RBSE Solutions for Class 7 Science Chapter 1 भोजन के अवयव

Rajasthan Board RBSE Class 7 Science Chapter 1 भोजन के अवयव

RBSE Solutions for Class 7 Science

RBSE Solutions for Class 7 Science Chapter 1 भोजन के अवयव

RBSE Class 7 Science भोजन के अवयव Intext Questions and Answers

पाठगत प्रश्न

पृष्ठ – 2

प्रश्न 1.
भोजन हमारे शरीर के लिए किस प्रकार लाभदायक है?
उत्तर:
भोजन हमारे शरीर के लिए निम्न प्रकार लाभदायक है –

  1. भोजन से शरीर को ऊर्जा प्राप्त होती है
  2. भोजन से शरीर की कार्यक्षमता बढ़ती है
  3. भोजन से शरीर की वृद्धि एवं विकास होता है
  4. भोजन शरीर की रोगों से सुरक्षा करता है।

प्रश्न 2.
भोजन के अवयव कौन-कौन से हैं?
उत्तर:
हमारे द्वारा ग्रहण किये जाने वाले भोजन में निम्न अवयव पाये जाते हैं –

  1. कार्बोहाइड्रेट
  2. प्रोटीन
  3. वसा
  4. विटामिन
  5. खनिज लवण
  6. जल
  7. खाद्य रेशे आदि

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प्रश्न 3.
क्या सभी प्रकार के भोजन के अवयव हमारे शरीर में एक समान कार्य करते हैं?
उत्तर:
नहीं। सभी प्रकार के भोजन के अवयव हमारे शरीर में एक ही प्रकार या समान कार्य नहीं करते हैं। कार्यों के आधार पर भोजन के अवयवों को तीन भागों में वर्गीकृत करते हैं –

  1. शरीर की वृद्धि एवं विकास करने वाले भोजन के अवयव, जैसे-कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा।
  2. शरीर का निर्माण करने वाले भोजन के अवयव, जैसे-प्रोटीन, खनिज लवण, जल।
  3. शरीर को सुरक्षा प्रदान करने वाले भोजन के अवयव, जैसे-विटामिन, खनिज लवण, प्रोटीन, जल।

पृष्ठ – 3

प्रश्न 4.
शारीरिक श्रम के कार्य करने से हम थक जाते हैं। ऐसा किस कारण होता है?
उत्तर:
शारीरिक श्रम करने से हमारे शरीर की ऊर्जा अत्यधिक मात्रा में खर्च हो जाती है। ऊर्जा अत्यधिक मात्रा में खर्च होने से हमें थकान महसूस होती है। तुरन्त ऊर्जा प्राप्ति के लिए हमें ग्लूकोज ग्रहण करना चाहिए।

पृष्ठ – 4

प्रश्न 5.
कार्बोहाइड्रेट्स हमारे शरीर के लिए किस प्रकार लाभदायक हैं?
उत्तर:
कार्बोहाइड्रेट्स हमारे शरीर के लिए भोजन के महत्त्वपूर्ण अवयव हैं। इनसे कई लाभ हैं ये शरीर को तुरन्त ऊर्जा प्रदान करते हैं।

  1. ये शरीर का तापमान नियन्त्रित करते हैं।
  2. ये शरीर की कार्यक्षमता बनाये रखते हैं।

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प्रश्न 6.
प्रोटीन हमारे शरीर के लिए किस प्रकार उपयोगी हैं?
उत्तर:
प्रोटीन हमारे भोजन के मुख्य अवयव होते हैं जो कि हमारे शरीर के लिए बहुत ही उपयोगी होते हैं, जैसे –

  1. प्रोटीन हमारे शरीर की वृद्धि, विकास एवं निर्माण हेतु आवश्यक हैं।
  2. ये कोशिकाओं के विभाजन एवं टूट-फूट की मरम्मत का भी कार्य करते हैं।
  3. ये शरीर को ऊर्जा भी प्रदान करते हैं।

पृष्ठ – 6

प्रश्न 7.
वसा हमारे लिए किस प्रकार उपयोगी है?
उत्तर:

  1. वसा शरीर को अधिक ऊर्जा प्रदान करती है।
  2. वसा शरीर को सुडौल बनाती है परन्तु अत्यधिक बसा संग्रह शरीर को बेडौल भी बना देता है।
  3. वसा शरीर के आन्तरिक अंगों की बाह्य आघातों से रक्षा करती है तथा मांसपेशियों को शक्ति प्रदान करती है।

प्रश्न 8.
वसा हमें कहाँ से प्राप्त होती है?
उत्तर:
वसा प्राप्ति के दो मुख्य स्रोत हैं –

  1. जन्तुओं से प्राप्त वसा-जैसे मक्खन, मांस आदि।
  2. वनस्पतियों से प्राप्त बसा-सरसों, नारियल आदि से प्राप्त तेल।

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प्रश्न 9.
विटामिन हमारी वृद्धि एवं विकास हेतु किस प्रकार उपयोगी हैं?
उत्तर:
विटामिन शरीर की नियमित वृद्धि, शरीर को स्वस्थ रखने, रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि, भूख सामान्य रखने एवं पाचन क्रिया को सुचारु रखने के लिए आवश्यक है।

पृष्ठ – 7

प्रश्न 10.
खनिज लवण हमें कहाँ से प्राप्त होते हैं?
उत्तर:
खनिज लवण मुख्य रूप से दूध, दही, हरी पत्तेदार सब्जियाँ, अंजीर, ताजे फल, नमक आदि से प्राप्त होते हैं।

पृष्ठ – 9

प्रश्न 11.
भोज्य पदार्थों की प्राप्ति के स्रोत एवं उनमें उपस्थित भोजन के अवयवों की जानकारी का दोहरान निम्नलिखित सारणी की पूर्ति द्वारा कीजिए।
उत्तर:
सारणी – भोज्य पदार्थों की प्राप्ति के स्रोत एवं उनमें उपस्थित भोजन के अवयव (संक्षिप्त सूची)
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RBSE Class 6 Social Science भोजन के अवयव Text Book Questions and Answers

सही विकल्प का चयन कीजिए

Question 1.
प्रोटीन में कौनसा तत्व पाया जाता है …………………
(अ) कैल्सियम
(ब) मैग्नीशियम (Mg)
(स) बोरोन (B)
(द) नाइट्रोजन (N)
उत्तर:
(द) नाइट्रोजन (N)

Question 2.
रतौंधी रोग किस विटामिन की कमी से होता है?
(अ) विटामिन B
(ब) विटामिन C
(स) विटामिन A
(द) विटामिन K
उत्तर:
(स) विटामिन A

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

  1. भोजन में विटामिन C की कमी से ……………. नामक रोग हो जाता है।
  2. बेरी-बेरी नामक रोग ……………. की कमी से होता है।
  3. वसा जल में ……………. होती है।
  4. जल शरीर में मुख्य रूप से ……………. का कार्य है।
  5. भोज्य पदार्थों में सेल्युलोस नामक रेशेदार पदार्थ पाये जाते हैं, जिन्हें ………… कहते हैं।

उत्तर:

  1. स्का
  2. विटामिन B
  3. अविलंय
  4. विलायक
  5. रफेज

लघु उत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
संतुलित आहार को परिभाषित कीजिए।
उत्तर:
हमारे शरीर की नियमित वृद्धि, विकास और स्वस्थ रहने के लिए हमारे आहार में वे सभी अवयव एक निश्चित अनुपात एवं उचित मात्रा में होने आवश्यक हैं जिनकी हमारे शरीर को आवश्यकता होती है। इस प्रकार के आहार को संतुलित आहार कहते हैं।

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प्रश्न 2.
प्रोटीन के दो कार्य लिखिए।
उत्तर:
प्रोटीन के दो कार्य निम्न प्रकार है –

  1. प्रोटीन, हमारे शरीर की वृद्धि, विकास एवं निर्माण हेतु आवश्यक हैं।
  2. ये कोशिकाओं के विभाजन एवं इनकी टूट-फूट की मरम्मत में आवश्यक हैं।

प्रश्न 3.
किन्हीं दो विटामिनों के नाम एवं उनकी कमी से होने वाले रोग बताइए।
उत्तर:
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प्रश्न 4.
रफेज किसे कहते हैं? इसके दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
छिलके वाले अनब, फल, सब्जी आदि में सेल्यूलोज नामक रेशेदार पदार्थ पाए जाते हैं, जिनें हम भोजन के रूप में ग्रहण करते हैं। इन रेशों को रफेज कहते हैं। उदाहरण-छिलके वाले अनाज, फल, गाजर, मूली, सेम, पत्तागोभी आदि।

प्रश्न 5.
सुमेलित कीजिए

  1. प्रोटीन – स्कर्वी
  2. विटामिन ए – घेघा
  3. विटामिन बी – क्वाशिवरकॉर
  4. विटामिन सी – बेरी-बेरी।
  5. आयोडीन – रतौंधी

उत्तर:

  1. प्रोटीन – क्याशियरकॉर
  2. विटामिन ए – रतौंधी
  3. विद्यमिन बी – बेरी बेरी
  4. विटामिन सी – स्कर्वी
  5. आयोडीन – धा।

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
भोजन के मुख्य अवयवों के नाम लिखते हुए किन्हीं दो का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
भोजन के वे घटक जो हमारे शरीर की वृद्धि, विकास, निर्माण एवं सुरक्षा के लिए लाभदायक होते हैं, भोजन के अवयव कहलाते हैं। भोजन के ये मुख्य अवयव निम्नलिखित हैं –

  1. कार्बोहाइड्रेट
  2. प्रोटीन
  3. वसा
  4. विटामिन
  5. खनिज लवण
  6. जल
  7. खाद्य रेशे।

1. काबोहाइड्रेट – सजीवों को कर्जा एवं कार्यक्षमता प्रदान करने के लिए भोजन के मुख्य स्रोत कार्बोहाइड्रेट होते हैं। ये कार्बन, हाइड्रोजन व ऑक्सीजन तत्वों से मिलकर बने होते हैं। ग्लुकोज एक प्रकार का कार्बोहाइड्रेट है। ये हमारे शरीर में अतिरिक्त मात्रा के रूप में ग्लाइकोजन के रूप में संचित रहते हैं तथा श्वसन प्रक्रिया में अपघटित होकर ये – शरीर को आवश्यकतानुसार ऊर्जा प्रदान करते हैं। कार्बोहाइड्रेट के स्रोत मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं –

  • स्टार्च युक्त स्रोत जैसे – रोटी, चावल, आलू, अनाज, केला आदि।
  • शर्करायुक्त स्रोत जैसे – गुड़, चीनी, खजूर, मुनक्का आदि।

हमारे शरीर के लिए कार्वोहाइड्रेट्स के निम्न कार्य है –

  • ये ऊर्जा प्रदान करते हैं।
  • ये शरीर के तापमान का नियन्त्रण करते हैं।
  • ये शरीर में स्थित प्रत्येक अंग, कतक, कोशिका को कार्यक्षम बनाए रखते हैं।

2. प्रोटीन – प्रोटीन हमारी कोशिकाओं में सम्पन्न होने बाली जैव रासायनिक अभिक्रियाओं व कोशिका के विकास एवं मरम्मत हेतु आवश्यक है। प्रोटीन से शारीर को नाइट्रोजन प्राप्त होती है। ये कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन एवं नाइट्रोजन तत्वों से बने अमीनो अम्लों के अणुओं से बनते हैं। प्रोटीन के प्रमुख रूप से दो प्रकार के स्रोत हैं –

  • जन्तु स्रोत – अण्डे, दूध, मांस – मछली आदि।
  • पादप स्रोत-सोयाबीन, दालें, फलीदार सब्जियाँ, मटर आदि।

प्रोटीन के कार्य –

  • प्रोटीन हमारे शरीर की वृद्धि, विकास एवं निर्माण के लिए आवश्यक हैं।
  • ये कोशिकाओं के विभाजन एवं टूट-फूट की मरम्मत
  • वसा एवं कार्बोहाइड्रेट्स के अभाव में ये शरीर को कर्जा प्रदान करते हैं।

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प्रश्न 2.
संतुलित आहार शरीर के लिए क्यों आवश्यक है?
उत्तर:
हमारे शरीर के लिए संतुलित आहार निम्न कारणों से आवश्यक है –

  1. हमारे शरीर की नियमित वृद्धि हेतु।
  2. हमारे शरीर के समुचित विकास हेतु।
  3. शरीर को स्वस्थ रखने के लिए।
  4. शरीर को रोग प्रतिरोधी रखने के लिए।
  5. शरीर को मजबूत रखने के लिए।
  6. मानसिक विकास एवं संतुलन के लिए।
  7. शरीर की जैविक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए।
  8. नई कोशिकाओं के निर्माण के लिए।
  9. आयु अनुसार शरीर की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आदि।

प्रश्न 3.
हमारे भोजन में खनिज लवणों का होना क्यों आवश्यक है?
उत्तर:
हमारे शरीर के निर्माण, समुचित वृद्धि एवं विकास के लिए भोजन में निश्चित मात्रा में प्रतिदिन खनिज लवण ग्रहण करना भी आवश्यक है। मुख्य उपयोगी खनिज लवण कैल्सियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, लोहा, पोटेशियम आदि हैं। हमारे शरीर में मुख्य रूप से 24 प्रकार के खनिज लवण पाये जाते हैं। खनिज लवण हमारे शरीर के लिए अत्यन्त आवश्यक हैं।

प्राप्ति स्रोत – खनिज लवण मुख्य रूप से दूध, दही, हरी पत्तेदार सब्जियाँ, ताजे फलों से मिलते हैं। हमारे शरीर में खनिज लवणों के प्रमुख कार्य निम्न प्रकार हैं –

  • खनिज लवणों से शरीर का निर्माण होता है।
  • खनिज लवण शरीर में नियन्त्रक का कार्य करते हैं।
  • खनिज लवण विभिन्न हार्मोन्स बनाने में सहायक होते हैं।
  • खनिज लवण जैव उत्प्रेरक बनाने में सहायक होते
  • ये शारीरिक कमजोरी दूर करते हैं।
  • ये शरीर को मजबूत एवं निरोगी बनाते हैं।

प्रश्न 4.
आपके विद्यालय में मिलने वाले ‘मिड डे मील’ (MDM) के साप्ताहिक मीनू का चार्ट तैयार कीजिए।
उत्तर:
‘विद्यालय के मिड डे मील’ का साप्ताहिक मीनू चार्ट (अक्षयपात्र जयपुर) इसके अलावा सप्ताह में दो बार तय मौनू के अलावा फल, बिस्किट आदि भी देना तय है।
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RBSE Class 6 Social Science भोजन के अवयव Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

Question 1.
निम्न में से भोजन का अवयव है ………………
(अ) कार्बोहाइड्रेट
(ब) प्रोटीन
(स) विटामिन
(द) उपरोक्त सभी
उत्तर:
(द) उपरोक्त सभी

Question 2.
निम्न में से ग्लूकोज एक प्रकार का है ………………
(अ) प्रोटीन
(ब) कार्बोहाइड्रेट
(स) विटामिन
(द) वसा
उत्तर:
(ब) कार्बोहाइड्रेट

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Question 3.
निम्न में से आयोडीन की कमी से शरीर में कौनसा रोग होता है?
(अ) रक्त का थक्का नहीं बनना
(ब) पेंचा
(स) नपुंसकता
(द) बेरी – बेरी
उत्तर:
(ब) पेंचा

Question 4.
शरीर में ऊर्जा के केन्द्र होते हैं ………………
(अ) वसा
(ब) कार्बोहाइड्रेट
(स) प्रोटीन
(द) खनिज लवण
उत्तर:
(अ) वसा

Question 5.
विटामिन B की कमी से शरीर में कौनसा रोग होता है?
(अ) स्की
(ब) बेरी – बेरी
(स) रिकेट्स
(द) कोई नहीं
उत्तर:
(ब) बेरी – बेरी

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Question 6.
किस पदार्थ में कार्बोहाइड्रेट, वसा, प्रोटीन, – कैल्सियम सभी पाये जाते हैं?
(अ) अंकुरित अनाज
(ब) हरी सब्जियाँ
(स) दालें
(द) दूध
उत्तर:
(द) दूध

Question 7.
प्रोटीन से शरीर को प्राप्त होती है ………………
(अ) नाइट्रोजन
(ब) अमोनिया
(स) क्लोरीन
(द) हाइड्रोजन
उत्तर:
(अ) नाइट्रोजन

Question 8.
भोजन में उपस्थित सेल्यूलोस नामक रेशेदार पदार्थों को कहते हैं ………………
(अ) लवण
(ब) विटामिन
(स) रफेज
(च) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(स) रफेज

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

  1. वसा एवं कार्बोहाइड्रेट के अभाव में ………………. शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। (प्रोटीन/खनिज लवण)
  2. खाद्य रेशों को ………………. कहते हैं। (रसारफेज)
  3. वसा ………………. तथा ………………. होती है। (चिकनी-तेलीय/खुरदरी-सूखी)
  4. ऊँट के कूबड़ में ………………. अधिक मात्रा में संचित रहती है। (वसा/प्रोटीन)
  5. तरबूज में 95 प्रतिशत तक ………………. होता है। (जल/खनिज लवण)

उत्तर:

  1. प्रोटीन
  2. रफेज
  3. चिकनी – तेलीय
  4. वसा
  5. जल

कॉलम (1) को कॉलम (2) से मिलाकर सुमेलित कीजिए

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उत्तर:
1. (स)
2. (अ)
3. (ब)
4. (य)
5. (द)

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
एक ग्राम कार्बोहाइड्रेट में लगभग कितनी कैलोरी ऊर्जा होती है?
उत्तर:
एक ग्राम कार्बोहाइड्रेट से लगभग 4 कैलोरी ऊर्जा प्राप्त होती है।

प्रश्न 2.
कार्बोहाइड्रेट्स क्या है?
उत्तर:
ये सजीवों को ऊजा एवं बल देने वाले भोजन के अवयव हैं।

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प्रश्न 3.
प्रोटीन से शरीर को क्या प्राप्त होता है?
उत्तर:
प्रोटीन से शरीर को नाइट्रोजन प्राप्त होती है।

प्रश्न 4.
प्रोटीन की मात्रा का अधिक सेवन उम्र की कौनसी अवस्थाओं में करना चाहिए?
उत्तर:
प्रोटीन की मात्रा का अधिक सेवन बाल्यावस्था एवं किशोरावस्था में करना चाहिए। क्योंकि इन अवस्थाओं में शारीरिक व मानसिक विकास तीव्र होता है, इसके लिए प्रोटीन आवश्यक है।

प्रश्न 5.
हमारे शरीर के लिए ऊर्जा केन्द्र क्या है या भोजन का कौनसा अवयव होता है?
उत्तर:
हमारे शरीर को सबसे अधिक ऊर्जा वसा से प्राप्त होती है। अतः वसा ही शरीर की ऊर्जा के केन्द्र हैं।

प्रश्न 6.
ऊंट की कूबड़ का ऊँट के लिए क्या महत्व है?
उत्तर:
ऊँट की कूबड़ में वसा संचित रूप में रहती है, जिससे कैंट कई दिनों तक बिना खाये-पीये रह सकता है।

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प्रश्न 7.
विटामिन क्या होते हैं?
उत्तर:
ये अकार्बनिक भोज्य पदार्थ हैं, जिनकी अल्प मात्रा ही हमारे शरीर की वृद्धि, विकास के लिए लाभकारी है।

प्रश्न 8.
किशोरावस्था में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा दैनिक भोजन में लगभग कितनी होनी चाहिए?
उत्तर:
लगभग 130-150 ग्राम प्रतिदिन होनी चाहिए।

प्रश्न 9.
किशोरावस्था में प्रोटीन की मात्रा दैनिक भोजन में लगभग कितनी आवश्यक है?
उत्तर:
लगभग 78 ग्राम प्रतिदिन आवश्यक है।

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प्रश्न 10.
किशोरावस्था में वसा की मात्रा दैनिक भोजन में लगभग कितनी आवश्यक है?
उत्तर:
लगभग 22 ग्राम प्रतिदिन आवश्यक है।

प्रश्न 11.
शरीर में वसा के अधिक सेवन के क्या प्रभाव होते हैं?
उत्तर:
वसा के अधिक सेवन से शरीर में बीमारियाँ होती हैं, मोटापा बढ़ता है, शरीर बेडौल हो जाता है।

प्रश्न 12.
भोजन में कार्बोहाइड्रेट शामिल न करने पर हमें क्या हानि होगी?
उत्तर:
मोजन में कार्बोहाइड्रेट शामिल न करने पर हमारे शरीर की कार्यक्षमता कम हो जायेगी।

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प्रश्न 13.
स्टॉर्च, आयोडीन के विलयन के साथ क्रिया कर कौनसा रंग देता है?
उत्तर:
नौला रंग देते हैं।

प्रश्न 14.
पोषण अभावजन्य रोग किसे कहते हैं?
उत्तर:
पोषक तत्वों या अवयवों की कमी से शरीर में उत्पन्न होने वाले रोग, पोषण अभावजन्य रोग कहलाते हैं।

लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
वसा क्या है?
उत्तर:
बसा भोजन के प्रमुख अवयवों में से एक है। ये कोशिकाओं में पाये जाने वाले कार्बनिक यौगिक हैं, जो जल में अविलेय होते हैं। ये ग्लिसरॉल के एस्टर होते हैं। शरीर को वसा से सबसे अधिक ऊर्जा प्राप्त होती है। शरीर में ऊर्जा वसा के रूप में संचित रहती है। हमारे शरीर में ठोस रूप में जमा वसा को चर्बी एवं तरल रूप में जमा बसा को तैलीय वसा कहते हैं। वसा चिकनी होती है। वसा को शरीर के ऊर्जा के केन्द्र कहते हैं। वसा का निर्माण कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन तत्वों से होता है। ये चिकनी होती है। वसा प्राप्ति के दो स्रोत हैं –

  1. वनस्पति से प्राप्त (सरसों, मूंगफली आदि)
  2. जन्तुओं से प्राप्त (दूध, अण्डा , मक्खन आदि)

प्रश्न 2.
जंक फूड के सेवन से हमें क्यों बचना चाहिए?
उत्तर:
वर्तमान में बालक तथा किशोर जंक फूड का प्रयोग अपने भोजन में बहुत अधिक कर रहे हैं। जंक फूड शरीर के लिए बहुत हानिकारक होता है। जंक फूड के निर्माण में मैदा एवं तेल का प्रयोग होता है जो कि बहुत ही हानिकारक होता है। जंक फूड में वसा की मात्रा अधिक होने से मोटापा बढ़ता है तथा बहुत सारी खतरनाक बीमारियों के होने की संभावना बढ़ जाती है। अतः हमें जंक फूड के सेवन से बचना चाहिए।

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प्रश्न 3.
खनिज लवण क्या होते हैं? उदाहरण सहित बताइए।
उत्तर:
हमारे प्रतिदिन के भोजन में आयु अनुसार निश्चित मात्रा में खनिज लवणों का होना भी आवश्यक है। खनिज लवण हमारे शरीर के निर्माण, समुचित वृद्धि एवं विकास के लिए निश्चित मात्रा में प्रतिदिन हमारे भोजन में शामिला किये जाने वाले भोजन के अवयव हैं। खनिज लवण विभिन्न हार्मोन्स एवं जैव उत्प्रेरक बनाने में सहायक होते हैं। हमारे शरीर में पाये जाने वाले खनिज लवणों की संख्या लगभग 24 है। खनिज लवण मुख्य रूप से दूध, दही, हरी पत्तेदार सब्जियाँ, ताजे फलै आदि से प्राप्त होते हैं। शरीर के लिए उपयोगी मुख्य खनिज लवण कैल्सियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, लोहा, तांबा, पोटेशियम आदि होते हैं।

प्रश्न 4.
जल का हमारे शरीर के लिए क्या महत्व है?
उत्तर:
हमारे शरीर में लगभग 70 प्रतिशत भाग जल का होता है। जल शरीर में विलायक का कार्य करता है साथ ही यह शरीर के तापमान को नियमित एवं नियन्त्रित रखता है। जल कई बीमारियों से शरीर को सुरक्षित रखता है। शरीर में उपस्थित हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालने में जल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हमारे यकृत में 69% तथा मांसपेशियों में लगभग 75% जल होता है।

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प्रश्न 5.
भोजन हमारे लिए किस प्रकार उपयोगी है?
उत्तर:
जब हमें भूख लगती है तो हम पादपों एवं जन्तुओं से प्राप्त भोज्य पदार्थ भोजन के रूप में ग्रहण करते हैं। भोजन हमारे शरीर के लिए निम्न प्रकार लाभकारी है –

  1. भोजन से सजीवों को कार्य करने हेतु ऊर्जा प्राप्त होती है।
  2. भोजन शरीर की वृद्धि, विकास एवं निर्माण में सहायक है।
  3. भोजन शरीर को रोगों से सुरक्षा प्रदान करता है।
  4. पौष्टिक भोजन शरीर को स्वस्थ रखने के साथ तीक्ष्ण बुद्धि का भी विकास करता है।
  5. भोजन शरीर निर्माण का कार्य करता है।

प्रश्न 6.
भोजन के अवयव किसे कहते हैं? भोजन के विभिन्न अवयवों के नाम लिखिए।
उत्तर:
भोजन के अवयव-भोजन के वे घटक जो हमारे शरीर की वृद्धि, विकास, निर्माण एवं सुरक्षा के लिए उपयोगी होते हैं, भोजन के अवयव कहलाते हैं। भोजन के अवयव निम्नलिखित हैं, जिन्हें हम आयु अनुसार निश्चित मात्रा में प्रतिदिन के भोजन में ग्रहण करते हैं –

  1. कार्बोहाइड्रेट
  2. प्रोटीन
  3. वसा
  4. विटामिन
  5. खनिज लवण
  6. जल
  7. खाध रेशे।

प्रश्न 7.
जल के बारे में कोई तीन विशेष तथ्य बतलाइये।
उत्तर:

  1. शरीर के विभिन्न अंगों में जल की मात्रा भी अलग-अलग होती है। जैसे- यकृत में 69 प्रतिशत और मांसपेशियों में 75 प्रतिशत जल होता है।
  2. हमारे शरीर में जल की मात्रा लगभग 70 प्रतिशत होती है। हमें प्रतिदिन 2-3 लीटर पानी अवश्य पीना चाहिए।
  3. तरबूज में 95 प्रतिशत तक जल उपस्थित होता है।

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प्रश्न 8.
कार्बोहाइड्रेट्स प्राप्ति के स्रोत बताइए।
उत्तर:
कार्बोहाइड्रेट के मुख्य रूप से दो प्रकार के स्रोत होते हैं –

  1. स्टार्च युक्त कार्बोहाइड्रेट – स्टार्च युक्त कार्बोहाइड्रेट की प्राप्ति के स्रोत रोटी, चावल, आलू, अनाज, अरबी, केला आदि हैं।
  2. शर्करा युक्त कार्बोहाइड्रेट – शर्कंग युक्त कार्बोहाइड्रेट प्राप्ति के स्रोत गुड़, चीनी, खजूर, मुनक्का आदि हैं।

प्रश्न 9.
कार्बोहाइड्रेट्स के हमारे शरीर के लिए मुख्य कार्य बताइए।
उत्तर:

  1. कार्बोहाइड्रेट मुख्य रूप से शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं।
  2. कार्बोहाइड्रेट शरीर के तापमान पर नियन्त्रण रखते हैं।
  3. कार्बोहाइड्रेट शरीर के प्रत्येक अंग, ऊतक एवं कोशिका को कार्यक्षम बनाये रखते हैं।
  4. ये हमारे शरीर की कार्यक्षमता बनाये रखने के लिए आवश्यक है।

प्रश्न 10.
प्रोटीन के प्राप्ति स्रोतों के बारे में बताइए।
उत्तर:
प्रोटीन हमारे शरीर की कोशिकाओं में सम्पन्न होने बाली जैव रासायनिक क्रियाओं एवं कोशिकाओं के निर्माण व टूटफूट की मरम्मत के लिए आवश्यक है। प्रोटीन की प्राप्ति के दो स्रोत हैं –

  1. जन्तु प्रोटीन के स्रोत-दूध, मांस, मछली, अंडा आदि।
  2. पादप प्रोटीन के स्रोत-दालें, अंकुरित अनाज, सोयाबीन, फलीदार सब्जियाँ, मटर आदि।

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प्रश्न 11.
प्रोटीन के कार्य बताइए।
उत्तर:
प्रोटीन के शरीर के लिए निम्न कार्य है –

  1. प्रोटीन हमारे शरीर की वृद्धि, विकास एवं निर्माण के लिए आवश्यक हैं।
  2. ये कोशिकाओं के विभाजन एवं इनकी टूट फूट की मरम्मत में सहायक हैं।
  3. ये विभिन्न प्रकार की जैव रासायनिक क्रियाओं में एन्जाइमों के रूप में भूमिका निभाते हैं।
  4. ये वसा एवं कार्बोहाइड्रेट के अभाव में शरीर को कर्जा प्रदान करते हैं।
  5. ये मानसिक शक्ति प्रदान करते हैं।

प्रश्न 12.
खनिज लवणों के प्राति स्रोत, उदाहरण एवं कार्य बताइए।
उत्तर:

  1. खनिज लवण प्राप्ति के स्रोत – खनिज लवण मुख्य रूप से दूध, दही, हरी पत्तेदार सब्जियाँ, अंजीर, ताजे फल आदि में मिलते हैं।
  2. खनिज लवणों के उदाहरण – हमारे शरीर में पाए जाने वाले खनिज लवणों की संख्या लगभग 24 है जिनमें से मुख्य कैल्सियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम, फास्फोरस, तांबा, लोहा आदि हैं।
  3. खनिज लवणों के कार्य – खनिज लवण शरीर में शरीर निर्माण, शरीर नियन्त्रक, विभिन्न हार्मोन्स एवं जैव उत्प्रेरक बनाने में सहायक होते हैं।

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प्रश्न 13.
खाध रेशे क्या होते हैं? इनके क्या कार्य है?
उत्तर:
छिलके वाले अनाज, फल, सब्जियों आदि में सेल्यूलोज नामक रेशेदार पदार्थ पाये जाते हैं जिन्हें हम भोजन के रूप में ग्रहण करते हैं। इन रेशों को रफेज (खाद्य रेशे) कहते हैं। खाद्य रेशों के कार्य निम्न हैं –

  1. ये भोज्य पदार्थों के पाचन में सहायता करते हैं।
  2. रफेज के कारण भोज्य पदार्थ आंतों से नहीं चिपकता
  3. ये पाचन के दौरान उत्पन्न विषैले पदार्थों एवं जल को अवशोषित करते हैं।
  4. रेशे शरीर में से ग्लूकोज को अवशोषित करते हैं, जिससे रक्त शर्करा नियन्त्रित रहती है। साथ ही डायबिटीज होने का खतरा कम रहता है।

निबन्धात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
स्टार्च परीक्षण (मंड परीक्षण) विधि का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
स्टार्च परीक्षण विधि-प्रयोग-स्टार्च परीक्षण के लिए दो परखनलियाँ लेते हैं, जिन पर 1 व 2 कित करते हैं। अब एक उबला हुआ आलू लेते हैं, उसकी पेस्ट बनाकर परखनली 1 में डालते हैं। इसके बाद परखनली में पानी मिलाकर मिश्रण को हिलाते हैं। परखनली 2 में केवल सादा पानी डालते हैं। दोनों परखनलियों में सावधानीपूर्वक दो-दो बूंद आयोडीन विलयन की डालकर हिलाते हैं एवं निरीक्षण करते हैं। निरीक्षण पर पता चलता है कि परखनली 1 में आलू मिश्रित विलयन का रंग नीला हो गया, जबकि परखनली 2 के रंग में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। निष्कर्ष-परखनली 1 के विलयन का रंग परिवर्तन का कारण है-आलू में स्थित स्टार्च (मंड) आयोडीन के साथ क्रिया कर नीला हो जाता है। अत: इस परीक्षण के। आधार पर यह निष्कर्ष निकलता है कि स्टार्च आयोडीन विलायन के साथ क्रिया कर नीला रंग देते हैं।

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प्रश्न 2.
आप भोज्य पदार्थों में प्रोटीन की उपस्थिति का परीक्षण किस प्रकार करेंगे?
उत्तर:
प्रोटीन परीक्षण विधि (प्रयोग)-सबसे पहले हम एक स्वच्छ परखनली में बेसन का गाढ़ा जलीय घोल बनाते हैं। इसमें दो-तीन बूंद नीला थोथा (Cuson एवं दस-बारह बूद कास्टिक सोडे की डालकर हिलाते हैं। कुछ देर रखे रहने के बाद निरीक्षण करते हैं। हम देखते हैं कि मिश्रण का रंग बैंगनी हो गया। निष्कर्ष-प्रोटीन नीले थोथे एवं कास्टिक सोडा से क्रिया कर बैंगनी रंग के घोल में परिवर्तित हो जाते हैं। इससे यह सिद्ध होता है कि बेसन में प्रोटीन उपस्थित है।

प्रश्न 3.
वसा क्या है? इसके स्रोत एवं कार्य भी बताइये।
उत्तर:
बसा-वसा कोशिकाओं में पाये जाने वाले कार्बनिक यौगिक हैं। ये जल में अविलेय एवं चिकने होते हैं। वसा के रूप में शरीर में ऊर्जा संचित रहती है। वसा चिकनी होती है। शरीर को वसा से ही सबसे ज्यादा ऊर्जा प्राप्त होती है इसलिए इनको शरीर का ऊर्जा केन्द्र भी कहते हैं। हमारे शरीर में ठोस वसा को चर्बी एवं द्रव वसा को तेलीय वसा कहते हैं। बसा का निर्माण कार्बन, ऑक्सीजन, हाइड्रोजन तत्वों से होता है। स्रोत-बसा हमें दो प्रमुख स्रोतों से प्राप्त होती है –

  1. बनस्पतियों से प्राप्त वसा – वनस्पतियों से वसा मुख्य रूप से सरसों, मूंगफली, तिल, नारियल, काजू, अखरोट आदि से प्राप्त होती है।
  2. जन्तुओं से प्राप्त वसा – जन्तुओं से मुख्य रूप से वसा दूष, अण्डा, मांस, मक्खन आदि से प्राप्त होती है।

वसा के कार्य –

  1. वसा हमारे शरीर को अत्यधिक कजाँ प्रदान करती है।
  2. वसा शरीर की त्वचा के नीचे संग्रहित होकर शरीर को सुडौल बनाती है।
  3. वसा शरीर के आन्तरिक अंगों की बाला आघातों से रक्षा करती है।
  4. वसा हमारे शरीर की मांसपेशियों को शक्ति प्रदान करती है।

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प्रश्न 4.
प्रयोग द्वारा सिद्ध कीजिए कि वसा चिकनी एवं तैलीय होती है।
उत्तर:
प्रयोग-दो सफेद खाली कागज लेते हैं। एक कागज पर थोड़ी सी मात्रा में घी डालते हैं। दूसरे कागज पर 2-3 बूंदें पानी की डालते हैं। कुछ समय तक दोनों कागजों को खुला छोड़ देते हैं। कुछ समय पश्चात् अवलोकन करने पर पाते हैं कि घी लगे कागज पर पूरे कागज पर घी फैल गया एवं चिकना हो गया तथा उसके आर-पार धुंधला दिखाई देने लग गया यानि कागज पारभासी हो गया। जबकि जल की बूंदों वाला कागज पूरी तरह सूख गया। इस आधार पर हम यह कह सकते हैं कि वसा चिकनी एवं तैलीय होती है।

प्रश्न 5.
विटामिन क्या होते हैं? इनके प्रकार एवं प्राप्ति के स्रोत क्या हैं? विटामिन के हमारे शरीर में क्या कार्य हैं?
उत्तर:
विटामिन – ऐसे अकार्बनिक भोज्य पदार्थ जिनकी सूक्ष्म मात्रा ही हमारे शरीर की वृद्धि एवं विकास के लिए लाभकारी है, विटामिन कहलाते हैं। इनका संश्लेषण जन्तुओं के शरीर में नहीं होता है। विटामिन के प्रकार एवं प्राप्ति स्रोत : अब तक लगभग 15 प्रकार के विटामिन की खोज हो चुकी है जिनमें 6 विटामिन प्रमुख हैं जो कि निम्न हैंविद्यमिन A, विटामिन B, विटामिन. C. विटामिन D, विटमिन E एवं विटामिन KI विटामिन के प्रकार एवं इनके प्राप्ति लोत को निम्न तालिका से समझते हैं

विटामिन के प्रकार एवं प्राप्ति स्रोत:
RBSE Solutions for Class 7 Science Chapter 1 भोजन के अवयव 5

विटामिन के कार्य-लाभ-विटामिन हमारे शरीर के लिए निम्न प्रकार से लाभदायक हैं

  1. शरीर की नियमित वृद्धि के लिए।
  2. शरीर को स्वस्थ रखने के लिए।
  3. रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि के लिए।
  4. भूख सामान्य रखने के लिए।
  5. पाचन क्रिया सुचारु रखने के लिए।

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प्रश्न 6.
कुछ महत्वपूर्ण रेशेयुक्त खाद्य पदार्थों के बारे में बतलाइये।
उत्तर:
रेशे युक्त खाद्य पदार्थ स्वास्थ्यवर्धक होते हैं। कुछ महत्वपूर्ण रेशेयुक्त खाद्य पदार्थ निम्न हैं –

  1. भोजन में उच्च रेशे (फाईबर) युक्त अनाज जैसे मक्का, राजमा, दालें आदि अवश्य शामिल करनी चाहिए।
  2. सेब, नाशपाती, अमरूद जैसे फलों को छिलके सहित खाना चाहिए क्योंकि इनमें फाईबर अधिक मात्रा में होता है।
  3. मूली, पत्तागोभी, मटर, खीरा आदि में फाईबर अधिक मात्रा में पाया जाता है इसलिए इनका सेवन अवश्य करना चाहिए।
  4. सलाद, दलिया, सूखे मेवे, मूंगफली भी फाईबर के अच्छे स्रोत हैं। अतः इनें भी भोजन में शामिल करना चाहिए।
  5. मैदे की जगह आटे का प्रयोग करना चाहिए।
  6. ब्राउन राईस व ओट्स का सेवन करना चाहिए।

प्रश्न 7.
विभिन्न पोषक तत्वों की कमी से होने वाले रोग एवं लक्षणों को बताते हुए एक तालिका का निर्माण कीजिए।
उत्तर:
विभिन्न पोषक तत्वों की कमी से होने वाले रोग एवं उनके लक्षण:
RBSE Solutions for Class 7 Science Chapter 1 भोजन के अवयव 6
प्रश्न 8.
रेशेयुक्त खाद्य पदार्थ स्वास्थ्यवर्धक होते हैं। हमें इनका उपयोग किस प्रकार से अपने भोजन में करना चाहिए?
उत्तर:
रेशेयुक्त खाद्य पदार्थ हमारे लिए स्वास्थ्यवर्धक होते हैं। हिलके वाले अनाज, फल, गाजर, मूली, पालक, भिण्डी, सेम, पत्ता गोभी आदि में सेल्यूलोस नामक रेशेदार पदार्थ पाये जाते हैं, इन रेशों को रफेज कहते हैं। ये रेशेदार पदार्थ शरीर को स्वस्थ रखने के लिए उपयोगी होते हैं। इन्हें हमारे भोजन में शामिल करना चाहिए जो कि निम्न प्रकार से है

  1. भोजन में उच्चे रेशे (फाईबर) युक्त अनाज, जैसेमक्का, राजमा, दालें आदि शामिल की जानी चाहिए।
  2. नाशपाती, अमरूद, सेब आदि फलों को छिलके सहित खाना चाहिए, इनमें फाईबर अत्यधिक मात्रा में होता है।
  3. मटर, पत्ता गोभी, मूली, खीरा आदि में भी फाईबर की अत्यधिक मात्रा पाई जाती है अतः इनका उपयोग भी भोजन में किया जाना चाहिए।
  4. सलाद, दलिया, सूखे मेवे, मूंगफली आदि में फाईवर के स्रोत हैं, इनका भी भोजन में उपयोग करना चाहिए।
  5. ओट्स व ब्राउन राईस का प्रयोग करना चाहिए।
  6. मैदा के प्रयोग से बचना चाहिए और आटे का उपयोग करना चाहिए।

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