RBSE Solutions for Class 7 Social Science Chapter 10 लैंगिक समझ और संवेदनशीलता

RBSE Solutions for Class 7 Social Science

Rajasthan Board RBSE Class 7 Social Science Chapter 10 लैंगिक समझ और संवेदनशीलता

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RBSE Class 7 Social Science लैंगिक समझ और संवेदनशीलता Intext Questions and Answers

गतिविधि

पृष्ठ संख्या – 77

प्रश्न 1.
शिक्षक की सहायता से स्वतन्त्रता आन्दोलन में भाग लेने वाली महिलाओं की सूची बनाइए।
उत्तर:
स्वतन्त्रता आन्दोलन में भाग लेने वाली प्रमुख महिलाओं की सूची –

  1. एनी बीसेन्ट
  2. कस्तूरबा गाँधी
  3. सरोजनी नायडू
  4. कमला नेहरू
  5. विजयलक्ष्मी पंडित
  6. सुचेता कृपलानी
  7. अरुणा आसिफ अली
  8. दुर्गा बाई देशमुख
  9. सावित्री बाई फुले आदि।

पृष्ठ संख्या – 80

प्रश्न 2.
शिक्षक की सहायता से निम्नलिखित पदों पर पदस्थापित रही भारत की प्रथम महिलाओं के नाम लिखिये

  1. राष्टपति
  2. प्रधानमंत्री
  3. राज्यपाल
  4. मुख्यमंत्री
  5. सर्वोच्च न्यायालय की न्यायाधीश

उत्तर:

  1. भारत की प्रथम महिला राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल हैं।
  2. भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री श्रीमती इन्दिरा गाँधी हैं।
  3. भारत की प्रथम महिला राज्यपाल सरोजनी नायडू हैं।
  4. भारत की प्रथम महिला मुख्यमंत्री सुचित्रा कृपलानी हैं।
  5. भारत की सर्वोच्च न्यायालय की प्रथम महिला न्यायाधीश फातिमा बीवी हैं।

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प्रश्न 3.
शिक्षक की सहायता से निम्न क्षेत्रों से संबंधित भारतीय महिलाओं की सूची बनाइये

  1. प्रसिद्ध महिला खिलाड़ी
  2. प्रसिद्ध महिला राजनीतिज्ञ
  3. अन्य क्षेत्रों में प्रसिद्ध महिलाओं के नाम।

उत्तर:
1. प्रसिद्ध महिला खिलाड़ी –

  • सायना नेहवाल
  • सानिया मिर्जा
  • मेरीकॉम

2. प्रसिद्ध महिला राजनीतिज्ञ –

  • श्रीमती इन्दिरा गाँधी
  • श्रीमती सोनिया गाँधी
  • सुषमा स्वराज
  • मेनका गाँधी
  • उमा भारती
  • विजय राजे सिंधिया
  • जयललिता
  • भायावती।

3. अन्य क्षेत्रों में प्रसिद्ध महिलाओं के नाम-अन्य क्षेत्रों से प्रसिद्ध महिलायें हैं –

  • माधुरी दीक्षित, हेमा मालिनी, रानी मुखर्जी, ऐश्वर्या राय, स्मिता पाटिल, वहीदा रहमान, रेखा, मीना कुमारी, वैजयन्ती माला आदि (सभी सिनेमा तारिकाएँ)।
  • लता मंगेशकर, आशा भौंसले, कविता कृष्ण मूर्ति, श्रेया घोषाल आदि (सभी गायिकाएँ)।
  • सरोज खान, फरहा खान (कोरियोग्राफर)।
  • कल्पना चावला (अंतरिक्ष यात्री)।
  • अमृता प्रीतम, महादेवी वर्मा (साहित्यकार)।
  • बछेन्द्रीपाल (पर्वतारोही)।
    (नोट – अपने अध्यापक से पूछकर इस सूची का विस्तार कर सकते हैं।)

पृष्ठ संख्या – 82

प्रश्न 4.
आपके क्षेत्र में सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी प्राप्त कीजिए।
उत्तर:
हमारे क्षेत्र में सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए निम्न योजनाएँ चलाई जा रही हैं –

  1. शिक्षा के प्रोत्साहन के लिए छात्रवृत्ति देना।
  2. रोजगार का प्रशिक्षण देना तथा रोजगार हेतु ऋण देना।
  3. महिला के नाम सम्पत्ति की रजिस्ट्री करवाने पर शुल्क में छूट देना।
  4. गरीब परिवारों को मकान के लिए निःशुल्क जमीन महिला के नाम आवंटित करना।
  5. सुकन्या समृद्धि योजना।
  6. भामाशाह योजना में परिवार का मुखिया महिला को बनाना। जननी सुरक्षा योजना।
  7. बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान आदि

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पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

प्रश्न 1.
सही विकल्प को चुनिए –
(i) बालक का पहला शिक्षक होता है ………………..
(अ) परिवार
(ब) विद्यालय
(स) मित्र
(द) माता
उत्तर:
(द) माता

(ii) मीरा बाई प्रसिद्ध है ………………..
(अ) राजनीति के लिए
(ब) शासन के लिए
(स) ईश्वर – भक्ति के लिए
(द) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(स) ईश्वर – भक्ति के लिए

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प्रश्न 2.
निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –

  1. भामाशाह योजना में परिवार का मुखिया ……………….. होती
  2. ……………….. ने सती प्रथा के विरुद्ध कानूनी प्रतिबंध लगवाया।
  3. प्रत्येक जिले में महिला ………………. और महिला ………………. केन्द्र स्थापित किए गए हैं।
  4. ईश्वर चन्द्र विद्यासागर ने ………………. के समर्थन में जागरूकता पैदा की।

उत्तर:

  1. महिला
  2. राजा राममोहन राय
  3. थानों, सलाह एवं सुरक्षा
  4. विधवा विवाह।

प्रश्न 3.
प्राचीन काल में समाज में नारी की स्थिति कैसी थी?
उत्तर:
प्राचीन काल में भारतीय समाज में नारी की स्थिति सुखद थी। उस काल में महिलाएँ सभी कार्यों में पुरुषों के समान बराबरी से भाग लेती थी। कोई कार्य लिंग के आधार पर बंटा हुआ नहीं था। स्त्री – पुरुष का समान महत्त्व था। उस काल में उच्च शिक्षित महिलाएं पुरुषों के साथ शास्त्रार्थ में भाग लेती थीं। अनेक वैदिक ऋचाओं की रचना महिलाओं द्वारा की गई। वे राजकार्य व युद्धों में भी भाग लेती थीं।

प्रश्न 4.
लैंगिक संवेदनशीलता से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
लैंगिक संवेदनशीलता से आशय है – स्त्री और पुरुष दोनों के प्रति समान भाव अनुभव करना। इसे लैंगिक समानता भी कहते हैं। इसके अन्तर्गत बालक-बालिकाओं को पालनपोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा विकास के समान अवसर व अधिकार दिये जाते हैं।

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प्रश्न 5.
महिला सशक्तीकरण के लिए कौन – कौनसे कानून बनाए गए हैं?
उत्तर:

  1. महिला सशक्तीकरण के लिए दहेज प्रथा निषेध कानून, बाल विवाह निषेध कानून, सती प्रथा निषेध कानून बनाकर इन्हें दण्डनीय अपराध घोषित किया गया है।
  2. महिलाओं के विरुद्ध घरेलू हिंसा की रोकथाम के लिए दण्डात्मक कानून बनाया गया है।
  3. पंचायती राज व्यवस्था और नगरीय निकायों के चुनावों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत स्थान आरक्षित कर दिये गये हैं।
  4. समान कार्य के लिए समान मजदूरी का कानून बनाया गया है।

प्रश्न 6.
महिलाओं के उत्थान के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं की जानकारी दीजिये।
उत्तर:
महिलाओं के उत्थान के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाएँ निम्नलिखित हैं –

  1. शिक्षा के प्रोत्साहन के लिए छात्रवृत्ति व अन्य सुविधाएँ देना तथा 9वीं कक्षा में प्रवेश लेने वाली लड़कियों को साइकिल देना।
  2. शैक्षिक रूप से पिछड़े उपखण्डों में आवासीय विद्यालय संचालित किये जा रहे हैं।
  3. रोजगार का प्रशिक्षण देना और रोजगार हेतु ऋण देना।
  4. महिला के नाम से सम्पत्ति की रजिस्ट्री करवाने पर शुल्क में छूट देना।
  5. गरीब परिवारों को मकान के लिए निःशुल्क जमीन महिला के नाम से आवंटित करना।
  6. बालिकाओं की उच्च शिक्षा के लिए बचत द्वारा धन जुटाने हेतु सुकन्या समृद्धि योजना प्रारंभ करना।
  7. भामाशाह योजना’ में परिवार का मुखिया महिला को बनाना।
  8. महिला और बाल कल्याण के लिए ‘जननी सुरक्षा योजना’ जैसी अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं।
  9. लिंगानुपात में समानता के लिए ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान चलाया जा रहा है।

RBSE Class 7 Social Science लैंगिक समझ और संवेदनशीलता Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

Question 1.
लिंग – भेद का अर्थ है …………………
(अ) स्त्री – पुरुष का शारीरिक अन्तर
(ब) स्त्री – पुरुष के कार्यों का अन्तर
(स) स्त्री – पुरुष के बीच अधिकारों का अन्तर
(द) स्त्री – पुरुष के बीच आर्थिक अन्तर
उत्तर:
(अ) स्त्री – पुरुष का शारीरिक अन्तर

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Question 2.
महिला सशक्तीकरण से मतलब है ………………….
(अ) शारीरिक शक्ति देना
(ब) मानसिक बल देना
(स) बलपूर्वक कुछ करने का अधिकार देना
(द) वे अधिकार देना जिससे महिलाएं पुरुषों के बराबर हो सकें।
उत्तर:
(द) वे अधिकार देना जिससे महिलाएं पुरुषों के बराबर हो सकें।

Question 3.
लैंगिक भेद है …………………
(अ) स्त्रियों और पुरुषों के बीच अधिकारों का असमानता पर आधारित बंटवारा
(ब) स्त्रियों और पुरुषों के बीच अवसरों का असमानता पर आधारित बंटवारा
(स) स्त्रियों और पुरुषों के बीच कर्तव्यों तथा सुविधाओं का असमानता पर आधारित बंटवारा
(द) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(द) उपर्युक्त सभी

Question 4.
पंचायती राज व्यवस्था और नगरीय निकायों के चुनावों में |महिलाओं के लिए स्थानों का आरक्षण है …………………
(अ) 25 प्रतिशत
(ब) 33 प्रतिशत
(स) 50 प्रतिशत
(द) 1617 प्रतिशत
उत्तर:
(ब) 33 प्रतिशत

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Question 5.
2011 की जनगणना के अनुसार राजस्थान में लिंगानुपात है …………………
(अ) 928 प्रति हजार
(ब) 951 प्रति हजार
(स) 1011 प्रति हजार
(द) 871 प्रति हजार
उत्तर:
(अ) 928 प्रति हजार

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

  1. 2011 की जनगणना के अनुसार राजस्थान में महिला साक्षरता ………………… प्रतिशत है। (52.10/79.20)
  2. महिला समस्याओं के हल में मदद के लिए राष्ट्रीय एवं राज्य महिला ………………… बनाये गये हैं। (थाने/आयोग)
  3. लिंगानुपात में समानता के लिए ………………… योजना चलायी जा रही है। (सुकन्या समृद्धि योजना/बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ)
  4. 19वीं शताब्दी में ………………… ने अपने राज्य का शासनसंचालन किया। (लक्ष्मी बाई/मीरा बाई)
  5. 19वीं सदी में..ने सती प्रथा के विरुद्ध कानूनी प्रतिबंध लगवाया। (ईश्वरचन्द्र विद्यासागर/राजा राममोहन राय)

उत्तर:

  1. 52.10
  2. आयोग
  3. बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ
  4. लक्ष्मीबाई
  5. राजा राममोहन राय।

निम्नलिखित में से सत्य/असत्य कथन चुनिये

  1. लिंग – भेद स्त्री और पुरुष की शारीरिक बनावट का जैविक अन्तर है।
  2. लैंगिक संवेदनशीलता को लैंगिक असमानता भी कहते
  3. भारत में संसद, विधानसभाओं और मंत्रिमंडलों में पुरुषों : का ही वर्चस्व रहा है।
  4. स्त्रियों को पैतृक सम्पत्ति में कोई अधिकार नहीं है। 5. अनेक वैदिक ऋचाओं की रचना महिलाओं द्वारा की गई।

उत्तर:

  1. सत्य
  2. असत्य
  3. सत्य
  4. असत्य

सत्य स्तम्भ ‘अ’ को स्तम्भ ‘ब’ से सुमेलित करें

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उत्तर:
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अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
भारत की प्रथम महिला राष्ट्रपति कौन बनी?
उत्तर:
श्रीमती प्रतिभा पाटिल।

प्रश्न 2.
भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री कौन बनी?
उत्तर:
श्रीमती इन्दिरा गाँधी।

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प्रश्न 3.
गत दो-तीन दशकों में महिला संगठनों ने मुख्य 1 रूप से किन मुद्दों पर ध्यान केन्द्रित किया है?
उत्तर:
महिलाओं के विरुद्ध घरेलू हिंसा, दहेज और पुलिस ज्यादतियाँ।

प्रश्न 4.
19वीं शताब्दी में किन समाज – सुधारकों ने नारी की 11 स्थति में सुधार के लिए प्रयास किए?
उत्तर:
19वीं शताब्दी में राजा राममोहन राय, ईश्वरचन्द्र विद्यासागर, स्वामी दयानंद सरस्वती, महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्री बाई ने नारी की स्थिति में सुधार हेतु प्रयास किये।

प्रश्न 5.
लिंग – भेद से क्या आशय है?
उत्तर:
लिंग – भेद स्त्री और पुरुष की शारीरिक बनावट पर आधारित जैविक अन्तर है।

प्रश्न 6.
लैंगिक भेद क्या है?
उत्तर:
स्त्रियों और पुरुषों के बीच अधिकारों, अवसरों, कर्तव्यों तथा सुविधाओं के बीच असमानता पर आधारित बंटवारा 7 लैंगिक भेद है।

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प्रश्न 7.
भारतीय समाज में मौजूद लैंगिक भेद के किन्हीं दो रूपों का उल्लेख कीजिये।
उत्तर:

  1. श्रम का लैंगिक विभाजन
  2. शिक्षा व काम के अवसर में असमानता।

प्रश्न 8.
सरकार ने महिलाओं की प्रगति व सुरक्षा हेतु क्या कार्य किये हैं?
उत्तर:
सरकार ने इस हेतु दो प्रकार के कार्य किये हैं –

  1. महिलाओं की सुरक्षा और संरक्षण हेतु कानून बनाए गए हैं।
  2. महिलाओं की प्रगति हेतु अनेक योजनाएँ बनायी

प्रश्न 9.
महिला और बाल-कल्याण के लिए चलायी जा ही किसी एक योजना का नाम लिखिये।
उत्तर:
जननी सुरक्षा योजना।

प्रश्न 10.
बालिकाओं की उच्च शिक्षा के लिए बचत द्वारा धन जुटाने हेतु कौनसी योजना प्रारंभ की गई है?
उत्तर:
सुकन्या समृद्धि योजना।

लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
लिंग भेद और लैंगिक भेद में क्या अन्तर है?
उत्तर:
लिंग – भेद स्त्री और पुरुष की शारीरिक बनावट के जैविक अन्तर को बताता है, जो प्राकृतिक है, जबकि लैंगिक भेद का सम्बन्ध उन भूमिकाओं, अधिकारों, कर्तव्यों और कार्यों से है, जो समाज में स्त्रियों और पुरुषों को अलगअलग बांटते हैं। दूसरे, लिंग-भेद सभी जगह और सभी | समय एक समान होता है जबकि लैंगिक भेद की अवधारणा समय और स्थान के साथ बदलती रहती है। यह सामाजिक असमानता की परिचायक है।

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प्रश्न 2.
मध्यकाल में भारत में नारी की सामाजिक स्थिति में क्या गिरावट आई?
उत्तर:
भारत में मध्यकाल में शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मामलों में बालक – बालिकाओं के बीच अन्तर किया जाने लगा था। उसे शिक्षा से वंचित रहना पड़ा। उसे घरेलू कार्यों की जिम्मेदारियों तक सीमित कर घर की चारदीवारी में ही रहने के लिए बाध्य कर दिया गया। बाल-विवाह, सती प्रथा, पर्दा प्रथा, दहेज प्रथा जैसी अनेक कुप्रथाओं से उसे पीड़ित होना पड़ा तथा उसकी पुरुष पर निर्भरता बढ़ती गई।

प्रश्न 3.
19वीं शताब्दी में नारी की स्थिति में सुधार के लिए क्या प्रयास किये गये?
उत्तर:
19वीं शताब्दी में समाज सुधारकों ने नारी की स्थिति में सुधार के लिए अनेक प्रयास किये यथा –

  1. राजा राममोहन राय ने सती प्रथा के विरुद्ध कानूनी प्रतिबन्ध लगवाया।
  2. ईश्वरचन्द्र विद्यासागर ने विधवा विवाह हेतु जागृति पैदा की। इनके सम्बन्ध में कानून भी बनाए गए।
  3. स्वामी दयानन्द सरस्वती ने महिला शिक्षा के लिए उल्लेखनीय कार्य किये।
  4. महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्री बाई फुले ने भी नारी उत्थान हेतु कार्य किया।

प्रश्न 4.
सामुदायिक स्तर पर स्त्री और पुरुषों की भूमिका में क्या अन्तर है?
उत्तर:
सामुदायिक स्तर पर स्त्री और पुरुषों की भूमिका और सहभागिता में बड़ा अन्तर विद्यमान है। स्त्रियों की सार्वजनिक जीवन विशेषकर राजनीति में भूमिका नगण्य है। सार्वजनिक जीवन पुरुषों के कब्जे में है और स्त्रियों को कम भागीदारी दी जाती है। उन्हें सामुदायिक कार्यों के नेतृत्व के पर्याप्त अवसर नहीं दिए जाते हैं।

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प्रश्न 5.
महिला सशक्तीकरण के लिए महिला आंदोलन की भूमिका की चर्चा कीजिए।
उत्तर:
महिला सशक्तीकरण के लिए महिला संगठनों ने पारिवारिक और सामाजिक जीवन में महिला की बराबरी की ओर समाज, विधायिका और न्यायालय का ध्यान खींचा, महिलाओं के अधिकारों के उल्लंघन होने पर, उसके विरुद्ध आवाज उठायी तथा मामले को उचित स्तर पर रखकर न्याय दिलाने का प्रयास किया। इससे महिलाएँ जागरूक और संगठित हुई हैं। फलस्वरूप महिला संरक्षण और सशक्तीकरण | के लिए अनेक कानून और योजनाएँ बनाई गई हैं।

प्रश्न 6.
स्त्रियों के कम शिक्षित होने के क्या कारण हैं?
उत्तर:
बहुत-सी लड़कियाँ गरीबी, शिक्षण सुविधाओं के अभाव व अन्य कारणों से शिक्षा पूरी किये बिना ही विद्यालय छोड़ देती हैं। विशेषकर वंचित वर्ग, आदिवासी और मुस्लिम वर्ग की लड़कियाँ इसके अतिरिक्त रूढ़िवादी धारणाओं के कारण लड़कियों को अनेक कार्यों व व्यवसायों की शिक्षा और प्रशिक्षण लेने में परिवार का सहयोग नहीं मिलता है।

निबन्धात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
सरकार ने महिलाओं की प्रगति; सुरक्षा और संरक्षण के लिए कौन – कौनसे कानून बनाए हैं?
उत्तर:
सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा और संरक्षण के लिए निम्नलिखित कानून बनाए हैं –

  1. सरकार ने सामाजिक कुप्रथाओं के विरुद्ध दहेज प्रथा निषेध कानून, बाल विवाह निषेध कानून, सती प्रथा निषेध कानून जैसे कानून बनाकर इन्हें अपराध घोषित किया है।
  2. महिलाओं के विरुद्ध घरेलू हिंसा की रोकथाम के लिए दंडात्मक कानून बनाया गया है।
  3. पंचायती राज व्यवस्था और नगरीय निकायों के चुनावों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत स्थान आरक्षित कर दिये गये हैं।
  4. सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए पद आरक्षित किये गये हैं।
  5. समान कार्य के लिए समान मजदूरी का कानून बनाया गया है।
  6. महिला समस्याओं के हल में मंदद हेतु राष्ट्रीय एवं राज्य महिला आयोग बनाए गये हैं।
  7. प्रत्येक जिले में महिला थानों, महिला सलाह और सुरक्षा केन्द्रों का गठन किया गया है।

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प्रश्न 2.
वर्तमान में भारतीय समाज में विद्यमान लैंगिक भेद के रूपों की चर्चा कीजिए।
उत्तर:
भारतीय समाज में विद्यमान लैंगिक भेद के रूप वर्तमान में भारतीय समाज में विद्यमान लैंगिक भेद के प्रमुख रूप निम्नलिखित हैं –
1. श्रम का लैंगिक विभाजन – लड़के – लड़कियों के पालन – पोषण के दौरान ही यह धारणा मन में बैठा दी जाती है कि परिवार में खाना बनाना, सफाई करना, बर्तन और कपड़े धोना आदि घरेलू कार्य महिलाओं के हैं। इसके अतिरिक्त गांवों में दूर – दूर से पानी लाना, जलाऊ लकड़ी के 2 गट्ठर ढोना, खेतों में पौधे रोपना, खरपतवार निकालना, फसलें काटना, दुधारू पशुओं की देखभाल का कार्य करना आदि कार्य महिलाएँ करती हैं। लेकिन महिलाओं द्वारा किए गए इन कार्यों का महत्त्व कम करके आंका जाता है। ऐसे कार्यों में लगी महिलाओं को मजदूरी भी कम दी जाती है।

2. शिक्षा और काम के अवसर की असमानता – पुरुषों की तुलना में शिक्षित स्त्रियों की संख्या कम है। राजस्थान राज्य में 2011 में जहाँ पुरुष साक्षरता 79.20 प्रतिशत है, वहाँ महिला साक्षरता 52.10 प्रतिशत ही है। बहुत-सी लड़कियाँ पारिवारिक व अन्य कारणों से शिक्षा पूरी किये बिना ही विद्यालय छोड़ देती हैं। समाज की अनेक रूढ़िवादी – धारणाओं के चलते लड़कियों को अनेक कार्यों व व्यवसायों की शिक्षा और प्रशिक्षण लेने के लिए परिवार का सहयोग नहीं,मिल पाता है। फलस्वरूप उन्हें अनेक क्षेत्रों में कार्य के अवसरों से वंचित रहना पड़ता है। सरकार के प्रोत्साहन एवं प्रयासों के बाद अब स्थितियों में परिवर्तन आ रहा है और अब सभी क्षेत्रों में महिलाएँ कार्यरत हो रही हैं।

3. सामुदायिक सहभागिता में भेद – सामुदायिक स्तर पर भी स्त्री और पुरुषों की भूमिका और सहभागिता में बड़ा भेद मौजूद है। राजनीति व सार्वजनिक जीवन में उसकी भूमिका नगण्य है। उन्हें सामुदायिक कार्यों के नेतृत्व के पर्याप्त अवसर नहीं दिये जाते हैं।

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