कक्षा 6 हमारा राजस्थान मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न

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Class 6 Our Rajasthan मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न

प्रश्न 1.
भारत के मानचित्र में निम्न स्थानों को अंकित कीजिए-
(1) हैदराबाद (2) इटानगर (3) दिसपुर (4) पटना (5) रायपुर (6) पणजी (7) गाँधीनगर
उत्तर:
कक्षा 6 हमारा राजस्थान मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न 1

प्रश्न 2.
भारत के मानचित्र में निम्न स्थानों को अंकित कीजिए-
(1) चण्डीगढ़ (2) शिमला ( 3 ) श्रीनगर (4) रांची (5) बैंगलोर (6) तिरुवनन्तपुरम् (7) भोपाल (8) मुंबई
उत्तर:
कक्षा 6 हमारा राजस्थान मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न 1

कक्षा 6 हमारा राजस्थान मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न

प्रश्न 3.
भारत के मानचित्र में निम्न स्थानों को अंकित कीजिए-
(1) इम्फाल (2) शिलांग (3) आइजोल (4) कोहिमा (5) भुवनेश्वर (6) चण्डीगढ़ (7) जयपुर।
उत्तर:
कक्षा 6 हमारा राजस्थान मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न 1

प्रश्न 4.
भारत के मानचित्र में निम्न स्थानों को दर्शाइये-
(1) गंगटोक (2) चेन्नई (3) अगरतल्ला (4) लखनऊ (5) देहरादून (6) कोलकाता।
उत्तर:
कक्षा 6 हमारा राजस्थान मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न 1

प्रश्न 5.
भारत के मानचित्र में निम्न स्थानों को अंकित कीजिए-
(1) दिल्ली (2) अण्डमान और निकोबार (3) चण्डीगढ़ (4) दादरा और नगर हवेली (5) दमन और दीव (6) लक्षद्वीप।
उत्तर:
कक्षा 6 हमारा राजस्थान मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न 1

प्रश्न 6.
भारत के मानचित्र में निम्नलिखित प्राकृतिक स्थानों को अंकित कीजिए-
(1) यमुना नदी (2) ताप्ती नदी (3) गोदावरी नदी (4) पूर्वी घाट (5) पश्चिमी घाट।
उत्तर:
कक्षा 6 हमारा राजस्थान मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न 2

कक्षा 6 हमारा राजस्थान मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न

प्रश्न 7.
भारत के मानचित्र में निम्न प्राकृतिक स्थानों को कीजिए-
(1) गारो पहाड़िया (2) ब्रह्मपुत्र नदी (3) गंगा नदी (4) कृष्णा नदी (5) व्यास नदी।
उत्तर:
कक्षा 6 हमारा राजस्थान मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न 2

प्रश्न 8.
पुरास्थल के निम्न केन्द्रों को भारत के मानचित्र में दर्शाइये-
(1) हुँगी (2) काल्डिहवा (3) ब्रह्मगिरि (4) इनाम गाँव (5) मुम्बई।
उत्तर:
कक्षा 6 हमारा राजस्थान मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न 3

प्रश्न 9.
पुरास्थल के निम्न केन्द्रों को भारत के मानचित्र में अंकित कीजिए-
(1) कुरनूल गुफाएँ (2) पैय्यमपल्ली (3) आदिचन्नलूर (4) कोलकाता।
उत्तर:
कक्षा 6 हमारा राजस्थान मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न 3

प्रश्न 10.
भारत के मानचित्र में प्रमुख प्राचीन नगर दर्शाइये-
(1) उज्जैन (2) थानेसर ( 3 ) पाटलिपुत्र ( 4 ) अमरावती (5) कांचीपुरम।
उत्तर:
कक्षा 6 हमारा राजस्थान मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न 4

कक्षा 6 हमारा राजस्थान मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न

प्रश्न 11.
भारत के मानचित्र में प्रमुख प्राचीन नगर को अंकित कीजिए-
(1) मथुरा (2) प्रयाग (3) नालन्दा (4) अजन्ता (5) महाबलीपुरम।
उत्तर:
कक्षा 6 हमारा राजस्थान मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न 4

प्रश्न 12.
राजस्थान के मानचित्र में निम्न जिलों को अंकित कीजिए-
(1) धौलपुर (2) बाड़मेर (3) डूंगरपुर (4) बीकानेर (5) पाली (6) कोटा (7) श्रीगंगानगर (8) जैसलमेर (9) जालौर।
उत्तर:
कक्षा 6 हमारा राजस्थान मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न 5

प्रश्न 13.
राजस्थान के मानचित्र में निम्न स्थानों को अंकित दर्शाइये –
(1) चित्तौड़गढ़ (2) हनुमानगढ़ (3) चूरू (4) झुंझुनूं (5) सीकर (6) जयपुर (7) अलवर (8) भरतपुर।
उत्तर:
कक्षा 6 हमारा राजस्थान मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न 5

प्रश्न 14.
राजस्थान के मानचित्र में निम्न स्थानों को अंकित कीजिए-
(1) सिरोही (2) सवाईमाधोपुर (3) उदयपुर (4) बारां (5) झालावाड़ (6) बूंदी (7) भीलवाड़ा (8) नागौर।
उत्तर:
कक्षा 6 हमारा राजस्थान मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न 5

कक्षा 6 हमारा राजस्थान मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न

प्रश्न 15.
राजस्थान के मानचित्र में निम्न स्थानों को अंकित कीजिए-
(1) जोधपुर ( 2 ) बांसवाड़ा (3) राजसमन्द (4) अजमेर (5) टोंक (6) दौसा (7) करौली (8) प्रतापगढ़।
उत्तर:
कक्षा 6 हमारा राजस्थान मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न 5

प्रश्न 16.
राजस्थान के मानचित्र में भौतिक प्रदेशों को प्रदर्शित कीजिए।
उत्तर:
कक्षा 6 हमारा राजस्थान मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न 6

प्रश्न 17.
राजस्थान के रेखा मानचित्र में औसत वार्षिक वर्षा को दर्शाइये।
उत्तर:
कक्षा 6 हमारा राजस्थान मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न 7

कक्षा 6 हमारा राजस्थान मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न

प्रश्न 18.
राजस्थान के मानचित्र में उच्चावच और अपवाह तन्त्र को दर्शाइये।
उत्तर:
कक्षा 6 हमारा राजस्थान मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न 8

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 10 के प्रश्न उत्तर लोक संस्कृति एवं कला

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Class 6 Hamara Rajasthan Chapter 10 Question Answer in Hindi लोक संस्कृति एवं कला

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 10 के प्रश्न उत्तर

I. निम्नलिखित प्रश्नों के सहीं उत्तर के विकल्प को कोष्ठक में लिखिए-

1. चूहों के कारण किस मंदिर को जाना जाता है-
(अ) ब्रह्मा का मंदिर
(ब) करणी माता का मंदिर
(स) श्री महावीर जी का मंदिर
(द) शिवजी का मंदिर
उत्तर:
(ब) करणी माता का मंदिर

2. ऊँटों के देवता के रूप में किसे पूजा जाता है-
(अ) रामदेवजी
(ब) तेजाजी
(स) पाबूजी
(द) जसनाथजी
उत्तर:
(स) पाबूजी

II. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

1. चीनी मिट्टी के सफेद बर्तनों पर ……………. रंग के अंकन से ब्लूपॉटरी का निर्माण होता है।
उत्तर:
नीले

2. तेजाजी ने ……………. के लिए अपने प्राणों की बाजीलगा दी।
उत्तर:
गौधन की रक्षा।

III. अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
गणगौर के अवसर पर किसकी पूजा की जाती है?
उत्तर:
गणगौर के अवसर पर मुख्य रूप से शिव व पार्वती की पूजा की जाती है।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 10 के प्रश्न उत्तर लोक संस्कृति एवं कला

प्रश्न 2.
पश्चिमी राजस्थान की कितनी बोलियाँ हैं? नाम लिखिए।
उत्तर:
चार बोलियाँ – (1) मारवाड़ी (2) मेवाड़ी (3) वागड़ी (4) शेखावाटी।

IV. लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
रामदेवजी को सांप्रदायिक सौहार्द के प्रेरक के रूप में क्यों जाना जाता है?
उत्तर:
रामदेवजी को साम्प्रदायिक सौहार्द के प्रेरक के रूप में जाना जाता है। वे राजस्थान के लोकदेवताओं में सबसे प्रमुख एवं अवतारी पुरुष थे। उनमें सभी वर्गों व धर्मों के लोगों की आस्था है। मुस्लिम समाज भी उनको ‘राम-सा’ पीर के रूप में मानता है। रामदेव जी के मेले में सभी धर्मों के लोग बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं।

प्रश्न 2.
राजस्थान में मनाए जाने वाले विशिष्ट त्यौहारों की जानकारी दीजिए।
उत्तर:
राजस्थान में अनेक त्यौहार मनाये जाते हैं। कुछ त्यौहार यहाँ मनाये जाने वाले विशिष्ट त्यौहार हैं। इनमें निम्न प्रमुख हैं-

(1) गणगौर – गणगौर राजस्थान में मनाया जाने वाला एक विशिष्ट त्यौहार है। यह चैत्र शुक्ल तृतीया से आरम्भ होता है। गणगौर पर मुख्य रूप से शिव पार्वती पूजा की जाती है।

(2) तीज – तीज का त्यौहार श्रावण मास में शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है। इस अवसर पर नवविवाहिताएँ पेड़ों पर झूले डालकर झूलती हैं। भादो की कृष्ण पक्ष की तीज को ‘कजली तीज’ और ‘सातूड़ी तीज’ के नाम से मनाया जाता है।

(3) शीतलाष्टमी – चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को शीतलाष्टमी का त्यौहार मनाया जाता है। इस दिन शीतला देवी की पूजा करते हैं तथा बासोड़ा भोजन किया जाता है।

(4) अक्षय तृतीया – यह बहुत मांगलिक दिन होता है। इसे आखा तीज भी कहते हैं। इस दिन बिना मुहूर्त निकलवाए, सभी मांगलिक कार्य किये जाते हैं। इस दिन गेहूँ, बाजरा, तिल, जौ आदि की पूजा की जाती है। इस दिन गेहूँ व बाजरे का खीच भी बनाया जाता है।

Class 6 Hamara Rajasthan Chapter 10 Important Question Answer in Hindi

बहुचयनात्मक प्रश्न-

1. निम्न में से पूर्वी राजस्थानी भाषा की प्रतिनिधि बोली नहीं है-
(अ) वागड़ी
(ब) ढूंढाड़ी
(स) अहीरवाटी
(द) हाड़ौती
उत्तर:
(अ) वागड़ी

2. किस त्यौहार पर बासोड़ा भोजन किया जाता है?
(अ) गणगौर
(ब) सातूड़ी तीज
(स) शीतलाष्टमी
(द) आखा तीज
उत्तर:
(स) शीतलाष्टमी

3. ब्रह्माजी का सुप्रसिद्ध मंदिर कहाँ स्थित है?
(अ) कोटा
(ब) उदयपुर
(स) सीकर
(द) पुष्कर
उत्तर:
(द) पुष्कर

4. जीणमाता का मेला किस जिले में लगता है?
(अ) सीकर
(ब) अजमेर
(स) डूंगरपुर
(द) अलवर
उत्तर:
(अ) सीकर

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 10 के प्रश्न उत्तर लोक संस्कृति एवं कला

5. विश्नोई संप्रदाय के प्रवर्तक कौन थे?
(अ) दादू दयाल
(ब) जाम्भोजी
(स) जसनाथ जी
(द) गोगाजी
उत्तर:
(ब) जाम्भोजी

6. बस्सी (चित्तौड़गढ़) किस कला का प्रधान केन्द्र है?
(अ) मूर्तिकला
(ब) टेराकोटा
(स) गोटाकारी
(द) कास्तकला
उत्तर:
(द) कास्तकला

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

1. राजस्थान की मातृभाषा ……………. है।
उत्तर:
राजस्थानी

2. ……………. को आखा तीज भी कहा जाता है।
उत्तर:
अक्षय तृतीया

3. ……………. मेले की शुरुआत महाराणा फतेहसिंह ने की थी।
उत्तर:
हरियाली अमावस्या

4. ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती ……………. से भारत आये थे।
उत्तर:
ईरान

5. काँच पर बारीक सोने की नक्काशी का काम ……………. कहलाती है।
उत्तर:
थेवा कला

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
दक्षिण राजस्थान में रहने वाले प्रमुख आदिवासी कौन हैं?
उत्तर:
दक्षिण राजस्थान में रहने वाले आदिवासियों में भील, मीणा, सहरिया, गरासिया, डामोर आदि प्रमुख हैं।

प्रश्न 2.
पूर्वी राजस्थानी भाषा की प्रतिनिधि बोलियों के नाम लिखिए।
उत्तर:
(1) ढूंढ़ाड़ी (जयपुरी) (2) हाड़ौती (3) मेवाती (4) अहीरवाटी।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 10 के प्रश्न उत्तर लोक संस्कृति एवं कला

प्रश्न 3.
ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों द्वारा खेले जाने वाले कोई दो खेलों के नाम लिखिये।
उत्तर:
(1) गिल्ली डंडा (2) सितोलिया

प्रश्न 4.
राजस्थान में प्रचलित लोक नाट्य शैली के कोई दो रूप लिखिये।
उत्तर:
(1) ख्याल (2) हेला।

प्रश्न 5.
भादो की कृष्ण पक्ष की तीज को किस नाम से मनाया जाता है?
उत्तर:
भादो की कृष्ण पक्ष की तीज को ‘कजली तीज’ और ‘सातूड़ी तीज’ के नाम से मनाया जाता है।

प्रश्न 6.
पुष्कर मेला कब आयोजित होता है?
उत्तर:
पुष्कर मेला कार्तिक मास की पूर्णिमा पर आयोजित होता है।

प्रश्न 7.
राजस्थान के कोई दो प्रमुख मेलों के नाम लिखिये।
उत्तर:
(1) पुष्कर मेला (2) कैलादेवी का मेला।

प्रश्न 8.
गरीब नवाज के नाम से किसे जाना जाता है?
उत्तर:
ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती को गरीब नवाज के नाम से जाना जाता है।

प्रश्न 9.
भर्तृहरि मेला किस जिले में लगता है?
उत्तर:
भर्तृहरि मेला अलवर जिले में लगता है।

प्रश्न 10.
राजस्थान के पाँच प्रमुख पीरों के नाम बताइये।
उत्तर:
(1) रामदेवजी (2) पाबूजी (3) मेहाजी (4) हड़बूजी (5) गोगाजी

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 10 के प्रश्न उत्तर लोक संस्कृति एवं कला

प्रश्न 11.
मीरां बाई का जन्म कहाँ हुआ था?
उत्तर:
मीरां बाई का जन्म मेड़तिया राठौड़ वंश में कुड़की ग्राम (मेड़ता ) में हुआ था।

प्रश्न 12.
राजस्थान में कपड़े पर छपाई के लिए प्रसिद्ध किन्हीं चार स्थानों के नाम लिखिये।
उत्तर:
(1) बगरु (2) सांगानेर (3) आकोला (4) बाड़मेर।

प्रश्न 13.
राजस्थान को रंगीला राजस्थान क्यों कहा जाता है?
उत्तर:
राजस्थान के पारंपरिक पर्व-त्यौहार, मेले, रीति-रिवाज आदि आकर्षक एवं मनमोहक हैं, इसीलिए राजस्थान को रंगीला राजस्थान कहा जाता है।

लघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
राजस्थानी भाषा को मुख्यतः किन रूपों में जाना जाता है? वर्णन कीजिये।
उत्तर:
राजस्थानी भाषा को मुख्यतः दो रूपों में जाना जाता है-
(1) पूर्वी राजस्थानी भाषा – पूर्वी राजस्थानी भाषा की प्रतिनिधि चार बोलियाँ हैं—
(1) ढूंढाड़ी (जयपुरी), (2) हाड़ौती, (3) मेवाती व (4) अहीरवाटी।

(2) पश्चिमी राजस्थानी भाषा – पश्चिमी राजस्थानी भाषा की प्रतिनिधि चार बोलियाँ हैं—
(1) मारवाड़ी (2) मेवाड़ी, (3) वागड़ी, (4) शेखावाटी।

प्रश्न 2.
राजस्थानी वेशभूषा का वर्णन कीजिये।
उत्तर:
राजस्थानी वेशभूषा –

  1. राजस्थानी वेशभूषा में चटक रंगों की महत्त्वपूर्ण भूमिका है।
  2. पारंपरिक राजस्थानी परिधान काफी सुन्दर और आरामदायक होते हैं।
  3. महिलाएँ, घाघरा चोली और रंग-बिरंगी गोटा लगी ओढ़नी पहनती हैं।
  4. पुरुषों का पारंपरिक परिधान धोती-कुर्ता और कुर्ता- पायजामा है।
  5. पुरुष पगड़ी भी पहनते हैं जो स्वाभिमान व सम्मान का प्रतीक मानी जाती है। राजस्थानी पगड़ी बहुत आकर्षक होती है।
  6. वर्तमान में यहाँ पश्चिमी वेशभूषा का प्रभाव बढ़ता जा रहा है, फिर भी राजस्थान की बहुरंगी वेशभूषा देखने लायक होती है।

प्रश्न 3.
गणगौर के त्यौहार के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर:
गणगौर – गणगौर राजस्थान में मनाया जाने वाला एक विशिष्ट त्यौहार है। गणगौर चैत्र माह की शुक्ल तृतीया से आरम्भ होता है। इसमें ‘गण’ और ‘गौर’ शब्द शिव व पार्वती के प्रतीक हैं। गणगौर पर मुख्य रूप से शिव व पार्वती की पूजा की जाती है। गणगौर के अवसर पर, राजस्थान में कहीं तीन दिन तो कहीं चार दिन का उत्सव होता है। अनेक स्थानों पर गणगौर की सवारी भी निकाली जाती है। राजस्थान के समस्त जिलों में यह त्यौहार अत्यंत धूमधाम से मनाया जाता है।

प्रश्न 4.
शीतलाष्टमी का त्यौहार कब मनाया जाता है? वर्णन कीजिये।
उत्तर:
शीतलाष्टमी – शीतलाष्टमी का त्यौहार होली के आठवें दिन चैत्र कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनाया जाता है। इस दिन शीतला माता की पूजा की जाती है। इस दिन बासोड़ा भोजन (एक दिन पहले बनाया गया) किया जाता है। जयपुर के पास चाकसू की शील की डूंगरी और उदयपुर के वल्लभनगर कस्बे में स्थित शीतला माता के मंदिर में मेले आयोजित होते हैं। लगभग हर शहर-गाँव, कस्बे में शीतला माता की पूजा-अर्चना की जाती है।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 10 के प्रश्न उत्तर लोक संस्कृति एवं कला

प्रश्न 5.
राजस्थान के प्रमुख मेलों के नाम बताइये।
उत्तर:
राजस्थान के प्रमुख मेले – (1) पुष्कर मेला (अजमेर जिला) (2) कैलादेवी का मेला (सवाई माधोपुर जिला) (3) महावीर जी का मेला (सवाई माधोपुर जिला) (4) कोटा दशहरा मेला (कोटा जिला) (5) हरियाली अमावस्या मेला (उदयपुर जिला) (6) ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती का उर्स (अजमेर जिला) (7) बेणेश्वर मेला (डूंगरपुर जिला ) (8) करणीमाता का मेला (बीकानेर जिला) (9) खाटू श्याम जी का मेला (सीकर जिला) (10) बाबा रामदेव का मेला (जैसलमेर जिला (11) गलियाकोट का उर्स (डूंगरपुर जिला) (12) जीणमाता मेला (सीकर जिला) (13) भर्तृहरि मेला | (अलवर जिला) (14) डिग्गी कल्याण जी का मेला (जयपुर जिला ) (15) तेजाजी का मेला (परबतसर, नागौर जिला ) (16) गोगाजी का मेला (बाड़मेर) आदि।

प्रश्न 6.
कैलादेवी तथा महावीर जी के मेलों का संक्षिप्त वर्णन कीजिये।
उत्तर:
(1) कैलादेवी का मेला – कैलादेवी का विशाल मेला सवाई माधोपुर में, कैलामाता के मंदिर में चैत्र शुक्ल अष्टमी को लगता है। इसे लक्खी मेला भी कहते हैं। चैत्र कृष्ण द्वादशी से चैत्र शुक्ल द्वादशी तक चलने वाले इस मेले में दूर-दूर से भक्त आते हैं।

(2) महावीर जी का मेला – सवाई माधोपुर जिले में श्री महावीरजी का मंदिर स्थित है, जहाँ चैत्र शुक्ल एकादशी से बैसाख कृष्णा द्वितीया तक मेला लगता है। यहाँ चौबीसवें जैन तीर्थंकर महावीर स्वामी की लाल रंग की भव्य प्रतिमा है। पूरे देश से लोग इस मेले में शामिल होते हैं।

प्रश्न 7.
ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का उर्स कहाँ मनाया। जाता है? इसकी मुख्य बातें बताइये।
उत्तर:
ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का उर्स – ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का उर्स इस्लामिक कैलेण्डर के रजब माह की पहली से छठी तारीख तक अजमेर में मनाया जाता है। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती ईरान से भारत आए थे। इनको गरीब नवाज के नाम से भी जाना जाता है। अजमेर में उनकी दरगाह, पूरे देश के लोगों की आस्था का केन्द्र है। इनका उर्स सर्वधर्म समभाव की अनूठी मिसाल माना जाता है।

प्रश्न 8.
निम्नांकित मेलों पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए- (1) बाबा रामदेव का मेला (2) गलियाकोट का उर्स
उत्तर:
(1) बाबा रामदेव का मेला – बाबा रामदेव का मेला जैसलमेर जिले में, पोकरण कस्बे के पास रूणीचा नामक स्थान पर भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की, द्वितीया से एकादशी तक आयोजित होता है। बाबा रामदेव, राजस्थान के जाने-माने लोकदेवता हैं, जिनमें सभी वर्गों व धर्मों के लोगों की आस्था है।

(2) गलियाकोट का उर्स – डूंगरपुर जिले के, सागवाड़ा तहसील के गलियाकोट कस्बे में, फखरुद्दीन मौला की मजार है। जिसे ‘मजार-ए-फकरी’ के नाम से जाना जाता है। यहाँ गलियाकोट का उर्स आयोजित किया जाता है। यह दाउदी बोहरा समाज की आस्था का बहुत बड़ा केन्द्र है। यहाँ के उर्स में सभी वर्गों के लोग बड़ी संख्या में उत्साह से भाग लेते हैं।

प्रश्न 9.
राजस्थान के प्रमुख लोक देवता एवं संतों के नाम बताइये।
उत्तर:
राजस्थान के प्रमुख लोक देवता – (1) गोगाजी (2) तेजाजी (3) पाबूजी (4) रामदेवजी (5) मेहाजी (6) हड़बूजी (7) मल्लीनाथ (8) देवनारायण (9) हरभूजी आदि।

राजस्थान के प्रमुख संत – (1) मीरां बाई (2) दादू (3) जाम्भोजी (4) जसनाथ जी (5) श्रद्धानाथ जी आदि।

प्रश्न 10.
संत जाम्भोजी और संत जसनाथ जी के बारे में आप क्या जानते हैं? लिखिये।
उत्तर:
(1) संत जाम्भोजी – जाम्भोजी महाराज विश्नोई संप्रदाय के प्रवर्तक थे। इनका जन्म वि. स. 1508 की भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को, पीपासर (नागौर) नामक गाँव में हुआ था। जाम्भोजी के उपदेश बहुत सरल थे। इस पर चलते हुए, विश्नोई समाज निरन्तर पर्यावरण की रक्षा व जीव हत्या के विरोध में प्रयासरत है, जो अनुकरणीय है।

(2) संत जसनाथ जी – संत जसनाथजी का जन्म बीकानेर के कतरियासर नामक स्थान पर हुआ। इन्होंने गोरखनाथ से प्रभावित होकर तपस्या की व चमत्कारी योगी हो गए।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 10 के प्रश्न उत्तर लोक संस्कृति एवं कला

प्रश्न 11.
टेराकोटा क्या है? इस कला का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर:
टेराकोटा-मिट्टी से मूर्तियाँ तथा विभिन्न सजावटी व उपयोगी वस्तुएँ तैयार कर पकाना, टेराकोटा के नाम से जाना जाता है। नाथद्वारा के समीप मोलेला इस काम हेतु प्रसिद्ध है। अलवर व बाड़मेर में भी टेराकोटा की वस्तुएँ निर्मित की जाती हैं।

प्रश्न 12.
ब्लूपॉटरी किसे कहते हैं? इस कला के बारे में बताइये।
उत्तर:
ब्लूपॉटरी-चीनी मिट्टी के सफेद बर्तनों पर किए गए नीले रंग के अंकन को ब्लूपॉटरी कहा जाता है। इसके अतिरिक्त इसी आधार पर ब्लेकपॉटरी, सुनहरी पॉटरी आदि भी प्रसिद्ध हैं। इसके द्वारा डिजाइनर कप-प्लेट, अन्य बर्तन और खिलौने व सजावटी सामान जैसे फूलदान आदि बनाए।

प्रश्न 13.
निम्नलिखित कलाओं का संक्षिपत वर्णन कीजए-
(1) लाख का काम (2) आभूषण निर्माण।
उत्तर:
(1) लाख का काम – राजस्थान में जयपुर एवं जोधपुर में लाख के आभूषण बहुतायत से बनाये जाते हैं। लाख के काम में चपड़ी को पिघलाकर उसमें चाक मिट्टी, बिरोजा आदि मिलाकर गूँथ लिया जाता है। उसी से विभिन्न चीजें तैयार की जाती हैं। सजावट के लिए काँच एवं मोती लगाए जाते हैं।

(2) आभूषण निर्माण – जड़ाऊ आभूषणों के लिए राजस्थान में जयपुर, जोधपुर, बीकानेर एवं उदयपुर विख्यात हैं। मूल्यवान पत्थरों को तराशने का काम जयपुर में होता है। काँच पर बारीक सोने की नक्काशी का काम थेवा कला कहलाती है, जिसके लिए प्रतापगढ़ प्रसिद्ध है। प्रतापगढ़ की जनजातियाँ पीतल और चाँदी के आभूषण निर्माण के लिए विख्यात हैं।

निबन्धात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
राजस्थान सांस्कृतिक दृष्टि से विविधतापूर्ण है। स्पष्ट कीजिये।
उत्तर:
राजस्थान की सांस्कृतिक विविधता – राजस्थान सांस्कृतिक दृष्टि से विविधतापूर्ण है। इसे निम्न बिन्दुओं द्वारा स्पष्ट किया जा सकता है—

  1. राजस्थान में अनेक धर्म व सम्प्रदाय के लोग निवास करते हैं, जैसे-हिन्दू, मुस्लिम, जैन, बौद्ध, सिक्ख, ईसाई आदि।
  2. दक्षिण राजस्थान में एक बड़ी संख्या आदिवासियों की है, जिनमें भील, मीणा, सहरिया, गरासिया, डामोर आदि प्रमुख हैं।
  3. राज्य में भाषा, वेशभूषा, रहन-सहन, खानपान, रीति- रिवाज आदि में भी विविधता दिखाई देती है।
  4. राजस्थान की मातृभाषा राजस्थानी है। राजस्थान के विभिन्न अंचलों में अनेक प्रकार की भाषाएँ बोली जाती हैं, परन्तु मुख्य रूप से राजस्थानी भाषा को दो रूपों में जाना जाता है— (i) पूर्वी राजस्थानी भाषा (ii) पश्चिमी राजस्थानी भाषा।
  5.  रजास्थान में अनेक पर्व व त्यौहार, हर्ष एवं उल्लास के साथ मनाये जाते हैं। जैसे होली, दीपावली, रक्षाबंधन, ईद, महावीर जयंती, गुरु नानक जयंती, क्रिसमस आदि। साथ ही यहाँ गणगौर, तीज, अष्टमी, अक्षय तृतीया आदि पर्व एवं अनेकानेक मेले और गवरी, गैर, रम्मत नृत्य एवं लोक गीत हमारी परंपराओं को दर्शाते हैं।

इस प्रकार राजस्थान सांस्कृतिक दृष्टि से विविधतापूर्ण है।

प्रश्न 2.
राजस्थान में मनोरंजन के प्रारम्परिक साधनों का जाते हैं। वर्णन कीजिये।
उत्तर:
राजस्थान में मनोरंजन के पारम्परिक साधन – राजस्थान के विभिन्न अचलों में स्थानीय एवं सहजता से उपलब्ध पारंपरिक साधनों द्वारा मनोरंजन किया जाता है। राजस्थान के ग्रामीण निवासी, स्थानीय एवं सहजता से उपलब्ध साधनों द्वारा मनोरंजन करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों द्वारा खेले जाने वाले मुख्य खेल हैं– गिल्ली डंडा, सितोलिया, लुका-छिपी (आँख-मिचौनी), घोड़ा-दड़ी, मारदड़ी, लट्टू- चकर, कंचे का खेल आदि। चौपड़-चौसर के खेल कपड़े पर बनी बिसात पर खेले जाते हैं। चर-भर, नर- छारी आदि जमीन पर बनाकर खेलते हैं। अन्य जन समुदाय के मनोरंजन के लिए सपेरे, कालबेलिये, मदारी, जादूगर, पतंगबाजी और कठपुतली आदि के खेल प्रचलित हैं। लोक नाट्य शैली में ख्याल, हेला, गवरी, तमाशा, तुर्रा कलंगी, रासधानी, रामलीला, दंगल, स्वांग, नौटंकी, भवई आदि भी मनोरंजन के साधन हैं। इन पारंपरिक खेलों के साथ-साथ आधुनिक खेल एवं मनोरंजन के साधन भी यहाँ की जीवनशैली में देखने को मिलते हैं।

प्रश्न 3.
तीज के त्यौहार के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर:
तीज का त्यौहार – तीज का त्यौहार राजस्थान का एक विशिष्ट त्यौहार है। यह त्यौहार प्रकृति और मनुष्य की निकटता का अनुपम उदाहरण है। राजस्थान के अनेक शहरों में इस दिन तीज माता की सवारी भी निकाली जाती है। तीज का त्यौहार, श्रावण के महीने में मनाया जाता है। शुष्क राजस्थान में, जब काली घटाएँ छा जाती हैं, तो यह किसी उत्सव से कम नहीं होता है। श्रावण के महीने में, शुक्ल पक्ष की तृतीया को नवविवाहिताएँ पेड़ों पर झूले डालकर झूलती हैं। भादों की कृष्ण पक्ष की तीज को ‘कजली तीज’ और ‘सातूड़ी तीज’ के नाम से मनाया जाता है। इस अवसर पर महिलाओं द्वारा मेंहदी लगाई जाती है। पार्वती की पूजा की जाती है और उनसे महिलाएँ अपने सुहाग के दीर्घायु होने की कामना करती हैं।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 10 के प्रश्न उत्तर लोक संस्कृति एवं कला

प्रश्न 4.
निम्नांकित मेलों का संक्षिप्त वर्णन कीजिये- (1) पुष्कर मेला (2) कोटा दशहरा मेला (3) हरियाली अमावस्या मेला।
उत्तर:
(1) पुष्कर मेला – पुष्कर मेला अजमेर जिले के पुष्कर में कार्तिक पूर्णिमा पर आयोजित होता है। इस अवसर पर यहाँ विशाल बाजार लगता है और देश-विदेश से पर्यटक आते हैं। यहाँ अनेक प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है, जिसमें मेलार्थी उत्साह से भाग लेते हैं। पुष्कर में सुप्रसिद्ध ब्रह्माजी का मंदिर और झील भी मेले के आकर्षण का प्रमुख केन्द्र है। सायंकाल यहाँ दीपदान होता है।

(2) कोटा दशहरा मेला-कोटा के महाराव दुर्जनशाल सिंह के शासनकाल में दशहरा पर्व पर विभिन्न राजसी सवारियों, दरीखाना और पूजा-अर्चना की जाती थी। महाराव उम्मेदसिंह द्वितीय के शासन काल 1889 से 1940 में, दशहरा पर्व को अत्यधिक आकर्षक बनाने का सिलसिला शुरू हुआ और मेले का आयोजन किया जाने लगा। वर्तमान मैं कोटा दशहरा मेला अपने वैभव एवं विशालता को लेकर प्रसिद्ध है।

(3) हरियाली अमावस्या मेला – यह मेला उदयपुर में आयोजित किया जाता है। इस मेले की शुरुआत महाराणा फतेहसिंह ने 1899 ई. में की थी। यहाँ प्रतिवर्ष हरियाली अमावस्या को भव्य मेला आयोजित किया जाता है। हिन्दू सभ्यता में लोग इसे ‘सावन’ की शुरुआत के तौर पर मनाते हैं। श्रावण माह के कृष्ण पक्ष में लगने वाला यह मेला सावन और उससे मिलने वाली खुशी का संचार करता है।

प्रश्न 5.
बेणेश्वर मेला, करणीमाता का मेला तथा खाटू श्यामजी का मेला के बारे में आप क्या जानते हैं? वर्णन कीजिये।
उत्तर:
(1) बेणेश्वर मेला – यह मेला राजस्थान के आदिवासी समाज का सबसे बड़ा मेला है। माघ पूर्णिमा के अवसर पर, डूंगरपुर जिले में माही, जाखम और सोम नदियों के संगम स्थल पर यह मेला लगता है। इसमें लोग अपने दिवंगतों की अस्थियाँ भी प्रवाहित करते हैं।

(2) करणीमाता का मेला – करणीमाता का मेला बीकानेर जिले में देशनोक के करणीमाता मंदिर में आयोजित होता है। करणीमाता बीकानेर शासकों की अधिष्ठात्री देवी हैं। इस मन्दिर की विशेषता यह है कि, यहाँ काले और सफेद चूहे अत्यधिक संख्या में विचरण करते हैं। चूहों के कारण भी इस मन्दिर को विशेष प्रसिद्धि मिली है।

(3) खाटू श्यामजी का मेला-सीकर जिले का खाटू श्यामजी का मन्दिर एक प्रसिद्ध स्थल है। यहाँ फाल्गुन के शुक्ल पक्ष की दशमी से द्वादशी तक मेला आयोजित होता है । इसमें दूर-दूर से लोग आते हैं।

प्रश्न 6.
राजस्थान के चार प्रमुख लोकदेवताओं का संक्षिप्त वर्णन कीजिये।
उत्तर:
राजस्थान में अनेक लोकदेवता हुए हैं। चार प्रमुख लोकदेवताओं का वर्णन निम्न प्रकार है–
(1) गोगाजी – गोगाजी राजस्थान के प्रमुख लोकदेवताओं में से एक हैं। गोगाजी, चौहान शासक और गोरखनाथ से प्रभावित थे। भाद्रपद कृष्ण नवमी को ‘गोगानवमी’ के रूप में मनाया जाता है। इस दिन गोगाजी की पूजा-अर्चना की जाती है। गोगामेढ़ी ( हनुमानगढ़) में महीने भर तक चलने वाला मेला लगता है।

(2) तेजाजी – तेजाजी भी राजस्थान के प्रमुख लोकदेवताओं में आते हैं। तेजाजी ने गौधन की रक्षा के लिए अपने प्राणों की बाजी लगा दी थी। भाद्रपद शुक्ल दशमी को परबतसर में तेजाजी की स्मृति में विशाल पशु मेला आयोजित होता है। तेजाजी की गाथा और गीत बहुत प्रसिद्ध हैं।

(3) पाबूजी – पाबूजी राठौड़ को ‘ऊँटों के देवता’ के रूप में पूजा जाता है। पाबू मंड उनका मुख्य स्थान है। फड़ चित्रण में पाबूजी का जीवन चरित्र दिखाया जाता है।

(4) रामदेवजी – रामदेवजी, लोक देवताओं में सबसे प्रमुख एवं अवतारी पुरुष थे। वे साम्प्रदायिक सौहार्द के प्रेरक थे। मुस्लिम समाज भी उनको ‘राम-सा’ पीर के रूप में मानते हैं। रामदेवरा में भाद्रपद माह में विशाल मेला आयोजित होता है। जिसमें लाखों लोग भाग लेते हैं।

प्रश्न 7.
मीरां बाई एवं दादू दयाल के बारे में आप क्या जानते हैं? वर्णन कीजिए।
उत्तर:
(1) मीरां बाई – मीरां बाई राजस्थान की एक प्रमुख संत हैं। इनका जन्म मेड़ता स्थित कुड़की ग्राम में मेड़तिया राठौड़ वंश में हुआ। मीरां बाई का विवाह मेवाड़ के सिसोदिया वंश के महाराणा कुमार भोजराज के साथ हुआ। मीरां का मन बचपन से ही, कृष्ण भक्ति में रम गया था । मीरां बाई के विवाह के कुछ समय पश्चात् उन्हें वैधव्य का दुःख झेलना पड़ा। वे संसार से विरक्त हो गईं और अपना पूरा ध्यान कृष्ण भक्ति पर केन्द्रित कर लिया। मीरां बाई बहुत सरल व सहज भक्त थीं। उनकी यह विशेषता उनके पदों में भी झलकती है।

(2) दादू दयाल – दादू भी राजस्थान के एक प्रमुख संत थे। दादू दयाल के जन्म स्थान को लेकर विद्वानों में एक राय नहीं है। 1885 ई. में फतेहपुर सीकरी में इन्होंने अकबर से भेंट की और फिर राजस्थान में आकर भक्ति का प्रसार करते रहे। 1603 ई. में आमेर के पास नरायण गाँव में इन्होंने देह त्याग दी। इनके अनेक अनुयायी आज भी इनके उपदेशों का पालन करते हैं।

प्रश्न 8.
राजस्थान की काष्ठकला एवं मूर्तिकला का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर:
(1) काष्ठकला-काष्ठकला राजस्थान की एक प्रसिद्ध हस्तकला है। इस कला में लकड़ी से विविध प्रकार की कलात्मक वस्तुएँ बनाई जाती हैं। इस कला का प्रधान केन्द्र बस्सी (चित्तौड़गढ़) है। यहाँ पर लकड़ी के बेवाण, कावड़ तथा रंगाई – छपाई के ठप्पे तैयार किये जाते हैं। लकड़ी से निर्मित खिलौनों एवं कठपुतली निर्माण के लिए उदयपुर प्रसिद्ध है। जेठाना (डूंगरपुर) लकड़ी की मूर्तियों के लिए, शेखावटी व बीकानेर फर्नीचर के लिए प्रसिद्ध हैं।

(2) मूर्तिकला – राजस्थान में संगमरमर बहुतायत से पाया जाता है। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग प्रकार के पत्थर पाए जाते हैं। इसी कारण यहाँ पर मूर्तियाँ एवं पत्थरों पर बारीक नक्काशी का कलात्मक काम किया जाता है।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 10 के प्रश्न उत्तर लोक संस्कृति एवं कला

प्रश्न 9.
राजस्थान में ‘कपड़े की छपाई’ तथा ‘कशीदाकारी एवं गोटाकारी’ की विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
I. कपड़े पर छपाई – राजस्थान में कपड़े पर छपाई की प्रमुख विशेषताएँ निम्न प्रकार हैं-

  1. राजस्थान में कपड़ों पर अनेक किस्म की छपाई का काम होता है।
  2. बगरू, सांगानेर, आकोला, बाड़मेर, कालाडेरा, पाली और बस्सी इन कामों के लिए विशेष प्रसिद्ध हैं।
  3. गोबर, तिल्ली का तेल, बकरी की मेंगनी और सोड़े के मिश्रण से एक घोल बनाया जाता है। इसमें कपड़े को पूरी रात भिगोने के बाद सुखाया जाता है। सूखने के बाद उसे फिर से हरड़ के घोल में डुबाया जाता है। फिर लकड़ी के छापों (ब्लॉक्स) से उन पर छपाई की जाती है।
  4. छपाई के लिए पहले सीमित और प्राकृतिक रंगों का उपयोग होता था। अब सिन्थेटिक (अप्राकृतिक) रंग का भी उपयोग होता है।

II. कशीदाकारी एवं गोटाकारी-राजस्थान के अनेक स्थानों पर कपड़ों पर कशीदाकारी एवं गोटाकारी भी की जाती है। इसकी प्रमुख विशेषताएँ हैं-

  1. कशीदों में मुख्यत: पशुओं के चित्र उकेरे जाते हैं।
  2. कई जगहों पर कपड़ों को तरह- तरह से काटकर, कपड़ों पर सिल दिया जाता है, जिसे पेचवर्क कहा जाता है।
  3. गोटे, किनारी और आरी-तारी का काम भी राजस्थान की विशेषता है।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 9 के प्रश्न उत्तर राजस्थान में आधारभूत सेवाएँ

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Class 6 Hamara Rajasthan Chapter 9 Question Answer in Hindi राजस्थान में आधारभूत सेवाएँ

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 9 के प्रश्न उत्तर

I. निम्नलिखित प्रश्नों के सही उत्तर के विकल्प को कोष्ठक में लिखिए-

1. 2011 की जनगणना के आधार पर राजस्थान की कुल साक्षरता प्रतिशत है-
(अ) 79.19
(ब) 52.12
(स) 66.11
(द) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(स) 66.11

2. 108 निःशुल्क आपातकालीन सेवाएँ सम्बन्धित हैं-
(अ) शिक्षा सेवा
(ब) स्वास्थ्य सेवा
(स) संचार सेवा
(द) बैंक सेवा
उत्तर:
(ब) स्वास्थ्य सेवा

II. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

1. राज्य का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग ……………. एवं सबसे छोटा राष्ट्रीय राजमार्ग ……………. है।
उत्तर:
एन. एच. 15, 71 – बी

2. बैंक एक ऐसी संस्था है जो ……………. का व्यवसाय करती है।
उत्तर:
मुद्रा

III. अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
राजस्थान में आयुर्विज्ञान महाविद्यालय किन जिलों में है? नाम लिखिए।
उत्तर:
(1) जयपुर (2) जोधपुर (3) अजमेर (4) बीकानेर (5) कोटा (6) उदयपुर।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 9 के प्रश्न उत्तर आजीविका के प्रमुख क्षेत्र

प्रश्न 2.
स्वस्थ्य से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
स्वास्थ्य का अर्थ केवल शारीरिक स्वास्थ्य नहीं बल्कि मानसिक, सामाजिक और बौद्धिक सभी प्रकार के स्वास्थ्य से होता है।

IV. लघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
बैंक से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
बैंक – बैंक एक ऐसी संस्था होती है, जो मुद्रा व्यवसाय करती है।

प्रश्न 2.
संचार से आप क्या समझते हैं? संचार के कौन- कौनसे प्रमुख साधन होते हैं?
उत्तर:
संचार-संचार को सूचना या समाचार भेजने की प्रक्रिया से समझा जा सकता है। इसके माध्यम से दो या दो से अधिक व्यक्ति अपने संदेशों अथवा विचारों का आदान – प्रदान करते हैं। टेलिफोन, टेलीविजन, रेडियो, टेलिग्राफ, इन्टरनेट इसके प्रचलित साधन हैं। बढ़ते हुए सूचना और तकनीकी ज्ञान ने संचार के क्षेत्र में क्रांति ला दी है।

Class 6 Hamara Rajasthan Chapter 9 Important Question Answer in Hindi

बहुचयनात्मक प्रश्न-

1. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार राजस्थान में महिला साक्षरता का प्रतिशत है-
(अ) 52.12
(ब) 66.11
(स) 79.19
(द) 82.12
उत्तर:
(अ) 52.12

2. डाक विभाग द्वारा सूचना प्रेषित करने हेतु पारम्परिक साधन है-
(अ) पोस्ट कार्ड
(ब) अन्तर्देशीय पत्र
(स) लिफाफे
(द) उपर्युक्त सभी।
उत्तर:
(द) उपर्युक्त सभी।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 9 के प्रश्न उत्तर आजीविका के प्रमुख क्षेत्र

3. राजस्थान में सड़कों की सर्वाधिक लम्बाई है-
(अ) कोटा
(ब) जोधपुर
(स) जयपुर
(द) धौलपुर
उत्तर:
(ब) जोधपुर

4. राजस्थान में रेलवे के कितने मण्डल हैं?
(अ) दो
(ब) चार
(स) पाँच
(द) सात
उत्तर:
(द) सात

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

1. राज्य में ……………. के लिए विश्वविद्यालय और महाविद्यालय विद्यमान हैं।
उत्तर:
उच्च शिक्षा

2. राज्य में तीस हजार की आबादी पर ……………. खोले गये हैं।
उत्तर:
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र

3. राजस्थान राज्य में कोई ……………. नहीं है।
उत्तर:
बन्दरगाह

4. ……………. राज्य का एकमात्र अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है।
उत्तर:
सांगानेर हवाई अड्डा।

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
प्रमुख आधारभूत सेवाएँ कौनसी हैं?
उत्तर:
(1) शिक्षा (2) स्वास्थ्य एवं चिकित्सा (3) संचार एवं डाक सेवा (4) बैंक सेवाएँ (5) परिवहन।

प्रश्न 2.
शिक्षा का अधिकार अधिनियम किन बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा प्रदान करता है?
उत्तर:
शिक्षा का अधिकार अधिनियम 6 से 14 वर्ष के बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा प्रदान करता है।

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प्रश्न 3.
बालिकाओं को शिक्षा प्रोत्साहन हेतु दिये जाने वाले दो पुरस्कारों के नाम दीजिये।
उत्तर:
(1) इंदिरा प्रियदर्शिनी पुरस्कार (2) गार्गी पुरस्कार।

प्रश्न 4.
राजस्थान में नागरिकों के स्वास्थ्य की कुशलता हेतु संचालित किन्हीं दो योजनाओं के नाम लिखिये।
उत्तर:
(1) आयुष्मान भारत – महात्मा गाँधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना।

(2) मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना।

प्रश्न 5.
डाक विभाग द्वारा डाक को किन माध्यम से पहुँचाया जाता है?
उत्तर:
(1) सामान्य डाक सेवा द्वारा (2) रजिस्टर्ड पत्र द्वारा (3) स्पीड पोस्ट द्वारा।

प्रश्न 6.
बैंक के दो प्रमुख कार्य बताइये।
उत्तर:
(1) लोगों एवं संस्थाओं से जमा प्राप्त करना।
(2) जरूरतमंद लोगों एवं संस्थाओं को ऋण प्रदान करना।

प्रश्न 7.
बैंक किन नियमों के अधीन कार्य करते हैं?
उत्तर:
सभी बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नियमों के अधीन कार्य करते हैं।

प्रश्न 8.
राजस्थान में परिवहन के प्रकार बताइये।
उत्तर:
(1) सड़क परिवहन (2) रेल परिवहन (3) वायु परिवहन।

प्रश्न 9.
राजस्थान राज्य परिवहन निगम की स्थापना कब हुई?
उत्तर:
राजस्थान राज्य परिवहन निगम की स्थापना 1 अक्टूबर, 1964 को हुई।

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प्रश्न 10.
राजस्थान में पहली रेलगाड़ी कहाँ और कब चली?
उत्तर:
राजस्थान में पहली रेलगाड़ी जयपुर रियासत में आगरा फोर्ट से बांदीकुई के बीच अप्रेल, 1874 में चली।

लघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
शिक्षा का अधिकार अधिनियम क्या है? समझाइये।
उत्तर:
शिक्षा का अधिकार अधिनियम – शिक्षा का अधिकार अधिनियम 6 से 14 वर्ष के बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा प्रदान करता है। इस अधिकार से तय आयु के सभी बच्चों को शिक्षा मिलने के समान अवसर मिलते हैं। यह अधिनियम, जहाँ बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने की सुविधा देता है, वहीं अभिभावकों से भी बच्चों को विद्यालय में प्रवेश कराने का कर्तव्य भी बताता है।

प्रश्न 2.
राजस्थान में साक्षरता की स्थिति का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
राजस्थान में साक्षरता – वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार राजस्थान का कुल साक्षरता प्रतिशत 66.11 रहा जिसमें पुरुष साक्षरता 79.19 प्रतिशत तथा महिला साक्षरता 52.12 प्रतिशत रहा।

प्रश्न 3.
औषधि नियंत्रण संगठन के कार्य बताइये।
उत्तर:
औषधि नियंत्रण संगठन – औषधि नियंत्रण संगठन स्वास्थ्य विभाग के अन्तर्गत कार्य करता हैं, जो दवाईयों का विक्रय लाइसेंस एवं निर्माण लाइसेंस प्रदान करता है। इसके साथ ही, यह प्रतिबंधित दवाईयों की सूची भी जारी करता है।

प्रश्न 4.
सूचना तकनीकी एवं संचार विभाग के क्या कार्य हैं?
उत्तर:
सूचना तकनीकी एवं संचार विभाग, राजस्थान – राजस्थान में एक सूचना तकनीकी एवं संचार विभाग कार्यरत है, जो नवीन बदलावों के अनुरूप राज्य को भी तकनीकी विकास के लिए प्रयास करता है। यह राज्य में सूचना एवं संचार से सम्बन्धित नीति के निर्माण और क्रियान्वयन का कार्य करता है एवं सूचना व तकनीकी से संबंधित सुविधाओं, शर्तों और सीमाओं को तय करता है।

प्रश्न 5.
‘सुकन्या समृद्धि योजना’ क्या है?
उत्तर:
सुकन्या समृद्धि योजना डाक विभाग द्वारा चलाई जा रही एक बचत योजना है। इस योजना के अन्तर्गत बेटी की पढ़ाई व शादी के लिए डाक विभाग के पास ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ का खाता खुलवाया जा सकता है। खाते से निश्चित समय के बाद, राशि निकालने की सुविधा प्रदान की गई है।

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प्रश्न 6.
राज्य में भारतीय वायु सेना के अधीन कितने हवाई अड्डे हैं? इनके नाम लिखिये।
उत्तर:
राज्य में भारतीय वायु सेना के अधीन पाँच हवाई अड्डे हैं। ये हैं-

  1. बीकानेर हवाई अड्डा
  2. जैसलमेर हवाई अड्डा
  3. सूरतगढ़ हवाई अड्डा
  4. बाड़मेर फलौदी हवाई अड्डा
  5. रातानाड़ा हवाई अड्डा

निबन्धात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
शिक्षा क्या है? राज्य में विद्यालयी तथा उच्च शिक्षा के लिए क्या व्यवस्थाएँ हैं?
उत्तर:
शिक्षा-शिक्षा व्यक्ति के जीवन में आगे बढ़ने, सफलता प्राप्त करने, समाज एवं देश का विकास करने का मुख्य माध्यम है। शिक्षा मनुष्य की जन्मजात क्षमताओं के विकास के साथ उसमें चारित्रिक एवं व्यक्तित्व विकास का मार्ग प्रशस्त करती है।

विद्यालयी शिक्षा इन सभी में सर्वोपरि है। राज्य में विद्यालयी शिक्षा के लिए उच्च माध्यमिक, माध्यमिक, उच्च प्राथमिक और प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। संस्कृत शिक्षा राज्य की शिक्षा व्यवस्था का एक महत्त्वपूर्ण आयाम है। राज्य में उच्च शिक्षा के लिए विश्वविद्यालय और महाविद्यालय विद्यमान हैं। इसी तरह तकनीकी और मेडिकल शिक्षा के संस्थान भी विद्यमान हैं।

प्रश्न 2.
बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान करने और शिक्षा हेतु प्रोत्साहन देने हेतु प्रोत्साहन देने को राज्य सरकार क्या कार्य कर रही है?
उत्तर:
बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान करने हेतु राजस्थान सरकार राज्य में निःशुल्क शिक्षा, निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों के साथ, विविध प्रोत्साहन, पुरस्कार, छात्रवृत्ति, छात्रावास और भोजन एवं दुग्ध वितरण की सुविधा भी उपलब्ध कराती है। बेहतर परीक्षा परिणाम देने वाले विद्यार्थियों को राज्य सरकार द्वारा प्रोत्साहन दिया जाता है, बालिकाओं के लिए इंदिरा प्रियदर्शिनी, गार्गी पुरस्कार एवं प्रोत्साहन देना भी एक महत्त्वपूर्ण कदम है। शाला दर्पण पोर्टल के माध्यम से, राजस्थान में विद्यालयों की स्थिति को देखा और समझा जा सकता है।

प्रश्न 3.
स्वाथ्य का क्या अर्थ है? नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने हेतु क्या व्यवस्थाएँ की गई हैं?
उत्तर:
स्वास्थ्य-स्वास्थ्य का अर्थ केवल शारीरिक स्वास्थ्य नहीं बल्कि मानसिक, सामाजिक और बौद्धिक सभी प्रकार के स्वास्थ्य से होता है।

सरकार, जनहित को ध्यान में रखते हुए नागरिकों को, पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करती है। सरकार द्वारा ‘सबके लिए स्वास्थ्य’ की संकल्पना को साकार करने और नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में अनेक प्रयास किये गये हैं-

  1. राजस्थान की जनता के स्वास्थ्य कल्याण के लिए, एक हजार की आबादी पर स्वास्थ्य उपकेन्द्र, तीस हजार की आबादी पर ‘प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र’ व एक लाख की आबादी पर ‘सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खोले गए हैं।
  2. नागरिकों को आपातकालीन स्थिति में, स्वास्थ्य और उसकी सुरक्षा के लिए 108 निःशुल्क आपातकालीन सेवाएँ उपलब्ध करवाई जाती हैं।
  3. राजस्थान में जयपुर, जोधपुर, अजमेर, बीकानेर, कोटा और उदयपुर में स्थित आयुर्विज्ञान महाविद्यालयों में विशेष चिकित्सा की सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
  4. जल्द ही राजस्थान में कुल 33 जिलों में से 30 जिलों में सरकारी मेडिकल कॉलेज हो पाएंगे।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 9 के प्रश्न उत्तर आजीविका के प्रमुख क्षेत्र

प्रश्न 4.
राजस्थान में नागरिकों के स्वास्थ्य की कुशलता हेतु क्या योजनाएँ चलाई जा रही हैं?
उत्तर:
राजस्थान में नागरिकों की स्वास्थ्य की कुशलता के लिए सरकार कई प्रकार की योजनाएँ संचालित करती है। इनमें आयुष्मान भारत- महात्मा गाँधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना, मुख्यमंत्री सहायता और जीवन रक्षा कोष, मुख्यमंत्री राजश्री योजना, मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना, राजस्थान जननी शिशु सुरक्षा योजना आदि कुछ प्रमुख हैं। इसी प्रकार राज्य में क्षय रोग, मलेरिया, अन्धता, आयोडीन अल्पता विकार, एड्स आदि रोगों पर नियंत्रण एवं कुष्ठ रोगों के उन्मूलन हेतु कई राष्ट्रीय कार्यक्रम भी चिकित्सा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग द्वारा संचालित किए जा रहे हैं।

प्रश्न 5.
डाक सेवा के बारे में विस्तार से बताइये।
उत्तर:
डाक सेवा – संदेशों, सूचनाओं और विविध सामग्री को भौतिक तथा वस्तुगत रूप में आदान-प्रदान करने अथवा एक से दूसरे तक पहुँचाने में डाक व्यवस्था का महत्त्वपूर्ण योगदान है। डाक सेवा के माध्यम से नागरिकों को, संदेशों और सामग्री को आदान-प्रदान की सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है। इस हेतु डाक एवं संचार विभाग, भारत सरकार का एक महत्त्वपूर्ण विभाग कार्यरत है। राजस्थान में भी डाक और इससे सम्बन्धित सुविधाएँ पर्याप्त रूप में उपलब्ध हैं।

डाक विभाग के माध्यम से, सूचना प्रेषित करने के लिए तीन पारम्परिक साधन हैं— (i) पोस्ट कार्ड, (ii) अन्तर्देशीय ( पत्र और (iii) लिफाफे। सामान्य डाक सेवा, रजिस्टर्ड पत्र और स्पीड पोस्ट के माध्यम से डाक को पहुँचाया जाता है। डाक विभाग के माध्यम से न केवल डाक भेजी जाती है, बल्कि बचत खाते और मनी आर्डर की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है।

प्रश्न 6.
बैंक से क्या आशय है? बैंक सेवाओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
बैंक सेवाएँ – वह संस्था जो मुद्रा का व्यवसाय करती है, बैंक कहलाती है। बैंक, मुद्रा के लेनदेन द्वारा ब्याज अर्जित करती है।

बैंक अनेक प्रकार की सेवाएँ प्रदान करते हैं। व्यक्ति एवं संस्थाएँ अपनी बचत, बैंक में जमा कराते हैं। बैंक द्वारा, जमा राशि पर ब्याज दिया जाता है। बैंक जरूरतमंद लोगों एवं संस्थाओं को ऋण भी देती है एवं ऋण की राशि पर ब्याज वसूल करती है। बैंक में जमा राशि एटीएम, चैक व ड्राफ्ट द्वारा निकाली जा सकती है। बैंक द्वारा अपने ग्राहकों को लॉकर सुविधा भी प्रदान की जाती है।

सभी बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नियमों के अधीन कार्य करते हैं।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 9 के प्रश्न उत्तर आजीविका के प्रमुख क्षेत्र

प्रश्न 7.
राजस्थान में परिवहन के साधनों का संक्षिप्त वर्णन कीजिये।
उत्तर:
(1) सड़क परिवहन – परिवहन के साधनों में सड़क परिवहन का महत्त्वपूर्ण स्थान है। राजस्थान में तो इसका अत्यधिक महत्त्व है। ‘राजस्थान राज्य परिवहन निगम’ 1 अक्टूबर, 1964 में स्थापित हुआ था। राजस्थान में सड़कों की सर्वाधिक लम्बाई जोधपुर एवं न्यूनतम धौलपुर में है । एन. एच. 15 राज्य का सबसे लम्बा राष्ट्रीय राजमार्ग है। सबसे छोटा राष्ट्रीय राजमार्ग 71-बी है।

(2) रेल परिवहन – रेल परिवहन द्वारा माल परिवहन एवं यात्री परिवहन दोनों किया जाता है। राजस्थान में रेलवे के दो जोन (उत्तर पश्चिम रेलवे एवं पश्चिम मध्य रेलवे) एवं पाँच मण्डल – जयपुर, जोधपुर, अजमेर, बीकानेर एवं कोटा हैं। भारत का सबसे बड़ा रेलवे मॉडल कक्ष, उदयपुर के ‘पश्चिमी रेलवे क्षेत्रीय प्रशिक्षण केन्द्र’ में स्थित है।

(3) वायु परिवहन – राजस्थान में वायु परिवहन अभी विकसित अवस्था में नहीं है, यद्यपि इसका विकास जारी है राज्य में जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर वायु सेवा से जुड़े हैं। जयपुर का ‘सांगानेर हवाई अड्डा’, राज्य का एकमात्र अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है। राज्य में पाँच हवाई अड्डे बीकानेर, जैसलमेर, सूरतगढ़, बाड़मेर फलौदी, रातानाड़ा, भारतीय वायु सेना के अधीन हैं।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 8 के प्रश्न उत्तर आजीविका के प्रमुख क्षेत्र

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Class 6 Hamara Rajasthan Chapter 8 Question Answer in Hindi आजीविका के प्रमुख क्षेत्र

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 8 के प्रश्न उत्तर

I. निम्नलिखित प्रश्नों के सही उत्तर के विकल्प को कोष्ठक में लिखिए-

1. रबी की फसल की प्रमुख फसल कौनसी है?
(अ) मक्का
(ब) बाजरा
(स) कपास
(द) गेहूँ
उत्तर:
(द) गेहूँ

2. मरुस्थलीय राजस्थान में सर्वाधिक बोया जाने वाला खाद्यान्न कौनसा है?
(अ) गेहूँ
(ब) बाजरा
(स) चावल
(द) मक्का
उत्तर:
(ब) बाजरा

II. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

1. खरीफ की फसल ……………. ऋतु के प्रारम्भ में बोई जाती है।
उत्तर:
वर्षा

2. बीसवीं पशुगणना के अनुसार राजस्थान में ……………. व ……………. पशु की संख्या में चिन्ताजनक गिरावट हुई है।
उत्तर:
ऊँट, गधों

III. अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
पशुपालन से क्या लाभ हैं?
उत्तर:
पशुपालन से रोजगार, पौष्टिक आहार, डेयरी, ऊन, परिवहन, चमड़ा, चारा आदि उद्योगों का विकास तथा पशु उत्पादों के निर्यात से विदेशी मुद्रा की प्राप्ति होती है।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 8 के प्रश्न उत्तर आजीविका के प्रमुख क्षेत्र

प्रश्न 2.
किन खनिजों में राजस्थान का एकाधिकार है?
उत्तर:
सीसा, जस्ता, जिप्सम, चांदी, संगमरमर आदि खनिजों में राजस्थान का एकाधिकार है।

IV. लघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
पशुपालन क्षेत्र की दो प्रमुख समस्याएँ लिखो।
उत्तर:

  1. पशुपालक निर्धनता के कारण पशुओं को पौष्टिक आहार व सही इलाज नहीं दे पाते हैं।
  2. पशुपालक के पास कमजोर व घटिया नस्ल के पशु हैं।

प्रश्न 2.
राजस्थान में अवैध खनन से क्या दुष्परिणाम हो रहे हैं?
उत्तर:
राजस्थान में अवैध बजरी खनन से पर्यावरण प्रदूषण की समस्या निरन्तर बढ़ रही है। अवैध खनन से, अरावली पर्वतमाला की कई पहाड़ियाँ पूरी तरह से गायब हो चुकी हैं। इसके गम्भीर पर्यावरणीय दुष्परिणाम हो रहे हैं।

Class 6 Hamara Rajasthan Chapter 8 Important Question Answer in Hindi

बहुचयनात्मक प्रश्न-

1. निम्न में से जायद की फसल कौनसी है ?
(अ) तरबूज
(ब) मूँगफली
(स) तिल
(द) गन्ना
उत्तर:
(अ) तरबूज

2. राज्य में गेहूँ उत्पादन में प्रथम स्थान पर कौनसा जिला है?
(अ) जयपुर
(ब) कोटा
(स) जैसलमेर
(द) श्रीगंगानगर
उत्तर:
(द) श्रीगंगानगर

3. पशुपालन की दृष्टि से राजस्थान का देश में कौनसा स्थान है?
(अ) पहला
(ब) दूसरा
(स) तीसरा
(द) चौथा
उत्तर:
(ब) दूसरा

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 8 के प्रश्न उत्तर आजीविका के प्रमुख क्षेत्र

4. राजस्थान में सर्वाधिक उपलब्ध खनिज कौनसा है?
(अ) संगमरमर
(ब) ताँबा
(स) रॉक फास्फेट
(द) अभ्रक
उत्तर:
(स) रॉक फास्फेट

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

1. राजस्थान का ……………. प्रतिशत भू-भाग मरुस्थल है।
उत्तर:
60

2. दक्षिणी राजस्थान में खाद्यान्न फसलों में ……………. की खेती प्रमुख है।
उत्तर:
मक्का

3. ……………. से पौष्टिक आहार- घी, मक्खन, दूध, छाछ, दही आदि की प्राप्ति होती है।
उत्तर:
पशुपालन

4. ……………. को खनिजों का अजायबघर कहा जाता है।
उत्तर:
राजस्थान

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
राजस्थान की कृषि को ‘मानसून का जुआ’ क्यों कहते हैं?
उत्तर:
राजस्थान की अधिकांश कृषि मानसून की वर्षा पर निर्भर होने के कारण ‘मानसून का जुआ’ कही जाती है।

प्रश्न 2.
राजस्थान में कितने प्रकार की फसलें होती हैं? नाम लिखिए।
उत्तर:
तीन प्रकार की – (1) रबी (2) खरीफ ( 3 ) जायद।

प्रश्न 3.
राजस्थान में भारत का कितने प्रतिशत पशुधन पाया जाता है।
उत्तर:
राजस्थान में भारत का लगभग 11.27 प्रतिशत पशुधन पाया जाता है।

प्रश्न 4.
राजस्थान में कितने प्रकार के खनिजों का खनन होता है?
उत्तर:
राजस्थान में लगभग 67 प्रकार के खनिजों का खनन होता है।

प्रश्न 5.
रबी की किन्हीं दो फसलों के नाम बताइये।
उत्तर:
(1) गेहूँ (2) सरसों।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 8 के प्रश्न उत्तर आजीविका के प्रमुख क्षेत्र

प्रश्न 6.
खरीफ की फसल की किन्हीं दो उपजों के नाम बताइये।
उत्तर:
(1) ज्वार (2) बाजरा।

लघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
किसी क्षेत्र में आजीविका कमाने के कार्य किन कारकों पर निर्भर होते हैं?
उत्तर:
किसी क्षेत्र में आजीविका कमाने के कार्य मुख्यतः निम्न कारकों पर निर्भर करते हैं—

  1. प्राकृतिक संसाधन
  2. जलवायु
  3. आर्थिक स्तर
  4. सामाजिक स्तर
  5. शैक्षिक स्तर आदि।

प्रश्न 2.
राजस्थान में आजीविका के प्रमुख क्षेत्र क्या हैं?
उत्तर:
राजस्थान खनिज सम्पदा में एक सम्पन्न राज्य है। साथ ही यहाँ विभिन्न प्रकार की जलवायु पाई जाती है। अतः यहाँ के लोग आजीविका हेतु प्रमुखतः कृषि, पशुपालन व खनन कार्य करते हैं। आर्थिक विकास के साथ-साथ पर्यटन, उद्योग व सेवा क्षेत्र में कार्य करने वालों की संख्या बढ़ी है।

प्रश्न 3.
राजस्थान में कृषि के पिछड़ेपन के प्रमुख कारणों का वर्णन कीजिये।
उत्तर:
राजस्थान में कृषि के पिछड़ेपन के प्रमुख कारण निम्न प्रकार हैं-
(1) प्राकृतिक कारण – (i) बार – बार सूखा, (ii) रेतीली, ऊसर व बंजर भूमि, (iii) मृदा अपरदन।

(2) आर्थिक कारण – (i) किसानों की निर्धनता, (ii) उपज का कम मूल्य, (iii) पुरानी तकनीक से कृषि, (iv) सिंचाई के साधनों की कमी, (v) उत्तम खाद-बीज की कमी।

(3) संगठनात्मक कारण – (i) भू-स्वामित्व समस्या, (ii) नीतिगत कमजोरियाँ।

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प्रश्न 4.
पशुपालन में क्या समस्याएँ हैं? लिखिए।
उत्तर:
पशुपालन में निम्न समस्याएँ हैं-

  1. पशुपालक निर्धनता के कारण पशुओं को पौष्टिक आहार व सही इलाज नहीं दे पाते हैं।
  2. पशुपालक के पास प्रायः कमजोर व घटिया नस्ल के पशु हैं।
  3. चारागाहों के लिए पर्याप्त भूमि की कमी है।
  4. प्राय: पशुपालन परम्परागत तरीकों से किया जाता है। पशुपालन में व्यावसायिक दृष्टिकोण की कमी है।
  5. बार-बार के सूखे व अकाल से पशुधन कम होता जा रहा है।

निबन्धात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
राजस्थान में कितने प्रकार की फसलें होती हैं?
उत्तर:
राजस्थान में फसलें – राजस्थान में वर्ष भर में निम्न तीन प्रकार की फसलें होती हैं-

(1) रबी की फसल – रबी की फसल सर्दी प्रारम्भ होने पर बोई जाती है तथा गर्मी प्रारम्भ होने पर मार्च-अप्रैल में काटी जाती है। इसमें गेहूँ, जौ, चावल, चना, सरसों आदि की फसलें प्रमुख हैं।

(2) खरीफ की फसल – खरीफ की फसल वर्षा ऋतु के प्रारम्भ में बोई जाती है व शीत ऋतु प्रारम्भ होने से पहले काट ली जाती है। इसमें मुख्य फसलें ज्वार, बाजरा, मूंग, कपास, गन्ना, मूँगफली, तिल आदि हैं।

(3) जायद की फसल – यह फसल मार्च – अप्रेल से जून – जुलाई तक ली जाती है। इसमें मुख्यतः खरबूजा, तरबूज, ककड़ी आदि उगाये जाते हैं।

प्रश्न 2.
राजस्थान में कृषि की क्या विशेषताएँ हैं? लिखिए।
उत्तर:
राजस्थान में कृषि की प्रमुख विशेषताएँ निम्न प्रकार हैं-

  1. राजस्थान की अधिकांश कृषि मानसून की वर्षा पर निर्भर है।
  2. यहाँ वर्ष भर में तीन प्रकार की फसलें उगाई जाती हैं- (i) रबी (ii) खरीफ (iii) जायद।
  3. राजस्थान में देश का सर्वाधिक बाजरा, सरसों व ग्वार का उत्पादन होता है।
  4. उत्तर प्रदेश के पश्चात् राजस्थान भारत में जौ व चना उत्पादन में दूसरे स्थान पर है।
  5. पश्चिमी राजस्थान में बाजरा सर्वाधिक बोया जाने वाला खाद्यान्न है।
  6. दक्षिणी राजस्थान में खाद्यान्न फसलों में मक्का की खेती प्रमुख है।
  7. राज्य में श्रीगंगानगर जिला गेहूँ उत्पादन में प्रथम स्थान पर है।
  8. पश्चिमी राजस्थान में इंदिरा गाँधी नहर से करीब 175 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विकास हुआ है।
  9. राज्य में सिर्फ 35 प्रतिशत फसली क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध है। कुल सिंचित क्षेत्र के 66 प्रतिशत क्षेत्र की सिंचाई कुएँ व ट्यूबवेल से होती है। नहरों द्वारा करीब 33 प्रतिशत सिंचाई होती है। तालाबों द्वारा सिंचित क्षेत्र बहुत कम है।

प्रश्न 3.
राजस्थान में पशुपालन आजीविका के प्रमुख माध्यमों में से एक माध्यम क्यों है? वर्णन कीजिए।
उत्तर:
राजस्थान में पशुपालन – राजस्थान में पशुपालन आजीविका के प्रमुख माध्यमों में से एक है। राज्य के मरुस्थलीय और पर्वतीय क्षेत्र में कम वर्षा व कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यहाँ पशुपालन ही जीविकोपार्जन कासहज माध्यम है। इन क्षेत्रों में कृषि के सीमित अवसर हैं, साथ ही औद्योगिक रोजगार के अवसर भी पर्याप्त नहीं हैं। ऐसी स्थिति में ग्रामीण लोगों को पशुपालन से रोजगार के साथ-साथ आवश्यकता की कई वस्तुएँ प्राप्त हो जाती हैं। पशुपालन की दृष्टि से राजस्थान का देश में दूसरा स्थान है। राजस्थान में भारत का लगभग 11.27 प्रतिशत पशुधन पाया जाता है। राजस्थान में मरुस्थलीय और पर्वतीय क्षेत्र के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी अधिकतर किसान खेती के साथ- साथ पशुपालन करते हैं।

प्रश्न 4.
राजस्थान में कौन-कौनसे पशु पाले जाते हैं? 20वीं पशुगणना के निष्कर्ष भी बताइये।
उत्तर:
राजस्थान में पालतू पशु – पशुपालन की दृष्टि से राजस्थान में गाय-बैल, भैंस-बकरियाँ, ऊँट, भेड़, घोड़े, गधे आदि पाले जाते हैं। राजस्थान के मरुस्थलीय प्रदेश में ऊँट, बकरियाँ व भेड़ पालन बहुतायत से किया जाता है।

20वीं पशुगणना के निष्कर्ष – राजस्थान की 20वीं पशुगणना (2019) के अनुसार ऊँट व गधों की संख्या में चिंताजनक कमी हुई है। भेड़, बकरियों की संख्या में भी कमी आई है। गाय व भैंसों की संख्या में मामूली वृद्धि हुई है। राजस्थान में मुर्गी पालन ( पोल्ट्री फार्मिंग) का व्यवसाय तेजी से बढ़ रहा है।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 8 के प्रश्न उत्तर आजीविका के प्रमुख क्षेत्र

प्रश्न 5.
राजस्थान में खनन व्यवसाय का वर्णन कीजिये।
उत्तर:
राजस्थान में खनन व्यवसाय – राजस्थान में लगभग 67 प्रकार के खनिजों का खनन होता है। राजस्थान में सर्वाधिक उपलब्ध खनिज रॉक फास्फेट है। सीसा, जस्ता, जिप्सम, चांदी, संगमरमर आदि के उत्पादन में राजस्थान का एकाधिकार है। चूना पत्थर, टंगस्टन, अभ्रक, ताँबा, इमारती पत्थर अन्य महत्त्वपूर्ण खनिज हैं।

राजस्थान में खनिज आधारित नए उद्योगों की स्थापना के काफी अवसर हैं। क्योंकि यहां अनेक प्रकार के खनिज उपलब्ध हैं। यही कारण है कि राज्य सरकार द्वारा भी प्रदेश में खनिज आधारित उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने पर ध्यान दिया जा रहा है।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 7 के प्रश्न उत्तर जल संसाधन एवं संरक्षण

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Class 6 Hamara Rajasthan Chapter 7 Question Answer in Hindi जल संसाधन एवं संरक्षण

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 7 के प्रश्न उत्तर

पृष्ठ 39
आओ करके देखें-

प्रश्न 1.
नदी पर बने बाँधों से होने वाले लाभों की सूची बनाइये।
उत्तर:
नदी पर बने बाँधों से होने वाले लाभ-

  1. जल विद्युत उत्पादन
  2. सिंचाई सुविधा
  3. पेयजल की प्राप्ति
  4. वृक्षारोपण योजना
  5. भूमिगत जल स्तर में वृद्धि
  6. बाढ़ नियन्त्रण
  7. मृदा अपरदन पर नियंत्रण
  8. पर्यटन स्थलों का निर्माण
  9. मत्स्य पालन आदि।

प्रश्न 2.
क्या आपके जिले में कोई नदी घाटी परियोजना है? यदि हाँ तो उससे संबंधित जानकारी एकत्र कीजिए।
उत्तर:
मैं बाँसवाड़ा जिले में रहती हूँ। हमारे जिले में माही बजाज सागर परियोजना है। यह परियोजना माही नदी पर स्थित है। यह राजस्थान और गुजरात राज्य की सम्मिलित परियोजना है। इस परियोजना के माध्यम से दोनों राज्यों में सिंचाई, जल विद्युत और पेयजल की सुविधाएँ उपलब्ध हो रही हैं।

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

I. निम्नलिखित प्रश्नों के सही उत्तर कोष्ठक में लिखिए-

1. बनास किस नदी की सहायक नदी है?
(क) चम्बल
(ख) लूनी
(ग) बाणगंगा
(घ) माही
उत्तर:
(क) चम्बल

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 7 के प्रश्न उत्तर जल संसाधन एवं संरक्षण

2. माही बजाज सागर परियोजना कहाँ विकसित की गई?
(क) बाँसवाड़ा में
(ख) डूंगरपुर में
(ग) उदयपुर में
(घ) कोटा में
उत्तर:
(क) बाँसवाड़ा में

II. अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
चंबल की प्रमुख सहायक नदियों के नाम लिखिए।
उत्तर:
चंबल की प्रमुख सहायक नदियां बनास, बेड़च, कोठारी, कालीसिंध, पार्वती आदि हैं।

प्रश्न 2.
राजस्थान की प्रमुख नदी घाटी परियोजनाओं के नाम लिखिए।
उत्तर:

  1. चम्बल परियोजना
  2. माही बजाज सागर परियोजना
  3. बीसलपुर परियोजना
  4. सरदार सरोवर परियोजना।

III. लघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
चम्बल परियोजना पर लघु निबंध लिखिए।
उत्तर:
चम्बल परियोजना – चम्बल परियोजना राजस्थान और मध्य प्रदेश राज्यों की संयुक्त परियोजना है। इस परियोजना के अंतर्गत कुल चार बाँध बनाए गए हैं। इनमें से गाँधी सागर बाँध मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में स्थित है। राजस्थान में चित्तौड़गड़ जिले में राणा प्रताप सागर बाँध एवं कोटा जिले में जवाहर सागर व कोटा बैराज बाँध स्थित हैं। इस परियोजना से दोनों राज्यों को जल विद्युत एवं सिंचाई की सुविधाएँ मिलती हैं।

प्रश्न 2.
राजस्थान की परम्परागत जल संरक्षण विधियों का संक्षिप्त वर्णन कीजए।
उत्तर:
राजस्थान में जल संरक्षण का प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व रहा है। राजस्थान के लगभग हर क्षेत्र में परम्परागत जल संरक्षण की विधियाँ अपनाई गईं हैं। इनके अन्तर्गत पारम्परिक जल स्रोत कुएं, बावड़ियाँ, जोहड़, टांके, खड़ीन आदि का उपयोग जल संरक्षण के लिये किया जाता है। राजा-महाराजाओं ने झीलों के निर्माण द्वारा भी जल संरक्षण का कार्य किया।

Class 6 Hamara Rajasthan Chapter 7 Important Question Answer in Hindi

बहुचयनात्मक प्रश्न-

1. अरब सागर के अपवाह तंत्र की नदी है-
(अ) पार्वती
(ब) कालीसिंध
(स) बनास
(द) लूनी
उत्तर:
(द) लूनी

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 7 के प्रश्न उत्तर जल संसाधन एवं संरक्षण

2. सोम व जाखम नदियाँ किस नदी की सहायक नदियाँ हैं?
(अ) माही
(ब) चम्बल
(स) घग्घर
(द) बनास
उत्तर:
(अ) माही

3. अर्जुन की गंगा किस नदी को कहा जाता है?
(अ) घग्घर
(ब) बाणगंगा
(स) माही
(द) लूनी
उत्तर:
(ब) बाणगंगा

4. राणा प्रताप सागर बाँध किस जिले में है?
(अ) उदयपुर
(ब) कोटा
(स) चित्तौड़गढ़
(द) जयपुर
उत्तर:
(स) चित्तौड़गढ़

5. विश्व की मीठे पानी की सबसे बड़ी मानव निर्मित झील कौनसी मानी जाती है?
(अ) जयसमंद
(ब) पोकरण
(स) राजसमंद
(द) कायलाना झील
उत्तर:
(अ) जयसमंद

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

1. राजस्थान के अपवाह तंत्र को ……………. भागों में बाँटा जाता है।
उत्तर:
तीन

2. घग्घर नदी ……………. अपवाह तंत्र का उदाहरण है।
उत्तर:
आंतरिक

3. गढ़ीसर झील ……………. में स्थित है।
उत्तर:
जैसलमेर

4. हमें ……………. में घरेलू और औद्योगिक अपशिष्ट नहीं डालना चाहिए।
उत्तर:
जलाशयों

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
जल का उपयोग प्राय: किन कार्यों में किया जाता है?
उत्तर:
जल का उपयोग प्राय: दैनिक घरेलू कार्यों, सिंचाई, उद्योग एवं पेयजल के रूप में किया जाता है।

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प्रश्न 2.
राजस्थान के मुख्य जल स्रोत कौनसे हैं?
उत्तर:
राजस्थान के मुख्य जल स्रोत झीलें, नदियाँ और उन पर बने बाँध व नहरें, तालाब, कुएँ एवं नलकूप हैं।

प्रश्न 3.
अपवाह तंत्र किसे कहते हैं?
उत्तर:
धरातलीय बनावट और भू-गर्भिक संरचना के आधार पर किसी नदी तथा उसकी सहायक नदियों द्वारा निर्मित जल प्रवाह की विशेष व्यवस्था को अपवाह तंत्र कहते हैं।

प्रश्न 4.
संहायक नदियों से आपका क्या आशय है?
उत्तर:
ऐसी छोटी नदियाँ जो आगे चलकर, किसी बड़ी नदी में मिल जाती हैं, उन्हें सहायक नदियाँ कहा जाता है।

प्रश्न 5.
बाणगंगा नदी का उद्गम कहाँ से होता है?
उत्तर:
जयपुर जिले में स्थित अरावली की बैराठ पहाड़ी से।

प्रश्न 6.
बनास की प्रमुख सहायक नदियों के नाम बताइये।
उत्तर:
बनास की प्रमुख सहायक नदियाँ मेलान, कोठारी, बेड़च, खारी आदि हैं।

प्रश्न 7.
किस नदी को प्राचीन सरस्वती नदी का अवशेष अथवा सहायक नदी माना जाता है?
उत्तर:
घग्घर नदी को।

प्रश्न 8.
सरदार सरोवर परियोजना किन-किन राज्यों की संयुक्त परियोजना है?
उत्तर:
गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान राज्यों की।

प्रश्न 9.
राजस्थान के अपवाह तन्त्र को कितने भागों में बाँटा गया है?
उत्तर:
तीन भागों में (1) बंगाल की खाड़ी का अपवाह तन्त्र, (2) अरब सागर का अपवाह तन्त्र (3) आन्तरिक अपवाह तंत्र।

प्रश्न 10.
राजस्थान की जल-विभाजक रेखा किसे माना जाता है?
उत्तर:
अरावली पर्वत को।

प्रश्न 11.
बंगाल की खाड़ी के अपवाह तन्त्र में शामिल राजस्थान की प्रमुख नदियों के नाम बताइये।
उत्तर:
चम्बल, कालीसिन्ध, पार्वती, बनास तथा इनकी सहायक नदियाँ।

प्रश्न 12.
अरब सागर में गिरने वाली राजस्थान की प्रमुख नदियाँ कौन-कौनसी हैं?
उत्तर:
माही, लूनी, साबरमती, पश्चिमी बनास एवं इनकी सहायक नदियाँ।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 7 के प्रश्न उत्तर जल संसाधन एवं संरक्षण

प्रश्न 13.
‘आन्तरिक अपवाह तन्त्र’ से क्या आशय है?
उत्तर:
वे नदियाँ जो सागर में मिलने से पहले झील या स्थल भाग में लुप्त हो जाती हैं, आन्तरिक अपवाह तन्त्र का निर्माण करती हैं।

प्रश्न 14.
राजस्थान के आन्तरिक अपवाह तन्त्र में कौन- कौन सी नदियाँ सम्मिलित हैं?
उत्तर:
घग्घर, बाणगंगा, कांतली, साबी, रूपारेल व मेंढ़ा आदि।

प्रश्न 15.
चम्बल परियोजना के अन्तर्गत राजस्थान में बनाये गये बाँधों के नाम बताइये।
उत्तर:
(1) राणा प्रताप सागर बाँध, (2) जवाहर सागर बाँध (3) कोटा बैराज बाँध।

प्रश्न 16.
चम्बल परियोजना किन राज्यों की संयुक्त परियोजना है?
उत्तर:
मध्य प्रदेश व राजस्थान की।

प्रश्न 17.
‘झीलों का नगर’ किस शहर को कहा जाता है ?
उत्तर:
उदयपुर को ‘झीलों का नगर’ कहा जाता है।

प्रश्न 18.
खारे पानी की दो झीलों के नाम लिखिये।
उत्तर:
(1) सांभर झील (2) लूणकरणसर झील।

प्रश्न 19.
टांका किसे कहते हैं?
उत्तर:
पश्चिमी राजस्थान में जल संरक्षण हेतु घर में बनाई गठे कुएंनुमा संरचना को टांका कहते हैं।

प्रश्न 20.
खड़ीन से आपका क्या आशय है?
उत्तर:
पश्चिमी राजस्थान में कृषि के लिए जल संरक्षण हेतु बनाई गई संरचना खड़ीन कहलाती है।

प्रश्न 21.
जोहड़ क्या है?
उत्तर:
वर्षा जल रोककर भूमिगत जल स्तर को बढ़ाने हेतु बनाई गई संरचना जोहड़ कहलाती है।

प्रश्न 22.
जल विभाजक रेखा से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
दो अपवाह क्षेत्र के मध्य उच्च भूमि जो वर्षा के पानी को दो भागों में विभाजित करती है, जल विभाजक रेखा कहलाती है।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 7 के प्रश्न उत्तर जल संसाधन एवं संरक्षण

प्रश्न 23.
नदी घाटी परियोजनाओं को आधुनिक भारत के मंदिर किसने कहा और क्यों?
उत्तर:
भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने नदी घाटी परियोजनाओं के महत्त्व को देखते हुए इन्हें ‘आधुनिक भारत के मंदिर’ कहा।

लघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
लूनी नदी के बारे में बताइये।
उत्तर:
लूनी नदी- लूनी नदी राजस्थान के अजमेर जिले में गोविन्दगढ़ के निकट सरस्वती व साबरमती नामक दो धाराओं के मिलने से निकलती है। अजमेर, नागौर, पाली, जोधपुर, बाड़मेर, जालोर जिलों में बहने के बाद, यह नदी कच्छ की खाड़ी में मिल जाती है। बाड़मेर जिले के बालोतरा तक इस नदी का जल मीठा होता है इसके बाद यह खारा हो जाता है। जोजरी, बांडी, जवाई, मीठड़ी, खारी, सूकड़ी, सागी, गूहिया अदि इसकी सहायक नदियाँ हैं।

प्रश्न 2.
निम्न नदियों का संक्षिप्त वर्णन कीजिये-
(1) माही (2) बाणगंगा
उत्तर:
(1) माही – माही नदी मध्य प्रदेश में विंध्याचल पर्वत से निकलती है । यह नदी राजस्थान में बाँसवाड़ा व प्रतापगढ़ जिलों में बहने के बाद, खंभात की खाड़ी में मिलती है। इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ सोम एवं जाखम हैं।

(2) बाणगंगा- इस नदी का उद्गम, जयपुर जिले में स्थित अरावली की बैराठ पहाड़ी से होता है। इस नदी का पानी भरतपुर में घना पक्षी राष्ट्रीय उद्यान में नम भूमि का निर्माण करता है। इसे अर्जुन की गंगा भी कहा जाता है।

प्रश्न 3.
घग्घर नदी के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर:
घग्घर- घग्घर एक अन्तःप्रवाही नदी है। इसका उद्गम हिमाचल प्रदेश में हिमालय पर्वत की शिवालिक श्रेणी से होता है। उत्तरी राजस्थान में यह नदी हनुमानगढ़ में प्रवेश कर श्रीगंगानगर में भूमिगत हो जाती है। इस नदी को प्राचीन सरस्वती नदी का अवशेष अथवा सहायक नदी माना जाता है।

प्रश्न 4.
नदी घाटी परियोजनाओं को बहुउद्देश्यीय परियोजनाएँ क्यों कहा जाता है?
उत्तर:
नदी घाटी परियोजनाओं से अनेक उद्देश्य की पूर्ति होती है। नदियों पर बाँध बनाने से जल विद्युत उत्पादन, सिंचाई, पेयजल, मत्स्य पालन, वृक्षारोपण, भूमिगत जल स्तर में वृद्धि, बाढ़ नियन्त्रण, मृदा अपरदन और पर्यटन आदि कई प्रकार के उद्देश्य पूरे होते हैं। इन्हीं कारणों से इन्हें बहुउद्देश्यीय परियोजनाएँ भी कहा जाता है।

प्रश्न 5.
राजस्थान की आठ नदी घाटी परियोजनाओं के नाम लिखिये।
उत्तर:
राजस्थान की आठ नदी घाटी परियोजनायें-

  1. चम्बल परियोजना
  2. सरदार सरोवर परियोजना
  3. माही बजाज सागर परियोजना
  4. बीसलपुर परियोजना
  5. जवाई बाँध परियोजना (पाली)
  6. सोम कमला आम्बा बाँध परियोजना (डूंगरपुर )
  7. मानसी वाकल परियोजना (उदयपुर)
  8. जाखम परियोजना (प्रतापगढ़)।

प्रश्न 6.
बीसलपुर परियोजना एवं सरदार सरोवर परियोजना का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर:
(1) बीसलपुर परियोजना- राजस्थान के टोंक जिले के टोडारायसिंह नगर के पास बीसलपुर गाँव है, यहाँ बनास नदी पर सिंचाई और पेयजल उद्देश्य से इस परियोजना का निर्माण किया गया है। इस परियोजना से राज्य के जयपुर, अजमेर, टोंक सहित कई अन्य क्षेत्रों को पेयजल आपूर्ति की जाती है।

(2) सरदार सरोवर परियोजना- यह परियोजना गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान राज्यों की संयुक्त परियोजना है। इसका निर्माण गुजरात में नर्मदा नदी पर किया गया है इस परियोजना से, राजस्थान के दक्षिण-पश्चिम में नहर द्वारा बाड़मेर व जालोर जिलों में सिंचाई एवं पेयजल सुविधा उपलब्ध हो रही है।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 7 के प्रश्न उत्तर जल संसाधन एवं संरक्षण

प्रश्न 7.
उदयपुर की ऐतिहासिक जल प्रबंधन प्रणाली का वर्णन कीजिये।
उत्तर:
उदयपुर में ऐतिहासिक जल प्रबंधन प्रणाली- उदयपुर में 14वीं सदी से 19वीं सदी तक जल संरक्षण हेतु, अनेक कार्यों द्वारा ऐतिहासिक जल प्रबंधन प्रणाली का विकास किया गया। यहाँ के राणाओं ने पिछोला, उदयसागर, फतहसागर, गोवर्धनसागर, रंगसागर, स्वरूपसागर, जनासागर आदि झीलों का समय-समय पर निर्माण करवाया एवं नहरें बनाकर इन्हें आपस में जोड़ दिया गया। इससे वर्षा ऋतु में जल एक के बाद, दूसरी झील में स्थानान्तरित हो जाता है। इन सभी झीलों के कारण ही उदयपुर को ‘झीलों का नगर’ भी कहा जाता है।

प्रश्न 8.
राजस्थान में खारे पानी की झीलों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
राजस्थान में खारे पानी की भी अनेक झीलें हैं। इनमें जयपुर, अजमेर एवं नागौर के मध्य सांभर झील, बाड़मेर में पचपदरा झील, नागौर में डीडवाना झील, बीकानेर में लूणकरणसर झील, जैसलमेर में पोकरण झील, जोधपुर में फलौदी झील आदि मुख्य हैं।

प्रश्न 9.
‘रूफ टॉप जल संचयन’ एवं ‘वाटर हार्वेस्टिंग’ तकनीक के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर:
जल संरक्षण हेतु वर्तमान में ‘रूफ टॉप जल संचयन’ एवं ‘वाटर हार्वेस्टिंग’ तकनीकें बहुत प्रचलित हैं। ‘रूफ टॉप जल संचयन’ विधि में घर की छत पर आने वाले वर्षा के जल को घर के नीचे बने कुएँ में एकत्र किया जाता है। जबकि वाटर हार्वेस्टिंग तकनीक द्वारा वर्षा के व्यर्थ बहने वाले जल को भूमिगत किया जाता है। इन तकनीकों को वृहद् स्तर पर अपनाकर जल संरक्षण किया जा सकता है।

निबन्धात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
अपवाह तंत्र से आप क्या समझते हैं? राजस्थान के अपवाह तंत्र का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
अपवाह तंत्र – अपवाह तंत्र या प्रवाह प्रणाली किसी नदी तथा उसकी सहायक नदियों द्वारा निर्मित जल प्रवाह की विशेष व्यवस्था है, जो धरातलीय और भू-गर्भिक बनावट से प्रभावित होती है।

राजस्थान का अपवाह तंत्र – राजस्थान के अपवाह तंत्र को निम्न तीन भागों में बाँटा जाता है-

(i) बंगाल की खाड़ी का अपवाह तंत्र – अरावली पर्वत के पूर्वी भाग में बहकर अपना जल बंगाल की खाड़ी में ले जाने वाली चम्बल, कालीसिंध, पार्वती, बनास एवं इनकी सहायक नदियों को बंगाल की खाड़ी का अपवाह तंत्र कहते हैं।

(ii) अरब सागर का अपवाह तंत्र – अरावली पर्वत के पश्चिमी भाग में बहकर अपना जल अरब सागर में ले जाने वाली माही, लूनी, साबरमती, पश्चिमी बनास एवं इनकी सहायक नदियों को अरब सागर का अपवाह तंत्र कहते हैं।

(iii) आंतरिक अपवाह तंत्र – ऐसी नदी जो किसी समुद्र तक न पहुँचकर स्थल भाग में ही विलुप्त हो जाए या किसी झील में मिल जाए तो उसे आंतरिक या भूमिगत अपवाह तंत्र वाली नदी कहा जाता है। राजस्थान में बहने वाली घग्घर, बाणगंगा, कांतली, साबी, रूपारेल, मेंढा आदि नदियों को आंतरिक अपवाह तंत्र में शामिल किया जाता है।

प्रश्न 2.
चम्बल एवं बनास नदियों का वर्णन कीजिये।
उत्तर:
(1) चम्बल – यह राजस्थान की सबसे लंबी व एकमात्र वर्षभर बहने वाली नदी है। इसका उद्गम मध्य प्रदेश में विंध्याचल पर्वत से होता है। राजस्थान में यह नदी चित्तौड़गढ़ जिले में भैंसरोड़गढ़ से प्रवेश कर कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, करौली व धौलपुर जिलों में बहने के बाद उत्तर प्रदेश में यमुना नदी में मिल जाती है। बनास, बेड़च कोठारी, कालीसिंध, पार्वती आदि इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं । औद्योगिक नगर कोटा चम्बल के किनारे पर स्थित है।

(2) बनास – यह नदी राजसमन्द जिले में खमनौर की पहाड़ियों में भैरों के मठ से निकलती है, जो राजसमन्द, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, टोंक जिलों में बहकर सवाई माधोपुर में रामेश्वर के निकट चम्बल में मिल जाती है। इसका जल ग्रहण क्षेत्र राज्य में सर्वाधिक है और यह पूर्णत: राजस्थान में बहने वाली सबसे लम्बी (480 किमी.) नदी है। इसकी सहायक नदियाँ बेड़च, कोठारी, चन्द्रभागा, खारी व मोरेल हैं। टोंक व सवाई माधोपुर नगर इसके किनारे बसे हैं।

प्रश्न 3.
जल संसाधन के रूप में राजस्थान की झीलों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
राजस्थान में झीलें – राजस्थान में झीलें भी जल संसाधन का प्रमुख रूप हैं। यहाँ अनेक झीलें पाई जाती हैं। इन्हें दो भागों में बांटा जा सकता है-

(1) मीठे पानी की झीलें – उदयपुर में मीठे पानी की अनेक झीलें हैं जिसके कारण इसे ‘झीलों का नगर’ भी कहा जाता है। यहाँ पिछोला, उदयसागर, फतहसागर, गोवर्धनसागर, रंगसागर, स्वरूपसागर, जनासागर आदि झीलें प्रमुख हैं जिन्हें नहर बनाकर आपस में जोड़ा भी गया है। इससे वर्षा ऋतु में जल एक के बाद, दूसरी झील में चला जाता है।

मेवाड़ के महाराणा जयसिंहजी ने सन् 1687 से 1691 ई. तक गोमती नदी पर जयसमंद झील का निर्माण करवाया। यह विश्व की मीठे पानी की सबसे बड़ी मानव निर्मित झील मानी जाती है। राजसमंद जिले में स्थित राजसमंद झील भी प्रसिद्ध है, जिसके उत्तरी भाग को नौ चौकी भी कहा जाता है। अजमेर में स्थित पुष्कर एक धार्मिक महत्त्व की प्राकृतिक झील है। आनासागर भी अजमेर की एक प्रसिद्ध झील है। सिरोही के माउंट आबू में स्थित नक्की झील राज्य में सर्वाधिक ऊँचाई पर स्थित प्राकृतिक झील है।

इसके अतिरिक्त जोधपुर में बालसमंद, कायलाना एवं उम्मेदसागर जैसलमेर में गढ़ीसर; डूंगरपुर में गेपसागर; बीकानेर में कोलायत; अलवर में सिलीसेढ़ आदि कई अन्य झीलें भी राज्य में महत्त्वपूर्ण जल संसाधन हैं।

(2) खारे पानी की झीलें – जयपुर, अजमेर एवं नागौर के मध्य सांभर झील, बाड़मेर में पचपदरा, नागौर में डीडवाना, बीकानेर में लूणकरणसर, जैसलमेर में पोकरण, जोधपुर में फलौदी आदि खारे पानी की प्रमुख झीलें हैं।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 7 के प्रश्न उत्तर जल संसाधन एवं संरक्षण

प्रश्न 4.
जल संरक्षण हेतु क्या उपाय किये जाने चाहिए?
उत्तर:
जल संरक्षण हेतु उपाय –

  1. जल संरक्षण के लिए प्रत्येक नागरिक को प्रशासन का सहयोग करना चाहिए।
  2. हमें जलाशयों में घरेलू और औद्योगिक अपशिष्ट नहीं डालना चाहिए।
  3. पेयजल स्रोतों के निकट स्नान आदि नहीं करना चाहिए।
  4. इनके साथ-साथ जल संचयन, जनसंख्या नियंत्रण, सिंचाई की उन्नत विधियों के प्रयोग, वृक्षारोपण में वृद्धि, भूमिगत जल का विवेकपूर्ण उपयोग और जल का पुनः उपयोग आदि प्रयत्नों से जल का संरक्षण किया जाना चाहिए।
  5. अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों से, जल को नहरों के द्वारा कम वर्षा वाले क्षेत्रों में पहुँचाकर, जन-जीवन और उद्योगों के लिये, अनुकूल परिस्थितियाँ सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई. जा रही हैं।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 6 के प्रश्न उत्तर राजस्थान का भौतिक स्वरूप

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Class 6 Hamara Rajasthan Chapter 6 Question Answer in Hindi राजस्थान का भौतिक स्वरूप

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 6 के प्रश्न उत्तर

पृष्ठ 30
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प्रश्न 1.
राजस्थान के मानचित्र को देखकर, शिक्षक की सहायता से भौतिक प्रदेशों तथा उनमें स्थित जिलों के नाम लिखिए-
उत्तर:

भौतिक प्रदेश का नाम जिलों के नाम
1. थार मरुस्थल श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, नागौर, चुरू, झुंझुनूं, जोधपुर, बाड़ेर, जैसलमेर, पाली, जालौर एवं सीकर।
2. अरावली पर्वत सिरोही, उदयपुर, राजसमंद, अजमेर, दौसा, जयपुर और अलवर।
3. पूर्वी मैदान भरतपुर, अलवर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, जयपुर, दौसा, टोंक, भीलवाड़ा, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़।
4. दक्षिण-पूर्वी पठार कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ तथा चित्तौड़गढ़।

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

I. निम्नलिखित प्रश्नों के सही उत्तर कोष्ठक में लिखिए-

1. निम्नलिखित में से कौनसा भौतिक प्रदेश राजस्थान में स्थित नहीं हैं-
(अ) अरावली पर्वत
(ब) पूर्वी मैदान
(स) थार मरुस्थल
(द) हिमालय पर्वत
उत्तर:
(द) हिमालय पर्वत

2. अरावली पर्वतमाला की सबसे ऊँची पर्वत चोटी कौनसी है?
(अ) गुरु शिखर
(ब) एवरेस्ट
(स) जरगाजी
(द) कंचन जंगा
उत्तर:
(अ) गुरु शिखर

II. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

1. चंबल नदी के आस-पास का क्षेत्र ……………. अपरदन के कारण अत्यधिक ऊबड़-खाबड़ हो गया है।
उत्तर:
नाली

2. उपजाऊ भूमि का बंजर व रेतीली मिट्टी में परिवर्तन ……………. कहलाता है।
उत्तर:
मरुस्थलीकरण

III. अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
राजस्थान का कौनसा क्षेत्र प्रतिवर्ष सूखे का सामना करता है?
उत्तर:
राजस्थान का पश्चिमी क्षेत्र प्रतिवर्ष सूखे का सामना करता है।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 6 के प्रश्न उत्तर राजस्थान का भौतिक स्वरूप

प्रश्न 2.
मावठ किसे कहते हैं?
उत्तर:
भारत में शीत ऋतु में होने वाली वर्षा को ‘मावठ’ कहते हैं।

IV. लघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
राजस्थान के भौतिक प्रदेशों के नाम लिखते हुए उनकी प्रमुख विशेषताएँ बताइए।
उत्तर:
राजस्थान के भौतिक प्रदेश एवं उनकी विशेषताएँ-
(1) थार मरुस्थल अथवा पश्चिमी मरुस्थल – राज्य के पश्चिमी भाग में 12 जिलों में लगभग 61 प्रतिशत भाग पर फैलाव, राजस्थान की लगभग 40 प्रतिशत जनसंख्या का निवास, विश्व का सबसे धनी मरुस्थल आदि।

(2) अरावली पर्वत – राज्य के मध्य भाग में दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व दिशा में राज्य के लगभग 9 प्रतिशत भाग पर विस्तृत, विश्व के सबसे प्राचीन पर्वतों में से एक, राजस्थान का सबसे उच्च भू-भाग, राजस्थान की जीवन रेखा आदि।

(3) पूर्वी मैदान – चंबल, बनास, बाणगंगा व उनकी – सहायक नदियों द्वारा निर्मित, राज्य के लगभग 23 प्रतिशत भाग पर विस्तृत, राजस्थान का सबसे उपजाऊ एवं सर्वाधिक जनघनत्व वाला क्षेत्र।

(4) दक्षिणी-पूर्वी पठार- राज्य के लगभग 7 प्रतिशत भाग में विस्तृत, लावा निर्मित मध्यम काली उपजाऊ मिट्टी वाला क्षेत्र।

प्रश्न 2.
राजस्थान की प्रमुख ऋतुओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
राजस्थान में मुख्यतः तीन ऋतुएँ पाई जाती हैं-
(1) ग्रीष्म ऋतु – राजस्थान में ग्रीष्म ऋतु मार्च से जून तक रहती है। इस ऋतु में तापमान प्रायः 30 से 40 डिग्री सेण्टीग्रेड रहता है। पश्चिमी राजस्थान के कुछ जिलों में तो 40 से 45 डिग्री तक हो जाता है।

(2) वर्षा ऋतु – राजस्थान में जुलाई माह से सितम्बर माह तक वर्षा ऋतु रहती है। इस ऋतु में राजस्थान की 90 से 95 प्रतिशत वर्षा होती है। सबसे अधिक वर्षा झालावाड़ जिले में तथा सबसे कम जैसलमेर जिले में होती है। दक्षिण पूर्वी भाग से उत्तरी-पश्चिमी भाग की ओर वर्षा लगातार कम होती जाती है।

(3) शीत ऋतु – राजस्थान में शीत ऋतु अक्टूबर से फरवरी तक रहती है। पश्चिमी राजस्थान में तापमान 0° सेण्टीग्रेड या कुछ स्थानों पर इससे भी कम हो जाता है। ऊँचाई के कारण माउंट आबू अधिक ठण्डा रहता है। शीत ऋतु में ‘मावठ’ या ‘पश्चिमी विक्षोभ ‘ द्वारा थोड़ी वर्षा भी होती है।

Class 6 Hamara Rajasthan Chapter 6 Important Question Answer in Hindi

बहुचयनात्मक प्रश्न-

1. राजस्थान का सर्वाधिक विस्तृत भौतिक भाग कौनसा है ?
(अ) थार मरुस्थल
(ब) अरावली पर्वत
(स) पूर्वी मैदान
(द) दक्षिणी-पूर्वी पठार
उत्तर:
(अ) थार मरुस्थल

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 6 के प्रश्न उत्तर राजस्थान का भौतिक स्वरूप

2. राजस्थान को कितने भौतिक प्रदेशों में बाँटा गया है?
(अ) दो
(ब) तीन
(स) चार
(द) पाँच
उत्तर:
(स) चार

3. गुरुशिखर की ऊँचाई कितनी है?
(अ) 1472 मीटर
(ब) 1576 मीटर
(स) 1772 मीटर
(द) 1722 मीटर
उत्तर:
(द) 1722 मीटर

4. कांठल का पठार स्थित है-
(अ) सिरोही जिले में
(ब) उदयपुर एवं प्रतापगढ़ जिले में
(स) भीलवाड़ा जिले में
(द) चित्तौड़गढ़ जिले में।
उत्तर:
(ब) उदयपुर एवं प्रतापगढ़ जिले में

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

1. ……………. विश्व की प्राचीनतम पर्वतमालाओं में से एक है।
उत्तर:
अरावली पर्वतमाला

2. राजस्थान देश का एकमात्र प्रदेश है, जहाँ ……………. प्रकार की जलवायु परिस्थितियाँ उपलब्ध हैं।
उत्तर:
पांच

3. राजस्थान भारत के अन्य प्रदेशों की तुलना में अधिक ……………. है।
उत्तर:
शुष्क

4. जल या पवन द्वारा मृदा का कटाव होना ……………. कहलाता है।
उत्तर:
अपरदन

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
भारतीय महामरुस्थल किसे कहते हैं?
उत्तर:
बाड़मेर, जैसलमेर व बीकानेर में स्थित रेतीले मरुस्थलीय भाग को भारतीय महामरुस्थल कहा जाता है।

प्रश्न 2.
राजस्थान का सबसे उच्च भौतिक प्रदेश कौनसा है?
उत्तर:
अरावली पर्वतमाला राजस्थान का सबसे उच्च भू- भाग है।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 6 के प्रश्न उत्तर राजस्थान का भौतिक स्वरूप

प्रश्न 3.
राजस्थान में कितनी ऋतुएँ पाई जाती हैं? नाम लिखिये।
उत्तर:
राजस्थान में मुख्यतः तीन ऋतुएँ पाई जाती हैं-
(1) ग्रीष्म ऋतु (2) वर्षा ऋतु (3) शीत ऋतु।

प्रश्न 4.
मावठ से किस फसल को लाभ मिलता है?
उत्तर:
मावठ से गेहूँ की फसल को लाभ मिलता है।

प्रश्न 5.
पश्चिमी विक्षोभ किस तरफ से आकर कहाँ वर्षा करते हैं?
उत्तर:
पश्चिमी विक्षोभ भूमध्य सागर से आकर राजस्थान सहित उत्तरी-पश्चिमी भारत में वर्षा करते हैं।

प्रश्न 6.
समवर्षा रेखा से क्या आशय है?
उत्तर:
मानचित्र पर समान वर्षा वाले स्थानों को जोड़ने वाली काल्पनिक रेखाएँ समवर्षा रेखा कहलाती हैं।

प्रश्न 7.
मानसूनी हवाएँ किसे कहते हैं?
उत्तर:
ऋतु के अनुसार अपनी दिशा बदलने वाली हवाएँ मानसूनी हवाएँ कहलाती हैं।

लघुत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
राजस्थान को कितने भौतिक भागों में बाँटा गया है?
उत्तर:
राजस्थान को इसकी भू-संरचना के आधार पर चार भौतिक भागों में बाँटा गया है। ये हैं-

  1. थार मरुस्थल
  2. अरावली पर्वत
  3. पूर्वी मैदान
  4. दक्षिणी-पूर्वी पठार।

प्रश्न 2.
थार के मरुस्थल को विश्व का सबसे धनी मरुस्थल क्यों कहा जाता है?
उत्तर:
थार का मरुस्थल विश्व के अन्य मरुस्थलों की तुलना में निम्न कारणों से विश्व का सबसे अधिक धनी मरुस्थल कहलाता है–

  1. अधिक जनघनत्व
  2. अधिक पशु घनत्व
  3. अधिक वर्षा
  4. खनिज विविधता
  5. वनस्पति
  6. कृषि
  7. सिंचाई के साधनों की उपलब्धता
  8. सर्वाधिक जैव विविधता आदि।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 6 के प्रश्न उत्तर राजस्थान का भौतिक स्वरूप

प्रश्न 3.
बालुका स्तूप अथवा धोरे किसे कहते हैं?
उत्तर:
राजस्थान के थार मरुस्थल में बाड़मेर, जैसलमेर व बीकानेर में स्थित रेतीले मरुस्थलीय भाग को भारतीय महामरुस्थल (Great Indian Desert ) कहा जाता है। इस क्षेत्र में रेतीली मिट्टी व रेत के टीले पाये जाते हैं, जो हवा के साथ अपना स्थान बदल देते हैं। इन्हें बालुका स्तूप एवं स्थानीय भाषा में ‘धोरे’ कहते हैं।

प्रश्न 4.
अरावली को राजस्थान की जीवन रेखा क्यों कहा जाता है?
उत्तर:
अरावली को राजस्थान की जीवन रेखा निम्न कारणों से कहा जाता है-

  1. अरावली पर्वतमाला से विभिन्न प्रकार के खनिज संसाधन प्राप्त होते हैं।
  2. यह पर्वतमाला पूर्व की ओर मरुस्थल के प्रसार को रोकती है।
  3. इस पर्वतमाला में राजस्थान की अधिकांश नदियों का उद्गम स्थल है।
  4. इस क्षेत्र में अनेक प्रकार की वनस्पति, वन्य जीव एवं जड़ी-बूटियाँ पाई जाती हैं।
  5. यह पर्वतमाला मानसून को रोककर पूर्वी एवं दक्षिणी राजस्थान में वर्षा करती है।

प्रश्न 5.
‘छप्पन का मैदान’ किसे कहते हैं?
उत्तर:
राजस्थान के दक्षिणी भाग में बाँसवाड़ा व प्रतापगढ़ जिलों में माही और सहायक नदियों द्वारा निर्मित कुछ मैदानी भाग हैं, जिन्हें माही के मैदान के रूप में जाना जाता है। छप्पन गाँवों के समूह एवं छप्पन नदी-नालों से निर्मित मैदान के कारण इसे ‘छप्पन का मैदान’ कहा जाता है।

प्रश्न 6.
दक्षिणी-पूर्वी पठार का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
दक्षिणी-पूर्वी पठार- राजस्थान के दक्षिणी-पूर्वी भाग में यह पठार स्थित है। प्राचीन काल में हाड़ा वंशी शासकों का क्षेत्र होने के कारण इसे ‘हाड़ौती का पठार’ भी कहा जाता है। राज्य के लगभग 7 प्रतिशत भाग में फैले, इस पठारी क्षेत्र की अधिकांश मिट्टी लावा निर्मित मध्यम काली है, जो काफी उपजाऊ मिट्टी है।

प्रश्न 7.
राजस्थान में स्थित प्रमुख पठारों के बारे में बताइये।
उत्तर:
राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी भाग में हाड़ौती का पठार स्थित है। यह राज्य का सबसे बड़ा पठार है। इसके अलावा राजस्थान के अन्य पठारों में प्रमुख हैं— सिरोही में स्थित उड़िया एवं आबू पठार, उदयपुर एवं राजसमंद में स्थित भोराट का पठार, चित्तौड़गढ़ में स्थित मेसा पठार, चित्तौड़गढ एवं भीलवाड़ा जिले के पूर्वी भाग में स्थित उपरमाल और उदयपुर एवं प्रतापगढ़ में स्थित कांठल का पठार आदि।

प्रश्न 8.
‘लू’ किसे कहते हैं? वर्णन कीजिये।
उत्तर:
लू – राजस्थान में ग्रीष्म ऋतु में चलने वाली अत्यंत गर्म धूलभरी हवाओं को ‘लू’ कहा जाता है। कभी-कभी इनकी गति 100 किमी. प्रति घंटा से भी अधिक हो जाती है।

प्रश्न 9.
मरुस्थलीकरण किसे कहते हैं? राजस्थान में इसके लिए क्या किया जा रहा है?
उत्तर:
मरुस्थलीकरण – भौतिक एवं मानवीय कार्यों द्वारा जब उपजाऊ भूमि, बंजर व रेतीली मिट्टी में परिवर्तित हो जाती है तो उस क्रिया को मरुस्थलीकरण कहते हैं। राजस्थान के पश्चिमी भाग में लगातार मरुस्थल का विस्तार हो रहा है, फिर भी वृक्षारोपण द्वारा इसे कम करने के प्रयास किये जा रहे हैं।

निबन्धात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
थार मरुस्थल की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिये।
उत्तर:
थार मरुस्थल की विशेषताएँ-

  1. थार का मरुस्थल भारत की पश्चिमी सीमा से लेकर मध्य राजस्थान में अरावली तक राजस्थान के पश्चिमी भाग में विस्तृत है।
  2. यह राजस्थान के 12 जिलों में लगभग 61 प्रतिशत भाग पर फैला हुआ है
  3. यहां राजस्थान की लगभग 40 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है।
  4. यह मरुस्थल विश्व के अन्य मरुस्थलों की तुलना में अधिक जनघनत्व, पशु घनत्व, वर्षा, खनिज विविधता, वनस्पति, कृषि, सिंचाई के साधन, सर्वाधिक जैव विविधता आदि के कारण विश्व का सबसे धनी मरुस्थल कहलाता है।
  5. इसके महामरुस्थल भाग में रेत के धोरे पाये जाते हैं जो हवा के साथ अपना स्थान बदल लेते हैं।
  6. थार के मरुस्थल को धरातलीय विशेषताओं के आधार पर मरु भूमि, घग्घर का मैदानी भाग, अर्द्धमरुस्थलीय भाग, नागौर की उच्च भूमि तथा अन्तः प्रवाही प्रदेशों में विभक्त किया गया है।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 6 के प्रश्न उत्तर राजस्थान का भौतिक स्वरूप

प्रश्न 2.
राजस्थान के भौतिक विभाग अरावली पर्वतमाला के बारे में बताइये।
उत्तर:
अरावली पर्वतमाला –

  1. यह राजस्थान के मध्य भाग में दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व दिशा में राज्य के लगभग 9 प्रतिशत भाग पर विस्तृत है।
  2. यह विश्व के सबसे प्राचीन पर्वतों में से एक है, जो दक्षिण में गुजरात के खेडब्रह्मा से उत्तर में दिल्ली के रायसीना तक 692 किलोमीटर में विस्तृत है।
  3. अरावली पर्वतमाला राजस्थान को दो भागों में विभाजित करती है— (i) पूर्वी राजस्थान व (ii) पश्चिमी राजस्थान।
  4. यह राजस्थान का सबसे उच्च भू-भाग है।
  5. इस पर्वतमाला से विभिन्न प्रकार के खनिज संसाधन प्राप्त होते हैं।
  6. अरावली पर्वतमाला मरुस्थल के पूर्व की ओर प्रसार को रोकती है।
  7. इस पर्वतमाला में अधिकांश नदियों के उद्गम स्थल हैं।
  8. इस क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की वनस्पति, वन्य जीव एवं जड़ी-बूटियाँ पायी जाती हैं।
  9. अरावली पर्वतमाला मानसून को रोककर पूर्वी एवं दक्षिणी राजस्थान में वर्षा करती है।
  10. राजस्थान में अरावली पर्वतमाला की सबसे ऊँची पर्वत चोटी गुरुशिखर 1722 मीटर ऊँची है। यह सिरोही जिले के माउण्ट आबू में स्थित है।

प्रश्न 3.
पूर्वी मैदान की प्रमुख विशेषताओं का विवेचन कीजिये।
उत्तर:
पूर्वी मैदान की प्रमुख विशेषताएँ –

  1. पूर्वी मैदान राजस्थान का एक मुख्य भौतिक प्रदेश है।
  2. यह चंबल, बनास, बाणगंगा व उनकी सहायक नदियों। द्वारा निर्मित है, जो विस्तृत रूप में गंगा के मैदान का ही प्रवाह है।
  3. यह मैदान राज्य के लगभग 23 प्रतिशत भाग पर फैला है।
  4. चंबल नदी के आस-पास कोटा से धौलपुर तक का क्षेत्र, नाली अपरदन के कारण अत्यधिक ऊबड़-खाबड़ हो गया है, जिसे चंबल के बीहड़ या डांग या उत्खात भूमि (Bad Land Topography) के नाम से जाना जाता है।
  5. यह राजस्थान का सबसे उपजाऊ एवं सर्वाधिक जनघनत्व वाला प्रदेश है। इस क्षेत्र में राजस्थान की लगभग 40 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती हैं।
  6. इसके दक्षिणी भाग में माही का मैदान स्थित है।

प्रश्न 4.
राजस्थान की जलवायु के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर:
राजस्थान की जलवायु –

  1. राजस्थान की जलवायु मानसूनी जलवायु है।
  2. राजस्थान की अक्षांशीय स्थिति और भारतीय उपमहाद्वीप में उत्तर-पश्चिमी स्थिति, समुद्र से दूरी, अरावली पर्वत की स्थिति और प्रदेश के विस्तार के कारण राजस्थान देश का एकमात्र प्रदेश है, जहाँ पाँच प्रकार की जलवायु परिस्थितियाँ पाई जाती हैं।
  3. राज्य के पश्चिम में लगभग 60 प्रतिशत भाग में शुष्क और अर्द्धशुष्क मरुस्थलीय जलवायु; अरावली के पूर्व में जयपुर एवं उत्तरी-पूर्वी जिलों में उप आर्द्र जलवायु, सेवाई माधोपुर से लेकर उदयपुर तक आर्द्र जलवायु एवं दक्षिण में बांसवाड़ा व दक्षिण-पूर्व के झालावाड़ जिलों में अति आर्द्र जलवायु पाई जाती है।
  4. जलवायु की औसत अवस्थाओं के आधार पर राजस्थान भारत के अन्य प्रदेशों की तुलना में अधिक शुष्क है।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 6 के प्रश्न उत्तर राजस्थान का भौतिक स्वरूप

प्रश्न 5.
राजस्थान में ग्रीष्म ऋतु की दशाओं का विस्तार से वर्णन कीजिये।
उत्तर:
राजस्थान में ग्रीष्म ऋतु की दशायें-

  1. राजस्थान में ग्रीष्म ऋतु की दशाएँ प्रायः विषम रहती हैं। यह ऋतु यहाँ मार्च से जून तक रहती है।
  2. इस ऋतु में तापमान, विभिन्न क्षेत्रों में सामान्यतः 30 से 40 डिग्री सेण्टीग्रेड से अधिक रहता है।
  3. पश्चिमी राजस्थान में विशेषकर जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, जोधपुर, श्रीगंगानगर, चुरू आदि जिलों में 40 से 45 डिग्री सेण्टीग्रेड तक तापमान हो जाता है।
  4. थार मरुस्थल, रेतीला होने के कारण भारत के अत्यधिक गर्म प्रदेशों में से एक है। रेत जल्दी गर्म होने व जल्दी ठण्डी होने के कारण मरुस्थल में इस ऋतु में दिन का तापमान बहुत बढ़ जाता है और रात में कम हो जाता है। जिससे दैनिक एवं वार्षिक तापान्तर भी अधिक होता है।
  5. ऊँचाई के कारण माउंट आबू इस ऋतु में राजस्थान का सबसे ठंडा स्थान रहता है।

प्रश्न 6.
राजस्थान में वर्षा ऋतु की विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
राजस्थान में वर्षा ऋतु की विशेषताएँ-

  1. राजस्थान में वर्षा ऋतु का समय जुलाई से सितम्बर तक रहता है।
  2. यहाँ मानसूनी पवनों द्वारा वर्षा होती है।
  3. राजस्थान की 90 से 95 प्रतिशत तक वर्षा इस ऋतु में प्राप्त होती है।
  4. यहाँ अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों शाखाओं के मानसून से वर्षा होती है।
  5. बंगाल की खाड़ी के मानसून से, राजस्थान में अधिक वर्षा होती है, जो अधिकांशतः पूर्वी राजस्थान में होती हैं। अरब सागर के मानसून से अधिकांश वर्षो दक्षिणी राजस्थान में होती है।
  6. झालावाड़ राजस्थान का सबसे आर्द्र जिला माना जाता है, जहाँ लगभग 100 सेमी. वर्षा होती है।
  7. सबसे कम वर्षा जैसलमेर जिले (लगभग 10 से.मी.) में होती है।
  8. यहाँ सबसे अधिक वर्षा प्राप्त करने वाला स्थान माउंट आबू है, जहाँ औसत 150 से.मी. वर्षा होती है।
  9. राजस्थान के दक्षिणी-पूर्वी भाग से उत्तरी-पश्चिमी भाग की ओर वर्षा लगातार कम होती जाती है।
  10. अरावली पर्वत के पूर्व में 50 से.मी. से अधिक और पश्चिम में 50 से.मी. से कम वर्षा होती है।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 6 के प्रश्न उत्तर राजस्थान का भौतिक स्वरूप

प्रश्न 7.
अकाल किसे कहते हैं? इसके क्या कारण हैं?
अथवा
राजस्थान में अकाल का वर्णन कीजिये।
उत्तर:
जब किन्हीं कारणों से पशु-पक्षियों के लिये चारा, पानी, मनुष्यों के लिए अनाज व पेयजल की कमी की स्थिति हो जाती है तो उसे अकाल कहा जाता है। राजस्थान में विशेषकर पश्चिमी राजस्थान में, बार-बार अकाल (सूखा) पड़ता है। अकाल (सूखा) पड़ने का कारण है वर्षा का सामयिक, अपर्याप्त, अनिश्चित, अनियमित होना। कम वर्षा राजस्थान की जलवायु का प्राकृतिक स्वभाव है, लेकिन विवेकहीन ढंग से वनों की कटाई, भूमिगत जल का अतिदोहन, पारंपरिक जल संसाधन प्रबंधन की उपेक्षा आदि का प्रतिकूल प्रभाव प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक जीवन पर पड़ता है। इससे अकाल की बारम्बारता भी बढ़ी है।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 5 के प्रश्न उत्तर आजादी से पूर्व सरकार का स्वरूप

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Class 6 Hamara Rajasthan Chapter 5 Question Answer in Hindi आजादी से पूर्व सरकार का स्वरूप

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 5 के प्रश्न उत्तर

I. निम्नलिखित प्रश्नों के सही उत्तर कोष्ठक में लिखिए-

1. सेना को वेतन देने तथा सेना संबंधी अन्य कार्यों की जिम्मेदारी होती थी–
(अ) खजान्ची
(ब) राजा
(स) बक्षी
(द) प्रधान
उत्तर:
(स) बक्षी

2. राजस्थान के प्रथम निर्वाचित मुख्यमंत्री थे-
(अ) मोहन लाल सुखाड़िया
(ब) टीकाराम पालीवाल
(स) जयनारायण व्यास
(द) हरिदेव जोशी
उत्तर:
(ब) टीकाराम पालीवाल

II. स्तम्भ ‘अ’ का मिलान स्तम्भ’ब’ से सुमेलित कीजिए-

स्तम्भ ‘अ’ स्तम्भ ‘ब’
(1) ग्राम मुगलकालीन प्रशासनिक व्यवस्था
(2) मनसबदारी वह पत्र जिसमें शासक द्वारा प्रदान की गयी जागीर का उल्लेख होता था।
(3) जागीर पट्टा राज्य की सबसे छोटी इकाई

उत्तर:

स्तम्भ ‘अ’ स्तम्भ ‘ब’
(1) ग्राम राज्य की सबसे छोटी इकाई
(2) मनसबदारी मुगलकालीन प्रशासनिक व्यवस्था
(3) जागीर पट्टा वह पत्र जिसमें शासक द्वारा प्रदान की गयी जागीर का उल्लेख होता था।

III. अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
परगना अधिकारी के कार्य बताइये।
उत्तर:
परगना अधिकारी का कार्य परगने में शांति व्यवस्था बनाये रखने का होता था।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 5 के प्रश्न उत्तर आजादी से पूर्व सरकार का स्वरूप

प्रश्न 2.
राजस्थान की रियासतों में कौन-कौनसे वंश के शासक राज करते थे?
उत्तर:
राजस्थान की रियासतों में सिसोदिया, राठौर, कछवाह और चौहान आदि वंश के शासक राज करते थे।

IV. लघुत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
जागीरदारी व्यवस्था के स्वरूप को समझाइये।
उत्तर:
जागीरदारी व्यवस्था का स्वरूप-

  1. राजस्थान में जागीरदारी व्यवस्था रक्त सम्बन्ध पर आधारित सगोत्रीय कुलीय व्यवस्था थी।
  2. राजा महत्त्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर जागीरदारों को नियुक्त करता था।
  3. राजा और जागीरदार के सम्बन्ध स्वामी और सेवक के नहीं होते थे, बल्कि भाईचारे एवं सौहार्द्र पर आधारित होते थे।

प्रश्न 2.
ब्रिटिशकाल में प्रशासनिक व्यवस्था में होने वाले परिवर्तनों को बताइये।
उत्तर:
ब्रिटिशकाल में प्रशासनिक व्यवस्था में अनेक परिवर्तन आये-

  1. अंग्रेजी राज्य की स्थापना के साथ ही भारत प्रशासनिक दृष्टि से दो भागों में विभाजित हो गया था, पहला ब्रिटिश भारत और दूसरा रियासती भारत।
  2. ब्रिटिश कालीन भारत केन्द्र शासित प्रदेशों एवं 11 प्रान्तों में विभक्त था। सभी प्रान्तों के अलग-अलग गवर्नर थे, जो कि भारत के गवर्नर जनरल के प्रति उत्तरदायी थे।
  3. 1857 की क्रांति के बाद भारत का शासन इंग्लैण्ड के ताज तथा संसद के सीधे नियंत्रण में आ गया।
  4. ब्रिटिश सरकार द्वारा विभिन्न अधिनियम पारित करके भारत का शासन संचालित किया जाने लगा।
  5. 1935 ई. का भारत सरकार अधिनियम (1 अप्रैल, 1937 ई. में लागू) के द्वारा अजमेर-मेरवाड़ा के प्रशासन को विदेश एवं राजनीतिक विभाग के स्थान पर भारत सरकार के ‘गृह विभाग के अन्तर्गत लाया गया। इससे इस क्षेत्र के सभी कानून अब संघीय कार्यपालिका द्वारा बनाये जाने लगे।

निबंधात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
स्वतंत्रता से पूर्व राजस्थान की जागीरदारी व्यवस्था पर एक लेख लिखिए।
उत्तर:
स्वतंत्रता से पूर्व राजस्थान में जागीदारी व्यवस्था-
स्वतन्त्रता से पूर्व मध्यकाल का राजस्थान का संपूर्ण शासन तंत्र राजा और जागीरदारी व्यवस्था पर आधारित था। राजस्थान की जागीरदारी व्यवस्था रक्त सम्बन्ध एवं कुलीय भावना पर आधारित, प्रशासनिक और सैनिक व्यवस्था थी।

राजस्थान की जागीरदारी व्यवस्था में राजा की मृत्यु के बाद बड़ा पुत्र राजा बनता था। राजा अपने छोटे भाइयों को जीवनयापन के लिए भूमि आवंटित करता, भाई-बंधु को दी गई इस भूमि का स्वामी जागीरदार कहलाता था। जागीरदार का कार्य उस जागीर की सुरक्षा एवं उसका शासन संचालन था। बाद के समय में योग्यता के आधार पर भी जागीरें प्रदान की जाने लगीं।

महत्त्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर जागीरदारों को नियुक्त किया। जाता था। राजा और जागीरदार के सम्बन्ध भाईचारे एवं सौहार्द्र पर आधारित होते थे।

मुगल काल में शासकों की जागीरदारों पर निर्भरता कम हो गई थी।

Class 6 Hamara Rajasthan Chapter 5 Important Question Answer in Hindi

बहुचयनात्मक प्रश्न-

1. राजस्थान में राजशाही शासन के दौरान प्रमुख मंत्री को करती थीं।
(अ) बक्षी
(ब) दीवान
(स) राजा
(द) परगना अधिकारी
उत्तर:
(ब) दीवान

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 5 के प्रश्न उत्तर आजादी से पूर्व सरकार का स्वरूप

2. भरत का प्रथम वायसराय कौन था?
(अ) लार्ड केनिंग
(ब) लार्ड डलहौजी
(स) लार्ड माउन्टबेटन
(द) लार्ड विलियम बेंटिक
उत्तर:
(अ) लार्ड केनिंग

3. राजस्थान की प्रथम विधानसभा के लिए चुनाव कब हुए?
(37) 1947
(स) 1951
(ब) 1950
(द) 1952
उत्तर:
(द) 1952

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

1. राजा अपने शासन कार्य में सहायता हेतु ……………. की नियुक्ति करते थे।
उत्तर:
मंत्रियों

2. राजस्थान में जागीरदारी व्यवस्था ……………. पर आधारित सगोत्रीय कुलीय व्यवस्था थी।
उत्तर:
रक्त सम्बन्ध

3. ……………. की क्रांति के बाद ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त हो गया।।
उत्तर:
1857

4. देश की आजादी के बाद राजस्थान के ……………. की प्रक्रिया शुरू हुई।
उत्तर:
एकीकरण।

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्नः 1.
हमारा राजस्थान वर्तमान स्वरूप में कब आया?
उत्तर:
हमारा राजस्थान आजादी के बाद वर्तमान स्वरूप में आया।

प्रश्न 2.
राजशाही शासन किसे कहते हैं?
उत्तर:
जिस शासन में राजा, राज्य की संपूर्ण शक्ति का सर्वोच्च केन्द्र होता है, राजशाही शासन कहलाता है।

प्रश्न 3.
ग्राम पंचायतों का क्या कार्य था?
उत्तर:
ग्राम पंचायतें ग्राम का प्रशासन करती थीं।

प्रश्न 4.
राजस्थान के मध्यकाल का शासन किस व्यवस्था पर आधारित था?
उत्तर:
राजस्थान के मध्यकाल का शासन तंत्र राजा और जागीरदारी व्यवस्था पर आधारित था।

प्रश्न 5.
जागीर व्यवस्था को शुरू करने के क्या कारण थे?
उत्तर:
रियासतों की सुरक्षा एवं शासन व्यवस्था के संचालन हेतु शासकों ने जागीर व्यवस्था प्रारम्भ की।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 5 के प्रश्न उत्तर आजादी से पूर्व सरकार का स्वरूप

प्रश्न 6.
ब्रिटिशकाल में भारत प्रशासनिक दृष्टि से कितने भागों में विभाजित था? नाम लिखिये।
उत्तर:
दो भागों में (1) ब्रिटिश भारत (2) रियासती भारत।

लघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
रियासतों के शासन की प्रमुख विशेषताएँ बताइये।
उत्तर:
(1) रियासतें स्वतंत्र राज्य की तरह शासन संचालन क्या कहते थे?
(2) रियासतों के शासक अपने मंत्रियों एवं जागीरदारों की सहायता से शासन का संचालन करते थे।
(3) शक्ति का सर्वोच्च केन्द्र राजा होता था। शासन का यह प्रकार राजशाही शासन कहलाता था।
(4) रियासतों में शासन संचालन के लिए केन्द्रीय व्यवस्था के पदाधिकारी राजा, मंत्री, बक्षी, खजांची, परगना अधिकारी होते थे।

प्रश्न 2.
राजस्थान में जागीरदारी व्यवस्था के प्रारम्भ होने के बारे में बताइये।
उत्तर:
राजस्थान में जागीरदारी व्यवस्था का विकसित और स्पष्ट स्वरूप राजपूतों के शासनकाल से प्रारंभ हो गया था । की राजस्थान भू-भाग पर राजपूतों की विभिन्न शाखाओं ने अपने राज्य स्थापित किये, जो उनकी रियासतें कहलाई। रियासतों की सुरक्षा एवं शासन व्यवस्था के संचालन हेतु शासकों ने जागीर व्यवस्था प्रारम्भ की।

प्रश्न 3.
1857 की क्रांति के बाद भारत के प्रशासन में क्या परिवर्तन आये?
उत्तर:
1857 की क्रांति के बाद भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त हो गया। अब भारत के प्रशासन का सीधा नियंत्रण इंग्लैंड के ताज एवं संसद के नियंत्रण में आ गया। लार्ड केनिंग को गवर्नर जनरल के साथ-साथ भारत का प्रथम वायसराय नियुक्त किया गया। अंग्रेज सरकार द्वारा विभिन्न अधिनियम पारित करके भारत का शासन संचालन किया जाने लगा।

निबन्धात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
रियासतों में केन्द्रीय शांसन व्यवस्था का वर्णन कीजिये।
उत्तर:
रियासतों में केन्द्रीय शासन व्यवस्था-आजादी से पहले राजस्थान में अनेक रियासतें थीं। शासन व्यवस्था लगभग समान थी। विभिन्न रियासतों में शासन संचालन के लिए केन्द्रीय व्यवस्था के मुख्यतः निम्न पदाधिकारी होते थे-
(1) राजा – राजा, राज्य की संपूर्ण शक्ति का सर्वोच्च केन्द्र होता था। राजा अपने सलाहकारों एवं मंत्री परिषद् के सदस्यों के सहयोग से शासन संचालन करते थे।

(2) मंत्री – शासन कार्य में सहायता हेतु मंत्रियों की नियुक्ति की जाती थी। प्रमुख मंत्री को दीवान कहते थे। राजा समय-समय पर इनसे मंत्रणा करके राजकार्य की जटिल समस्याओं को सुलझाते थे।

(3) बक्षी – सेना को वेतन देने तथा सेना सम्बन्धी अन्य कार्यों की जिम्मेदारी बक्षी की होती थी।

(4) खजांची – आमदनी और खर्च के हिसाब को संतुलित रखना और बचत को सुरक्षित कर राजकोष में वृद्धि करना खजांची का कार्य था।

(5) परगना अधिकारी – राज्य परगनों में विभाजित था, तथा परगने में शांति व्यवस्था बनाये रखने की जिम्मेदारी परमना अधिकारी की होती थी।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 5 के प्रश्न उत्तर आजादी से पूर्व सरकार का स्वरूप

प्रश्न 2.
मध्यकालीन जागीरदारी व्यवस्था के स्वरूप में परिवर्तनों का वर्णन कीजिये।
उत्तर:
मध्यकालीन जागीरदारी व्यवस्था के स्वरूप में परिवर्तन –

  1. मुगल काल में मुगलों से संधि के कारण. शासकों की जागीरदारों पर निर्भरता कम हो गयी।
  2. शासक, मुगल मनसबदार बन गए और उन्हें मुगलों का संरक्षण प्राप्त हो गया। इससे शासक, जागीरदारों के साथ स्वामी जैसा व्यवहार करने लगे।
  3. प्रारंभ में जागीरदार युद्ध एवं शांति के समय राजा को अपनी सेवाएँ देते थे, लेकिन मुगल काल में सेवाओं के साथ कर व्यवस्था निर्धारित कर दी गयी, जिसका उल्लेख जागीर पट्टे में किया जाता था।
  4. मुगल शासन प्रणाली की कुछ व्यवस्थाओं का प्रभाव राजस्थान पर भी पड़ा। रियासतों ने अपने प्रशासन को परगनों और ग्रामों में विभाजित किया।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 4 के प्रश्न उत्तर राजस्थान में प्राचीन सभ्यता स्थल

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Class 6 Hamara Rajasthan Chapter 4 Question Answer in Hindi राजस्थान में प्राचीन सभ्यता स्थल

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 4 के प्रश्न उत्तर

I. निम्नलिखित प्रश्नों के सही उत्तर कोष्ठक में लिखिए-

1. निम्न में से किस जिले में कालीबंगा स्थित है?
(अ) जालौर
(ब) हनुमानगढ़
(स) सीकर
(द) उदयपुर
उत्तर:
(ब) हनुमानगढ़

2. अशोक का भाब्रू शिलालेख निम्न में से कहाँ प्राप्त हुआ?
(अ) बैराठ
(ब) गणेश्वर
(स) आहड़
(द) बालाथल
उत्तर:
(अ) बैराठ

II. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

1. सीकर जिले में नीम का थाना तहसील में ……………. से एक विशिष्ट संस्कृति के अवशेष प्राप्त हुए हैं।
उत्तर:
गणेश्वर

2. आहड़ बस्ती प्राचीनकाल में ……………. नगरी के नाम से जानी जाती थी।
उत्तर:
तांबावती

III. अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
राजस्थान में किन्हीं दो ताम्र पाषाणकालीन स्थलों के नाम लिखिये।
उत्तर:
(1) आहड़ (2) गणेश्वर।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 4 के प्रश्न उत्तर राजस्थान में प्राचीन सभ्यता स्थल

प्रश्न 2.
बालाथल सभ्यता के अवशेष किस जिले से प्राप्त हुए हैं?
उत्तर:
बालाथल सभ्यता के अवशेष उदयपुर जिले से प्राप्त हुए हैं।

प्रश्न 3.
आहड़ सभ्यता किस नदी के किनारे विकसित हुई ?
उत्तर:
आहड़ सभ्यता आहड़ (बेड़च) नदी के किनारे विकसित हुई।

IV. लघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
राजस्थान में सभ्यता के प्राचीन स्थल कौन-कौन से हैं? किन्हीं दो का वर्णन करें।
उत्तर:
राजस्थान में सभ्यता के अनेक प्राचीन स्थल हैं । इनमें से प्रमुख हैं— कालीबंगा, आघाटपुर या आहड़, बालाथल, गणेश्वर, बैराठ आदि। इनमें से दो का संक्षिप्त वर्णन निम्न प्रकार है-

(1) कालीबंगा – यह हनुमानगढ़ जिले में घग्घर नदी के किनारे स्थित है। यहाँ खुदाई में सिंधु-सरस्वती सभ्यता काल का एक नगर मिला है जिसके मकानों में ईंटों का प्रयोग किया गया है। गन्दे पानी के निकास के लिए नालियाँ बनी हुई हैं तथा अग्निकुण्ड (वेदिकाएँ) भी मिले हैं। यहाँ दूसरे टीले के उत्खनन में एक दुर्ग के अवशेष मिले हैं।

(2) आहड़ – आहड़ प्राचीन सभ्यता स्थल उदयपुर के पूर्व में बेड़च नदी के किनारे स्थित है। यहां से प्राप्त मकानों की दीवारें पत्थरों एवं मिट्टी से तथा छतें बाँस और केलू से बनी होती थीं। आहड़वासी बर्तन बनाने की कला में निपुण थे। यहाँ से उत्खनन में अनेक सामग्री प्राप्त हुई है। यह ताम्र- पाषाण कालीन सभ्यता थी।

प्रश्न 2.
कालीबंगा पुरास्थल की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
कालीबंगा पुरास्थल की प्रमुख विशेषताएँ निम्न प्रकार हैं-

  1. यहाँ खुदाई में सिंधु-सरस्वती सभ्यता काल का एक नगर मिला है, जिसके मकानों में ईंटों का प्रयोग किया गया था।
  2. मकानों में चार-पाँच बड़े तथा कुछ छोटे कमरे होते थे।
  3. बस्ती के गंदे पानी के निकास के लिए यहाँ लकड़ी. व ईंटों की नालियाँ बनी हुई थीं।
  4. यहां चबूतरे भी मिले हैं, जिन पर अग्निकुण्ड (वेदिकाएँ) बने हुए हैं। शायद इनका प्रयोग धार्मिक कार्यों हेतु होता था।
  5. दूसरे टीले के उत्खनन में एक दुर्ग के अवशेष मिले हैं।
  6. इस क्षेत्र में नगर की प्राचीर के बाहर जोती हुई, कृषि भूमि के साक्ष्य भी मिले हैं।
  7. खुदाई में गाय के मुख वाले प्याले, तांबे के बैल, कांस्य के दर्पण, हाथी दाँत का कंघा, मिट्टी के बर्तन, काँच की मणियाँ, खिलौने अदि भी प्राप्त हुए हैं।
  8. कालान्तर में नदियों का पानी सूखने और मरुस्थल के बढ़ने से यह समृद्ध बस्ती उजड़ गई।

Class 6 Hamara Rajasthan Chapter 4 Important Question Answer in Hindi

बहुचयनात्मक प्रश्न-

1. प्रारम्भिक युग था-
(अ) लौह युग
(ब) ताम्र-कांस्य युग
(स) प्रस्तर युग
(द) कल-युग
उत्तर:
(स) प्रस्तर युग

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 4 के प्रश्न उत्तर राजस्थान में प्राचीन सभ्यता स्थल

2. मनुष्य ने सर्वप्रथम कौनसी धातु का उपयोग प्रारम्भ किया?
(अ) ताँबे का
(ब) सोने का
(स) लोहे का
(द) एल्युमीनियम का
उत्तर:
(अ) ताँबे का

3. बुना हुआ वस्त्र निम्न में किस स्थान से प्राप्त हुआ है?
(अ) कालीबंगा
(ब) बालाथल
(स) आहड़
(द) गणेश्वर
उत्तर:
(ब) बालाथल

4. प्राचीन सभ्यता स्थल बागोर किस जिले में स्थित है?
(अ) जयपुर
(स) हनुमानगढ़
(ब) उदयपुर
(द) भीलवाड़ा
उत्तर:
(द) भीलवाड़ा

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

1. धीरे-धीरे मानव ने पत्थर के स्थान पर के उपकरण बनाने प्रारम्भ किये।
उत्तर:
धातु

2. कालीबंगा की नगर योजनाकी नगर योजना के समरूप दिखाई देती है।
उत्तर:
सिंधु घाटी

3. बर्तन बनाने की कला में दक्ष थे।
उत्तर:
आहड़वासी

4. गणेश्वर में उपकरण बहुतायत में मिले हैं।
उत्तर:
ताम्र।

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
प्रारम्भिक युग को ‘प्रस्तर युग’ क्यों कहा गया है?
उत्तर:
प्रारम्भिक युग के प्राप्त उपकरणों में पत्थर के उपकरणों की संख्या अत्यधिक है, अतः इसे ‘प्रस्तर युग’ कहा गया है।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 4 के प्रश्न उत्तर राजस्थान में प्राचीन सभ्यता स्थल

प्रश्न 2.
राजस्थान में ताम्र सभ्यता के अवशेष किन क्षेत्रों से प्राप्त हुए हैं?
उत्तर:
राजस्थान में ताम्र सभ्यता के अवशेष कालीबंगा, गणेश्वर और आहड़ आदि क्षेत्रों से प्राप्त हुए हैं।

प्रश्न 3.
प्राचीन सभ्यता केन्द्र तिलवाड़ा किस जिले में स्थित है?
उत्तर:
प्राचीन सभ्यता केन्द्र ‘तिलवाड़ा’ बाड़मेर जिले में स्थित है।

प्रश्न 4.
कालीबंगा की समृद्ध बस्ती के उजड़ने का क्या कारण था?
उत्तर:
कालान्तर में नदियों का पानी सूखने तथा मरुस्थल के बढ़ने से कालीबंगा की समृद्ध बस्ती उजड़ गई।
उजड़ गई।

प्रश्न 5.
धूलकोट किसे कहते हैं?
उत्तर:
उदयपुर के पूर्व में आहड़ (बेड़च) नदी के किनारे दो टीले दिखाई देते हैं, जिसको स्थानीय लोग धूलकोट कहते हैं।

प्रश्न 6.
गणेश्वर की संस्कृति को क्या कहा जाता है ?
उत्तर:
गणेश्वर की संस्कृति को ताम्र संचयी संस्कृति कहा जाता है।

प्रश्न 7.
लौह कालीन इतिहास को जानने के लिए किन सभ्यता स्थलों के विवरण उल्लेखनीय हैं?
उत्तर:
लौह कालीन इतिहास को जानने के लिए बैराठ, सांभर, बागौर, रेढ़ आदि सभ्यता सथलों के विवरण उल्लेखनीय हैं।

प्रश्न 8.
बैराठ कस्बा किस जिले में स्थित है?
उत्तर:
बैराठ कस्बा जयपुर जिले में स्थित है।

प्रश्न 9.
पुरातत्व की दृष्टि से बैराठ के दो महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों के नाम बताइये।
उत्तर:
(1) बीजक की पहाड़ी (2) भीम डूंगरी।

प्रश्न 10.
जालोर जिले में कौनसा प्राचीन संस्कृति केन्द्र स्थित है?
उत्तर:
भीनमाल।

लघुत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
उत्खनन से कौनसे प्राचीनतम साक्ष्य प्राप्त हुए?
उत्तर:
उत्खनन से अनेक प्रकार के प्राचीनतम साक्ष्य प्राप्त हुए। इनमें आवास स्थल, लकड़ी, अनाज, हड्डी और पत्थरों के अस्त्र-शस्त्र, बर्तन, सिक्के तथा अन्य उपकरण प्रमुख हैं।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 4 के प्रश्न उत्तर राजस्थान में प्राचीन सभ्यता स्थल

प्रश्न 2.
प्रस्तर युग में मनुष्य ने किस प्रकार के उपकरण बनाये तथा क्यों?
उत्तर:
प्रस्तर युग में मनुष्य ने कुल्हाड़ी, गंडासा, छुरा जैसे उपकरण बनाये। क्योंकि प्रस्तर युग में मानव अपनी आवश्यकता पूर्ति के लिए जानवरों का शिकार करता था अथवा जंगलों से कंदमूल एकत्रित कर अपना पेट भरता था।

प्रश्न 3.
राजस्थान में प्रस्तर युग के उपकरण मुख्यतः किस प्रकार के स्थानों से बहुतायत में मिले हैं?
उत्तर:
राजस्थान में प्रस्तर युग के उपकरण मुख्यतः बनास, गम्भीरी, बेड़च और चम्बल नदियों की घाटियों और शैलाश्रयों में बहुतायत में मिले हैं।

प्रश्न 4.
कालीबंगा की खोज किसने की? वर्णन कीजिये।
उत्तर:
कालीबंगा की खोज पुराविद अमलानंद घोष ने की। इन्होंने राजस्थान में दृषद्वती और सरस्वती नदी की घाटी में करीब दो दर्जन पुरास्थलों की खोज की। इनमें हनुमानगढ़ जिले में घग्घर नदी के किनारे स्थित कालीबंगा प्रमुख है। बाद में डॉ. बी. बी. लाल और बी. के. थापर के निर्देशन में यहाँ खुदाई की गई।

प्रश्न 5.
आघाटपुर के नामकरण का इतिहास समझाइये।
उत्तर:
उदयपुर के पूर्व में आहड़ (बेड़च) नदी के किनारे दो टीले दिखाई देते हैं, जिसको स्थानीय लाग धूलकोट कहते हैं। यह बस्ती पहते तांबावती के नाम से जानी जाती थी। यह ताँबे के औजारों के निर्माण का केन्द्र था। इसी कारण सम्भवतः इसका यह नाम पड़ा। 10वीं या 11वीं शताब्दी में इसे आघाटपुर के नाम से जाना जाने लगा।

प्रश्न 6.
गणेश्वर में मिट्टी के किस प्रकार के बर्तन मिले हैं?
उत्तर:
गणेश्वर में मिट्टी के दो प्रकार के बर्तन मिले हैं—
(1) हड़प्पा पूर्व संस्कृति के हल्के लाल रंग के पतले बर्तन।
(2) लाल चिकनी मिट्टी विशिष्ट चित्रकारी वाले मजबूत बर्तन। इन बर्तनों में मर्तबान, कलश, प्याले, तसले, ढक्कन हाडी प्रमुख हैं।

प्रश्न 7.
राजस्थान में सभ्यता के प्रमुख प्राचीन केन्द्र कौनसे हैं?
उत्तर:
राजस्थान में सभ्यता के अनेक प्राचीन केन्द्र हैं। इनमें हनुमानगढ़ जिले में स्थित कालीबंगा; उदयपुर जिले में स्थित आहड़ बालाथल, सीकर जिले में स्थित गणेश्वर; भीलवाड़ा जिले के बागोर, ओझियाणा जयपुर जिले में स्थित बैराठ, सांभर, जोधपुर, टोंक जिले में स्थित नगर, रेढ़: चित्तौड़ में नगरी; भरतपुर में नोह: जालोर में भीनमाल; राजसमन्द में पछमाता, गिलुण्ड आदि स्थल सभ्यता के प्रमुख प्राचीन केन्द्र हैं। ये पाषाण, ताम्र पाषाण तथा ताम्र-लौहकाल की संस्कृति को प्रकट करते हैं।

निबन्धात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
प्राचीन पुरास्थल आहड़ की विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
प्राचीन पुरास्थल आहड़ की प्रमुख विशेषताएँ निम्न प्रमुख विशेषताएँ निम्न प्रकार हैं-

  1. यहां खुदाई में प्राप्त मकानों की दीवारें, पत्थरों एवं मिट्टी से बनी हुई हैं। जिनकी छत बांस और केलू से बनी होती थीं।
  2. बड़े कमरों के बीच में बाँस की परदी पर मिट्टी चढ़ाकर उसे छोटे-छोटे कमरों में विभाजित किया जाता था।
  3. मकानों में चार से छ: चूल्हे मिले हैं जो संयुक्त परिवार के साक्ष्य हैं।
  4. यहां उच्च कोटि के चावल उत्पादित होते थे।
  5. यहाँ एक भट्टीनुमा चूल्हा मिला है जिससे पता चलता है कि, यहाँ ताँबा पिघलाया जाता था।
  6. यहाँ लाल-भूरे मृद्भाण्ड मिले थे जो हाथ की सफाई तथा अलंकरण की दृष्टि से उत्कृष्ट थे।
  7. धूलकोट के 1951-52 में हुए उत्खनन में तश्तरियाँ, दीपक, धूपदानियाँ, कटोरियाँ, मटके, कलश, चूड़ियाँ, खिलौने, 26 किस्म की मणियाँ, 6 ताँबे की मुद्राएँ और तीन मुहरें प्राप्त हुई हैं।
  8. प्राकृतिक प्रकोप से इस सभ्यता का विध्वंस हुआ और इस सभ्यता के लोग उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व की ओर बढ़े तथा गिलुण्ड व भगवानपुरा जैसे स्थान बसाए।

प्रश्न 2.
सभ्यता के प्राचीन स्थल के रूप में बालाथल का वर्णन कीजए।
उत्तर:
बालाथल –

  1. बालाथल सभ्यता, ताम्रपाषाण कालीन आहड़ संस्कृति से सम्बन्धित है।
  2. यहाँ 11 कमरों के एक बड़े भवन एवं दुर्ग जैसे चिह्न भी प्राप्त हुए हैं।
  3. बालाथल में ताँबे के चाकू, कुल्हाड़ी, छैनी, बाण, जैसे उपकरण तथा कर्णफूल, गले के हार की लटकन आदि आभूषण मिले हैं।
  4. यहाँ के निवासियों में मिश्रित अर्थव्यवस्था प्रचलित थी। कृषि, पशुपालन तथा शिकार तीनों जीविका के साधन थे।
  5. बालाथल में लोहा गलाने की भट्टियों के चिह्न मिले हैं।
  6. बैराठ के अतिरिक्त बालाथल ही ऐसा स्थान है, जहाँ बुना हुआ वस्त्र प्राप्त हुआ है।

प्रश्न 3.
गणेश्वर के बारे में आप क्या जानते हैं? वर्णन कीजिए।
उत्तर:
गणेश्वर –

  1. गणेश्वर सीकर जिले के नीम का थाना तहसील में स्थित एक पुरास्थल है।
  2. यहाँ से एक विशिष्ट संस्कृति के अवशेष मिले हैं। इसे ताम्र संचयी संस्कृति कहा जाता है।
  3. यह संस्कृति पूर्वी राजस्थान एवं गंगाघाटी के क्षेत्र में पल्लवित हुई।
  4. गणेश्वर में ताम्र उपकरण बहुतायत में मिलते हैं। इसका कारण खेतड़ी ताम्र भण्डार की निकटता रही होगी।
  5. यहाँ ताम्र उपकरणों में बाण, छैनियाँ, मछली पकड़ने के कांटे, उस्तरे के फलक, अंगूठियाँ आदि प्रमुख हैं।
  6. सम्भवतः यहाँ से दोहरी पेचदार शिरावाली ताम्र पिनों को पश्चिमी तथा मध्य एशिया में निर्यात किया जाता था।
  7. गणेश्वर में मिट्टी के बर्तन भी मिले हैं।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 4 के प्रश्न उत्तर राजस्थान में प्राचीन सभ्यता स्थल

प्रश्न 4.
पुरास्थल के रूप में बैराठ की विशेषताएँ बतलाइये।
उत्तर:
एक पुरास्थल के रूप में बैराठ की विशेषताएँ निम्न प्रकार हैं-

  1. बैराठ कस्बा जयपुर जिले में स्थित है जो कि हर युग में सभ्यता संस्कृति का प्रमुख केन्द्र रहा है।
  2. इसकी बीजक की पहाड़ी तथा भीम डूंगरी पुरातत्व की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है।
  3. महाभारत काल में यह विराटनगर के रूप में मत्स्य जनपद की राजधानी थी, जहाँ पाण्डवों ने अपने अज्ञातवास के अन्तिम दिन व्यतीत किये थे।
  4. मौर्य काल में भी यह एक प्रमुख केन्द्र था। यहाँ अशोक के दो स्तम्भ लेख (भाब्रू या बैराठ शिलालेख) एवं बौद्ध मठ के अवशेष प्राप्त होते हैं।
  5. यहाँ एक कमरे में 36 चाँदी की मुद्राएँ मिली हैं। जिनमें 8 पंचमार्क एवं 28 भारतीय यूनानी शासकों की हैं।
  6. खुदाई में स्वास्तिक तथा त्रिरत्न चक्र के चिह्न युक्त अलंकृत घड़े दीपक, नाचता हुआ पक्षी, पत्थर की संदूकें, लोहे की कीलें एवं हाथ से बना हुआ वस्त्र भी मिला है।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 3 के प्रश्न उत्तर इतिहास जानने के स्रोत

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Class 6 Hamara Rajasthan Chapter 3 Question Answer in Hindi इतिहास जानने के स्रोत

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 3 के प्रश्न उत्तर

I. निम्नलिखित प्रश्नों के सही उत्तर कोष्ठक में लिखिए-

1. वंश भास्कर के लेखक हैं?
(अ) बांकीदास
(ब) श्यामलदास
(स) सूर्यमल्ल मिसण
(द) दयाल दास
उत्तर:
(स) सूर्यमल्ल मिसण

II. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

1. प्रशंसा में लिखे गये अभिलेख को ……………. कहा जाता है।
उत्तर:
प्रशस्ति

2. संस्कृत में उत्कीर्ण ……………. का शिलालेख रावल समरसिंह के युग तक की जानकारी देता है।
उत्तर:
चीरवा

III. अतिलघूत्तरात्मकं प्रश्न –

प्रश्न 1.
राजस्थान के किन्हीं तीन प्रमुख दुर्गों के नाम लिखिए।
उत्तर:
(1) चित्तौड़ दुर्ग (2) रणथम्भौर दुर्ग (3) मेहरानगढ़।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 3 के प्रश्न उत्तर इतिहास जानने के स्रोत

प्रश्न 2.
पुरातात्विक स्रोत किसे कहते हैं?
उत्तर:
प्राचीन काल के वे अवशेष जिनसे हमें स्थान एवं घटनाओं के सन्दर्भों को समझने में सहयोग मिलता है, उनको पुरातात्विक स्रोत कहते हैं।

प्रश्न 3.
इतिहास लेखन में मुद्राओं के योगदान को समझाइये।
उत्तर:
मुद्राओं से किसी भी काल विशेष की राजनीतिक, धार्मिक, आर्थिक स्थिति का पता चलता है जो कि इतिहास लेखन में सहायक है।

IV. लघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
ताम्रपत्र किसे कहते हैं एवं इनसे क्या जानकारी मिलती है?
उत्तर:
ताम्रपत्र- तांबे के छोटे-बड़े पत्तरों पर खोदे गए लेखों को ‘ताम्रपत्र’ कहते हैं। दान-पुण्य से संबंधित होने के कारण इन्हें दानपत्र भी कहा जाता है।

ताम्रपत्रों से हमें शासक, काल, भाषा, पर्व, धर्म, भूमि, भूमि के प्रकार, नाप-तौल, दान के प्रकार आदि का पता चलता है।

प्रश्न 2.
राजस्थान के प्रमुख ऐतिहासिक ग्रन्थों की जानकारी दीजिए।
उत्तर:
राजस्थान का इतिहास जानने में यहाँ के ऐतिहासिक ग्रन्थों का बहुत योगदान है।

  1. राजस्थान के प्राचीन इतिहास को जानने में वेद-पुराण, रामायण, महाभारत, बौद्ध एवं जैन ग्रंथों से सहायता मिलती है।
  2. 12वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में जयानक कृत ‘पृथ्वीराज विजय’ महाकाव्य से, चौहानों की उपलब्धियों का वर्णन मिलता है।
  3. नयनचन्द्र सूरि कृत ‘हम्मीर महाकाव्य’ से चौहानों के इतिहास के साथ-साथ अलाउद्दीन खिलजी की रणथम्भौर विजय और उस समय की सामाजिक, धार्मिक स्थिति की जानकारी मिलती है।
  4. पृथ्वीराज रासो, अचलदास खींची की वचनिका, पद्मनाभ कृत ‘कान्हड़देव प्रबंध’, बीकानेर के दलपत सिंह कृत दलपत – विलास, खिड़िया जग्गा कृत ‘वचनिका’ आदि भी विशेष उल्लेखनीय हैं।
  5. नैणसी री ख्यात, बांकीदास की ख्यात, दयालदास की ख्यात, जोधपुर राज्य की ख्यात आदि से इतिहास जानने में सहायता मिलती है।
  6. फारसी-उर्दू तवारिखों (इतिहास ग्रंथों) से हमें विशेषतया मध्यकालीन राजस्थान का इतिहास समझने में मदद मिलती है।
  7. कर्नल जेम्स टॉड कृत ‘एनाल्स एण्ड एन्टीक्विटीज ऑफ राजस्थान’ और ‘पश्चिम भारत की यात्रा’, बूंदी के महाकवि सूर्यमल्ल मिसण का वंश भास्कर, कविराज श्यामलदास कृत ‘वीर विनोद’, विश्वेश्वर नाथ रेऊ कृत ‘मारवाड़ राज्य का इतिहास’, गौरीशंकर हीराचंद ओझा लिखित उदयपुर, जोधपुर, सिरोही, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ के इतिहास ग्रन्थ उल्लेखनीय हैं।

Class 6 Hamara Rajasthan Chapter 3 Important Question Answer in Hindi

बहुचयनात्मक प्रश्न-

1. प्रतिहारों के इतिहास की जानकारी का साधन है-
(अ) चीरवा का शिलालेख
(ब) घटियाला अभिलेख
(स) बिजौलिया शिलालेख
(द) किराडू अभिलेख
उत्तर:
(ब) घटियाला अभिलेख

2. ‘पृथ्वीराज विजय’ के रचयिता हैं –
(अ) जयानक
(ब) नयनचन्द्र सूरि
(स) नैणसी
(द) चन्दबरदाई
उत्तर:
(अ) जयानक

3. कविराज श्यामलदास कृत रचना कौनसी है?
(अ) कान्हड़देव प्रबन्ध
(ब) वंश भास्कर
(स) हम्मीर महाकाव्य
(द) वीर विनोद
उत्तर:
(द) वीर विनोद

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

1. ……………. (नीम का थाना, सीकर ) ताम्र संस्कृति के अवशेष प्राप्त हुए हैं।
उत्तर:
गणेश्वर

2. चौहानों का इतिहास जानने हेतु ……………. शिलालेख महत्त्वपूर्ण साधन है।
उत्तर:
बिजौलिया

3. ताँबे के छोटे-बड़े पत्तरों पर खोदे गये लेखों को ……………. कहते हैं।
उत्तर:
ताम्रपत्र

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
प्रशस्ति किसे कहा जाता है?
उत्तर:
प्रशंसा में लिखे गये अभिलेख को प्रशस्ति कहा जाता है।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 3 के प्रश्न उत्तर इतिहास जानने के स्रोत

प्रश्न 2.
किन्हीं दो पुरातात्विक स्रोतों के नाम लिखिये।
उत्तर:
(1) अभिलेख (2) मुद्राएँ।

प्रश्न 3.
अभिलेख किस शैली में लिखे हुए मिलते हैं?
उत्तर:
अभिलेख विविध भाषाओं में गद्य व पद्य दोनों ही शैलियों में मिलते हैं।

प्रश्न 4.
राजस्थान में पाये जाने वाले किन्हीं दो अभिलेखों के नाम बताइये।
उत्तर:
(1) नगरी अभिलेख (2) घटियाला अभिलेख।

प्रश्न 5.
उत्खनन में हमें क्या प्राप्त हुआ है?
उत्तर:
उत्खनन में हमें मृदभाण्ड, प्याले, रकाबियाँ, धूपपात्र, दीपक आदि प्राप्त हुए हैं।

प्रश्न 6.
राजस्थान में किन स्थानों से उत्खनन में काले एवं लाल मृदभाण्ड मिले हैं?
उत्तर:
जोधपुरा (जयपुर) एवं नोह (भरतपुर) से।

प्रश्न 7.
कान्हड़देव प्रबन्ध के लेखक कौन हैं?
उत्तर:
कान्हड़देव प्रबन्ध के लेखक पद्मनाभ हैं।

प्रश्न 8.
ख्यात विषयक साहित्य में किन चीजों का वर्णन होता है?
उत्तर:
ख्यात विषयक साहित्य में प्रसिद्ध राजपूत राजवंशों की स्थापना, राजाओं का वंशक्रम, राज्य क्षेत्र आदि का वर्णन होता है।

प्रश्न 9.
किन्हीं दो प्रसिद्ध ख्यात के नाम लिखिये।
उत्तर:
(1) नैणसी री ख्यात (2) बांकीदास की ख्यात।

प्रश्न 10.
कर्नल जेम्स टॉड द्वारा रचित प्रसिद्ध ऐतिहासिक कृति का नाम बताइये।
उत्तर:
‘एनाल्स एण्ड एन्टीक्विटीज ऑफ राजस्थान’।

लघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
पुरातात्विक स्रोतों में कौन-कौनसी सामग्री सम्मिलित होती है?
उत्तर:
पुरातात्विक स्रोतों में निम्न सामग्री सम्मिलित होती हैं-
(1) अभिलेख (2) स्मारक (3) मुद्राएँ (4) उत्खनन से प्राप्त सामग्री एवं कलाकृतियाँ (5) ताम्रपत्र आदि।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 3 के प्रश्न उत्तर इतिहास जानने के स्रोत

प्रश्न 2.
अभिलेख से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
अभिलेख – शिलालेखों (पत्थर की पट्टिकाओं), पाषाण-शिलाओं (पत्थर के बड़े-बड़े खण्डों), स्तम्भों, भवनों, गुफाओं की दीवारों, मूर्ति प्रतिमाओं, स्तूपों, मठों, तालाबों, खेतों में खड़ी शिलाओं, ताम्रपत्रों पर उत्कीर्ण किये हुए लेख, अभिलेख कहलाते हैं।

प्रश्न 3.
अभिलेखों की उपयोगिता का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
अभिलेखों की उपयोगिता – (1) अभिलेखों में शासक, उनके आश्रित लोगों, रानियों, राजकुमारों, सामन्तों आदि के नाम, घटना की तिथियाँ, शासन कार्यों और आज्ञाओं का उल्लेख मिलता है। (2) अभिलेखों से तत्कालीन सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक, सांस्कृतिक जीवन आदि की जानकारी मिलती है।

प्रश्न 4.
राजस्थान में पाये गये प्रमुख अभिलेखों के बारे में बताइये।
उत्तर:
राजस्थान के प्रमुख अभिलेख- राजस्थान के अभिलेखों में नगरी अभिलेख, कंसवा अभिलेख, घटियाला अभिलेख, किराडू अभिलेख, नांदसा और बर्नाला यूप (स्तम्भ) लेख, सामोली शिलालेख आदि प्रमुख हैं। इनसे राजस्थान की धार्मिक व्यवस्था, यज्ञों के प्रकार, भूमि तथा द्रव्यदान, राजनीतिक सीमा आदि की जानकारी प्राप्त होती है।

जैसे घटियाला अभिलेख से प्रतिहारों और बिजौलिया शिलालेख से चौहानों का इतिहास पता चलता है। चीरवा का शिलालेख रावल समरसिंह के युग की जानकारी देता है।

प्रश्न 5.
राजस्थान के प्रमुख स्मारकों का वर्णन कीजिए। इनसे क्या जानकारी मिलती है?
उत्तर:
राजस्थान के विभिन्न स्मारकों में चित्तौड़, जालोर, गागरोन, रणथम्भौर, आमेर, मेहरानगढ़, तारागढ़, कुम्भलगढ़ आदि दुर्ग महत्त्वपूर्ण हैं। इनके अलावा भवन, राजप्रासाद (महल), सार्वजनिक भवन, स्नानागार, जनसाधारण के घर, विहार, मठ, चैत्य, स्तूप, मंदिर, समाधि, बावड़ी, कूप आदि भी स्मारक हैं।

स्मारकों से हमें तत्कालीन स्थापत्य कला, धार्मिक विश्वास, उपासना पद्धति, मनुष्य की चेतना और समृद्धि का ज्ञान प्राप्त होता है।

प्रश्न 6.
हम्मीर महाकाव्य की रचना किसने की? इससे क्या जानकारी मिलती है?
उत्तर:
हम्मीर महाकाव्य की रचना नयनचन्द्र सूरि ने की थी। ‘हम्मीर महाकाव्य’ से चौहानों के इतिहास के साथ- साथ अलाउद्दीन खिलजी की रणथम्भौर विजय और उस समय की सामाजिक-धार्मिक स्थिति की जानकारी मिलती है।

निबन्धात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
इतिहास को जानने के स्रोत के रूप में मुद्राओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर:

  1. मुद्राएँ इतिहास को जानने के स्रोत की पुरातात्विक सामग्री हैं।
  2. मुद्राओं अथवा सिक्कों, छापों या प्रतीकों से किसी भी काल विशेष की राजनीतिक, धार्मिक, आर्थिक स्थिति का पता लगता है।
  3. मुद्राओं पर अंकित चिह्न, भाषा, लिपि, सन्, संवत्, नाम सहित धातु की शुद्धता, नाप-तौल आदि से हमें उस समय की समृद्धि आदि का ज्ञान होता है।
  4. सिक्के राज्य व शासक की शक्ति के सूचक भी हैं।
  5. राजस्थान के आहड़ रैड़, बैराठ, रंगमहल, सांभर सुखाणियां के उत्खनन से प्राप्त सिक्के और मुद्राओं से क्षत्रपों, मालव, चौहान, गुहिल आदि वंशों के काल के राज्य शासन, अधिकृत सीमा के बारे में जानकारी उपलब्ध होती है।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 3 के प्रश्न उत्तर इतिहास जानने के स्रोत

प्रश्न 2.
इतिहास के स्रोत के रूप में बर्तन और कलाकृतियों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:

  1. इतिहास के स्रोत के रूप में बर्तन और कलाकृतियों का बहुत महत्त्व है। उत्खनन से हमें तत्कालीन बर्तन आदि कलाकृतियाँ प्राप्त हुई हैं।
  2. कलाकारी में बर्तनों पर चित्रण, खम्भों पर खुदाई, किवाड़ों व गवाक्ष (गोखड़ों) की कारीगरी आदि भी देखने में आती है।
  3. हमें ऐसे बर्तन भी प्राप्त होते हैं, जिनकी बनावट, पॉलिश, रंग आदि उस काल की उत्कृष्ट कला को दर्शाते हैं।
  4. अनेक स्थानों से उत्खनन में प्राप्त मृदभाण्ड, प्याले, रकाबियाँ, धूपपात्र, दीपक आदि से तत्कालीन कला-कौशल को जाना जा सकता है।
  5. गणेश्वर (नीम का थाना, सीकर) की ताम्र संस्कृति के अवशेष, जोधपुरा (जयपुर) एवं नोह (भरतपुर) से प्राप्त काले एवं लाल मृदभाण्ड, आहड़ व गिलुण्ड से प्राप्त प्रस्तर, फलक आदि में भी उत्कृष्ट कला कौशल देखा जा सकता है।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 2 के प्रश्न उत्तर राजस्थान का इतिहास

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Class 6 Hamara Rajasthan Chapter 2 Question Answer in Hindi राजस्थान का इतिहास

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 2 के प्रश्न उत्तर

I. निम्नलिखित प्रश्नों के सही उत्तर के विकल्प को कोष्ठक में लिखिए-

1. मत्स्य जनपद की राजधानी थी-
(अ) मथुरा
(ब) अहिछत्रपुर
(स) विराटनगर
(द) बागोर
उत्तर:
(स) विराटनगर

2. कोटा-बूंदी वाला क्षेत्र कहलाता है-
(अ) हाड़ौती
(ब) जांगल
(स) मरु
(द) मेवात
उत्तर:
(अ) हाड़ौती

II. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

1. ब्यावर अजमेर का क्षेत्र ……………. के नाम से जाना जाता है।
उत्तर:
मेरवाड़ा

2. जयपुर एवं उसके आस-पास के क्षेत्र की भाषा ……………. कहलाती है।
उत्तर:
ढूंढाड़ी।

III. अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
महाभारत कालीन किन्हीं दो जनपदों के नाम बताइए।
उत्तर:
(1) मत्स्य (2) जांगल

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 2 के प्रश्न उत्तर राजस्थान का इतिहास

प्रश्न 2.
शेखावाटी में कौन-कौन से जिले आते हैं ?
उत्तर:
शेखावाटी में चुरू, झुंझुनूं तथा सीकर जिले आते हैं।

प्रश्न 3.
हसन खान मेवाती कौन था?
उत्तर:
हसन खान मेवाती मेवातियों का प्रसिद्ध नायक था जो खानवा के युद्ध में राणा सांगा की और से बाबर के विरुद्ध लड़ता हुआ मारा गया।

IV. लघुत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
पाँचवीं सदी के बाद राजस्थान के गणतंत्रीय जनपदों की व्यवस्था समाप्त क्यों हो गई?
उत्तर:
पाँचवीं सदी के बाद राजस्थान के गणतंत्रीय जनपदों पर हूण आक्रमण हुए। इन हूण आक्रमणों ने यहाँ के गणतंत्रीय जनपदों की व्यवस्था को समाप्त कर दिया। वृहदसंहिता नामक ग्रंथ में इनके पतन की चर्चा हैं।

प्रश्न 2.
किन्हीं तीन जनपदों या अंचलों के बारे में लिखिए।
उत्तर:
(1) जांगल – इस जनपद में वर्तमान बीकानेर, नागौर एवं जोधपुर का कुछ भाग आता था। इसकी राजधानी अहिछत्रपुर थी। जो कि वर्तमान नागौर प्रतीत होता है। पौराणिक आख्यानों के अनुसार यादव वंश के बलराम एवं श्रीकृष्ण द्वारिका जाते समय इसी क्षेत्र से गुजरे थे।

(2) मत्स्य- इस जनपद का उल्लेख ऋग्वेद में मिलता है। महाभारत में मत्स्य जनपद की राजधानी विराटनगर (बैराठ) थी। यह जनपद अलवर एवं जयपुर के मध्य स्थित था। इस स्थान का वर्णन चीनी यात्री युवानच्यांग ने भी किया है।

(3) मारवाड़ – प्राचीन मरु प्रदेश ही कालांतर में मारवाड़ कहलाया। सातवीं सदी में इसके मंडोर (जोधपुर) क्षेत्र पर गुर्जर-प्रतिहारों ने शासन किया। बाद में इस क्षेत्र पर राठौड़ वंश का आधिपत्य स्थापित हो गया।

Class 6 Hamara Rajasthan Chapter 2 Important Question Answer in Hindi

बहुचयनात्मक प्रश्न-

1. जांगल जनपद की राजधानी का क्या नाम था?
(अ) अहिछत्रपुर
(स) मथुरा
(ब) बैराठ
(द) चावंड
उत्तर:
(अ) अहिछत्रपुर

2. मालवों की दिग्विजय का यूप अभिलेख कहाँ लगा है?
(अ) जयपुर
(ब) नांदसा (भीलवाड़ा)
(स) मेदपाट (मेवाड़)
(द) मंडोर (जोधपुर)
उत्तर:
(ब) नांदसा (भीलवाड़ा)

3. जोधपुर का दक्षिण भाग किस नाम से जाना जाता है?
(अ) माड
(स) गुर्जरत्रा
(ब) शेखावाटी
(द) मेवात
उत्तर:
(स) गुर्जरत्रा

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 2 के प्रश्न उत्तर राजस्थान का इतिहास

4. किस जनपद वाले क्षेत्र को मेदपाट (मेवाड़) तथा प्राग्वाट भी कहा जाता था?
(अ) मालव
(ब) शूरसेन
(स) यौधेय
(द) शिबि।
उत्तर:
(द) शिबि।

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

1. मत्स्य जनपद के स्थान का वर्णन चीनी यात्री ……………. ने भी किया है।
उत्तर:
युवानच्यांग

2. शूरसेन जनपद की राजधानी ……………. थी।
उत्तर:
मथुरा

3. प्राचीन मरु प्रदेश ही कालांतर में ……………. कहलाया।
उत्तर:
मारवाड़

4. प्रतापगढ़ को ……………. के नाम से जाना जाता है।
उत्तर:
कांठल

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
प्राचीन भारत में जनपदों का निर्माण किस प्रकार आरम्भ हुआ?
उत्तर:
प्राचीन भारत में आर्यों ने छोटी-छोटी बस्तियों को मिलाकर जनपदों का निर्माण आरम्भ किया।

प्रश्न 2.
शिबि जनपद की राजधानी का नाम क्या था?
उत्तर:
शिबि जनपद की राजधानी का नाम मज्झमिका या माध्यमिका था।

प्रश्न 3.
यौधेय राजस्थान के किस भाग में स्थित था?
उत्तर:
यौधेय राजस्थान के उत्तरी भाग में स्थित था।

प्रश्न 4.
उत्तरी राजस्थान से कुषाण शक्ति को किसने नष्ट किया?
उत्तर:
उत्तरी राजस्थान से कुषाण शक्ति को यौधेयों ने नष्ट किया।

प्रश्न 5.
किस काल तक गणतंत्रीय व्यवस्थाएँ अपने-अपने क्षेत्र में बनी रहीं?
उत्तर:
गुप्त काल तक गणतंत्रीय व्यवस्थाएँ अपने-अपने क्षेत्र में बनी रहीं।

प्रश्न 6.
गणतंत्रीय व्यवस्थाओं के पतन की चर्चा किस ग्रंथ में मिलती है?
उत्तर:
वृहदसंहिता नामक ग्रंथ में गणतंत्रीय व्यवस्थाओं के पतन की चर्चा मिलती है।

प्रश्न 7.
प्राचीन शिबि जनपद वाले क्षेत्र को क्या कहा गया?
उत्तर:
प्राचीन शिबि जनपद वाले क्षेत्र को मेवाड़ कहा गया।

प्रश्न 8.
कौनसा क्षेत्र मेवात कहलाता है?
उत्तर:
अलवर- भरतपुर का वह क्षेत्र जहाँ मेव जाति की अधिकता रही, मेवात कहलाता है।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 2 के प्रश्न उत्तर राजस्थान का इतिहास

प्रश्न 9.
जैसलमेर क्षेत्र क्या कहलाता है?
उत्तर:
जैलसलमेर क्षेत्र को माड या वल्ल कहा जाता है।

प्रश्न 10.
राजस्थान के किन्हीं दो अंचलों के नाम लिखिए।
उत्तर:
(1) हाड़ौती (2) शेखावाटी

लघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
प्राचीन काल में राजस्थान किन राजनीतिक इकाइयों में बँटा था?
उत्तर:
प्राचीन काल में राजस्थान विभिन्न जनपदों एवं अंचलों में विभक्त था। ये जनपद एवं अंचल भौगोलिक स्थान अथवा वहाँ रहने वाली जाति के नाम से जाने जाते थे, जैसे- जांगल, मरु, अर्जुनायन, शिबि, मेवात, हाड़ौती आदि।

प्रश्न 2.
कौनसा क्षेत्र शिबि जनपद के नाम से जाना जाता था? इसके बारे में बताइये।
उत्तर:
शिबि जनपद- आधुनिक उदयपुर के पूर्व, पश्चिम तथा उत्तर के संभागीय प्रदेश में शिबि जाति ने आधिपत्य स्थापित किया। इसलिए यह शिबि जनपद के नाम से जाना जाता था। इसकी राजधानी मज्झमिका या माध्यमिका थी, जिसके अवशेष चित्तौड़गढ़ के पास, नगरी नामक गाँव में मिलते हैं। इस भूभाग को मेदपाट (मेवाड़) तथा प्राग्वाट भी कहा जाता था।

प्रश्न 3.
अर्जुनायन के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर:
अर्जुनायन – भरतपुर- अलवर प्रान्त के अर्जुनायन अपनी विजयों के लिए प्रसिद्ध थे। अर्जुनायनों ने मालवों के साथ मिलकर विदेशी क्षत्रपों को परास्त किया था।

प्रश्न 4.
मालव जनपद के बारे में लिखिए।
उत्तर:
मालव- मालवों की शक्ति का केन्द्र जयपुर के निकट नगर था। (यह वर्तमान में टोंक जिले में स्थित है) कालांतर में ये अजमेर, टोंक एवं मेवाड़ क्षेत्र तक फैल गए। टोंक प्रतापगढ़ एवं झालावाड़ का क्षेत्र मालव देश के अन्तर्गत आता था। मालवों की दिग्विजय का यूप अभिलेख नांदसा (भीलवाड़ा) में लगा है।

प्रश्न 5.
राजस्थान का कौनसा क्षेत्र वागड़ के नाम से जाना जाता था? इसके बारे में लिखिए।
उत्तर:
वागड़ – राजस्थान में दो क्षेत्र वागड़ के नाम से जाने जाते थे – एक डूंगरपुर, बांसवाड़ा व दूसरा पिलानी के पास नरहड़, भादरा, नोहर तथा कनणा का क्षेत्र। किन्तु अधिकतर दक्षिणी राजस्थान के डूंगरपुर, बांसवाड़ा के भूभाग को ही वागट् या वागड़ कहा गया तथा इसकी बोली को वागड़ी कहा गया।

प्रश्न 6.
हाड़ौती अंचल का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर:
हाड़ौती- बूंदी एवं कोटा का क्षेत्र हाड़ौती कहलाता है। प्राचीनकाल में इस भू-भाग पर मीणा जनजाति का आधिपत्य था। मीणा वंश के बूंदा के नाम पर ही बूंदी का नामकरण हुआ। कालांतर में चौहान वंश की हाड़ा शाखा ने इस क्षेत्र पर अधिकार कर लिया। तभी से इस भूभाग को एवं यहाँ की बोली को हाड़ौती कहा जाने लगा।

प्रश्न 7.
ढूंढाड़ के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर:
ढूंढाड़ – जयपुर एवं उसके आस-पास के क्षेत्र को ढूंढाड़ के नाम से जाना जाता था। बारहवीं सदी में कछवाह राजपूतों ने यहाँ की स्थानीय जनजाति के मीणों और बड़गुर्जरों को परास्त कर अपने राजवंश की नींव डाली। यहाँ की भाषा ढूंढाड़ी कहलाती है।

निबन्धात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
मरु प्रदेश के बारे में विस्तार से लिखिए।
उत्तर:
मरु प्रदेश- प्राचीन ग्रन्थों, ऋग्वेद, पौराणिक ग्रन्थों, रामायण, चरक संहिता, महाभारत एवं वृहत् संहिता में मरु प्रदेश का वर्णन आता है। मरु प्रदेश आर्यों का प्रारंभिक जनतंत्र था, जिसमें वर्तमान के बीकानेर, नागौर, चुरू, श्रीगंगानगर, जैसलमेर एवं बाड़मेर के कुछ भाग सम्मिलित थे। कालांतर में इस क्षेत्र में कुछ विस्तार हुआ और कुरू, मद्र तथा जांगल नामक जनपदों का निर्माण हुआ।

प्रश्न 2.
शूरसेन जनपद से सम्बन्धित प्रमुख बातें लिखिये।
उत्तर:
शूरसेन –

  1. राजस्थान के भरतपुर, धौलपुर तथा करौली के अधिकतर भू-भाग प्राचीन शूरसेन जनपद में सम्मिलित थे।
  2. शूरसेन जनपद की राजधानी मथुरा थी।
  3. चौथी शताब्दी ई. पू. के यूनानी लेखकों ने सिकंदर के समय में शूरसेन या सौरसेन का उल्लेख किया है।
  4. बयाना प्रशस्ति में भी शूरसेन नामक राजवंश का वर्णन मिलता है।
  5. सिकंदर के आक्रमण के पश्चात् अपनी स्वतंत्रता को सुरक्षित रखने को उत्सुक पंजाब और टक्क की कुछ जतियाँ राजस्थान में आकर बस गईं।
  6. इनमें मालव, शिबि, अर्जुनायन आदि जातियाँ प्रमुख थीं जिन्होंने अपने नाम से नये जनपदों की स्थापना कीं।

हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 2 के प्रश्न उत्तर राजस्थान का इतिहास

प्रश्न 3.
मेवाड़ अंचल में कौनसे क्षेत्र शामिल थे? वर्णन कीजिए।
उत्तर:
मेवाड़ – प्राचीन शिबि जनपद वाला क्षेत्र कालांतर में मेवाड़ कहलाया। मेवाड़ अंचल में आधुनिक उदयपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, भीलवाड़ा आदि क्षेत्र शामिल रहे थे। इस क्षेत्र पर सातवीं शताब्दी से आधुनिक राजस्थान के निर्माण तक गुहिल – सिसोदिया वंश का राज्य रहा। नागदा, आहाड़, कल्याणपुर, चित्तौड़गढ़, कुम्भलगढ़, चावंड, उदयपुर आदि समय-समय पर इसकी राजधानी रही। यहाँ की बोली मेवाड़ी है।