसलिए इसे ड्रिप तन्त्र कहते हैं। इसमें जल बँद-बँद करके जड़ों में जाता है तथा पानी व्यर्थ नहीं होता है। यह विधि जल की कमी वाले क्षेत्रों में अत्यन्त उपयोगी है।

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प्रश्न 2.
किसान को कृषि में किन – किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है? उनसे निपटने के लिये आप क्या उपाय सझाएँगे?
उत्तर:
किसान को कृषि में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जो कि निम्न हैं
1. खरपतवार:
फसल के साथ प्राकृतिक रूप से उगने वाले अवांछित पौधे खरपतवार कहलाते हैं। वे फसल की वृद्धि को प्रभावित करते हैं। इनके कारण फसल को पर्याप्त पोषक तत्व नहीं मिल पाते। इनको निम्न प्रकार हटाया जा सकता है

  • निराई करना – खरपतवार हटाने के लिये समय-समय पर निराई-गुड़ाई की जानी चाहिए।
  • हाथ से उखाड़कर – खरपतवार को हाथों द्वारा उखाड़कर अथवा खुरपी द्वारा मिट्टी से अलग किया जा सकता है।
  • रासायनिक विधि द्वारा – रसायनों के उपयोग से भी खरपतवार नियंत्रित किये जा सकते हैं।

2. प्राकृतिक प्रकोप:
किसान को प्राकृतिक प्रकोप जैसे बाढ़, सूखा, सर्दी, आग आदि से भी कृषि में काफी नुकसान होता है। इनसे बचने के लिये निम्न उपाय करने चाहिए

  • बाढ़ से बचने के लिए जल निकासी करना
  • सूखा पड़ने पर सिंचाई करना
  • आग से सुरक्षा के उपाय तैयार रखना।

3. फसल को रोग लगना:
यह किसान की एक प्रमुख समस्या है। फसल को कीट, जीवाणुओं तथा वायरस द्वारा होने वाले रोग लग जाते हैं, जिससे पत्ती कटने लगती है, फल खराब हो जाते हैं, तना सूख जाता है। इनसे बचने के लिये कीट, जीवाणु तथा फफूंद नाशक दवाओं का छिड़काव करना चाहिए।

4. जानवर द्वारा:
चारों तरफ से खुला होने पर आवारा जानवर खेत में घुस जाते हैं और फसल को बर्बाद कर देते हैं इससे बचने के लिए खेत के चारों ओर बाड़ लगानी चाहिए।

RBSE Class 8 Science कृषि प्रबन्धन Important Questions and Answers

क्रियात्मक कार्य

प्रश्न 1.
अपने आस-पास कृषि में काम आने वाले नाइट्रोजन युक्त रासायनिक उर्वरकों के नमूने एकत्र कर स्क्रेप बुक में लगाइए। यह भी पता कर लिखिए कि ये किन-किन फसलों के लिए उपयोगी हैं?
उत्तर:
विद्यार्थी डाइ-अमोनियम फास्फेट, अमोनियम नाइट्रेट और अमोनियम सल्फेट को छोटी पन्नियों में भरकर स्क्रप बुक में लगाएँ। ये रबी और खरीफ की फसल के लिए बहुत उपयोगी हैं।

प्रश्न 2.
विद्यालय में पौधे लगाइए। उसमें अलग – अलग रासायनिक उर्वरक डालकर उनकी वृद्धि का अवलोकन कीजिए।
उत्तर:
विद्यार्थी इस क्रिया को स्वयं करें। यूरिया, सुपर फास्फेट, डाइ अमोनियम फास्फेट उर्वरक डालकर पौधों की वृद्धि का अवलोकन करें। यूरिया डालने से पौधों में जल्दी वृद्धि होती है।

प्रश्न 3.
आस – पास के किसानों से सम्पर्क कर पता लगाएँ कि वे कृषि के लिए कौन – कौन से कार्य करते हैं? इन कार्यों के लिए किन उपकरणों का प्रयोग करते हैं?
उत्तर:
कृषि के लिए किसान निम्न कार्य करते हैं

  1. मिट्टी तैयार करना (जुताई)-ट्रैक्टर द्वारा।
  2. बुआई – सीड ड्रिल द्वारा।
  3. सिंचाई – नलकूप द्वारा।
  4. खरपतवार हटाना – खुरपी या कुदाली द्वारा।
  5. खाद देना – हाथ द्वारा, कल्टीवेटर द्वारा।

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प्रश्न 4.
शीतगृह के बारे में जानकारी प्राप्त कीजिए व इसके महत्व को लिखिए।
उत्तर:
शीतगृह का प्रयोग मुख्यतः फ्रोजन तैयार माल के भण्डारण हेतु किया जाता है। शीतगृह के स्थान चयन के लिए निम्न बातें जरूरी हैं

  1. पर्याप्त मात्रा में फ्रोजन उत्पाद फल, सब्जियाँ प्राप्त करने के लिए प्रसंस्करण केन्द्र से नजदीकी सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।
  2. निर्बाध बिजली आपूर्ति।
  3. कच्चे माल और तैयार उत्पाद के सुगम प्रवाह के लिए सहज पहुँच।
  4. ताजे पानी की पर्याप्त आपति।
  5. कुशल और अकुशल श्रमिकों की उपलब्धता।

शीतगृह की क्षमता सामान्यतः 1,000 मिलियन टन से 10,000 मिलियन टन के बीच होती है। शीतगृह अमोनिया प्रशीतन स्थापनाओं से युक्त होते हैं। शीतगृह का मुख्य प्रयोग फल एवं सब्जियों के लम्बे समय तक भण्डारण करने से है। ट्रैटा पैक दूध, अन्य खाद्य सामग्री को लम्बे समय तक रखने के लिए भी इनका प्रयोग आवश्यक हो गया है।

RBSE Class 8 Science कृषि प्रबन्धन Important Questions and Answers

बहुविकल्पीय प्रश्न

Question 1.
कल्टीवेटर का कार्य है।
(अ) बुआई
(ब) जुताई
(स) निराई
(द) सिंचाई
उत्तर:
(ब) जुताई

Question 2.
सरसों रबी की फसल है, निम्नलिखित में से कौन – सी फसलें उसी प्रकार की फसलें हैं ……………….
(अ) गेहूँ, चना, मटर
(ब) ज्वार, मक्का
(स) तरबूज, ककड़ी
(द) मूंग, उड़द
उत्तर:
(अ) गेहूँ, चना, मटर

Question 3.
उचित समय एवं अंतराल पर फसल को जल देना कहलाता है ……………….
(अ) निराई
(ब) थ्रेशिंग
(स) सिंचाई
(द) बुआई
उत्तर:
(स) सिंचाई

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Question 4.
बीज बोने का आधुनिक औजार है ……………….
(अ) कल्टीवेटर
(ब) ट्रेक्टर
(स) सीड ड्रिल
(द) बाल्टी में बीज डालकर
उत्तर:
(स) सीड ड्रिल

Question 5.
हार्वेस्टर का उपयोग होता है।
(अ) सिंचाई करने में
(ब) फसल काटने में
(स) खरपतवार हटाने में
(द) बीज की बुआई करने में
उत्तर:
(ब) फसल काटने में

रिक्त स्थान – निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थान भरो

  1. मूंगफली. की फसल ………………… है।
  2. खाद मिट्टी की ……………. शक्ति बढ़ाता है।
  3. आधुनिक साधनों से कम समय में ………….. सिंचाई हो जाती है।
  4. बीज के दानों को भूसे से अलग करने की क्रिया ………… कहलाती है।
  5. मूंग, चना, अरहर जैसी फसलें ……… फसलें कहलाती है।

उत्तर:

  1. खरीफ की फसल
  2. उर्वरा
  3. अधिक
  4. थ्रेशिंग
  5. दलहनी।

सुमेलित कीजिए

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उत्तर:
A → U
B → S
C → P
D → T
E → R
F → Q

यदि कथन सत्य हो तो T और यदि गलत है तो कोष्ठक में F लिखिए

  1. खाद एक कृत्रिम रसायन है। ()
  2. परिवेश में फसलों से पर्यावरण शुद्ध रहता है। ()
  3. हार्वेस्टर यंत्र का उपयोग खरपतवार हटाने में किया जाता है। ()
  4. आजकल जुताई कल्टीवेटर से की जाती है। ()

उत्तर:

  1. False
  2. True
  3. False
  4. True

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
ऋतुओं के अनुसार फसल कितने प्रकार की होती है?
उत्तर:
फसल तीन प्रकार की होती है

  1. रबी की फसल
  2. खरीफ की फसल
  3. जायद की फसल।

प्रश्न 2.
जुताई से आप क्या समझते हो?
उत्तर:
मिट्टी में हल चलाकर उलट-पलटकर उसे पोला बनाना ही जुताई कहलाता है।

प्रश्न 3.
दो फलीदार पौधों के नाम बताइये।
उत्तर:
चना, मटर।

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प्रश्न 4.
जुताई के विभिन्न औजारों के नाम लिखिए।
उत्तर:
हल, कुदाली, कल्टीवेटर आदि।

प्रश्न 5.
खाद तथा उर्वरक किसे कहते हैं?
उत्तर:
मिट्टी में पोषक तत्वों के स्तर को बनाये रखने या मिट्टी का उपजाऊपन बनाए रखने के लिए कुछ पदार्थ मिट्टी में मिलाये जाते हैं, जिन्हें खाद एवं उर्वरक कहते हैं।

प्रश्न 6.
कुछ उर्वरकों के नाम लिखिये।
उत्तर:
यूरिया, अमोनियम सल्फेट, सुपरफॉस्फेट, पोटाश आदि।

प्रश्न 7.
सिंचाई की कौन-कौन सी आधुनिक विधियाँ हैं?
उत्तर:
छिड़काव तन्त्र तथा ड्रिप तन्त्र।

प्रश्न 8.
कटाई किसे कहते हैं?
उत्तर:
फसल के पक जाने पर किसान फसल को काटता है, जिसे फसल की कटाई कहते हैं।

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प्रश्न 9.
काम्बाइन से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
यह कटाई और थ्रेशिंग दोनों प्रक्रियाओं को साथ में आसानी से करने वाला कृषि यन्त्र है।

प्रश्न 10.
पौधों की वृद्धि के लिए कौन – कौन से कारक आवश्यक हैं?
उत्तर:

  1. वायु,
  2. सूर्य का प्रकाश
  3. जल व पोषक तत्व।

प्रश्न 11.
खरपतवार किसे कहते हैं?
उत्तर:
फसल के साथ उगने वाले अनावश्यक पौधे, जो फसल को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में नहीं पहुँचने देते हैं। खरपतवार कहलाते हैं।

प्रश्न 12.
खरपतवार से बचाव के दो तरीके बताइए।
उत्तर:

  1. उचित समय पर निराई – गुड़ाई करना।
  2. खरपतवारनाशी रसायनों का उपयोग करना।

प्रश्न 13.
साईलो क्या है?
उत्तर:
अधिक मात्रा में अनाज के भण्डारण के लिये मंडियों में बने भण्डार गृह साईलो कहलाते हैं।

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प्रश्न 14.
एस. एस. स्वामीनाथन क्यों विख्यात हैं?
उत्तर:
भारत में हरित क्रांति में अपने वैज्ञानिक योगदान के लिए विख्यात हैं।

प्रश्न 15.
होली के त्यौहार के आस-पास काटी जाने वाली प्रमुख दो फसलों के नाम लिखो।
उत्तर:
गेहूँ तथा चना।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
किसान द्वारा फसल का उत्पादन किन-किन प्रक्रियाओं द्वारा किया जाता है?
उत्तर:
खेती के निम्न चरण हैं

  1. मिट्टी तैयार करना
  2. बुआई करना
  3. खाद या उर्वरक देना
  4. सिंचाई करना
  5. फसल की सुरक्षा करना
  6. फसल काटना
  7. अनाज का भण्डारण करना।

प्रश्न 2.
पोली मिट्टी के क्या लाभ हैं?
उत्तर:
पोली मिट्टी के निम्न लाभ हैं

  1. बीज ऊपरी परत से थोड़ा नीचे चला जाता है। इससे अंकुरण आसानी से हो जाता है।
  2. नये पौधे की जड़ें आसानी से गहराई तक जा सकती हैं।
  3. नये पौधों की जड़ें आसानी से श्वसन कर सकती हैं।
  4. मिट्टी में रहने वाले लाभदायक सूक्ष्मजीवों, केंचुओं की वृद्धि करने में पॉली मिट्टी सहायक होती है।

प्रश्न 3.
खाद तथा उर्वरक में क्या अन्तर है?
उत्तर:
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 1 कृषि प्रबन्धन 5

प्रश्न 4.
जैविक खाद से क्या लाभ हैं?
उत्तर:
जैविक खाद से लाभ:

  1. ये खाद मिट्टी का पुनर्गठन करने में अधिक सक्षम हैं।
  2. इस खाद से लाभदायक जीवाणुओं की वृद्धि तेजी से होती है।
  3. इससे मिट्टी पोली बनी रहती है जिससे जड़ों में श्वसन क्रिया सरलता से होती है।
  4. जैविक खाद से मिट्टी की जल धारण करने की क्षमता बढ़ जाती है।

प्रश्न 5.
सीड ड्रिल द्वारा बीजों की बुआई करना लाभदायक है, क्यों?
उत्तर:
ट्रेक्टर द्वारा संचालित सीड-ड्रिल को आजकल बुआई के लिए उपयोग में लाया जाता है। इसके द्वारा बीज समान दूरी व गहराई पर बने रहते हैं तथा बुआई के पश्चात् बीज मिट्टी द्वारा ढ़क जाते हैं। सीड ड्रिल द्वारा बुआई करने से समय व श्रम दोनों की बचत हो जाती है तथा पक्षियों द्वारा बीजों को होने वाले नुकसान से भी बचाया जा सकता है।

प्रश्न 6.
सिंचाई से फसल को क्या लाभ हैं?
उत्तर:
सिंचाई से फसल को निम्न लाभ हैं

  1. बीज अंकुरण के लिए
  2. वाष्पोत्सर्जन क्रिया हेतु पत्तियों को जल की आपूर्ति करना
  3. पौधे की वृद्धि एवं विकास में महत्वपूर्ण भूमिका
  4. पाले एवं गर्म हवा से सुरक्षा।

प्रश्न 7.
खेत में लगातार फसल उगाने से मिट्टी पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
मिट्टी फसल को खनिज पदार्थ प्रदान करती है। ये पोषक तत्व पौधे की वृद्धि के लिए आवश्यक होते हैं। लगातार फसलों के उगाने से मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, जिससे पौधों की वृद्धि प्रभावित होती है तथा फसल की पैदावार भी कम हो जाती है। इस कमी को पूरा करने के लिए किसान खाद व उर्वरक का प्रयोग करता है।

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प्रश्न 8.
कल्टीवेटर क्या है?
उत्तर:
कल्टीवेटर एक प्रकार का कृषि यंत्र है जो कि ट्रैक्टर द्वारा संचालित होता है। आजकल जुताई के लिए इसका उपयोग किया जाता है। इसके उपयोग से श्रम व समय दोनों की बचत हो जाती है।

प्रश्न 9.
राजस्थान के किन-किन जिलों में बाजरा, मक्का, चावल, गेहूँ उगाये जाते हैं?
उत्तर:
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 1 कृषि प्रबन्धन 6
प्रश्न 10.
फसलें, पर्यावरण को किस प्रकार प्रभावित करती
उत्तर:

  1. परिवेश में फसलों से पर्यावरण शुद्ध रहता है।
  2. फसलें, वायुमण्डल की आर्द्रता बनाए रखने में सहायक हैं।
  3. वायु तथा ध्वनि प्रदूषण कम करती हैं।
  4. आसपास के वातावरण का तापमान भी नियंत्रित रखती हैं।
  5. जन्तुओं को जीवन एवं सुरक्षा प्रदान करती हैं।

प्रश्न 11.
जैविक खाद एवं उर्वरक में किसका उपयोग करना अधिक उत्तम होगा और क्यों?
उत्तर:
जैविक खाद एवं उर्वरक में से जैविक खाद का उपयोग अधिक उत्तम है। क्योंकि

  1. जैविक खाद में ह्यूमस की मात्रा अधिक होती है। जबकि उर्वरकों में ह्यूमस का अभाव होता है।
  2. इससे लाभदायक जीवाणुओं की वृद्धि होती है।
  3. इससे मिट्टी की जल-धारण क्षमता भी बढ़ जाती है।
  4. इससे मिट्टी पोली बनी रहती है। जिससे जड़ों में श्वसन क्रिया सरलता से होती है।

प्रश्न 12.
राजस्थान के निम्नलिखित जिलों में कौन-कौन से फलों एवं सब्जियों का सर्वाधिक उत्पादन होता है
(अ) जयपुर
(ब) सवाई माधोपुर
(स) श्रीगंगानगर
(द) चित्तौड़गढ़।
उत्तर:
(अ) जयपुर-मटर, टमाटर, बेर, आंवला।
(ब) सवाई माधोपुर-अमरूद, मिर्ची।
(स) श्रीगंगानगर-माल्टा, अंगूर, मौसमी।
(द) चित्तौड़गढ़-अजवाईन, आम।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
सिंचाई किसे कहते हैं? सिंचाई से फसल को क्या लाभ है? सिंचाई के पारम्परिक साधन और आधुनिक साधनों का वर्णन कीजिये।
उत्तर:
सिंचाई:
कई प्रकार के परंपरागत व कृत्रिम साधनों द्वारा समय-समय पर फसल को जल की आवश्यकता की पूर्ति करना सिंचाई कहलाता है। सिंचाई से फसल को निम्न लाभ हैं
(1) पौधे की वृद्धि एवं विकास के लिये।
(2) बीज अंकुरण के लिए।
(3) जल के द्वारा विभिन्न पोषक तत्वों का पौधे के विभिन्न भागों तक पहुँचाना।
(4) वाष्पोत्सर्जन क्रिया हेतु पत्तियों को जल की आपूर्ति करना। किसान सिंचाई के कई साधनों द्वारा जल की आपूर्ति करते
(i) पारम्परिक साधन : मोट (घिरनी), चेनपम्प, ढेकली, रहट आदि।
(ii) आधुनिक साधन : नलकूप, विद्युत पम्प, डीजल पम्प आदि। आजकल सिंचाई के लिए छिड़काव तन्त्र तथा ड्रिल तन्त्र का उपयोग किया जाता है। इनके द्वारा जल की बर्बादी बिल्कुल नहीं होती तथा पूरा जल पौधे के लिए प्रयोग में आ जाता है।

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प्रश्न 2.
कृषि उत्पादों के भण्डारण पर प्रकाश डालिये।
उत्तर:
फसल को सुरक्षित रखने के लिए उसे बड़े-बड़े भण्डारगृहों में एकत्रित करना भण्डारण कहलाता है। भण्डार गृहों में फसल को अधिक समय तक सुरक्षित रखने के लिये उसे नमी, कीट, चूहों तथा सूक्ष्मजीवों से बचाना आवश्यक होता है। अतः भण्डारण से पहले बीजों को धूप में सुखाया जाता है क्योंकि यदि ताजी काटी गई फसल के दानों को सुखाए बिना भण्डारित किया जाय तो उसके खराब होने की सम्भावना बहुत अधिक हो जाती है। धूप में सुखाये जाने से बीजों की नमी समाप्त हो जाती है तथा उनकी कीट, जीवाणु, कवकों आदि से भी सुरक्षा हो जाती है। आजकल किसान अपनी फसल उत्पादों को जूट के बोरों, धातु के बड़े-बड़े पात्रों में रखते हैं जिससे वे सुरक्षित बने रहते हैं। उच्च पैमाने पर भण्डारण के लिए साईलो तथा भण्डार-गृहों का प्रयोग किया जाता है। वहाँ पर ये चूहों तथा कीटों से सुरक्षित बने रहते हैं। नीम की सूखी पत्तियाँ भी अनाज के भण्डारण में प्रयोग में लायी जाती हैं। बड़े भण्डार गृहों में अनाज को पीडकों एवं सूक्ष्मजीवों से सुरक्षित रखने के लिये उन पर रासायनिक उपचार भी किया जाता है।

प्रश्न 3.
निम्न पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिये
(1) मिट्टी तैयार करना
(2) निराई
(3) फसल और पर्यावरण।
उत्तर:
(1) मिट्टी तैयार करना:
किसी भी भूमि पर खेती करने से पहले उसकी मिट्टी को तैयार किया जाता है, इस प्रक्रिया में मिट्टी को पलटा जाता है व पोला किया जाता है, इस प्रकार पौधे की जड़ें मिट्टी में आसानी से साँस ले सकती हैं तथा पौधों की वृद्धि भी होती है, इस क्रिया को जुताई कहते हैं।

(2) निराई:
खेत में प्राकृतिक रूप से फसल के साथ उगने वाले पौधे अवांछित होते हैं जो खरपतवार कहलाते हैं। इस खरपतवार को खेत से हटाने की क्रिया निराई कहलाती है। यह अत्यन्त आवश्यक है, क्योंकि खरपतवार जल, पोषक तत्व, जगह और प्रकाश की स्पर्धा कर फसल की वृद्धि पर प्रभाव डालते हैं। इनको विभिन्न तरीकों से हटाया व नियंत्रित किया जा सकता है। समय-समय पर इन पौधों को हाथ से जड़ सहित उखाड़कर अथवा भूमि के निकट से हटा दिया जाता है। यह कार्य खुरपी या हैरो की मदद से भी किया जाता है, रसायनों के उपयोग से भी खरपतवार नियंत्रण किया जाता है, रसायन खरपतवारनाशी कहलाते हैं। जैस – 2, 4 – D आदि।

(3) फसल और पर्यावरण:
हमें मालूम है कि हमारे आस-पास का पर्यावरण स्वच्छ रहना चाहिए। इसके लिए आवश्यक है कि हमें स्वयं एवं आस – पास की स्वच्छता रखनी चाहिए। साथ ही हमारे आसपास हरियाली भी होनी चाहिए। फसलें भी हरी – भरी होती हैं एवं वर्षभर तक खेतों में किसी न किसी प्रकार की फसल हमेशा उगी हुई रहती है। हरियाली से वायुमण्डल शुद्ध रहता है। इसलिए फसलें पर्यावरण को सीधे तौर पर प्रभावित करती हैं, जो इस प्रकार हैं

  1. परिवेश में फसलों से पर्यावरण शुद्ध रहता है।
  2. फसलें, वायुमण्डल की आर्द्रता बनाए रखने में सहायक हैं।
  3. ये ऑक्सीजन-कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा नियन्त्रित एवं संतुलित बनाए रखने में उपयोगी होती हैं।
  4. आसपास के वातावरण का तापमान भी नियन्त्रित रखती हैं।
  5. आँधी, तूफान एवं बाढ़ से भूमि की ऊपरी उपजाऊ परत को बचाती है।
  6. वायु एवं ध्वनि प्रदूषण कम करती हैं।
  7. जन्तुओं को जीवन एवं सुरक्षा प्रदान करती हैं।

RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 1 कृषि प्रबन्धन

प्रश्न 4.
प्रोफेसर एम. एस. स्वामीनाथन पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
अथवा
कृषि के क्षेत्र में प्रोफसर एम. एस. स्वामीनाथन के योगदान पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
प्रोफेसर एम. एस. स्वामीनाथन-इनका जन्म 7 अगस्त, 1925 को कुम्मकोणम, तमिलनाडु में हुआ। ये आनुवंशिकी विशेषज्ञ भारत की हरित क्रान्ति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए विख्यात हैं। इन्होंने 1966 में मेक्सिको के बीजों को पंजाब की घरेलू किस्मों के साथ संकरित करके उच्च उत्पादकता वाले गेहूँ के संकर बीज विकसित किए। ‘हरित क्रान्ति’ कार्यक्रम के तहत ज्यादा उपज देने वाले गेहूँ और चावल के बीज खेतों में बोए गए। इस क्रान्ति ने भारत को दुनिया में खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना दिया था। एम. एस. स्वामीनाथन को विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा सन् 1967 में पद्मश्री, 1972 में पद्म भूषण और 1989 में पद्म विभूषण से सम्मानिया गया।

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