RBSE Solutions for Class 8 Social Science Chapter 9 समकालीन भारतीय समाज

Rajasthan Board RBSE Class 8 Social Science Chapter 9 समकालीन भारतीय समाज

RBSE Solutions for Class 8 Social Science

RBSE Class 8 Social Science समकालीन भारतीय समाज Intext Questions and Answers

RBSE Solutions for Class 8 Social Science Chapter 9 समकालीन भारतीय समाज

पृष्ठ – 74

गतिविधि

प्रश्न 1.
अपने गाँव या शहर में प्रचलित सामाजिक कुप्रथाओं की सूची बनाइए।
उत्तर:
हमारे गाँव या शहर में प्रचलित कुप्रथाएँ –

  1. मृत्यु भोज
  2. विधवा होने पर उसके बाल कटवाना
  3. विधवा विवाह को मान्यता न देना
  4. कुछ वर्गों में लड़कियों और लड़कों में भेद रखना
  5. लड़कियों को नहीं पढ़ाना
  6. लड़कियों के घर से बाहर निकलने पर प्रतिबन्ध
  7. झाड़ – फूंक पर विश्वास करना
  8. जातिवाद आदि

प्रश्न 2.
परिवार या मोहल्ले के बड़े बुजुर्गों से उनके बचपन से लेकर वर्तमान समय तक सामाजिक परम्पराओं में हुए बदलावों पर चर्चा करके एक चार्ट तैयार कीजिए।
उत्तर:
बुजुर्गों के बचपन से वर्तमान काल तक की सामाजिक परम्पराएँ –

  1. संयुक्त परिवार एवं बड़े परिवार।
  2. बहुत से झगड़ों का निपटारा गाँव – मोहल्ले में वयोवृद्ध कर देते थे।
  3. त्योहारों को सभी समाज के लोग आपस में मिलकर मनाते थे।
  4. दूसरों के सुख दुख में काम आते थे।
  5. महिला शिक्षा पर प्रतिबंध था।
  6. कुछ समाजों मे विधवा विवाह को मान्यता नहीं दी जाती थी।
  7. लड़कियाँ अपनी पसन्द से रहन – सहन और पहनावा नहीं कर सकती थीं।
  8. अन्धविश्वास बहुत प्रचलित थे।

वर्तमान में आये बदलाव –

  1. परिवारों का बँटवारा, परिवार छोटे हो गए।
  2. छोटे – से – छोटा मामला पुलिस और न्यायालय तक पहुँचता
  3. सभी अपना – अपना अलग कार्यक्रम बनाते हैं।
  4. अपने – आप में व्यस्त रहते हैं।
  5. महिलाएँ पढ़ने लगी हैं व नौकरी भी करने लगी हैं।
  6. अब विधवा विवाह होने लगे हैं।
  7. लड़कियों को अपनी पसन्द का मौका दिया जा रहा है।
  8. अन्धविश्वास में बहुत कमी आयी है।

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प्रश्न 3.
अपने परिवार के बुजुर्ग सदस्यों से चर्चा करके आज से लगभग 30 वर्ष पूर्व से वर्तमान समय तकविवाह समारोहों के आयोजनों में आये परिवर्तनों की सूची बनाइए।
उत्तर:
विवाह समारोहों में आये परिवर्तन –

  1. आजकल के विवाह समारोह अत्यधिक खर्चीले हो गए
  2. इनमें काफी शोर – शराबा होने लगा है।
  3. अनेक विवाह सम्पन्न कराने के केन्द्र खुल जाने से जहाँ लोगों को सुविधा मिली है, वहीं खर्चे भी बढ़ गए हैं।
  4. आजकल के विवाह समारोहों में व्यवस्थाएँ पूर्व नियोजित हो गई हैं।
  5. दिखावे का प्रचलन अधिक बढ़ गया है।
  6. अधिकांश लोग अब विवाह वाटिकाओं को किराए पर लेकर समारोह आयोजित करते हैं।
  7. बने – बनाये भोजन की व्यवस्था का प्रचलन बढ़ गया है।
  8. आजकल विवाह प्रबंधक भी बढ़ गए हैं जो विवाह की व्यवस्थाओं को देखते हैं।
  9. कुछ नयी – नयी प्रथाएँ भी पनपने लगी हैं जैसे – कई तरह के गाजे-बाजे, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी आदि।
  10. लोगों द्वारा उपहार देने की परम्परा प्रचलित हो गई है।
  11. अन्तर्जातीय विवाह बढ़ गये हैं।
  12. अत्यधिक दहेज देने की प्रथा का उदय हुआ है।

RBSE Class 8 Social Science समकालीन भारतीय समाज Text Book Questions and Answers

पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
सही विकल्प को चुनिए –
(i) भारत की कुल जनसंख्या का कार्यशील भाग है …………………
(अ) 60.29 प्रतिशत
(ब) 50.21 प्रतिशत
(स) 45.01 प्रतिशत
(द) 30 प्रतिशत
उत्तर:
(अ) 60.29 प्रतिशत

(ii) राजस्थान की पुरुष साक्षरता दर है …………………
(अ) 79.02.
(ब) 62.15
(स) 40.12
(द) 34.12
उत्तर:
(अ) 79.02

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प्रश्न 2.
स्तम्भ ‘अ’ को स्तम्भ ‘ब’ से सुमेलित कीजिए।
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उत्तर:
(i). (c)
(ii). (d)
(iii). (b)
(iv). (a)

प्रश्न 3.
पारिवारिक एवं नातेदारी सम्बन्धों में बदलाव के कारणों पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
वर्तमान में शहरी जीवन शैली की प्रधानता बढ़ने, शिक्षा और व्यवसाय के कारण पारिवारिक और नातेदारी सम्बन्धों में बदलाव आया है। शहरी रहन-सहन ने संयुक्त परिवार के स्वरूप को कमजोर किया है। एकल और छोटे परिवारों की संख्या बढ़ती जा रही है। नातेदारी सम्बन्ध सीमित होते जा रहे हैं। शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात् युवाओं को रोजगार के लिए या व्यवसाय के लिए घर छोड़ना पड़ता है और कभी-कभी अत्यधिक व्यस्तता के कारण वे पारिवारिक एवं नातेदारी सम्बन्धों से विलग होने लगते हैं।

प्रश्न 4.
“बाजारीकरण के प्रभाव से भारतीय लोगों के रहन-सहन और जीवन शैली में परिवर्तन आ रहा है।” स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
समाज में बाजारवाद के दबाव में उपभोक्तावाद बढ़ता । जा रहा है। उपभोक्तावादी जीवन शैली में आप अपने घर को किस तरह सजाते हैं, किस तरह के कपड़े पहनते हैं, किस तरह के मनोरंजन को पसन्द करते हैं, शादी आदि समारोह किस तरह आयोजित करते हैं, वस्तु का कौन-सा प्रारूप उपयोग करते हैं-ये सब बातें लोगों की समाज में उनकी प्रस्थिति और प्रतिष्ठा से जुड़ गई हैं। अधिक – से – अधिक वस्तुओं को खरीदना, उनका उपयोग व प्रदर्शन करना, यह लोगों की जीवन शैली बन चुकी है। संस्कृति भी बाजार का हिस्सा बन चुकी है। भारतीय संस्कृति के गौरव-योग, आयुर्वेद और पुष्कर जैसे मेलों पर बाजारीकरण के प्रभाव परिलक्षित होना इसके उदाहरण हैं।

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प्रश्न 5.
“भारतीय समाज का स्वरूप अब ग्रामीण की बजाय नगरीय होता जा रहा है।” उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर:
20वीं शताब्दी के आरम्भिक काल में भारत की कुल जनसंख्या की मात्र 11% आबादी शहरों में रहती थी। किन्तु 21वीं शताब्दी में भारत की 31.16% जनसंख्या (जनगणना 2011 के अनुसार) शहरों में रहने लगी है। इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि कृषि आधारित ग्रामीण जीवन शैली का आर्थिक और सामाजिक महत्व घटता जा रहा है। वहीं उद्योग आधारित नगरीय जीवन शैली का प्रभाव समाज में बढ़ता जा रहा है। सकल घरेलू उत्पाद में कृषि का योगदान जहाँ पहले आधे से अधिक रहता था, वहीं अब यह घटकर एक – चौथाई रह गया है।

रेडियो, टेलीविजन, समाचार-पत्र जैसे जनसम्पर्क एवं जनसंचार के साधनों के माध्यम से ग्रामीण लोग नगरीय चमक – दमक और सुख – सुविधाओं से सुपरिचित हो जाते हैं। उनमें भी वैसा ही जीवन जीने की लालसा उत्पन्न हो जाती है। बाजार की ताकतें ग्रामीण क्षेत्रों पर भी छा गई हैं। छोटे गाँव से बड़े गाँव या कस्बे तथा शहर की ओर बढ़ते हुए जनसंक्रमण और टेलीविजन आदि जनसंचार के साधन निरन्तर ग्रामीण तथा नगरीय जीवन के बीच की खाई को पाटते जा रहे हैं। अतः स्पष्ट है कि भारतीय समाज का स्वरूप अब ग्रामीण की बजाय नगरीय होता जा रहा है।

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वस्तुनिष्ठ प्रश्न

Question 1.
भारतीय समाज है …………………
(क) विविधतायुक्त समाज
(ख) जीवन्त समाज
(ग) गतिशील समाज
(घ) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(घ) उपर्युक्त सभी

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Question 2.
भारतीय सामाजिक व्यवस्था में पवित्र संस्कार किसे माना गया है?
(क) जन्म को
(ख) उपनयन को
(ग) विवाह को
(घ) चूडामणि को
उत्तर:
(ग) विवाह को

Question 3.
किस प्रथा का उन्मूलन हो चुका है?
(क) बाल विवाह
(ख) सती प्रथा
(ग) दहेज प्रथा
(घ) जातिवाद
उत्तर:
(ख) सती प्रथा

Question 4.
विवाह हेतु शुल्क लेकर विवाह तय करने व सम्पन्न करने का कार्य कौन करते हैं?
(क) विवाह ब्यूरो
(ख) न्यूज ब्यूरों
(ग) पॉलिटिकल ब्यूरो
(घ) भौगोलिक ब्यूरो
उत्तर:
(क) विवाह ब्यूरो

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Question 5.
आधुनिक नीतियों और क्रिया-कलापों का प्रभाव पड़ा …………………
(क) जनजातीय संस्कृति पर
(ख) समाज पर
(ग) अर्थव्यवस्था पर
(घ) इन सभी पर
उत्तर:
(घ) इन सभी पर

Question 6.
भारत में पुरुष साक्षरता का प्रतिशत कितना है?
(क) 70.12 प्रतिशत
(ख) 82.14 प्रतिशत
(ग) 65.46 प्रतिशत
(घ) 79.02 प्रतिशत
उत्तर:
(ख) 82.14 प्रतिशत

Question 7.
राजस्थान में महिला साक्षरता प्रतिशत कितना है?
(क) 79.02 प्रतिशत
(ख) 65.46 प्रतिशत
(ग) 52.10 प्रतिशत
(घ) 82.14 प्रतिशत
उत्तर:
(ग) 52.10 प्रतिशत

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Question 8.
2011 की जनगणना के अनुसार भारत में प्रति हजार पुरुषों की आबादी पर महिलाएँ हैं …………………
(क) 743
(ख) 928
(ग) 943
(घ) 993
उत्तर:
(ग) 943

स्तम्भ ‘अ’ को स्तम्भ’ब’से सुमेलित कीजिए

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उत्तर:
(i). (b)
(ii). (c)
(iii). (d)
(iv). (c)

RBSE Solutions for Class 8 Social Science Chapter 9 समकालीन भारतीय समाज 3उत्तर:
उत्तर:
(i). (d)
(ii). (c)
(iii). (a)
(iv). (b)

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –

  1. संयुक्त परिवार के बिखरने का कारण नगरीकरण और ………………… है।
  2. वर्तमान समाज में ………………… प्रथा का उन्मूलन हो चुका है।
  3. समाज में बाजारवाद के दबाव में ………………… बढ़ता जा रहा
  4. 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की ………………… प्रतिशत जनसंख्या शहरों में रहने लगी है।
  5. भारतीय समाज का स्वरूप अब ग्रामीण की बजाय ………………… होता जा रहा है।

उत्तर:

  1. औद्योगीकरण
  2. सती
  3. उपभोक्तावाद
  4. 31.16
  5. नगरीय

अति लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
भारतीय समाज की एक विशेषता लिखिए।
उत्तर:
भारतीय समाज एक विविधतायुक्त समाज है।

प्रश्न 2.
भारतीय समाज में परिवर्तन का प्रमुख कारण ‘क्या है?
उत्तर:
पाश्चात्य शिक्षा एवं संस्कृति का प्रभावी होना।

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प्रश्न 3.
भारतीय समाज में कार्यात्मक रूप से परिवार की कौन-सी व्यवस्था प्रचलित है?
उत्तर:
भारतीय समाज में कार्यात्मक रूप से संयुक्त परिवार व्यवस्था प्रचलित है।

प्रश्न 4.
दो कुप्रथाओं के नाम लिखिए जो हमारे समाज में आज भी मौजूद हैं?
उत्तर:

  1. दहेज प्रथा
  2. बाल विवाह

प्रश्न 5.
महिलाओं की स्थिति में परिवर्तन कैसे आ रहा है?
उत्तर:
शिक्षा एवं रोजगार से महिलाओं की स्थिति में परिवर्तन आ रहा है।

प्रश्न 6.
भारतीय संस्कृति के कोई दो गौरव बताइए।
उत्तर:

  1. योग
  2. आयुर्वेद

प्रश्न 7.
किस रूप में जातिवाद मजबूत हो रहा है?
उत्तर:
सामाजिक संस्था के रूप में जातिवाद मजबूत हो रहा है।

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प्रश्न 8.
ऐसे दो माध्यमों के नाम लिखिए जिनसे लोगों में तड़क – भड़क वाला जीवन जीने की लालसा बढ़ी है?
उत्तर:
टेलीविजन एवं समाचार पत्र।।

प्रश्न 9.
शक्ति सम्पन्न होने का महत्वपूर्ण साधन क्या है?
उत्तर:
साक्षरता शक्ति सम्पन्न होने का महत्वपूर्ण साधन है।

प्रश्न 10.
भारत में पुरुष एवं महिला साक्षरता दर कितनी है?
उत्तर:
भारत में पुरुष साक्षरता 82.14% तथा महिला साक्षरता 65.46% है।

प्रश्न 11.
राजस्थान में पुरुष एवं महिला साक्षरता कितनी है?
उत्तर:
राजस्थान में पुरुष साक्षरता 79.02% तथा महिला साक्षरता 52.10% है।

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प्रश्न 12.
लिंगानुपात सुधार के लिए किसी एक योजना का नाम लिखिए।
उत्तर:
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना।

लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
भारतीय समाज की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
भारतीय समाज की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं –

  1. भारतीय समाज एक विविधता युक्त समाज है।
  2. विविधता युक्त होते हुए भी इसमें अनोखी समानता एवं एकता विद्यमान है।
  3. भारतीय समाज का इतिहास अत्यन्त प्राचीन है।
  4. भारतीय समाज एक जीवन्त व गतिशील समाज है।
  5. भारतीय समाज आधुनिकता के साथ-साथ परम्परागत मूल्यों में विश्वास रखता है।

प्रश्न 2.
भारतीय समाज में विवाह की क्या स्थिति है? समझाइए।
उत्तर:
भारतीय सामाजिक व्यवस्था में विवाह एक पवित्र संस्कार माना जाता रहा है। किन्तु वर्तमान में इसकी प्रकृति एवं स्वरूप में परिवर्तन आ रहा है। विवाह एक पवित्र संस्कार से समझौते की स्थिति में आ गया है। विवाह सम्बन्धों के स्थायित्व में कमी देखी जा रही है। हिन्दू समाज में भी तलाक का चलन प्रारम्भ होने के साथ-साथ यह बढ़ भी रहा है, विशेषकर शहरी क्षेत्रों में स्थिति चिन्ताजनक है।

प्रश्न 3.
संयुक्त परिवारों के बिखराव से कैसी दशाएँ उत्पन्न हो गयी हैं?
उत्तर:
संयुक्त परिवारों के बिखराव से निम्नलिखित दशाएँ उत्पन्न हो गयी है –

  1. परिवार में वरिष्ठ सदस्यों की जगह स्वयं निर्णय लेने की प्रवृत्ति बढ़ी है।
  2. परिवार के लोग सिर्फ अपनी रुचि के अनुसार ही कार्य करने लगे हैं।
  3. शहरों में पड़ोसी परम्परा का अभाव मिलता है।
  4. अपनेपन व भाइचारे की भावना समाप्त हो गई है।
  5. पारिवारिक सदस्यों के बीच आपसी विश्वास में कमी आयी है।

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प्रश्न 4.
आजकल सामाजिक प्रथाओं में क्या परिवर्तन आए हैं?
उत्तर:
प्राचीन समय में अनेक सामाजिक प्रथाएँ प्रचलित थीं जिनमें से कई अपना रूप बदल चुकी हैं और कुछ समाप्त हो चुकी हैं। समाज से सती प्रथा का उन्मूलन हो चुका है। कानूनी प्रतिबन्ध के बावजूद दहेज प्रथा और कुछ मात्रा में बाल विवाह आज भी समाज में मौजूद हैं। विवाह आदि समारोहों में फिजूलखर्ची और दिखावा बढ़ता जा रहा है किन्तु साथ ही दूसरी ओर सामूहिक विवाह सम्मेलनों का चलन भी चल पड़ा है। अनेक परम्परावादी विश्वासों और नुकसानदायक प्रथाओं को त्याग दिया गया है। आज अनेक परम्परागत सामाजिक निषेधों को उपेक्षित किया जा रहा है। बाजार और आधुनिकता के दबाव में सामाजिक प्रथाओं, त्यौहारों और रीति – रिवाजों के तौर-तरीके बदल चुके हैं।

प्रश्न 5.
“बाजारीकरण बढ़ता जा रहा है।” इस कथन को उदाहरण देकर समझाइए?
उत्तर:
बाजारीकरण विस्तृत होता जा रहा है। उदाहरण के लिए अब विवाह जैसे पारिवारिक व सामाजिक कार्य भी व्यावसायिक ‘विवाह ब्यूरो’ फीस लेकर तय व सम्पन्न कराने में भूमिका निभाने लगे हैं। जहाँ पहले सामाजिक कौशल और शिष्टाचार जैसे गुण व्यक्ति को परिवार के लोगों द्वारा सिखाए जाते थे, वहीं अब व्यावसायिक संस्थान व्यक्तित्व सँवारने के पाठ्यक्रम चला रहे हैं। लगभग चार दशक पूर्व लोग पानी के बाजारीकरण की सोचते भी न थे, वहीं अब गाँवों तक में पानी की बोतल बिक्री के लिए उपलब्ध होना कोई आश्चर्य की बात नहीं है।

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प्रश्न 6.
भारत में साक्षरता सम्बन्धी विषमता का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
साक्षरता शक्ति सम्पन्न होने का. महत्वपूर्ण साधन है। साक्षर व्यक्तियों में आजीविका के विकल्पों के बारे में जागरूकता अधिक होती है और वे ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में भाग लेते हैं। भारत में विभिन्न सामाजिक समूहों में साक्षरता सम्बन्धी स्थिति में बहुत भिन्नता पायी जाती है। देश में जहाँ पुरुष साक्षरता 82.14% है, वहीं महिला साक्षरता 65.46% ही है। राजस्थान में पुरुष साक्षरता 79.02% है जबकि महिलाओं की साक्षरता केवल 52.10% है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा पिछड़े वर्ग की महिलाएँ साक्षरता में अधिक पिछड़ी हुई हैं। एक ओर केरल जैसे राज्य में उच्च साक्षरता मिलती है तो दूसरी ओर बिहार जैसे राज्यों में साक्षरता कम पायी जाती है।

प्रश्न 7.
भारत में गिरते लिंगानुपात के क्या कारण हैं? इसको बराबर लाने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं?
उत्तर:
भारत में गिरते लिंगानुपात का मुख्य कारण लड़कियों के प्रति भेदभाव तथा लड़कों को वंश चलाने वाला मानना है। हालांकि इस स्थिति के लिए उत्तरदायी एक कारण-भ्रूण के लिंग के परीक्षण पर नियन्त्रण व रोक लगाने के लिए कानून बनाकर इसे दण्डात्मक अपराध घोषित कर दिया गया है। साथ ही साथ लिंगानुपात में सुधार के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना एक ऐसा ही अभियान है।

निबन्धात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
परिवार और नातेदारी को शहरीकरण, शिक्षा एवं व्यवसाय ने किस प्रकार प्रभावित किया है? समझाइए।
उत्तर:
वर्तमान में शहरी जीवन शैली की प्रधानता बढ़ रही है। शहरी रहन-सहन ने संयुक्त परिवार के स्वरूप को कमजोर किया है। एकल और छोटे परिवारों का जोर बढ़ता जा रहा है। रिश्तेदारी सम्बन्ध सीमित होते जा रहे हैं। यद्यपि ग्रामीण क्षेत्रों में ये सम्बन्ध अब भी शहरी क्षेत्रों के मुकाबले अधिक निकट के बने हुए हैं। परिवार के परम्परागत कार्यों में परिवर्तन होता जा रहा है। परम्परागत व्यवसाय के स्थान पर नये काम-धन्धे अपनाए जाने लगे हैं जैसे किसान का बेटा अब खेती से अलग कार्य करने लगा है। शिक्षा प्राप्त अनेक युवक नया व्यवसाय करते हैं जिसके अवसर प्रायः उनके पैतृक स्थानों पर उपलब्ध नहीं होते हैं।

फलस्वरूप वे अपने पैतृक परिवार से अलग हो जाते हैं। बहुत से ग्रामीण युवा गाँव से शहरों में और छोटे शहरों से बड़े शहरों में चले जाते हैं। सामान्यतः एक बात अब भी देखी जा सकती है, वह यह है कि परिवार चाहे अलग-अलग स्थानों पर रह रहे हों, परन्तु माता-पिता तथा सगे-सम्बन्धियों के प्रति सामाजिक कर्तव्यों को आज भी निभाने का प्रयास किया जाता है। अब परिवार में वरिष्ठ सदस्य के स्थान पर स्वयं निर्णय लेने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। परिवार के सदस्य अपने पेशे, शिक्षा, मनोरंजन और राजनीतिक जीवन में अलग-अलग रुचियों के अनुसार फैसले लेते हैं।

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प्रश्न 2.
“भारत में जाति प्रथा अपना स्वरूप बदल रही है इस कथन को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
भारत की वर्तमान स्थिति में जाति के धार्मिक आधार समाप्त हो रहे हैं। किन्तु सामाजिक संस्था के रूप में जाति मजबूत हो रही है। राजनीतिक रूप से जातिवाद में वृद्धि हुई है। जातीय संगठन मजबूत हुए हैं। वर्चस्व स्थापित करने की होड़ ने जातीय सद्भाव को ठेस पहुँचाई है। जाति चुनावी राजनीति का आधार बन गई है। सार्वभौम वयस्क मताधिकार पर आधारित चुनावी लोकतन्त्र ने उन जातियों को राजनीतिक शक्ति प्रदान कर दी है, जिनकी जनसंख्या बहुत अधिक है। ये जातियाँ राजनीति और खेतिहर व्यवस्था में निर्णायक भूमिका अदा कर रही हैं। देश की विकासात्मक नीतियों से लाभान्वित शहरी उच्च वर्ग व उच्च मध्यम वर्ग के लिए जातीयता का महत्व कम हो गया प्रतीत होता है। इन्हें किसी गम्भीर प्रतिस्पर्धा का सामना नहीं करना पड़ता।

ये समाज में विशेषाधिकार प्राप्त स्थिति में आ गए हैं। शिक्षित वर्ग ने अतिवादी जातीय व्यवहारों को छोड़ना प्रारम्भ कर दिया है। वे व्यक्तिवाद और योग्यता को अधिक महत्व देते हैं। नगरीकरण और शहरों में सामूहिक रहन-सहन की परिस्थितियों ने जाति-बन्धन के परम्परागत स्वरूपों को दुर्बल बनाया है। अन्तर्जातीय विवाह बढ़ते जा रहे हैं। अब एक जाति विशेष में जन्मा व्यक्ति आसानी से व्यवसाय परिवर्तन कर सकता है। अब कोई भी परम्परागत जातीय व सामाजिक नियम नहीं है कि अमुक कार्य केवल उसी जाति के व्यक्ति ही करेंगे।

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