RBSE Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 9 यौतकं पातकम्

RBSE Solutions for Class 8 Sanskrit

Rajasthan Board RBSE Class 8 Sanskrit Chapter 9 यौतकं पातकम्

RBSE Class 8 Sanskrit यौतकं पातकम् पाठ्यपुस्तकस्य प्रश्नोत्तराणि

RBSE Class 8 Sanskrit यौतकं पातकम् मौखिकप्रश्नाः

प्रश्ना 1.
अधोलिखितानां शब्दानाम् उच्चारणं कुरुत –
(नीचे लिखे हुए शब्दों को उच्चारण कीजिए -)
श्वासोच्छ्वासः, आह्वयतु, वाग्दानावसरे, शाठ्यम्, श्मश्रुणः, बुभुक्षिताः, निर्योतकस्य, नावबुध्यते, आकर्षति, अन्वेष्य।
नोट – छात्रगण अपने आप ही उच्चारण करें।

प्रश्ना 2.
अधोलिखितानां प्रश्नानाम् उत्तराणि वदत –
(नीचे लिखे हुए प्रश्नों के उत्तर बताइये -)

(क) सरला काम् आह्वयति ?
(सरला किसे बुलाती है?)

(ख) विद्याधरः कस्य पिता अस्ति ?
(विद्याधर किसका पिता है ?)

(ग) वरस्य नाम किम् अस्ति ?
(दूल्हे का नाम क्या 1 है ?) हैं?)

(घ) यौतके ते किम् इच्छन्ति ?
(दहेज में वे क्या चाहते

(ङ) आरक्षकाधीक्षकस्य पुत्र कः ?
(आरक्षक अधीक्षक का पुत्र कौन है ?)
उत्तराणि:
(क) तातम्
(ख) सरलायाः
(ग) मित्रावसुः
(घ) स्वचलद्विचक्रम्
(ङ) राकेशः।

RBSE Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 9 यौतकं पातकम्

RBSE Class 8 Sanskrit यौतकं पातकम् लिखितप्रश्नाः

प्रश्ना 1.
अधोलिखितानां प्रश्नानाम् उत्तराणि एकपदेन लिखत –
(नीचे लिखे हुए प्रश्नों के उत्तर एक पद में लिखिए)

(क) विद्याधरस्य मित्रं कः अस्ति ?
(विद्याधर का मित्र कौन है ?)

(ख) विद्याधरः कस्मात् कार्यात् निवृत्तः ?
(विद्याधर किस कार्य से निवृत्त हो चुके हैं ?)

(ग) यौतकपट्टिका कस्य नेत्रयोः उपरि आसीत् ?
(दहेज की पट्टी किसके नेत्रों के ऊपर थी ?)

(घ) “वञ्चिताः स्म वयम्”। इति कः उक्तवान् ?
(“हम ठगे गये हैं” ऐसा किसने कहा ?)

(ङ) अश्वारूढः कः अस्ति ?
(घोड़े पर सवार कौन है ?)
उत्तराणि:
(क) राघवः
(ख) शिक्षणकार्यात्
(ग) श्रीधरस्य
(घ) विद्याधरः
(ङ) वरराजा।

RBSE Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 9 यौतकं पातकम्

प्रश्ना 2.
अधोलिखितानां प्रश्नानाम् उत्तराणि एकवाक्येन लिखत –
(नीचे लिखे हुए प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में | लिखिए-)

(क) कस्य दन्ताः भक्षणस्य दर्शनस्य च भिन्नाः भवन्ति?
(किसके दाँत खाने के और दिखाने के अलग-अलग होते हैं ?)

(ख) पाठेकस्याः विवाहः अस्ति ?
(पाठ में किसका विवाह है ?)

(ग) “भवत्या किं कृतम् एतत् सरले !” इति का उक्तवती ?
(“सरला ! यह आपने क्या किया” ऐसा किसने कहा ?)

(घ) राघवः कस्य मित्रम् ?
(राघव किसका मित्र है ?)

(ङ) सरलां वधरूपेण प्राप्य कः आत्मानं धन्य मन्यते ?
(सरला को वधू रूप में पाकर कौन अपने को धन्य मानता है ?)

RBSE Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 9 यौतकं पातकम्

(च) आरक्षकागारे दूरभाषेण का सूचितवती ?
(थाने में टेलीफोन से किसने सूचित किया ?)
उत्तराणि:
(क) गजस्य दन्ताः भक्षणस्य दर्शनस्य च भिन्नाः भवन्ति।
(हाथी के दाँत खाने के और दिखाने के अलग-अलग होते हैं।

(ख) पाठे सरलायाः विवाहः अस्ति।
(पाठ में सरला का विवाह है।)

(ग) “भवत्या किं कृतम् एतत् सरले !” इति माता उक्तवती।
(“सरला ! यह आपने क्या किया” ऐसा माता ने कहा।)

(घ) राघवः विद्याधरस्य मित्रम्।
(राघव विद्याधर का मित्र है।)

(ङ) सरलां वधूरूपेण प्राप्य आरक्षकाधीक्षक: आत्मानं धन्य मन्यते।
(सरला को वधू रूप में पाकर आरक्षक अधीक्षक अपने को धन्य मानता है।)

(च) आरक्षकागारे दूरभाषेण सरला सूचितवती।
(थाने में टेलीफोन से सरला ने सूचित किया।)

RBSE Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 9 यौतकं पातकम्

प्रश्ना 3.
मञ्जूषात चित्वा अधोलिखितानि रिक्तस्थानानि पूरयत –
(मञ्जूषा से चुनकर नीचे लिखे हुए रिक्त स्थानों को पूरा कीजिए-)
शाठ्यं, सरलायाः, सर्वे जागरुकाः, व्यवस्थां, व्याकुलः
उत्तराणि:
(क) अतः अस्मिन् विषये सर्वे जागरुकाः भवन्तु।
(ख) भवान् अपि व्याकुलः प्रतीयते।
(ग) केवलं शठेशाड्यं समाचरणीयम्।
(घ) धनस्य व्यवस्थां कुर्मः।
(ङ) सर्वथा सरलायाः योग्यः अस्ति।

RBSE Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 9 यौतकं पातकम्

प्रश्ना 4.
अधोलिखितम् उदाहरणं पठित्वा विभक्तिं संयोज्य पूरयत
(नीचे लिखे हुए उदाहरण को पढ़कर विभक्ति जोड़कर पूरा कीजिए-)
उदाहरणम्:
दशरथः रामस्य पिता अस्ति। (राम)
(क) राघवः …………… पतिः अस्ति। (विमला)
(ख) लक्ष्मीः ………….. पत्नी अस्ति। (विद्याधर)
(ग) विद्याधरः …………… पिता अस्ति। (सरला)
(घ) श्रीधरः …………… पिता अस्ति। (मित्रावसु)
(ङ) सरला …………… सखी अस्ति। (नलिनी)
उत्तराणि:
(क) विमलाया
(ख) विद्याधरस्य
(ग) सरलाया
(घ) मित्रावसोः
(ङ) नलिन्याः।

RBSE Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 9 यौतकं पातकम्

प्रश्ना 5.
रेखाङ्कितं पदम् आधारीकृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत
(रेखांकित पद को आधार बनाकर प्रश्न निर्माण कीजिए-)
(क) मम दोषः नास्ति।
(ख) सरला निर्भीका कन्या अस्ति।
(ग) भवन्तः सर्वे अस्माकं निबन्धने सन्ति।
(घ) अस्मान् परितः आरक्षकाः सन्ति।
(ङ) करे कृपाणः सज्जति।
उत्तराणि:
(क) कस्य दोषः नास्ति ?
(ख) का निर्भीका कन्या अस्ति ?
(ग) भवन्तः सर्वे केषां निबन्धने सन्ति ?
(घ) अस्मान् परितः के सन्ति।
(ङ) कुत्र कृपाणः सज्जति ?

प्रश्ना 6.
विपरीतार्थकान् शब्दान् लिखत-(विपरीतार्थक शब्दों को लिखिए)
उत्तराणि:
(क) मिथ्या – सत्यम्।
(ख) पुरातनः – नूतनः।
(ग) सुलभः – दुर्लभः।
(घ) दुर्भाग्यम् – सौभाग्यम्।
(ङ) तीव्रम् – मन्दं।

RBSE Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 9 यौतकं पातकम्

RBSE Class 8 Sanskrit यौतकं पातकम् अन्य महत्वपूर्णः प्रश्नाः

RBSE Class 8 Sanskrit यौतकं पातकम् वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तराणि

प्रश्ना 1.
विद्याधरस्य पत्नी अस्ति।
(क) सरला
(ख) विमला
(ग) नलिनी
(घ) लक्ष्मी।
उत्तराणि:
(घ) लक्ष्मी।

प्रश्ना 2.
श्रीधरस्य पुत्र अस्ति –
(क) विद्याधरः
(ख) राकेशः
(ग) मित्रावसुः
(घ) विक्रमः।
उत्तराणि:
(ग) मित्रावसुः

प्रश्ना 3.
द्वितीयारक्षकस्य नाम अस्ति –
(क) बलवीरः
(ख) श्यामवीरः
(ग) दलवीरः
(घ) विक्रमसिंहः।
उत्तराणि:
(घ) विक्रमसिंहः।

RBSE Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 9 यौतकं पातकम्

प्रश्ना 4.
सरला कम् आहवयति?
(क) तातम्
(ख) नलिनी
(ग) माताम्
(घ) राघवम्।
उत्तराणि:
(क) तातम्

प्रश्ना 5.
‘मुञ्चतु’ इत्यत्र लकारः अस्ति।
(क) लट्लकारः
(ख) लङ्लकारः
(ग) लृट्लकारः
(घ) लोट्लकारः।
उत्तराणि:
(घ) लोट्लकारः।

RBSE Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 9 यौतकं पातकम्

RBSE Class 8 Sanskrit यौतकं पातकम् अतिलघूत्तरीयाः प्रश्नाः

प्रश्न: 1.
विद्याधरस्य पुत्र्याः सरलायाः विवाहमाध्यमेन कस्य भावः उदीपनः ?
उत्तरम्:
विद्याधरस्य पुत्र्याः सरलायाः विवाहमाध्यमेन महिला सशक्तीकरणस्य भावः उद्दीप्तः।

प्रश्न: 2.
यौतकं गहणं प्रदानं च किं कथितम् ?
उत्तरम्:
यौतकं गृहणं प्रदानं च महापातकम् इति कथितम्।

प्रश्न: 3.
अस्मिन् नाट्यांशे कति दृश्याणि सन्ति?
उत्तरम्:
अस्मिन् नाट्यांशे द्वे दृश्ये स्तः।

RBSE Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 9 यौतकं पातकम्

प्रश्न: 4.
‘मम दोषः नास्ति’ इति कस्य कथनम् अस्ति ?
उत्तरम्:
‘मम दोषः नास्ति’ इति श्रीधरस्य पुत्रस्य कथनम् अस्ति।

प्रश्नः 5.
दृढतायाः भावः कस्याम् अस्ति ?
उत्तरम्:
दृढतायाः भावः सरलायाम् अस्ति।

RBSE Class 8 Sanskrit यौतकं पातकम् लघूत्तरीयाः प्रश्नाः

प्रश्न: 1.
इदं पाठं कां शिक्षां ददाति?
उत्तरम्:
इदं पाठं शिक्षां ददाति यत् यौतकं ग्रहणं प्रदानं च महापातकम् अस्ति।

प्रश्न: 2.
राकेशः कीदृशः अधिकारी अस्ति ?
उत्तरम्:
राकेशः प्रशासकीय अधिकारी अस्ति।

RBSE Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 9 यौतकं पातकम्

प्रश्न: 3.
‘अस्मिन् समये मम श्मश्रुणः प्रश्नः अस्ति’ इति कस्य कथनम् अस्ति?
उत्तरम्:
अस्मिन् समये मम श्मश्रुणः प्रश्नः अस्ति। इति विद्याधरस्य कथनम् अस्ति।

प्रश्न: 4.
अस्य पाठस्य नाट्यांशः कस्मात् संग्रहात् संकलितः?
उत्तरम्:
अस्य पाठस्य नाट्यांशः वाग्देवतावतारः’ नामकान् ध्वनिरूपकसंग्रहात् संकलितः।

RBSE Class 8 Sanskrit यौतकं पातकम् निबन्धात्मक प्रश्नोत्तरः

प्रश्न:
‘यौतकं पातकम्’ इति पाठस्य सारं हिन्दी भाषायां लिखत
उत्तरम्:
प्रस्तुत पाठ दो दृश्यों में सात पुरुष पात्र तथा तीन स्त्रीपात्रों के माध्यम से अभिनीत है। दहेज लेना और देना महापाप है, इसी भाव को लेकर लोगों को जागरूक किया गया है। विद्याधर नामक अवकाश प्राप्त अध्यापक की बेटी की शादी हेतु वरपक्ष की ओर से बारात आ रही है। वरपूजा के समय वरपक्ष मोटर साइकिल की माँग कर रहा है, इसे देखकर सभी लोग आश्चर्यचकित हो जाते हैं। इस प्रकार की माँग और व्यवहार से विद्याधर अपने को ठगा-सा महसूस करते हैं। माँ तथा मित्र सभी असहाय दिखते हैं।

RBSE Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 9 यौतकं पातकम्

सरला निडर कन्या है। दहेज़ के लोभियों को कठोर दण्ड दिलाने के लिए उसने पुलिस, विभाग को फोन से सूचित कर दिया है। पुलिस आती है। वर पक्ष के सभी लोगों को चारों ओर से घेरकर बन्दी बना लेती है। श्रीधर और वर को जेल में डाल दिया जाता है। आरक्षक अधीक्षक ने सरला की सराहना की। विद्याधर से अनुरोध किया कि नये वर की खोज करके उसी वेला में शादी कर दी जाय। तत्काल वर न मिलने की स्थिति में आरक्षक अधीक्षक ने अपने बेटे राकेश से शादी करा दी। दोनों ही अपने को धन्य मानते हैं।

योग्यता-विस्तारः

  1. कवि परिचयः – प्रस्तुत पाठ परमानन्द शर्मा ‘प्रमोद’ द्वारा रचित-वाग्देवतावतार’ नामक ध्वनिरूपकसंग्रह से संकलित
  2. बाल विवाह समाज में ‘अभिशाप’ इस विषय के आधार पर अध्यापक महोदय के सहयोग से एक नाटक का अभिनय करें।
  3. अनौपचारिक रूप से कक्षा में अध्यापक महोदया इस नाटक का मञ्चन करावें।
  4. लोकोक्तयः
    (क) श्मश्रुणः प्रश्नः – मूंछ का सवाल।
    (ख) गजस्य दन्ताः – भक्षणस्य अन्ये दर्शनस्य च अन्येहाथी के दाँत खाने के अलग दिखाने के अलग।
    (ग) शठे शाठ्यं समाचरणीयम् दुष्ट के साथ दुष्टता का व्यवहार करना चाहिये।
  5. ऊपर कही गई लोकोक्तियों का अध्ययन करके दस लोकोक्तियों का संकलन कीजिए।

उत्तराणि:
लोकोक्तयः (लोकोक्तियाँ)

  1. अर्धपूरितो घटो शब्दम् करोति।
  2. अन्धानाम् काणोऽपि राजा भवति।
  3. स्वकर्मणा एव पारयामी भवेत्।
  4. अहर्निशम् एकीकरणम्।
  5. तिक्तस्य ताड़म् करणीयम्।
  6. मनसा शुद्धाय कठवत्यां गंगा।
  7. दिवसे ताराणाम् दर्शनम्।
  8. शरीरे अग्नेः प्रज्ज्वलनं।
  9. त्रिलोकेषु मथुरा अनन्या।
  10. यस्य यष्टिः तस्य महिषी।

भाषा विस्तार

तकारान्त पुंल्लिङ्गे भवत् शब्द
RBSE Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 9 यौतकं पातकम् - 1

तकारान्त स्त्रीलिङ्गे भवत् शब्दः
RBSE Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 9 यौतकं पातकम् - 2

तकारान्त नपुंसकलिङ्गे भवत् शब्दः
RBSE Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 9 यौतकं पातकम् - 3

महत्वपूर्णानां शब्दार्थानां सूची
RBSE Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 9 यौतकं पातकम् - 5

पाठ-परिचय:
वर्तमान भारतीय समाज में जो कुप्रथाएँ चल रही हैं उनमें सबसे अधिक बुरीप्रथा ‘दहेज’ है। इस कुप्रथा के कारण साधारण लोग त्रस्त, शंकायुक्त तथा कुण्ठित हैं। हर दिन अनेक युवतियाँ दहेज की बलिवेदी पर अपना बलिदान करने के लिए विवश होती हैं। इस पाठ में एक एक पुत्री के विवाह के माध्यम से महिला सशक्तीकरण का भाव उद्दीप्त किया गया है। यहाँ यह सन्देश दिया गया है कि दहेज लेना और देना महान् पाप है।

पात्रपरिचयः
विद्याधरः – सेवानिवृत्तः शिक्षकः (अवकाश प्राप्त अध्यापक)
लक्ष्मी – विद्याधरस्य पत्नी (विद्याधर की पत्नी)
सरला – विद्याधरस्य पुत्री (विद्याधर की बेटी)
नलिनी – सरलायाः सखी (सरला की सहेली)
राघवः – विद्याधरस्य मित्रम् (विद्याधर का मित्र)
श्रीधरः – वरस्य पिता (दूल्हे का पिता)
मित्रावसुः – श्रीधरस्य पुत्रः (श्रीधर का पुत्र)
बलवीरः – प्रथमारक्षक: (पहला सिपाही)
विक्रमसिंहः – द्वितीयारक्षकः (दूसरा सिपाही)
आरक्षकाधीक्षकः – …………………….

RBSE Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 9 यौतकं पातकम्

मूल अंश, शब्दार्थ, हिन्दी अनुवाद एवं प्रश्नोत्तर

1. (प्रथमं दृश्यम्)
(ततः धावनध्वनिना सह तीव्रः श्वासोच्छ्वासस्य ध्वनिः।)
नलिनी – सरले ! हे सरले !
सरला – आम् ! किम् अभवत् ?
नलिनी — तत्र ……… तत्र …….. वरयात्रायां ….. तु (पुनः श्वासोच्छ्वासस्य ध्वनिः) स्थितिः सामान्या नास्ति।
सरला – (साश्चर्येण) हऽऽ ! हे भगवन् !
नलिनी – आम्।
सरला – (विषादेन) तर्हि तातम् आह्वयतु। (विरम्य) अरे सः तु स्वयम् एव अत्र आगच्छति। पृच्छामि तावत्।।
विद्याधरः – सरले ! (कण्ठोऽवरुध्यते) सरले !
सरला – पितः ! किं भवति तत्र द्वारे ? भवानपि व्याकुल: प्रतीयते।
विद्याधरः – (निःश्वस्य) वञ्चिताः स्मः वयम्।
सरला – (साश्चर्यम्) किम् ?

शब्दार्थः
धावनध्वनिना = दौड़ने की आवाज के। श्वासोच्छ्वासस्य = साँस लेने की। अभवत् = हुआ। वरयात्रायां = वर यात्रा में। साश्चर्येण = आश्चर्य सहित। विषादेन = दु:खपूर्वक। आह्वयत = बुलाओ। विरम्य = -रुककर। कण्ठोऽवरुध्यते = गला रुंध जाता है। व्याकुलः = चिन्तातुर। वञ्चिताः = ठगे गये। सह % साथ। तीव्र – तेज। ध्वनिः= आवाज। आम्= हाँ। किम्तु% तो। पुनः= दुबारा, सिर्फ। नास्ति = नहीं है। तातम् = पिताजी को। स्वमेव = स्वयं ही। अत्र = यहाँ। आगच्छति = आ रहे हैं। पृच्छामि = पूछता, पूछती हूँ। तावत् = तब तक। तत्र द्वारे = वहाँ द्वार पर। किं भवति % क्या हो रहा है। भवानपि% आप। भी। प्रतीयते = प्रतीत हो रहे हैं, लग रहे हैं। निःश्वस्य = साँस छोड़कर। वयम् = हम। साश्चर्यम् = आश्चर्य सहित।

RBSE Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 9 यौतकं पातकम्

अनुवादः – (पहला दृश्य)
(उसके बाद दौड़ने की आवाज के साथ तेजी से साँस लेने। की ध्वनि)
नलिनी – हे सरला ! हे सरला !
सरला – हाँ ! क्या हुआ?
नलिनी – वहाँ …….. वहाँ ……. वरयात्रा में …….. तो ।
(फिर तेज श्वास लेने की आवाज) स्थिति सामान्य नहीं है।
सरला – (आश्चर्यपूर्वक) हा हा ! हे भगवन् !
नलिनी – हाँ।
सरला – (दुःख के साथ) तो पिताजी को बुलाओ। (रुककर) अरे वह तो स्वयं ही इधर आ रहे हैं। तो पूछती हूँ।
विद्याधर – सरला ! (गला रुंध जाता है) सरला !
सरला – हे पिताजी ! वहाँ द्वार पर क्या हो रहा । है? आप भी चिन्तातुर लग रहे हो।
विद्याधर – (लम्बी साँस छोड़कर) हम ठग लिये गये हैं।
सरला – (आश्चर्यपूर्वक) क्या? !

(क) अत्र कस्याः विवाहस्य कार्यक्रमः प्रचलति ?
उत्तरम्:
अत्र विद्याधरस्य पुत्र्याः सरलायाः विवाहस्य कार्यक्रमः प्रचलति।

(ख) विद्याधरः कः अस्ति ?
उत्तरम्:
विद्याधरः एकः अवकाशप्राप्तः शिक्षकः अस्ति।

(ग) “स्थितिः सामान्या नास्ति’ इति का कथयति ?
उत्तरम्:
‘स्थितिः सामान्या नास्ति’ इति नलिनी कथयति।

(घ) सरला कम् आह्वयति ?
उत्तरम्:
सरला तातम् आह्वयति।

(ङ) कः स्वयमेव आगच्छति ?
उत्तरम्:
तातः स्वयमेव आगच्छति।

RBSE Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 9 यौतकं पातकम्

(च) ‘भवानपि’ इति पदस्य सन्धिविच्छेदं भविष्यति।
उत्तरम्:
भवान् + अपि’ इति पदस्य सन्धिविच्छेदं भविष्यति।

(छ) ‘पृच्छामि’ इति पदे कः लकारः अस्ति ?
उत्तरम्:
‘पृच्छामि’ इति पदे लट्लकारः अस्ति।

2. विद्याधरः
आम्। ते तु यौतकलुब्धकाः सन्ति। (निःश्वस्य) वरपूजायामपि स्वचलद्विचक्रम् इच्छन्ति। (विरम्य) एषा तव माता अपि आगतवती। लक्ष्मि ! वञ्चिता स्मः वयम।

लक्ष्मी: – आम्। सर्वं ज्ञातवती।
विद्याधरः – तर्हि किं करणीयम ?
लक्ष्मी: – भवन्तः एव प्रमाणम्।
विद्याधरः – एषः राघवो अपि आगच्छति। भवानेव वदतु राघव ! किं करवाम ?
राघवः – अहमपि न जानामि। वाग्दानावसरे तु श्रीधरः कथम् आसीत् ? अधुना कथम् अभवत् ?
विद्याधरः – गजस्य दन्ताः भक्षणस्य अन्ये दर्शनस्य अन्ये भवन्ति मित्र ! एषः आत्मनि कुटिलः अस्ति।
राघव: – अस्तु, इदानीं किं करणीयम् ?
सरला – किमपि न करणीयम्। केवलं शठे शाठ्यं समाचरणीयम्।
विद्याधरः – किं वदति सरले !
सरला – (दृढतया) आम् सत्यं वदामि।

शब्दार्थः
यौतकलुब्धकाः = दहेज लोभी। वरपूजायाम् = वर पूजा में। स्वचलद्विचक्रम् = मोटर साइकिल। आगतवती = आ गईं। ज्ञातवती = जान लिया। करणीयम् = करना चाहिए। भक्षणस्य = खाने के। दर्शनस्य = दिखाने के। कुटिलः = कपटी, धोखेबाज। शठे= दुष्ट के साथ। शाठ्यम् = दुष्टता का। दृढतया = बड़ी दृढ़ता के साथ। प्रमाणम् = प्रमाण, साक्ष्य, वह पुरुष जिसका कथन अन्तिम निर्णय हो अर्थात् आदेश। करवाम = करें। जनामि = जानता हूँ। वाग्दानावसरे = सगाई के समय पर। अधुना= अब । कथम् = कैसे। आत्मनि = अपने आप में। करणीयम् = करना चाहिए। वदामि = बोलता, बोलती हूँ। समाचरणीयम् = व्यवहार करना चाहिए।

हिन्दी अनुवादः
विद्याधर:
हाँ, वे तो दहेज लोभी हैं (लम्बी साँस छोड़कर) वरपूजा में भी मोटर साइकिल चाहते हैं। (रुककर) यह तुम्हारी माता भी आ गईं। हे लक्ष्मी ! हम तो ठग गये हैं।
लक्ष्मी – हाँ सब जान लिया।
विद्याधर – तो क्या करना चाहिए।
लक्ष्मी – आप ही आदेश दें।
विद्याधर – यह राघव भी आ रहा है। राघव ! आप ही बोलो, क्या करें ?
राघव – मैं भी नहीं जानता हूँ। सगाई के समय पर तो श्रीधर कैसे थे ? अब कैसे हो गए ?
विद्याधर – हाथी के दाँत खाने के दूसरे दिखाने के अन्य होते हैं मित्र ! यह अपने में कपटी है। राघव ठीक है, इस समय क्या करना चाहिए ? सरला कुछ भी नहीं करना चाहिए। केवल दुष्ट के साथ दुष्टता का व्यवहार करना चाहिए। विद्याधर-क्या बोलती हो सरला ! सरला–(दृढ़ता के साथ) हाँ सही बोलती हूँ।

RBSE Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 9 यौतकं पातकम्

(क) यौतकलुब्धकाः के सन्ति ?
उत्तरम्:
यौतकलुब्धकाः वरपक्षस्य जनाः (श्रीधरः) सन्ति।

(ख) वरपूजायाः समये किम् इच्छति?
उत्तरम्:
वरपूजायाः समये स्वचलद्विचक्रम् इच्छति।

(ग) सरलायाः मातुः नाम किम् अस्ति?
उत्तरम्:
सरलायाः मातुः नाम लक्ष्मी अस्ति।

(घ) विद्याधरस्य मित्रस्य नाम किम् अस्ति ?
उत्तरम्:
विद्याधरस्य मित्रस्य नाम राघवः अस्ति।

(ङ) आत्मनि कः कुटिलः अस्ति?
उत्तरम्:
आत्मनि श्रीधरः कुटिलः अस्ति।

(च) ‘आगच्छति’ इति पदे कः लकारः ?
उत्तरम्:
आगच्छति’ इति पदे लट्लकारः।

RBSE Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 9 यौतकं पातकम्

(छ) मृदुलः’ इति पदस्य किं विलोमपदम् प्रयुक्तम् अत्र?
उत्तरम्:
‘कुटिलः’ इति पदं प्रयुक्तम् अत्र।

3. राघवः – किमर्थम् ?
सरला – अहं विवाहमपि न करिष्यामि।
विद्याधरः – कारणम् ?
सरला – (रुद्धकण्ठा रोदिति) कारणं ……… कारणं स्पष्टम्। अद्य तु स्वचलद्विचक्रम् इच्छन्ति, श्वः कारयानं वाञ्छिष्यन्ति, परश्वः किमप्यन्यद्। किं किं दास्यति भवान् ? एते तु वराकाः बुभुक्षिताः वृकाः सन्ति।
विद्याधरः – सरला सत्यं वदति, परन्तु अस्मिन् समये मम श्मश्रुणः प्रश्नः अस्ति।
सरला – भवतु, भवतः श्मश्रुणः नासिकायाः वा प्रश्नः ? किन्तु अहं तु तेन पिशाचेन सहोद्वाहं न करिष्यामि।
विद्याधरः – न ………..न ………… तद् न भविष्यति। आगच्छ मित्र ! व्यवस्थां कुर्मः। (गमनध्वनिः) ।
सरला – मा करोतु तात ……….
लक्ष्मी: – सम्यग् विचारयतु सरले ! अस्मिन् समये अन्यः कः उपायः ?
सरला – उपायः ? उपायं तु अहं जानामि। कुत्रास्ति मम चलदूरभाषः? आरक्षागारे सूचयामि। अङ्कनोदनस्य ध्वनिः। ततः दूरभाषसङ्केतध्वनिः आगच्छति।)
लक्ष्मी: – भवत्या किं कृतम् एतत् सरले ! (दृश्यपरिवर्तनसङ्गीतध्वनिः)

शब्दार्थ:
किमर्थम् = किसलिए। करिष्यामि = करूँगी। रुद्धकण्ठा = रुंधे हुए गले से। रोदिति = रोती है। कारयानं = कार वाहन को। दास्यति = दोगे। बुभुक्षिताः = भूखे। वृकाः = भेड़िये। श्मश्रुणः = मूंछों का। नासिकायाः = नाक का। उद्धाहं = विवाह। चलदूरभाषः = मोबाइलफोन। आरक्षागारे = थाने में। सूचयामि – सूचित करती है। अंकनोदनस्य= बटन दबाने की। भवत्या = आपके द्वारा। श्वः = कल (आने वाला)। परश्वः = परसों। किमप्यन्यद् = कुछ भी और। दास्यति = दोगे। एते = ये। वराकाः = अभागे, बेचारे, दयनीय। अस्मिन् समये = इस समय। मम= मेरी। तेन = उस। पिशाचेन = पिशाच से। करिष्यामि = करूँगी। भविष्यति = होगा। कुर्मः = करें। मा = मत।। करोतु = करो। सम्यग् = ठीक प्रकार से। कत्रास्ति = कहाँ है।

RBSE Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 9 यौतकं पातकम्

अनुवादः
राघव – किसलिए ?
सरला – मैं विवाह भी नहीं करूँगी।
विद्याधर – कारण ?
सरला – ऊँधे हुए गले से रोती है। कारण ……… कारण स्पष्ट है। आज तो मोटरसाइकिल चाह रहे हैं, कल कार वाहन चाहेंगे, परसों कुछ और। क्या क्या दोगे आप? ये तो अभागे भखे भेडिये हैं।
विद्याधर – सरला ठीक बोल रही है, लेकिन इस समय मेरी मूंछों का सवाल है। सरला होवे, आपकी मूंछों का अथवा नाक का सवाल? लेकिन मैं तो उस पिशाच के साथ विवाह नहीं करूंगी।
विद्याधर – न ………….. न …………. वैसा नहीं होगा। आओ मित्र ! व्यवस्था करते हैं। (जाने की आवाज) सरला मत करो पिताजी ……………
लक्ष्मी – सरला ! ठीक प्रकार से विचार कर ले। इस समय दूसरा कौन-सा उपाय है।
सरला – उपाय ? उपाय तो मैं जानती हूँ। कहाँ है मेरा मोबाइल फोन ? थाने में सूचित करती हूँ। (अंक दबाने की आवाज होती है) उधर से दूरभाष संकेत की आवाज आती है।)।
लक्ष्मी – आपने यह क्या किया सरला ! (दृश्य परिवर्तन की संगीत ध्वनि होती है।)

(क) का विवाहंन करिष्यति ?
उत्तरम्:
सरला विवाहं न करिष्यति।

(ख) कस्य श्मश्रुणः प्रश्नः अस्ति?
उत्तरम्:
विद्याधरस्य श्मश्रुणः प्रश्नः अस्ति।

(ग) के बुभुक्षिताः वकाः सन्ति?
उत्तरम्:
वरपक्षस्य जनाः बुभुक्षिताः वृकाः सन्ति।

(घ) आरक्षागारे का सूचयति ?
उत्तरम्:
आरक्षागारे सरला सूचयति।

RBSE Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 9 यौतकं पातकम्

(ङ) भवत्या’ इत्यस्मिन् पदे का विभक्तिः प्रयुक्ता ?
उत्तरम्:
‘भवत्या’ इति पदे तृतीया विभक्तिः प्रयुक्ता।

(च) ‘करिष्यामि’ इति पदे कः लकारः ?
उत्तरम्:
करिष्यामि इति पदे लुट्लकारः।

(छ) ‘किमप्यन्यद’ इत्यस्य सन्धिविच्छेदं भविष्यति।
उत्तरम्:
‘किम् + अपि+ अन्यद’ इति सन्धिविच्छेदं भविष्यति।

4. (द्वितीयं दृश्यम्)
(ततः मरुत्तरयानस्य ध्वनिः आगच्छति। कोलाहलश्च भवति।)
श्रीधरः – अरे! अस्मान् परितः आरक्षकाः एव आरक्षकाः सन्ति। किं करवाणि ?
आरक्षकाधीक्षकः – कोऽपि पलायनस्य दुःसाहसं मा करोतु। भवन्तः सर्वे अस्माकं निबन्धने सन्ति।
श्रीधरः – हंहोऽऽ विद्याधर! कुचक्रमेतद् भवतः अस्ति? द्रक्ष्यामि भवन्तम् अनन्तरम्।
आरक्षकाधीक्षक: – (क्रोधेन) किं प्रलपति ? आत्मानं पश्य प्रथमम्। कारागृहे अवतारयिष्यामि भवतः नेत्राभ्यां यौतकपट्टिकां, तंदा पश्यतु। विक्रमसिंह ! एषः वरस्य पिता अस्ति। नयतु एनम्। कारागृहे एव एतस्य सत्कार करिष्यामः।
श्रीधर: – क्षम्यता क्षम्यताम्।
प्रथमारक्षकः – चलति वा न वा? (दण्डप्रहारस्य ध्वनिः)
आरक्षकाधीक्षकः – बलवीर ! तं वरराजम् अश्वादवतारय। कारागृहे एव वरोपचारः भविष्यति एतस्य।
मित्रावसुः – मम दोषो नास्ति। मुञ्चतु माम्।
द्वितीयारक्षकः – मोचयामि। कारागृहे भवते यौतकं दत्वा वरोपचारे। (व्यंग्येन हसति)

RBSE Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 9 यौतकं पातकम्

शब्दार्थ:
ततः = उसके बाद। मरुत्तरयानस्य = मोटर वाहन की। कोलाहलः = शोरगुल। अस्मान् परितः = हमारे चारों ओर। आरक्षकः = सिपाही। किं करवाणि = क्या करूँ। पलायनस्य = भागने का। निबन्धने = बन्दी बनाए गये। द्रक्ष्यामि = देलूँगा। भवन्तुम् = आपको। अनन्तरम् = इसके बाद में। प्रलपति = बकवास करता है। कारागृहे = जेल में। अवतारयिष्यामि = उतारूँगा। तदा पश्यतु = तब देखना। वरस्य = दूल्हे का। नयतु एनम् = इसे ले जाओ। एव = ही। एतस्य = इसका। करिष्यामः = करेंगे। सत्कारं = सम्मान। क्षम्यतां = क्षमा करें। दण्डप्रहारस्य = डण्डा मारने की। वरराजम् = दूल्हे राजा को। अश्वात् = घोड़े से। अवतारय = उतारो। वरोपचारः = वर के लिए की गई पूजा। मुञ्चतु = छोड़ दें।

अनुवादः – (दूसरा दृश्य)
(उसके बाद मोटर वाहन की आवाज आती है और शोरगुल होता है)
श्रीधर – अरे ! हमारे चारों ओर सिपाही ही सिपाही हैं। क्या करूँ? थाना अधीक्षक कोई भी भागने का दुःसाहस न करे। आप सभी हमारे बन्दी हो गये हैं।
श्रीधर – है हो हो ! विद्याधर ! यह आपका कुचक्र है ? आपको बाद में देखेंगा।। थाना
अधीक्षक – (गुस्से में) क्या बकवास करता है ? पहले अपने को देख। जेल में तुम्हारे नेत्रों की दहेजरूपी पट्टी को उतारूँगा, तब देखना। विक्रमसिंह ! यह दूल्हे का पिता है। इसे ले जाओ। जेल में ही इसका सम्मान करेंगे।
श्रीधर – क्षमा करें, क्षमा करें। पहला
सिपाही – चलता है अथवा नहीं ? (डण्डा मारने की आवाज होती है।)
थाना अधीक्षक – बलवीर ! उस दूल्हे राजा को घोड़े से उतारो। इसकी जेल में ही वर के लिए की गई पूजा होगी।
मित्रावसु – मेरा दोष नहीं है। मुझे छोड़ दें। दूसरा
सिपाही – छोड़ता हूँ। जेल में आपको वर पूजा में दहेज देकर। (व्यंग्यपूर्वक हँसता है।)

RBSE Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 9 यौतकं पातकम्

(क) द्वितीयदृश्यारम्भे के मरुत्तरयानेन आगच्छन्ति ?
उत्तरम्:
द्वितीयदृश्यारम्भे मरुत्तरयानेन आरक्षकाधीक्षकः द्वौ आरक्षकौ च आगच्छन्ति।

(ख) कस्मान् परितः आरक्षकाः सन्ति ?
उत्तरम्:
वरपक्षस्य जनान् परितः आरक्षकाः सन्ति।

(ग) सर्वे जनाः केषां निबन्धने सन्ति ?
उत्तरम्:
सर्वेजनाः आरक्षकानाम् निबन्धने सन्ति।

(घ) कः कं प्रति प्रलपति ?
उत्तरम्:
श्रीधरः विद्याधरं प्रति प्रलपति।

(ङ) कारागृहे श्रीधरस्य नेत्राभ्यां यौतकपट्टिकाम् कः अवतारयिष्यति ?
उत्तरम्:
कारागृहे श्रीधरस्य नेत्राभ्यां यौतकपट्टिकां आरक्षकाधीक्षकः अवतारयिष्यति।

(च) अश्वादवतारय’ इत्यत्र किं सन्धिविच्छेदः भविष्यति?
उत्तरम्:
‘अश्वात् + अवतारय’ सन्धिविच्छेदः भविष्यति।

RBSE Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 9 यौतकं पातकम्

(छ) वरस्य किं नामास्ति ?
उत्तरम्:
वरस्य मित्रावसुः इति नामास्ति।

5. आरक्षकाधीक्षकः – कुत्र अस्ति सरला? सा तु निर्भीका कन्या अस्ति। यदि तादृश्यः सर्वाः कन्याः भविष्यन्ति चेत् तदा एतादृशी समस्यापि नागमिष्यति। एषः एकस्याः सरलायाः वा कस्य अपि एकस्य विषयः नास्ति अपितु अस्माकं सर्वेषां विषयः अस्ति। अत: अस्मिन् विषये सर्वे जागरुकाः भवन्तु। (विद्याधरं प्रति) अस्तु, विद्याधरमहोदय ! अद्यैव योग्यं वरम् अन्वेष्य सरलायाः विवाहः क्रियताम्। विवाहवेला मा अतिक्राम्यतु।
विद्याधरः – श्रीमन् ! सेवानिवृत्तशिक्षकः अस्मि। जीवने यद् धनम् अर्जितं तद् धनम् एतस्याः शिक्षायै व्ययीकृतम्। निर्योतकस्य तनयायै योग्यः वरः कुत्र ? पुनश्चेदानीं नूतनः वरः तु दुर्लभः।
आरक्षकाधीक्षक: – अस्ति महोदय ! अस्ति। यदि भवान इच्छति चेद् योग्यः नूतनश्च वरः सुलभः एव अस्ति।
विद्याधरः – (साश्चर्येण) कुत्र ?
आरक्षकाधीक्षकः – मम पुत्रः राकेशः। प्रशासकीयः अधिकारी अस्ति। सर्वथा सरलायाः योग्यः अस्ति।
विद्याधरः – (गद्गद्स्वरेण) एतत् तु अस्माकं सौभाग्यमस्ति।
आरक्षकाधीक्षकः – अहमपि सरलां पुत्रवधूरूपेण प्राप्य आत्मानं धन्यं मन्ये।
सर्वे – साध-साधु।

(गीतस्य ध्वनिः)
वनिते ऽऽऽऽ ! वरराजा आगच्छति।
अश्वारूढो मुखे ताम्बूलं, करे कृपाणः सज्जति॥
इतस्ततः सम्यगवलोकने समधिकसुखं प्रयच्छति।
गच्छति कुत्र स्वयं नावबुध्यते, मनः इतः आकर्षति।
वनिते ऽऽऽऽ ! वरराजा आगच्छति ॥
(ध्वनिः मन्दं भवति।)

RBSE Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 9 यौतकं पातकम्

शब्दार्थः
निर्भीका = निडर। भविष्यन्ति = होंगी। तादृश्य = वैसी ही। एतादशी = ऐसी। आगमिष्याति = आयेगी। भवन्तु = होवें। अन्वेष्य = खोजकर। मा अतिक्राम्यतु = अतिक्रमण मत करो। अर्जितम् = कमाया। एतस्याः = इसकी। शिक्षायै = शिक्षा के लिए। व्ययीकृतम् = खर्च कर दिया गया। निर्यातकस्य = विना दहेज वाले की। तनयायै = पुत्री के लिए। इदानीम् = इस समय। नूतनः वरः = नया दूल्हा। दुर्लभ = मुश्किल से प्राप्त। साश्चर्येण = आश्चर्यपूर्वक। गद्गदस्वरेण = गद्गदस्वर में। सौभाग्यम् = सौभाग्य। प्राप्य = पाकर। मन्ये = मानता हूँ। मुखे = मुँह 1 में। ताम्बूलम् = पान। करे = हाथ में। कृपाणः = तलवार। सज्जति = सुशोभित हो रही है। इतस्ततः = इधर-उधर। अवलोकने = देखने पर। समधिकसुखं = अत्यधिक प्रसन्नता। प्रयच्छति = मिल रही है। नावबुध्यते = नहीं जानता है।

अनुवादः
थाना अधीक्षक सरला कहाँ है ? वह तो निडर कन्या है। यदि उसी प्रकार की सभी कन्यायें होंगी तो. ऐसी समस्या भी नहीं आएगी। यह एक सरला का अथवा किसी भी एक का विषय नहीं है अपितु हमारा सभी का विषय है। इसलिए इस विषय में सभी जागरूक हों। (विद्याधर की ओर) ठीक है विद्याधर महोदय ! आज ही योग्य वर खोजकर सरला का विवाह करें। विवाह के समय का अतिक्रमण मत करो।
विद्याधर – श्रीमान् जी ! अवकाश प्राप्त शिक्षक हूँ। जीवन में जो धन कमाया, वह धन इसकी शिक्षा के लिए खर्च कर दिया। बिना दहेज वाले की पुत्री के लिए योग्य वर कहाँ है? फिर इस समय नया वर तो दुर्लभ है।
थाना अधीक्षक – हे महोदय ! है। यदि आप चाहते हो तो योग्य और नया वर सुलभ ही है।
विद्याधर – (आश्चर्यपूर्वक) कहाँ ?
थाना अधीक्षक – मेरा बेटा राकेश। प्रशासनिक अधिकारी है। सब प्रकार से सरला के योग्य है।
विद्याधर – (गद्गद स्वर के साथ) यह तो हमारा सौभाग्य है।
थानाध्यक्ष – मैं भी सरला को पत्रवधू के रूप में पाकर अपने को धन्य मानता हूँ।
सभी – अच्छा है, अच्छा है। (गीत की आवाज होती है।) हे वनिता ! दूल्हा राजा आ रहा है। घोड़े पर चढ़ा है, मुँह में पान है, हाथ में तलवार सुशोभित हो रही है।
इधर – उधर अच्छी तरह देखने पर अत्यधिक प्रसन्नता मिल रही है। कहाँ जा रहा है, स्वयं नहीं जानता, मन इधर ही आकर्षित हो रहा है। हे वनिता ! दूल्हा राजा आ रहा है। (आवाज धीमी हो रही है।)

RBSE Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 9 यौतकं पातकम्

(क) राकेशः कस्य पुत्रः अस्ति ?
उत्तरम्:
राकेशः आरक्षकाधीक्षकस्य पुत्रः अस्ति।

(ख) प्रशासकीयः अधिकारी कः अस्ति ?
उत्तरम्:
राकेशः प्रशासकीयः अधिकारी अस्ति।

(ग) सेवानिवृत्तशिक्षकः कः अस्ति?
उत्तरम्:
सेवानिवृत्तशिक्षकः विद्याधरः अस्ति।

(घ) कस्य सौभाग्यम् अस्ति ?
उत्तरम्:
विद्याधरस्य सौभाग्यम् अस्ति।

RBSE Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 9 यौतकं पातकम्

(ङ) सर्वाः कन्याः भविष्यन्ति इत्यत्र किंकर्तृपदम् अस्ति?
उत्तरम्:
‘सर्वाः कन्याः भविष्यन्ति’ इत्यत्र ‘कन्याः’ इति पदम् कर्तृपदम् अस्ति।

(च) सरलां पुत्रवधरूपेण प्राप्य कः आत्मानं धन्यं मन्यते ?
उत्तरम्:
सरलां पुत्रवधूरूपेण प्राप्य आरक्षकाधीक्षक: आत्मानं धन्यं मन्यते।

(छ) ‘इतस्ततः’ इति पदस्य सन्धिविच्छेदः भविष्यति।
उत्तरम्:
इतः + ततः इति सन्धिविच्छेदः भविष्यति।

Leave a Comment