RBSE Solutions for Class 8 Social Science Chapter 24 राष्ट्रीय आन्दोलन

Rajasthan Board RBSE Class 8 Social Science Chapter 24 राष्ट्रीय आन्दोलन

RBSE Solutions for Class 8 Social Science

RBSE Class 8 Social Science राष्ट्रीय आन्दोलन Intext Questions and Answers

RBSE Solutions for Class 8 Social Science Chapter 24 राष्ट्रीय आन्दोलन

पृष्ठ – 157

गतिविधि

प्रश्न 1.
हिन्दुस्तान की स्वतन्त्रता के बाद दुनिया के किन देशों से अंग्रेजों का राज्य समाप्त हो गया? एक सूची बनाइए। अपने अध्यापक की मदद लीजिए।
उत्तर:
हिन्दुस्तान की स्वतंत्रता से प्रेरित होकर विश्व के अन्य देश भी स्वतंत्र होने के लिए जागरूक हुए। परिणामस्वरूप विश्व के कई अन्य देशों से अंग्रेजी प्रभाव जाता रहा। ये देश निम्नलिखित थे।
एन्टीगुआ व बारबुडा – 1 नवम्बर, 1981
बहामस – 10 जुलाई, 1972
बहरीन – 16 दिसम्बर, 1971
बारबडोस – 30 नवम्बर, 1966
बेलिज – 21 सितम्बर, 1981
बोत्सवाना – 30 सितम्बर, 1966
ब्रुनेई – 1 जनवरी, 1984
बर्मा – 4 जनवरी, 1948
साइप्रस – 1 अक्टूबर, 1960
डोमिनिका – 3 नवम्बर, 1978
फिजी – 10 अक्टूबर, 1970
गेम्बिया – 18 फरवरी, 1965
घाना – 6 मार्च, 1957
ग्रेनेडा – 7 फरवरी, 1974
गुयाना – 26 मई, 1966
जमैका – 6 अगस्त, 1962
केन्या – 12 दिसम्बर, 1963
किरिबाटी – 12 जुलाई, 1979
कुवैत – 25 फरवरी, 1961
लेसोथो – 4 अक्टूबर, 1966
मालावी – 6 जुलाई, 1964
मलेशिया – 31 अगस्त, 1957
मालदीव – 26 जुलाई, 1965
माल्टा – 21 सितम्बर, 1964
मॉरिशस – 12 मार्च, 1968
नाइजीरिया – 1 अक्टूबर, 1960
सेंट किट्स एण्ड नेविस – 19 सितम्बर, 1983
सेंट लूसिया – 22 फरवरी, 1979
सेशल्स – 29 जून, 1976
सियरालियोन – 27 अप्रैल, 1961
सोलोमन द्वीप – 7 जुलाई, 1978
श्रीलंका – 4 फरवरी, 1948
सूडान – 1 जनवरी, 1956
स्वाजीलैण्ड – 6 सितम्बर, 1968
तन्जानिया – 9 दिसम्बर, 1961
त्रिनिदाद व टोबेगो – 31 अगस्त, 1962
टुवालू – 1 अक्टूबर, 1978
युगांडा – 9 अक्टूबर, 1962
संयुक्त अरब अमीरात – 2 दिसम्बर, 1971
जाम्बिया – 24 अक्टूबर, 1964
जिम्बाब्वे – 18 अप्रैल, 1980

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प्रश्न 2.
अपने क्षेत्र में प्रजामण्डल में शामिल लोगों के नाम पता करो और जानो कि यहाँ प्रजामण्डल किस तरह से काम कर रहा था?
उत्तर:
हमारा क्षेत्र जयपुर प्रजामण्डल के अन्तर्गत आता है। इसकी स्थापना 1931 ई. में तथा पुनर्स्थापना 1938 में की गई। जयपुर प्रजामण्डल के प्रमुख व्यक्ति – कर्पूरचंद पाटनी, सेठ जमनालाल बजाज, अर्जुनलाल सेठी, हीरालाल शास्त्री, चिरंजीलाल मिश्रा, बाबा हरिश्चन्द्र, हरलाल सिंह, देवीशंकर तिवारी एवं दौलतमल भण्डारी थे। प्रजामण्डल का प्रमुख कार्य रियासती कुशासन व उसकी बुराइयों को समाप्त कर नागरिकों को उनके मौलिक अधिकार दिलवाना था।

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पढ़ें और बताएँ

प्रश्न 1.
बंगाल विभाजन (1905 ई.) का सूरत अधिवेशन (1907 ई.) पर क्या असर दिखाई दिया?
उत्तर:
बंगाल विभाजन (1905 ई.) का सूरत अधिवेशन (1907 ई.) पर निम्न असर दिखाई दिया –

  1. सूरत अधिवेशन में बंगाल विभाजन विषय पर गर्मा-गर्म बहस हो गई।
  2. सूरत अधिवेशन में बंगाल विभाजन विषय पर आपसी विचार भिन्न होने पर कांग्रेस दो दलों क्रमशः गरम दल एवं नरम दल में विभाजित हो गई।

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आओ करके देखें

प्रश्न 1.
भारतीय स्वाधीनता आन्दोलन में इन क्रान्तिकारियों के योगदान के बारे में जानकारी संकलित कीजिए। (सुखदेव, राजगुरू, रामप्रसाद बिस्मिल, चन्द्रशेखर आजाद, चापेकर बन्धु).
उत्तर:
1. सुखदेव – सुखदेव थापर हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिक एसोसिएशन के सदस्य थे। पुलिस अधीक्षक साण्डर्स की हत्या के मामले में आरोपी मानकर अंग्रेजों द्वारा इन्हें भगत सिंह व राजगुरू के साथ फाँसी की सजा दी गई।

2. राजगुरू – राजगुरू एक क्रांतिकारी थे। इन्होंने भगत सिंह के साथ मिलकर लाहौर में लाला लाजपत राय की मृत्यु का बदला लेने के लिए पुलिस अधीक्षक साण्डर्स को गोली मारी। 23 मार्च सन् 1931 को इनको भगतसिंह व सुखदेव के साथ फाँसी दे दी गई।

3. रामप्रसाद बिस्मिल – राम प्रसाद बिस्मिल सोशलिस्ट एसोसिएशन के संस्थापक थे। वे सन् 1925 ई. में हुए काकोरी काण्ड के सूत्रधार थे। इन्हें 19 दिसम्बर सन् 1927 ई. को गोरखपुर जेल में फाँसी दी गई।

4. चन्द्रशेखर आजाद – ये क्रांतिकारी गतिविधियों से जुड़कर हिन्दुस्तान रिपब्लिक एसोसिएशन के सक्रिय सदस्य बने। चन्द्रशेखर आजाद ने भी रामप्रसाद बिस्मिल के नेतृत्व में काकोरी काण्ड को अंजाम दिया था। चापेकर बंधु-दामोदर हरि चापेकर, बालकृष्ण हरि चापेकर तथा वसुदेव हरि चापेकर को संयुक्त रूप से चापेकर बन्धु कहा जाता है। चापेकर बन्धुओं ने पुणे में बाल गंगाधर तिलक के नेतृत्व में ब्रिटिश अत्याचारों के खिलाफ क्रांति का मार्ग अपनाया।

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गतिविधि

संकलन करें –

प्रश्न 1.
स्वतन्त्रता संग्राम पर साहित्यकारों द्वारा लिखे गए लोकगीत एवं कविताएँ।
उत्तर:
(1) कविता (उठो धरा के अमर सपूतों)
उठो धरा के अमर सपूतो
पुनः नया निर्माण करो।
जन – जन के जीवन में फिर से
नव स्फूर्ति नव प्राण भरो।

गीत

ऐ मेरे प्यारे वतन ऐ मेरे बिछड़े चमन
तुझ पे दिल कुरबान
तु ही मेरी आरजू तू ही मेरी आबरू
तू ही मेरी जान

प्रश्न 2.
स्वतंत्रता सेनानियों के चित्र।
उत्तर:
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प्रश्न 3.
राष्ट्रीय आन्दोलन की प्रमुख घटनाओं की तिथि वर्षवार तालिका बनाएँ।
उत्तर:
राष्ट्रीय आन्दोलन की प्रमुख घटनाओं का तिथिवार ब्यौरा

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प्रश्न एक व दो के सही उत्तर चुनिए –

प्रश्न 1.
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना कब हुई?
(अ) 1885
(ब) 1919
(स) 1942
(द) 1905
उत्तर:
(अ) 1885

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प्रश्न 2.
प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम कब हुआ?
(अ) 1897
(ब) 1857
(स) 1947
(द) 1950
उत्तर:
(ब) 1857

प्रश्न 3.
‘चेतावणी रा चुंगट्या’ किसकी रचना है?
उत्तर:
‘चेतावणी रा चुंगट्या’ केसरी सिंह बारहठ की रचना है।

प्रश्न 4.
राजस्थान के क्रान्तिकारियों के नाम लिखिए।
उत्तर:
राजस्थान के प्रमुख क्रान्तिकारियों के नाम अर्जुनलाल सेठी, राव गोपाल सिंह खरवा, केसरी सिंह बारहठ, प्रताप सिंह बारहठ एवं जोरावर सिंह बारहठ आदि हैं।
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प्रश्न 5.
रोलेट एक्ट क्या था?
उत्तर:
रोलेट एक्ट अंग्रेजी सरकार द्वारा पारित एक कानून था जिसके अन्तर्गत सरकार का विरोध करने वाले किसी भी व्यक्ति को लम्बे समय के लिए बिना मुकदमा चलाए जेल भेजा जा सकता था।

प्रश्न 6.
लाल, बाल, पाल के नाम से कौन प्रसिद्ध हुए? नाम लिखें।
उत्तर:
लाल, बाल, पाल के नाम से क्रमशः लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक एवं विपिन चन्द्र पाल प्रसिद्ध हुए।

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प्रश्न 7.
जलियाँवाला बाग हत्याकाण्ड का वर्णन कीजिए?
उत्तर:
जलियाँवाला बाग हत्याकाण्ड 13 अप्रैल, सन् 1919 को पंजाब के अमृतसर में स्थित जलियाँवाला बाग में हुआ था। इस बाग में लोग रोलेट एक्ट के विरोध में एक सभा कर रहे थे, इसी समय अमृतसर में नियुक्त अंग्रेज जनरल डायर ने सभा को विसर्जित करने का आदेश दिया। सभा के विसर्जित होने से पहले ही अंग्रेजी सेना ने गोलीबारी प्रारम्भ | कर दी। जिसमें हजारों लोग मारे गए।

प्रश्न 8.
सविनय अवज्ञा आन्दोलन का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
सविनय अवज्ञा आन्दोलन महात्मा गाँधी द्वारा सन् 1930 में चलाया गया था। यह आन्दोलन सविनय व अहिंसा पर आधारित था। इस आन्दोलन से जुड़े लोगों ने अंग्रेजों के अत्याचारों को सहते हुए अहिंसक तरीके से सरकार के नियमों की अवहेलना की तथा गाँधी जी के नेतृत्व में गुजरात से दाण्डी तक की यात्रा करके नमक कानून को तोड़ा। इस कानून के अन्तर्गत बगैर सरकार की इजाजत के भारतीय लोग नमक नहीं बना सकते थे। नमक कानून तोड़ते समय पुलिस ने लोगों पर लाठियों से प्रहार किए किन्तु लोगों ने अहिंसक तरीके से भारत माता की जय बोलते हुए आगे बढ़ना बन्द नहीं किया।

प्रश्न 9.
भारत छोड़ो आन्दोलन का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
भारत छोड़ो आन्दोलन अगस्त 1942 में प्रारम्भ हुआ था। इस आन्दोलन में देश के लोगों ने अंग्रेजो भारत छोड़ो’ का नारा दिया। यह राष्ट्रीय स्वाधीनता का जन आन्दोलन था। इस आन्दोलन को अगस्त क्रान्ति के नाम से भी जाना जाता है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय हुए इस आन्दोलन के सभी नेताओं को सरकार ने गिरफ्तार कर लिया था। युवाओं ने इस आन्दोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया था।

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प्रश्न 10.
भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन की मुख्य घटनाओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन की मुख्य घटनाओं का वर्णन निम्नलिखित है –

  1. बाल गंगाधर तिलक ने अपने समाचार पत्र में अंग्रेज सरकार के अवैधानिक कार्यों के विरुद्ध लेख लिखे तथा शिवाजी एवं गणपति
  2. उत्सवों के माध्यम से देश में नई जागृति उत्पन्न की तथा जनता में स्वराज का मन्त्र फूंका।
  3. चापेकर बन्धुओं ने प्लेग कमिश्नर की हत्या की।
  4. बंगाल विभाजन (1905 ई.) से सम्बन्धित वैचारिक मतभेदों से सन् 1907 में हुए कांग्रेस के सूरत अधिवेशन में कांग्रेस दो भागों क्रमशः गरम एवं नरम दलों में विभाजित हो गई।
  5. सन् 1919 में पंजाब के अमृतसर में जलियाँवाला बाग हत्याकाण्ड हुआ।
  6. गाँधीजी के नेतृत्व में सन् 1920 ई. में असहयोग आन्दोलन प्रारम्भ किया गया।
  7. 1929 ई. में कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन में पूर्ण स्वराज्य का प्रस्ताव पारित हुआ।
  8. 1930 ई. में गाँधी जी ने सविनय अवज्ञा आन्दोलन चलाकर अंग्रेजों के नमक कानून को तोड़ा।
  9. 1942 ई. में अंग्रेजो भारत छोड़ो आन्दोलन प्रारम्भ हुआ।

RBSE Class 8 Social Science राष्ट्रीय आन्दोलन Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

Question 1.
मराठा और केसरी अखबारों का सम्पादन किसने किया था?
(अ) लाला लाजपत राय
(ब) बाल गंगाधर तिलक
(स) विपिन चन्द्र पाल
(द) महात्मा गाँधी।
उत्तर:
(ब) बाल गंगाधर तिलक

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Question 2.
रोलेट एक्ट पारित किया गया था ………………….
(अ) 1919 ई.
(ब) 1920 ई.
(स) 1931 ई.
(द) 1942 ई.
उत्तर:
(अ) 1919 ई.

Question 3.
अगस्त क्रान्ति के नाम से कौन-सा आन्दोलन प्रसिद्ध ………………….
(अ) बिजौलिया किसान आन्दोलन
(ब) असहयोग आन्दोलन
(स) सविनय अवज्ञा आन्दोलन
(द) भारत छोड़ो आन्दोलन
उत्तर:
(द) भारत छोड़ो आन्दोलन

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Question 4.
बिजौलिया में जमींदारों के खिलाफ हुए किसान आन्दोलन से सम्बन्धित थे ………………….
(अ) विजय सिंह पथिक
(ब) अर्जुन लाल सेठी
(स) राव गोपाल सिंह खरवा
(द) जोरावर सिंह बारहठ
उत्तर:
(अ) विजय सिंह पथिक

Question 5.
किस क्रान्तिकारी नेता ने दिल्ली में वायसराय हार्डिंग्ज के जुलूस में वायसराय पर बम फेंका था ………………….
(अ) राव गोपाल सिंह खरवा
(ब) केसरी सिंह बारहठ
(स) प्रताप सिंह बारहठ
(द) जोरावर सिंह बारहठ
उत्तर:
(द) जोरावर सिंह बारहठ

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –

  1. …………………. ई. में असहयोग आन्दोलन शुरू किया गया था।
  2. साइमन कमीशन छः सदस्यों के साथ 3 फरवरी, 1928 ई. को …………………. पहुँचा था।
  3. प्रतापगढ़ में …………………. के नेतृत्व में हरिजन सेवा समिति का गठन किया गया।
  4. अर्जुन लाल सेठी का जन्म सन् 1880 ई. में …………………. में हुआ था।

उत्तर:

  1. 1920
  2. बम्बई
  3. अमृत लाल
  4. जयपुर

स्तम्भ’अ’को स्तम्भ’ब’ से सुमेलित कीजिए

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उत्तर:
(i). (b)
(ii). (a)
(iii). (d)
(iv). (c)

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उत्तर:
(i). (b)
(ii). (a)
(iii). (d)
(iv). (c)

अति लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
भारत में विदेशी लोगों के आगमन के क्या कारण थे?
उत्तर:

  1. धन – सम्पत्ति लूटना
  2. व्यापार करना।

प्रश्न 2.
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना कब और किसने की थी?
उत्तर:
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 28 दिसम्बर 1885 ई. एक अंग्रेज अधिकारी एलन आक्टेवियन ह्यूम (ए. ओ. ह्यूम) ने की थी।

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प्रश्न 3.
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रथम बैठक (अधिवेशन) कहाँ हई थी?
उत्तर:
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रथम बैठक (अधिवेशन) बम्बई के गोवालिया तालाब इलाके के गोकुल दास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में हुई थी।

प्रश्न 4.
होमरूल आन्दोलन का संचालन किसने किया था?
उत्तर:
होमरूल आन्दोलन का संचालन बाल गंगाधर तिलक ने किया था।

प्रश्न 5.
बंगाल का विभाजन कब हुआ था?
उत्तर:
बंगाल का विभाजन 1905 में हुआ था।

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प्रश्न 6.
दिल्ली दरबार की दो प्रमुख घोषणाओं को बताइए।
उत्तर:

  1. बंगाल विभाजन को निरस्त करना
  2. देश की राजधानी कलकत्ता से हटाकर दिल्ली स्थानांतरित करना।

प्रश्न 7.
प्रथम विश्व युद्ध कब प्रारम्भ हुआ था?
उत्तर:
प्रथम विश्व युद्ध सन् 1914 में प्रारम्भ हुआ था।

प्रश्न 8.
जनरल डायर को किसने और कहाँ जाकर मारा था?
उत्तर:
जनरल डायर को क्रान्तिकारी ऊधम सिंह ने लन्दन जाकर मारा था।

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प्रश्न 9.
अंग्रेजों ने प्रान्तों में द्वैध शासन कब लागू किया था?
उत्तर:
अंग्रेजों ने प्रान्तों में द्वैध शासन सन् 1919 ई. में लागू किया था।

प्रश्न 10.
असहयोग आन्दोलन कब प्रारम्भ हुआ?
उत्तर:
असहयोग आन्दोलन 1920 ई. में प्रारम्भ हुआ।

प्रश्न 11.
चौरी – चौरा हत्याकाण्ड कब और कहाँ हुआ था?
उत्तर:
चौरी – चौरा हत्याकाण्ड 1922 ई. में गोरखपुर जिले में हुआ था।

प्रश्न 12.
भारत में लोगों ने साइमन कमीशन का विरोध क्यों किया था?
उत्तर:
भारत में लोगों ने साइमन कमीशन का विरोध किया था क्योंकि उसमें कोई भारतीय सदस्य नहीं था।

प्रश्न 13.
चन्द्रशेखर आजाद कब और किससे लड़ते हुए शहीद हुए थे?
उत्तर:
चन्द्रशेखर आजाद 27 फरवरी सन् 1931 ई. को अंग्रेजों से लड़ते हुए शहीद हुए थे।

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प्रश्न 14.
वीर सावरकर का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
उत्तर:
वीर सावरकर का जन्म 28 मई, 1883 ई. को महाराष्ट्र के नासिक जिले के भगूर गाँव में हुआ था।

प्रश्न 15.
ब्रिटिश भारतीय नौसेना ने कब विद्रोह किया था?
उत्तर:
ब्रिटिश भारतीय नौसेना ने सन् 1946 ई. में विद्रोह किया था।

प्रश्न 16.
अंग्रेजों ने देश का विभाजन कर भारत को कब स्वतन्त्र किया था?
उत्तर:
अंग्रेजों ने देश का विभाजन कर भारत को 15 अगस्त 1947 ई. को स्वतन्त्र किया था।

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प्रश्न 17.
अर्जुन लाल सेठी का निधन कब व कहाँ हुआ?
उत्तर:
अर्जुन लाल सेठी का निधन 22 सितम्बर, 1941 को अजमेर में हुआ।

प्रश्न 18.
प्रताप सिंह बारहठ कहाँ पकड़े गये?
उत्तर:
प्रताप सिंह बारहठ स्टेशन मास्टर के धोखे के कारण जोधपुर के पास आशानाडा नामक स्टेशन पर पकड़े गये।

प्रश्न 19.
हेमू कालाणी का जन्म कब व कहाँ हुआ?
उत्तर:
23 मार्च, 1923 को सिंध के सख्खर में हेमू कालाणी का जन्म हुआ था।

लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
‘स्वतन्त्रता का प्रथम संग्राम’ तथा स्वतन्त्रता आन्दोलन से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
स्वतन्त्रता का प्रथम संग्राम – यह सन् 1857 ई. में हुआ था। इस आन्दोलन से ही भारत में स्वतन्त्रता की लड़ाई की शुरुआत हुई थी। स्वतन्त्रता आन्दोलन – 1857 ई. के बाद के राजनीतिक आन्दोलनों को स्वतन्त्रता आन्दोलन कहते हैं।

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प्रश्न 2.
उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्द्ध में विभिन्न संघों की अंग्रेज सरकार से क्या – क्या माँगें थीं? बताइए।
उत्तर:
उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्द्ध में विभिन्न संघों की अंग्रेज सरकार से निम्नांकित माँगें थीं –

  1. ‘कर’ (टैक्स) कम कर दिया जाए।
  2. सरकारी नौकरी में भारतीयों को भी बड़े पदों पर चुने जाने का मौका मिले।
  3. विद्यालय खोले जाएँ।
  4. कानून व्यवस्था में भारतीयों को बराबर का दर्जा दिया जाए।
  5. विधान परिषदों में भारतीयों के लिए अधिक सीटें हों और उनके मतानुसार ही कार्यकारिणी काम करे।

प्रश्न 3.
भारत में हुए राष्ट्रीय आन्दोलनों से विश्व के लोगों में क्या प्रतिक्रिया हुई थी?
उत्तर:
भारत में हुए राष्ट्रीय आन्दोलनों से विश्व के लोगों में निम्न प्रतिक्रिया हुई थी –

  1. विश्व के लोगों की भारत के प्रति जिज्ञासा जागी, जिससे कई फिल्मकार एवं पत्रकार भारत आए और उन्होंने बताया कि अंग्रेज भारत में कुशासन कर रहे हैं।
  2. विश्व के लोगों को मालूम हुआ कि भारतीयों की लडाई अंग्रेजों को भारत छोड़ देने के लिए विवश कर देने की है।

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प्रश्न 4.
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 28 दिसम्बर 1885 को एक अंग्रेज अधिकारी ए. ओ. ह्यूम ने भारत के विभिन्न संघों के सहयोग से की थी। इसकी प्रथम बैठक बम्बई के गोवालिया तालाब के गोकुल दास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में हुई थी। हयूम ने कांग्रेस की स्थापना अंग्रेज विरोधी असन्तोष को वैधानिक रूप देने के लिए की थी। इसके प्रथम अध्यक्ष व्योमेश चन्द्र बनर्जी व जनरल सेक्रेटरी स्वयं ए. ओ. हयूम थे।

प्रश्न 5.
कांग्रेस की स्थापना के प्रारम्भिक वर्षों में अंग्रेज सरकार का उसके प्रति क्या रवैया था? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
कांग्रेस की स्थापना के प्रारम्भिक वर्षों में अंग्रेज सरकार का उसके प्रति रवैया सन्तोषजनक नहीं था। सरकार कांग्रेस के प्रस्तावों पर कोई ध्यान न देकर उसे परेशान करने के विभिन्न तरीके ढूँढ़ती थी। यह शक तब और स्पष्ट हो गया जब 1890 के दशक में सरकार ने मध्य भारत में अकाल के दौरान बड़ी कठोरता से किसानों से लगान वसूल किया। एक तरफ किसानों की दुर्दशा हो रही थी और दूसरी
ओर सरकार गेहूँ का निर्यात कर रही थी। पश्चिमी भारत में फैले प्लेग ने अंग्रेजी सरकार की नीयत और अधिक स्पष्ट कर दी थी।

प्रश्न 6.
बंगाल विभाजन के प्रति लोगों की प्रतिक्रिया को स्पष्ट करें।
उत्तर:
बंगाल विभाजन के प्रति लोगों की प्रतिक्रिया उग्र एवं रोषपूर्ण थी। इसी समय देश में स्वदेशी आन्दोलन का प्रारम्भ हो गया। देशभर में सरकार के विरुद्ध लोगों ने गुस्से भरे ज्ञापन दिए एवं हड़तालें कीं। कांग्रेस के सूरत अधिवेशन में भी इस विषय पर गर्मा-गरम बहस हुई। बंगाल के नौजवानों ने छोटे-छोटे गुट बनाकर अंग्रेज अफसरों पर हथियारों से घातक हमले किए तथा सरकारी खजानों को लूटने का प्रयास किया।

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प्रश्न 7.
प्रथम विश्वयुद्ध में भारत ने अंग्रेजों की किस प्रकार सहायता की थी? स्पष्ट करें।
उत्तर:
प्रथम विश्वयुद्ध में भारत ने अंग्रेजों की निम्नांकित प्रकार से सहायता की थी –

  1. भारत ने धन एवं सिपाहियों से अंग्रेजों की सहायता की थी।
  2. भारत की रियासतों ने अंग्रेजों के लिए युद्ध सामग्री एवं सैनिक उपलब्ध कराए।

प्रश्न 8.
असहयोग आन्दोलन पर संक्षिप्त प्रकाश डालिए।
उत्तर:
असहयोग आन्दोलन महात्मा गाँधी ने सन् 1920 में प्रारम्भ किया। उन्होंने इस आन्दोलन को पूर्णरूपेण शान्तिपूर्ण रखने की शर्त लोगों के सम्मुख रखी थी, किन्तु शान्ति के साथ कहीं-कहीं लोगों की सरकार के साथ हिंसक झड़प भी हुई। कुछ ही समय में आन्दोलन ने राष्ट्रव्यापी रूप धारण कर लिया पर जब 1922 ई. में गोरखपुर के चौरी-चौरा इलाके में एक पुलिस चौकी पर हमला करके आन्दोलनकारियों ने कई पुलिस वाले मार डाले तो गाँधी जी ने आन्दोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी।

प्रश्न 9.
संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए –

  1. लाला लाजपत राय
  2. भगत सिंह।

उत्तर:
1. लाला लाजपत राय – लाला लाजपत राय कांग्रेस के गरम दल के नेता थे। उन्होंने भारत में साइमन कमीशन का विरोध किया। पुलिस ने दमन नीति अपनाते हुए लाहौर में विरोध का नेतृत्व कर रहे लाला जी पर लाठियों से प्रहार किया जिससे लाला जी के सिर पर गम्भीर चोटें आयीं कुछ समय बाद ही लाला जी की मृत्यु हो गई।

2. भगत सिंह – भगत सिंह पंजाब के क्रान्तिकारी थे। उन्होंने लाला लाजपत राय की हत्या के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारी साण्डर्स की अपने साथियों के साथ गोली मारकर हत्या की तथा कुछ समय बाद ही योजना बनाकर केन्द्रीय विधान सभा के अन्दर एक बम विस्फोट किया। भगत सिंह व उनके साथियों ने बताया कि यह बम उन्होंने किसी को नुकसान पहुँचाने के लिए नहीं वरन् सरकार के बहरे कानों को जगाने के लिए फोड़ा था। अंग्रेज सरकार ने भगत सिंह को गिरफ्तार करके 23 मार्च, 1931 ई. में उनके दो अन्य साथियों सुखदेव व राजगुरू के साथ फाँसी दे दी।

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प्रश्न 10.
हेमू कालाणी के कार्यों पर एक लघु लेख लिखिए।
उत्तर:
हेमू कालाणी का जन्म 23 मार्च, 1923 ई. को सिन्ध के सक्खर में हुआ था। हेमू ने महात्मा गाँधी के आन्दोलनों से प्रभावित होकर प्रभात फेरियों में जाना प्रारम्भ किया तथा विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार व स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करने के लिए लोगों को प्रेरित किया। 1942 ई. को हेमू को गुप्त जानकारी मिली कि अंग्रेजी सेना की हथियारों से भरी रेलगाड़ी रोहड़ी शहर (सिंध) से होकर गुजरेगी। हेमू ने रेल पटरियों को अस्त-व्यस्त करने की योजना बनाई किन्तु वह दुर्भाग्यवश पकड़ा गया। फाँसी से पहले हेमू ने फिर से पवित्र भूमि भारतवर्ष में जन्म लेने की इच्छा प्रकट की तथा इन्कलाब जिन्दाबाद, भारत माता की जय के नारे लगाते हुए 21 जनवरी, 1942 ई. को फांसी के फंदे पर हँसते-हँसते झूल गया।

प्रश्न 11.
साधु सीताराम दास और विजयसिंह पथिक के योगदान का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
साधु सीताराम दास – साधु सीताराम दास राजस्थान के आन्दोलनकारी थे। उन्होंने 1913 ई. में किसानों के ऊपर हो रहे जागीरदारों एवं ठिकानेदारों के अत्याचारों का विरोध किया। इस समय बिजौलिया के किसानों को 84 किस्म के कर देने पड़ रहे थे। साधु सीताराम के नेतृत्व में किसानों ने कर व्यवस्था के विरुद्ध आन्दोलन किया। विजय सिंह पथिक – विजय सिंह पथिक राजस्थान के आन्दोलनकारी थे। इन्होंने 1916 ई. में अपने सहयोगी माणिक्य लाल वर्मा के साथ मिलकर किसानों को नेतृत्व प्रदान किया तथा उन्हें बेगार न करने तथा कर न देने के लिए संगठित किया।

RBSE Solutions for Class 8 Social Science Chapter 24 राष्ट्रीय आन्दोलन

प्रश्न 12.
प्रजा मण्डल पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
प्रजा मण्डल की स्थापना किसानों की समस्याओं के अलावा रियासतों में मौजद बदहाली के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए राजस्थान की लगभग सभी रियासतों में की गई थी। हर रियासत में उत्तरदायी शासन की स्थापना सम्बन्धी माँग इस समय उठ रही थी। कहीं – कहीं प्रजामण्डल के नेताओं को स्थानीय मन्त्रिमण्डल में भी शामिल कर लिया गया था। 1942 ई. के राष्ट्रीय आन्दोलन में प्रजा मण्डल द्वारा रियासतों को अंग्रेजों से सम्बन्ध तोड़ने के लिए प्रस्ताव भेजे गए थे।

निबन्धात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
टिप्पणी लिखिए –

  1. वीर सावरकर
  2. सुभाष चन्द्र बोस

उत्तर:
1. वीर सावरकर:
वीर सावरकर का जन्म 28 मई 1883 ई. को महाराष्ट्र के नासिक जिले के भगूर गाँव में दामोदर पंत एवं राधा बाई के घर हुआ था। पूना में मैट्रिक की पढ़ाई के समय सावरकर तिलक के सम्पर्क में आये। तिलक को वे अपना गुरु मानते थे। बम्बई में कानून की पढ़ाई के समय इंग्लैण्ड में रह रहे श्याम जी कृष्ण वर्मा ने सावरकर की लन्दन में उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति की व्यवस्था की। सावरकर ने लन्दन पहुँचकर श्याम जी कृष्ण वर्मा के इण्डिया हाउस को अपनी गतिविधियों का केन्द्र बनाया। सावरकर की क्रान्तिकारी गतिविधियों के कारण पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया तथा ‘मारिया’ नामक जहाज से उन्हें बम्बई भेजा।

किन्तु रास्ते में सावरकर भाग निकले और फ्रांस की सीमा पर पुनः पकड़े गए। फ्रांस द्वारा उन्हें अंग्रेजों को सौंप दिया गया। उन पर अंग्रेज सरकार ने मुकदमा चलाकर एक नहीं बल्कि दो आजीवन कारावास की सजा देकर अण्डमान निकोबार की सेलूलर जेल भेज दिया। 11 वर्ष सजा के पश्चात् उन्हें रत्नागिरि (महाराष्ट्र) में नजरबन्द कर दिया गया। जहाँ से उन्हें 1937 ई. में मुक्ति मिली। सावरकर ने भारत विभाजन का प्रबल विरोध किया। 26 फरवरी, सन् 1966 में उनकी मृत्यु हो गई।

2. सुभाष चन्द्र बोस:
सुभाष चन्द्र बोस का जन्म 23 जनवरी, 1897 को हुआ था। उन्होंने आई. सी. एस. की परीक्षा पास करने के बाद भी नौकरी नहीं की। वे दो बार कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए तथा सन् 1943 में आजाद हिन्द फौज की कमान सँभाली और आजादी के लिए प्रत्यक्ष लड़ाई लड़ी। 18 अगस्त, 1945 को एक विमान दुर्घटना में रहस्यमय तरीके से सुभाष चन्द्र बोस की मृत्यु हो गई जो आज भी विवादित है।

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प्रश्न 2.
लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के कार्यों पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक कांग्रेस के गरम दल के नेता थे। उन्होंने महाराष्ट्र में अंग्रेज सरकार के क्रूर शासन के विषय में मराठा एवं केसरी नामक अपने समाचार पत्रों में लिखा तथा राष्ट्रीय आन्दोलन का एक मार्ग जनता को दिखाया, जिससे उन्हें उग्रवाद का जनक भी कहा जाता था। उनका स्पष्ट मत था कि भारत में अंग्रेज नौकरशाही से अनुनय – विनय करके हम कुछ भी प्राप्त नहीं कर सकते हैं। उन्होंने शिवाजी एवं गणपति उत्सवों से देश में नई जागृति उत्पन्न की तथा जनता में स्वराज का मन्त्र फूंका।

चापेकर बन्धुओं द्वारा प्लेग कमिश्नर की हत्या के सम्बन्ध में तिलक द्वारा अपने अखबार में टिप्पणी करने से नाराज अंग्रेज सरकार ने उन पर देशद्रोह एवं हिंसा का आरोप लगाकर 18 महीने का कठोर कारावास दिया। इस गिरफ्तारी पर जनता की रोषपूर्ण प्रतिक्रिया ने उन्हें लोकमान्य बना दिया। जेल से छूटने पर उन्होंने ‘होमरूल आन्दोलन’ का संचालन किया तथा अपने प्रयासों से 1916 का लखनऊ समझौता सम्पन्न कराया। सन् 1920 में तिलक की मृत्यु हो गई।

प्रश्न 3.
राजस्थान के प्रमुख क्रान्तिकारी नेताओं का विस्तृत वर्णन कीजिए।
उत्तर:
राजस्थान के प्रमुख क्रान्तिकारी नेताओं का वर्णन निम्नांकित है –
1. अर्जुन लाल सेठी:
अर्जुन लाल सेठी का जन्म 1880 ई. में जयपुर में हुआ था इन्होंने इलाहाबाद से बी. ए. की परीक्षा उत्तीर्ण की। जब सेठी को जयपुर के प्रधानमन्त्री का पद दिया जा रहा था तो उन्होंने कहा – “श्रीमान्! अर्जुनलाल सेठी नौकरी करेगा तो अंग्रेजों को भारत से बाहर कौन निकालेगा ?” सेठी ने केसरी सिंह बारहठ, गोपाल सिंह खरवा आदि के सहयोग से राजस्थान में एक क्रान्तिकारी संस्थान वर्द्धमान विद्यालय का निर्माण किया।

निमाज हत्याकाण्ड व दिल्ली षडयन्त्र के संदेह पर अंग्रेजों ने सेठी को जेल में डाल दिया किन्तु कोई ठोस प्रमाण न मिलने पर उन्हें जयपुर में नजरबन्द रखा तथा पाँच वर्ष पश्चात् वेलूर जेल भेज दिया। जेल अधिकारियों के दुर्व्यवहार पर उन्होंने अनशन किया। जेल से रिहा होने पर सेठी कांग्रेस में शामिल हए किन्तु 1920 ई. में कांग्रेस से नीति सम्बन्धी मतभेदों के चलते अलग हो गए। उन्होंने अपने जीवनयापन के लिए अजमेर की दरगाह में मुसलमान बच्चों को अरबी, फारसी पढ़ाना प्रारम्भ किया। 22 दिसम्बर, 1941 ई. को अजमेर में इनकी मृत्यु हो गई।

2. रावगोपाल सिंहखरवा:
गोपाल सिंह अजमेर – मेरवाड़ा में खरवा ठिकाने के राव थे। वे राजस्थान के क्रान्तिकारियों एवं आर्य समाज से जुड़े हुए थे। ये प्रथम विश्व युद्ध के दौरान रास बिहारी बोस व सचिन्द्रनाथ सान्याल की उत्तर भारत में सशस्त्र क्रान्ति योजना में शामिल थे किन्तु यह योजना विफल हो गई। जून 1915 ई. में अंग्रेजों ने गोपाल सिंह को खरवा छोड़कर 24 घण्टे में टाडगढ़ जाने का आदेश दिया। 10 जुलाई 1915 ई. को गोपाल सिंह टाडगढ़ से भाग निकले किन्तु सलेमाबाद में पकड़े गए और उन्हें दिल्ली की तिहाड़ जेल भेज दिया गया जहाँ से वे 1920 ई. में रिहा हो गए। बाद में वे रचनात्मक कार्यों में लग गए। मार्च 1956 ई. को उनकी मृत्यु हो गई।

3. केसरीसिंह बारहठ:
केसरी सिंह का जन्म 1872 ई. में शाहपुरा (भीलवाड़ा) के समीप गाँव देवपुरा में हुआ था। उदयपुर के महाराणा के यहाँ उनकी भेंट श्याम जी कृष्ण वर्मा, रासबिहारी बोस व अन्य क्रान्तिकारियों से हुई। केसरी सिंह के 13 सोरठों ने मेवाड़ के महाराणा फतहसिंह को दिल्ली दरबार में जाने से रोक दिया। राजद्रोह, बगावत, ब्रिटिश फौज के भारतीय सैनिकों को शासन के विरुद्ध भड़काने व षड़यंत्र में शामिल होने के साथ-साथ प्यारेराम नामक साधु की हत्या के आरोप में केसरी सिंह को 20 वर्षों की सजा देकर हजारीबाग सेन्ट्रल जेल भेज दिया गया। 1920 ई. में वे रिहा हो गए। उनका शेष जीवन कोटा में बीता। सन् 1941 में केसरीसिंह बारहठ की मृत्यु हो गई।

4. प्रताप सिंह बारहठ:
प्रताप सिंह का जन्म 24 मई, 1893 ई. को उदयपुर में केसरीसिंह बारहठ के घर हुआ था। उन्होंने अर्जुनलाल सेठी के वर्द्धमान स्कूल में शिक्षा प्राप्त की तथा शीघ्र ही क्रान्तिकारी गतिविधियों में शामिल हो गए। हैदराबाद सिन्ध से बीकानेर लौटते हुए जोधपुर के पास आशानाड़ा स्टेशन पर स्टेशन मास्टर ने धोखा देकर प्रताप सिंह को पकड़वा दिया।

प्रताप सिंह को बरेली जेल में रखा गया। अंग्रेज अधिकारी चार्ल्स क्लीवलैंड ने रासबिहारी बोस व अन्य क्रान्तिकारियों की जानकारी के लिए प्रताप से कहा कि “तुम्हारी माँ तुम्हारे बिना दुखी है तथा वह आँसू बहाती रहती है।” तो प्रताप ने कहा – “तुम कहते हो कि मेरी माँ मेरे लिए रात – दिन रोती है और बहुत दुखी है किन्तु मैं अन्य माताओं के रोने का कारण नहीं बन सकता।” इस पर घोर यातनाओं के मध्य 27 मई, 1918 ई. को जेल में ही प्रताप सिंह की मृत्यु हो गई।

5. जोरावर सिंह बारहठ – जोरावर सिंह केसरी सिंह बारहठ के छोटे भाई थे। 1912 ई. में जोरावर सिंह ने दिल्ली में वायसराय लार्ड हार्डिंग्ज के जुलूस में वायसराय पर बम फेंका। जिसमें वायसराय बच गया किन्तु महावत मारा गया। जोरावर सिंह ने शेष जीवन भूमिगत होकर मालवा और बागड़ में साधु वेश में अमरदास वैरागी के रूप में व्यतीत किया। | अंग्रेजों ने उन पर आरा मर्डर केस चलाया था।

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