RBSE Solutions for Class 7 Social Science Civics Chapter 1 समानता

Rajasthan Board RBSE Solutions for Class 7 Social Science Civics Chapter 1 समानता Textbook Exercise Questions and Answers.

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RBSE Class 7 Social Science Solutions Civics Chapter 1 समानता

RBSE Class 7 Social Science समानता InText Questions and Answers

पृष्ठ संख्या 6 

प्रश्न 1. 
आपके विचार से समानता के बारे में शंका करने के लिए कांता के पास क्या पर्याप्त कारण हैं? उपरोक्त कहानी के आधार पर उसके ऐसा सोचने के तीन कारण बताइए। 
उत्तर:
हाँ, कांता के पास समानता के बारे में शंका करने के पर्याप्त कारण हैं, जैसे-

  • उसकी पुत्री बीमारी के कारण बिस्तर में पड़ी हुई है, लेकिन वह अपनी नौकरी से छुट्टी नहीं ले सकती। 
  • वह बस्ती, जिसमें वह रहती है, वहाँ कभी भी सफाई नहीं होती। 
  • वह उतनी अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएँ प्राप्त नहीं कर सकती, जितनी कि उसका मालिक या अन्य धनिक लोग करते हैं। 

पृष्ठ संख्या 7

प्रश्न 1. 
पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ 7 पर दिए गए वैवाहिक विज्ञापनों में जाति की सूचना देने वाले अंशों पर गोला बनाइए। 
उत्तर:
विद्यार्थी इन विज्ञापनों में निम्नलिखित शब्दों पर गोला लगाएँ-

  • कुर्मी क्षत्रिय 
  • ब्राह्मण जीजोदिया, बुंदेलखंडी ब्राह्मण, सर्व ब्राह्मण, 
  • तोमर राजपूत 
  • अग्रवाल कन्या। 

पृष्ठ संख्या 8 

प्रश्न 1. 
आपके विचार से ओमप्रकाश वाल्मीकि के साथ उसके शिक्षक और सहपाठियों ने असमानता का व्यवहार क्यों किया था? अपने आपको ओमप्रकाश वाल्मीकि की जगह रखते हुए चार पंक्तियाँ लिखिए कि उक्त स्थिति में आप कैसा अनुभव करते? 
उत्तर:
ओमप्रकाश वाल्मीकि के साथ उसके शिक्षक और सहपाठियों ने असमानता का व्यवहार इसलिए किया क्योंकि वह एक दलित लड़का था। यदि मैं ओमप्रकाश वाल्मीकि की स्थिति में होता, तो ऐसे व्यवहार से मेरे सम्मान को ठेस पहुँचती और मैं यह महसूस करता कि दलित बच्चों को भी समान रूप से शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार होना चाहिए एवं उन्हें भी शिक्षा के समान अवसर मिलने चाहिए। 

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प्रश्न 2. 
आपके विचार से अंसारी दंपत्ति के साथ असमानता का व्यवहार क्यों किया जा रहा था? यदि आप अंसारी दम्पत्ति की जगह होते और आपको रहने के लिए इस कारण जगह न मिलती क्योंकि कुछ पड़ोसी आपके धर्म के कारण आपके पास नहीं रहना चाहते, तो आप क्या करते? 
उत्तर:
अंसारी दंपत्ति के साथ असमानता का व्यवहार उस सोसायटी में रहने वाले लोगों से भिन्न धर्म तथा भोजन की आदतों के कारण किया गया था। यदि मैं अंसारी दम्पत्ति की स्थिति में होता तो मेरे सम्मान को ठेस पहुँचती अगर मेरे धर्म के कारण मेरे साथ भेदभाव किया जाता। मैं अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए इस भेदभाव के विरुद्ध अल्पसंख्यक आयोग में शिकायत करता। 

पृष्ठ संख्या 9

प्रश्न 1. 
यदि आप अंसारी परिवार के एक सदस्य होते, तो प्रॉपर्टी डीलर के नाम बदलने के सुझाव का उत्तर किस प्रकार देते? 
उत्तर:
यदि मैं अंसारी परिवार का एक सदस्य होता तो मैं प्रॉपर्टी डीलर के नाम बदलने के सुझाव को अस्वीकार कर देता। मैं धर्म के आधार पर लोगों द्वारा भेदभाव किये जाने के व्यवहार का समर्थन नहीं करता। 

प्रश्न 2. 
क्या आपको अपने जीवन की कोई ऐसी घटना याद है, जब आपकी गरिमा को चोट पहुँची हो? आपको उस समय कैसा महसूस हुआ था?
उत्तर:
विद्यार्थी अपने स्वयं के अनुभव के आधार पर लिखिये। 

पृष्ठ संख्या 11 

प्रश्न 1. 
मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम क्या है? क्या आप इस कार्यक्रम के तीन लाभ बता सकते हैं? आपके विचार से यह कार्यक्रम किस प्रकार समानता की भावना बढ़ा सकता है?
उत्तर:
मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के अन्तर्गत सभी सरकारी प्राथमिक स्कूलों के बच्चों को दोपहर का भोजन स्कूल द्वारा दिया जाता है। इसके तीन लाभ इस प्रकार हैं-

  • दोपहर का भोजन मिलने के कारण गरीब बच्चों ने अधिक संख्या में प्रवेश लेना और नियमित रूप से स्कूल जाना शुरू कर दिया। 
  • इस कार्यक्रम से जातिगत पूर्वाग्रहों को कम करने में सहायता मिली है, क्योंकि स्कूल में निम्न व उच्च जाति के बच्चे साथ-साथ भोजन करते हैं।
  • इस कार्यक्रम के कारण निर्धन विद्यार्थी अब पढ़ाई पर अपना ध्यान केन्द्रित कर पा रहे हैं। 

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प्रश्न 2. 
अपने क्षेत्र में लागू की गई किसी एक सरकारी योजना के बारे में पता लगाइए। इस योजना में क्या किया जाता है? यह किसके लाभ के लिए बनाई गई है? 
उत्तर:
किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना, 1999 प्राथमिक विज्ञान, इंजीनियरिंग तथा दवाइयों के क्षेत्र में शोध कैरियर हेतु विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए यह योजना स्कॉलरशिप प्रदान करती है। यह योजना सभी पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को लाभ देने के लिए चलाई गई है, विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए यह अधिक फायदेमन्द है जो ऐसे अध्ययन के लिए धन की व्यवस्था करने में असमर्थ हैं।

RBSE Class 7 Social Science समानता Textbook Questions and Answers  

प्रश्न 1. 
लोकतंत्र में सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार क्यों महत्त्वपूर्ण है? 
उत्तर:
लोकतंत्र में सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार महत्त्वपूर्ण है क्योंकि-

  • यह समानता की अवधारणा पर आधारित है। जैसे-समस्त वयस्क नागरिक, जो 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं, मत देने का अधिकार रखते हैं, चाहे वे किसी भी पृष्ठभूमि के हों। किसी भी व्यक्ति के साथ उसके धर्म, जाति, वंश, जन्म स्थान और लिंग के आधार पर मताधिकार देने में कोई भेदभाव नहीं किया जाता है। 
  • यह लोकतंत्र के महत्त्वपूर्ण आयामों में से एक है। 
  • यह सरकार को जनता के प्रति उत्तरदायी बनाता है तथा लोकतंत्र में जनता की गरिमा और महत्त्व को सुनिश्चित करता है। 

प्रश्न 2. 
बॉक्स में दिए गए संविधान के अनुच्छेद-15 के अंश को पुनः पढ़िये और दो ऐसे तरीके बताइए जिनसे यह अनुच्छेद असमानता को दूर करता है। 
उत्तर:
अनुच्छेद 15 में असमानता को दूर करने वाले दो तरीके निम्नलिखित हैं-
(i) राज्य किसी नागरिक के विरुद्ध केवल धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग, जन्मस्थान या इनमें से किसी के आधार पर कोई विभेद नहीं करेगा। 

(ii) कोई नागरिक केवल धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग, जन्म स्थान या इनमें से किसी आधार पर (क) दुकानों, सार्वजनिक भोजनालयों, होटलों और सार्वजनिक मनोरंजन के स्थानों के सम्बन्ध में किसी भी निर्योग्यता, दायित्व, निबंधन या शर्त के अधीन नहीं होगा।

प्रश्न 3. 
ओमप्रकाश वाल्मीकि का अनुभव, अंसारी दम्पत्ति के अनुभव से किस प्रकार मिलता था?
उत्तर:
ओमप्रकाश वाल्मीकि का अनुभव, अंसारी दम्पत्ति के अनुभव से निम्नलिखित प्रकार से मिलता था-

  • दोनों ही प्रकरणों में मानवीय गरिमा का हनन हुआ था। 
  • उन्हें जाति या धर्म की भिन्नता के आधार पर भेदभाव की पीड़ा सहनी पड़ी। 
  • दोनों को अवसर की समानता से वंचित किया गया। 

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प्रश्न 4. 
"कानून के सामने सब व्यक्ति बराबर हैं।" इस कथन से आप क्या समझते हैं? आपके विचार से यह लोकतंत्र में महत्त्वपूर्ण क्यों है? 
उत्तर:
"कानून के सामने सब व्यक्ति बराबर हैं।" इस कथन से आशय यह है कि सभी व्यक्ति कानून के समक्ष समान हैं। कानून सभी व्यक्तियों के साथ समानता का व्यवहार करेगा। एक आम आदमी से लेकर राष्ट्रपति तक सभी कानून के समक्ष समान हैं। राज्य का कानून किसी भी व्यक्ति के साथ उसके धर्म, जाति, वंश, जन्मस्थान और लिंग के आधार पर कोई भेदभाव नहीं करेगा। 

लोकतंत्र में यह महत्त्वपूर्ण है क्योंकि समानता लोकतंत्र की आत्मा है। लोकतंत्र सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के द्वारा सभी लोगों को समान महत्त्व देता है। यदि कानून भेदभावपरक होंगे तो लोकतंत्र विकसित नहीं हो पायेगा। 

प्रश्न 5. 
दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुसार उनको समान अधिकार प्राप्त हैं और समाज में उनकी पूरी भागीदारी संभव बनाना सरकार का दायित्व है। सरकार को उन्हें निःशुल्क शिक्षा देनी है और विकलांग बच्चों को स्कूलों की मुख्यधारा में सम्मिलित करना है। कानून यह भी कहता है कि सभी सार्वजनिक स्थल, जैसेभवन, स्कूल आदि में ढलान बनाए जाने चाहिए, जिससे वहाँ विकलांगों के लिए पहुँचना सरल हो। 
पाठ्यपुस्तक में पृष्ठ 15 में दिये गये चित्र को देखिए और उस बच्चे के बारे में सोचिए, जिसे सीढ़ियों से नीचे लाया जा रहा है। क्या आपको लगता है कि इस स्थिति में उपर्युक्त कानून लागू किया जा रहा है? वह भवन में आसानी से आ-जा सके, उसके लिए क्या करना आवश्यक है? उसे उठाकर सीढ़ियों से उतारा जाना, उसके सम्मान और उसकी सुरक्षा को कैसे प्रभावित करता है? 
उत्तर:
नहीं, इस चित्र में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 को लागू नहीं किया जा रहा है। इस चित्र में दिव्यांगजन को सीढ़ियों से उतारा जा रहा है, जबकि कानून यह कहता है कि सभी सार्वजनिक स्थल, जैसे-भवन, स्कूल आदि में ढलान बनाए जाने चाहिए, जिससे वहाँ विकलांगों के लिए पहुँचना सरल हो । लेकिन यहाँ ढलान नहीं है, दिव्यांगजन को सीढ़ियों से उतारा जा रहा है।

दिव्यांगजन को सीढ़ियों से उतारे जाने पर कभी भी असावधानी या असंतुलन के कारण दुर्घटना हो सकती है। इसके साथ ही ऐसे करने से उसका सम्मान भी प्रभावित होता है क्योंकि उसे अपनी पहियों वाली कुर्सी पर चलने के लिए दूसरों पर निर्भर हो जाना पड़ा है। इस प्रकार की सहायता उसे दिव्यांग होने का एहसास भी कराती है।

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Last Updated on June 14, 2022, 6:05 p.m.
Published June 14, 2022