RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् उपसर्गाः

Rajasthan Board RBSE Solutions for Class 10 Sanskrit व्याकरणम् उपसर्गाः Questions and Answers, Notes Pdf.

The questions presented in the RBSE Solutions for Class 10 Sanskrit are solved in a detailed manner. Get the accurate RBSE Solutions for Class 10 all subjects will help students to have a deeper understanding of the concepts. Read Class 10th Sanskrit Chapter 3 Question Answer written in simple language, covering all the points of the chapter.

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् उपसर्गाः

उपसर्ग की परिभाषा - जब प्र, परा, अप आदि अव्यय शब्दों का प्रयोग धातु से पहले होता है, तब वे प्र, परा, अप आदि उपसर्ग कहलाते हैं। 
उपसर्ग के द्वारा धातु के अर्थ में परिवर्तन - उपसर्गों के प्रयोग से प्रायः धातुओं के अर्थों का प्रकाशन और परिवर्तन होता है। जैसे कहा भी है - 

उपसर्ग के द्वारा धातु का अर्थ बलपूर्वक अन्यत्र ले जाया जाता है, जैसे 'ह' धातु से-प्रहार, आहार, संहार, विहार, परिहार आदि भिन्न-भिन्न अर्थ प्रकट हो जाते हैं। 

अर्थात् संस्कृत भाषा में 'हृ' धातु 'चुराने के अर्थ में है। ह धातु से घञ् प्रत्यय करने पर 'हार' शब्द बनता है। किन्तु इसी एक 'हार' शब्द के उपसर्गों के प्रयोग से अनेक अर्थ हो जाते हैं। उदाहरणार्थ - 

  1. प्रहार - इस शब्द का अर्थ 'आक्रमण' है। 
  2. आहार - इस शब्द का अर्थ 'भोजन' है। 
  3. संहार - इस शब्द का अर्थ 'विनाश' है। 
  4. विहार - इस शब्द का अर्थ 'भ्रमण' है। 
  5. परिहार - इस शब्द का अर्थ 'निराकरण' है। 
  6. उपहार - इस शब्द का अर्थ 'भेंट' है। 

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् उपसर्गाः

इसी प्रकार उपसर्गों के प्रयोग से धातु के अर्थों में अनेक परिवर्तन हो जाते हैं। 
उपसर्गाणां संख्या - संस्कृतभाषायां द्वाविंशतिः (22) उपसर्गाः सन्ति। (संस्कृत में 22 उपसर्ग होते हैं।) 

  1. प्र (अधिक) 
  2. परा (उल्टा, पीछे) 
  3. अप (दूर) 
  4. सम् (अच्छी तरह) 
  5. अनु (पीछे) 
  6. अव (नीचे, दूर)
  7. निस् (विना, बाहर) 
  8. निर् (बाहर) 
  9. दुस् (कठिन) 
  10. दुर् (बुरा) 
  11. वि (विना, अलग) 
  12. आङ् (तक, कम)
  13. नि (नीचे) 
  14. अधि (ऊपर) 
  15. अपि (निकट) 
  16. अति (बहुत) 
  17. सु (सुन्दर) 
  18. उद् (ऊपर) 
  19. अभि (ओर) 
  20. प्रति (ओर, उल्टा) 
  21. परि (चारों ओर) 
  22. उप (निकट) 

अव' उपसर्ग: - 'अव' इति उपसर्गस्य अधः, विप्रकृष्टः, दूरम् इत्यादयः अर्थाः भवन्ति। ('अव' उपसर्ग का नीचे, दूर आदि अर्थ होते हैं।) 

उदाहरणार्थम् - 

  1. अव + गच्छति = अवगच्छति 
  2. अव + तारः = अवतारः 
  3. अव + नतिः = अवनतिः 
  4. अव + काशः = अवकाशः 
  5. अव + सरः = अवसरः 
  6. अव + रोधः = अवरोधः 
  7. अव + क्षेपणम् = अवक्षेपणम् 
  8. अव + रोहः = अवरोहः 
  9. अव + मानना = अवमानना 
  10. अवः + शेषः = अवशेषः 
  11. अव + ग्रहः = अवग्रहः 
  12. अव + गुणः = अवगुणः 
  13. अव + सीदति = अवसीदति 
  14. अव + तिष्ठति = अवतिष्ठति 
  15. अव + धारणा = अवधारणा 
  16. अव + दानम् = अवदानम् 
  17. अव + सादः = अवसादः 
  18. अव + स्था = अवस्था 
  19. अव + ज्ञा = अवज्ञा 
  20. अव + गणना = अवगणना 
  21. अव + गमनम् = अवगमनम् 
  22. अव + लेहः = अवलेहः 

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् उपसर्गाः

अप' उपसर्गः - 'अप' इति उपसर्गस्य विप्रकृष्ट:/दूरम् इत्यर्थः भवति। ('अप' उपसर्ग का प्रयोग 'दूर', 'विपरीत' अर्थ में होता है।) 

उदाहरणार्थम् - 

  1. अप + वादः = अपवादः 
  2. अप + व्ययः = अपव्ययः 
  3. अप + हरति = अपहरति
  4. अप + कारः = अपकारः
  5. अप + कर्षः = अपकर्ष
  6. अप + मानम् = अपमानम्
  7. अप + राधः = अपराधः 
  8. अप + ईक्षा = अपेक्षा 
  9. अप + हरणम् = अपहरणम्
  10. अप + यशः = अपयशः 
  11. अप + चारी = अपचारी 
  12. .अप + ज्ञानम् = अपज्ञानम् 
  13. अप + कर्ता = अपकर्ता 
  14. अप + भ्रंशः = अपभ्रंशः 
  15. अप + आदानम् = अपादानम्
  16. अप + व्ययः = अपव्ययः 
  17. अप + शब्दः = अपशब्दः 
  18. अप + स्मारः = अपस्मारः 
  19. अप + हृ = अपहरति 

'निस्' उपसर्ग: - 'निस्' इति उपसर्गस्य विना/बहिः इत्यर्थः भवति। ('निस्' उपसर्ग का अर्थ 'विना', 'बाहर' होता है।) 

उदाहरणार्थम् - 

  1. निस् + सरति = निस्सरति 
  2. निस् + क्रमणम् = निष्क्रमणम् 
  3. निस् + फलम् = निष्फलम् 
  4. निस् + पापम् = निष्पापम् 
  5. निस् + कपट: = निष्कपट: 
  6. निस् + पन्नः = निष्पन्नः 
  7. निस् + तारणम् = निस्तारणम् 
  8. निस् + कृतिः = निष्कृतिः 
  9. निस + चलः = निश्चलः 
  10. निस् + कामः = निष्कामः 
  11. निस् + छल: = निश्छलः 
  12. निस् + चयः = निश्चयः 
  13. निस् + चितः = निश्चितः 
  14. निस् + कर्षः = निष्कर्षः 
  15. निस् + कासितः = निष्कासितः 
  16. निस् + कंटक = निष्कंटकः 
  17. निस् + क्रियः = निष्क्रियः 
  18. निस् + प्राणः = निष्प्राणः 
  19. निस् + प्रयोजनम् = निष्प्रयोजनम् 

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् उपसर्गाः

निर्' उपसर्ग: - 'निर्' इति उपसर्गस्य बहिः इत्यर्थः भवति। ('निर्' उपसर्ग का अर्थ 'बाहर' होता है।) 

उदाहरणार्थम् - 

  1. निर् + गमनम् = निर्गमनम् 
  2. निर् + आदरः = निरादरः 
  3. निर् + वाहः = निर्वाहः 
  4. निर + आकरणम् = निराकरणम् 
  5. निर् + यातः = निर्यातः 
  6. निर् + धनः = निर्धनः 
  7. निर् + वाणः = निर्वाणः 
  8. निर् + जनम्। = निर्जनम् 
  9. निर + धारणम् = निर्धारणम्
  10. निर् + अस्तम् = निरस्तम् 
  11. निर् + उक्तम् = निरुक्तम् 
  12. निर् + नायकः = निर्णायकः 
  13. निर् + माणम् = निर्माणम् 
  14. निर् + देशः = निर्देशः 
  15. निर् + वचनम् = निर्वचनम्
  16. निर् + मूलम् = निर्मूलम् 
  17. निर् + वेदः = निर्वेदः
  18. निर् + वृत्तिः = निर्वृत्तिः 
  19. निर् + नयः = निर्णयः 
  20. निर + ईक्षणम् = निरीक्षणम् 
  21. निर् + गम् = निर्गच्छति 

'दुर्' उपसर्गः - 'दुर्' इति उपसर्गस्य 'अवरम्' इत्यर्थः भवति। ('दुर्' उपसर्ग का प्रयोग 'दुष्ट', 'निम्न'। आदि अर्थ में होता है।) 

उदाहरणार्थम् - 

  1. दुर् + जनः = दुर्जनः 
  2. दुर् + आचरणम् = दुराचरणम् 
  3. दुर् + बोधः = दुर्बोधः 
  4. दुर् + व्यवहारः = दुर्व्यवहारः 
  5. दुर् + आचारः = दुराचारः
  6. दुर् + गन्धः = दुर्गन्धः 
  7. दुर् + आग्रहः = दुराग्रहः 
  8. दुर् + गमः = दुर्गमः 
  9. दुर् + दिनम् = दुर्दिनम् 
  10. दुर् + गतिः = दुर्गतिः 
  11. दुर् + वचनम् = दुर्वचनम् 
  12. दुर् + अवस्था = दुरवस्था 
  13. दुर् + भाग्यम् = दुर्भाग्यम् 
  14. दुर् + दैवम् = दुर्दैवम् 
  15. दुर् + बुद्धिः = दुर्बुद्धिः 
  16. दुर् + योधनः = दुर्योधनः
  17. दुर् + दशा = दुर्दशा 
  18. दुर् + गः = दुर्गः 
  19. दुर् + लभः = दुर्लभः 
  20. दुर् + आशा = दुराशा 

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् उपसर्गाः

'आङ्' (आ) उपसर्गः - 'आङ्' इति उपसर्गस्य पर्यन्तम्/न्यूनम् इत्यर्थः भवति। ('आ' उपसर्ग का प्रयोग 'पर्यन्त', 'न्यून' अर्थ में होता है।) 

उदाहरणार्थम् - 

  1. आ + दरः = आदरः 
  2. आ + कर्षणम् = आकर्षणम् 
  3. आ + गमनम् = आगमनम् 
  4. आ + चारः = आचारः 
  5. आ + लापः = आलापः 
  6. आ + गच्छति = आगच्छति 
  7. आ + नयति = आनयति 
  8. आ + हरति = आहरति 
  9. आ + पत्तिः = आपत्तिः 
  10. आ + मरणम् = आमरणम् 
  11. आ + हारः = आहारः 
  12. आ + दानम् = आदानाम्
  13. आ + धारः = आधारः 
  14. आ + ग्रहः = आग्रह:
  15. आ + ज्ञा = आज्ञा 
  16. आ.+ चरणम् = आचरणम् 
  17. आ + नन्दः = आनन्दः 
  18. आ + दाय = आदाय 
  19. आ + गम्य = आगम्य 
  20. आ + नी = आनयति 

'उद्' उपसर्ग: - 'उद्' उपसर्गस्य 'उपरि' इत्यर्थः अस्ति। ('उद्' उपसर्ग का प्रयोग 'ऊपर' अर्थ में होता 

उदाहरणार्थम् - 

  1. उद् + सवः = उत्सवः 
  2. उद् + गमनम् = उदगमनम्
  3. उद् + नतिः = उन्नतिः 
  4. उद् + पत्ति = उत्पत्तिः 
  5. उद् + भवः = उद्भवः 
  6. उद् + थानम् = उत्थानम् 
  7. उद् + कर्षः = उत्कर्षः 
  8. उद् + ज्वलः = उज्वलः 
  9. उद् + तरम् = उत्तरम्
  10. उद् + पतति = उत्पतति 
  11. उद् + हारः = उद्धारः 
  12. उद् + तमः = उत्तमः
  13. उद् + क्षेपणम् = उत्क्षेपणम् 
  14. उद् + कण्ठा = उत्कण्ठा 
  15. उद् + पादनम् = उत्पादनम् 
  16. उद् + तेजकः = उत्तेजकः 
  17. उद् + प्रेक्षा = उत्प्रेक्षा 
  18. उद् + साहः = उत्साहः 
  19. उद् + सुकः = उत्सुकः 
  20. उद् + सर्गः = उत्सर्गः

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् उपसर्गाः

अधि' उपसर्ग: - 'अधि' उपसर्गस्य उपरि' इत्यर्थः अस्ति। ('अधि' उपसर्ग का प्रयोग 'ऊपर' अर्थ में होता है।) 

उदाहरणार्थम् - 

  1. अधि + भारः = अधिभारः 
  2. अधि + शेते = अधिशेते 
  3. अधि + कारः = अधिकारः 
  4. अधि + शेषः = अधिशेषः 
  5. अधि + पतिः = अधिपतिः 
  6. अधि + ग्रहणम् = अधिग्रहणम् 
  7. अधि + करणम् = अधिकरणम् 
  8. अधि + अक्षः = अध्यक्षः 
  9. अधि + स्थाता = अधिष्ठाता 
  10. अधि + क्षेपः = अधिक्षेपः
  11. अधि + कृत्य = अधिकृत्य
  12. अधि + कृतम् = अधिकृतम्
  13. अधि + मासः = अधिमासः
  14. अधि + कारी = अधिकारी
  15. अधि + स्थानम् = अधिष्ठानम्
  16. अधि + लोकम् = अधिलोकम्
  17. अधि + हरिः = अधिहरिः
  18. अधि + वचनम् = अधिवचनम्
  19. अधि + दैवतम् = अधिदैवतम्
  20. अधि + स्था = अधितिष्ठति

अभ्यासार्थ प्रश्नोत्तराणि 

वस्तुनिष्ठप्रश्ना:
 
प्रश्न 1. 
'अव' उपसर्गयुक्तं शब्दः कः नास्ति? 
(अ) अवनि 
(ब) अवकाशः 
(स) अवागच्छत्
(द) अवतिष्ठति 
उत्तरम् :
(अ) अवनि 

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् उपसर्गाः

प्रश्न 2. 
'उद्' उपसर्गयुक्तं शब्दः कः अस्ति? 
(अ) उपेक्षा 
(ब) उपकारः 
(स) उत्थानम् 
(द) उपदेशः 
उत्तरम् :
(स) उत्थानम् 

प्रश्न 3. 
'अध्यक्षः' इति पदे कः उपसर्गः? 
(अ) आ 
(ब) अधि
(स) अप्  
(द) अव 
उत्तरम् :
(ब) अधि

प्रश्न 4. 
'निरीक्षणम्' इति पदे क: उपसर्गः? 
(अ) आङ् 
(ब) दुर् 
(स) निस् 
(द) निर् 
उत्तरम् :
(द) निर् 

प्रश्न 5. 
'अप' उपसर्गयुक्तं शब्द: क: नास्ति? 
(अ) अपव्ययः 
(ब) अवगुणः 
(स) अपेक्षा 
(द) अपशब्दः 
उत्तरम् :
(ब) अवगुणः 

प्रश्न 6. 
'निस्' उपसर्गयुक्तं शब्दः कः अस्ति? 
(अ) निर्धनः 
(ब) निर्वेदः 
(स) नियमः 
(द) निष्प्राणः 
उत्तरम् :
(द) निष्प्राणः

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् उपसर्गाः

प्रश्न 7. 
'आङ्' उपसर्गयुक्तं शब्दः कः अस्ति? 
(अ) आधारः 
(ब) अध्येताः 
(स) अधिकारः
(द) उपकारः 
उत्तरम् :
(अ) आधारः

प्रश्न 8. 
'दुर्' उपसर्गयुक्तं शब्दः कः नास्ति? 
(अ) दुर्जनः 
(ब) दुर्बलः
(स) दूरम् 
(द) दुराशा 
उत्तरम् :
(स) दूरम् 

प्रश्न 9. 
'आनयति' इति पदे कः उपसर्गः? 
(अ) नी 
(ब) आ 
(स) निर् 
(द) अप् 
उत्तरम् :
(ब) आ

प्रश्न 10. 
'निष्क्रामति' इति पदे कः उपसर्गः? 
(अ) निस् 
(ब) निर् 
(स) दुर् 
(द) उद् 
उत्तरम् :
(अ) निस् 

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् उपसर्गाः

अतिलघूत्तरात्मकप्रश्ना: - 

प्रश्न 1. 
निम्नलिखितपदेषु उपसर्गम् धातुम् च पृथक् कृत्य लिखत। 
उत्तरम् : 
RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् उपसर्गाः 1
RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् उपसर्गाः 2

प्रश्न 2. 
अधोलिखितानाम् उपसर्गाणां धातूनां च योगेन सार्थकशब्दरचनां कुरुत। 
उत्तरम् :  
RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् उपसर्गाः 3

प्रश्न 3. 
निम्नलिखितपदेषु प्रयुक्तान् उपसर्गान् लिखत। 
उत्तरम् :  
RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् उपसर्गाः 4

प्रश्न 4. 
निम्नलिखितानाम् उपसर्गाणां धातूनां च योगेन सार्थकशब्दरचनां कुरुत। 
उत्तरम् :  
RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् उपसर्गाः 5
RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् उपसर्गाः 6

प्रश्न 5. 
निम्नलिखितपदेषु उपसर्ग शब्दं च पृथक् कृत्य लिखत। 
उत्तरम् :  
RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् उपसर्गाः 7

प्रश्न 6. 
निम्नाङ्किताभ्यामुपसर्गधातुभ्यां क्रियापदं रचयत -  
(i) अव + तु (ii) अप + कृ। 
उत्तरम् : 
(i) अवतरति (ii) अपकरोति। 

प्रश्न 7. 
अधोलिखितपदयोः प्रयुक्तमुपसर्ग लिखत - 
(i) निर्गच्छति, (ii) निष्क्रामति। 
उत्तरम् : 
(i) निर् (ii) निस्। 

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् उपसर्गाः

प्रश्न 8. 
निम्नाङ्किताभ्यामुपसर्गधातुभ्यां क्रियापदं रचयत -  
(i) उत् + स्था (ii) अधि + कृ। 
उत्तरम् : 
(i) उत्तिष्ठति (ii) अधिकरोति। 

प्रश्न 9. 
अधोलिखितपदयोः प्रयुक्तमुपसर्ग लिखत - 
(i) निर्वृत्तिः (ii) अवरोहति। 
उत्तरम् :
(i) निर् (ii) अव। 

प्रश्न 10.
निम्नाङ्किताभ्यामुपसर्गधातुभ्यां क्रियापदं रचयत - 
(i) अव + गम् (ii) निस् + सृ। 
उत्तरम् : 
(i) अवगच्छति (ii) निस्सरति। 

प्रश्न 11. 
अधोलिखितपदयोः प्रयुक्तमुपसर्गं लिखत - 
(i) दुर्लभते (ii) उत्तिष्ठतु। 
उत्तरम् : 
(i) दुर् (ii) उत्। 

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् उपसर्गाः

प्रश्न 12. 
अधोलिखिताभ्यामुपसर्गधातुभ्यां क्रियापदं रचयत - 
(i) अप + हृ (ii) निस् + सृ।
उत्तरम् :  
(i) अपहरति (ii) निस्सरति। 

प्रश्न 13. 
अधोलिखितपदयोः प्रयुक्तमुपसर्गयोः लिखत - 
(i) उन्नति (ii) अध्यक्षः। 
उत्तरम् : 
(i) उत् (ii) अधि। 

प्रश्न 14. 
अधोलिखिताभ्यामुपसर्गधातुभ्यां क्रियापदं रचयत 
(i) आ + नी (ii) निर् + गम्। 
उत्तरम् : 
(i) आनयति (ii) निर्गच्छति। 

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् उपसर्गाः

प्रश्न 15. 
निम्नलिखितपदयोः प्रयुक्तमुपसर्गयोः लिखत 
(i) अपकर्षः (ii) निर्जनम्। 
उत्तरम् : 
(i) अप (ii) निर्।

Prasanna
Last Updated on May 6, 2022, 4:59 p.m.
Published May 6, 2022