RBSE Solutions for Class 7 Hindi Chapter 14 रक्त और हमारा शरीर

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Rajasthan Board RBSE Class 7 Hindi Chapter 14 रक्त और हमारा शरीर (निबंध)

RBSE Class 7 Hindi रक्त और हमारा शरीर पाठ्य-पुस्तक के प्रश्नोत्तर

पाठ से

उच्चारण के लिए –

प्रश्न 1.
दिव्या को कौनसी बीमारी थी?
उत्तर:
दिव्या को एनीमिया अर्थात् खून कम होने की बीमारी थी।

प्रश्न 2.
एक मिलीलीटर खून में कितने कण होते हैं?
उत्तर:
एक मिलीलीटर खून में चालीस से पचपन लाख कण होते हैं।

प्रश्न 3.
रक्तदान करने के लिए कम-से-कम कितनी उम्र होनी चाहिए?
उत्तर:
रक्तदान करने के लिए कम-से-कम अठारह वर्ष या |इससे अधिक उम्र होनी चाहिए।

RBSE Solutions for Class 7 Hindi Chapter 14 रक्त और हमारा शरीर

प्रश्न 4.
रक्त के सफेद कणों को वीर सिपाही क्यों कहा जाता है?
उत्तर:
शरीर पर रोगाणु जब आक्रमण करते हैं, तो सफेद कण उनसे डटकर मुकाबला करते हैं। इसी कारण उन्हें वीर सिपाही कहा जाता है।

लिखें

RBSE Class 7 Hindi रक्त और हमारा शरीर अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
रक्त की जाँच रिपोर्ट लेने कौन गया था?
उत्तर:
रक्त की जाँच रिपोर्ट लेने दिव्या का भाई अनिल गया था।

प्रश्न 2.
डॉक्टर दीदी ने खून के कितने भाग बताये थे?
उत्तर:
डॉक्टर दीदी ने खून के दो भाग बताये थे।

प्रश्न 3.
रक्त कण कहाँ बनते रहते हैं?
उत्तर:
रक्त कण हड़ियों के बीच के भाग में स्थित मज्जा में बनते रहते हैं।

प्रश्न 4.
एक स्वस्थ व्यक्ति में कितना खन होता है?
उत्तर:
एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में लगभग पाँच लीटर खून होता है।

RBSE Class 7 Hindi रक्त और हमारा शरीर लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
बिंबाणु क्या काम करते हैं?
उत्तर:
बिंबाणु प्लाज्मा में तैरते रहते हैं। ये कण शरीर के लिए दिन-रात काम करते हैं। ऑक्सीजन को शरीर के हर हिस्से में पहुँचाने का काम इन्हीं कणों का है। ये लगातार बनते और नष्ट होते रहते हैं।

प्रश्न 2.
हमें रक्त का रंग लाल क्यों दिखाई देता है?
उत्तर:
प्लाज्मा में प्लेटलैट के लाल कण तैरते रहते हैं। उन रक्त कणों की बनावट बालूशाही की तरह होती है। इनकी संख्या रक्त की एक बूंद में लाखों होती है। इन कणों के कारण ही हमें रक्त का रंग लाल नजर आता है।

प्रश्न 3.
एनीमिया किसे कहते हैं?
उत्तर:
शरीर में खून की कमी हो जाती है, पौष्टिक आहार न लेने से रक्त कण उचित मात्रा में नहीं बन पाते हैं। उस दशा में जो बीमारी होती है, उसे एनीमिया कहते हैं। शरीर में कमजोरी महसूस हो, थकान लगे और काम में मन नहीं लगे, तो वह एनीमिया बीमारी मानी जाती है। लाल रक्त कणों की कमी को एनीमिया कहते हैं।

प्रश्न 4.
रक्त के बहाव को रोकने के लिए हमें क्या करना चाहिए?
उत्तर:
रक्त के बहाव को रोकने के लिए चोट वाले स्थान पर कसकर एक साफ कपड़ा बाँधना चाहिए। दबाव पड़ने से रक्त का बहना बन्द हो जाता है। ऐसे व्यक्ति को तुरन्त डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए।

RBSE Class 7 Hindi रक्त और हमारा शरीर दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
एनीमिया रोग के क्या-क्या कारण हैं? इससे कैसे बचा जा सकता है?
उत्तर:
एनीमिया रोग के कारण –

  1. उचित आहार न लेने से रक्त कम मात्रा में बने।
  2. शरीर में रक्त की कमी हो जावे।
  3. लाल कणों का बनना कुछ रुक जावे। इन कारणों से एनीमिया रोग होता है।
  4. पेट में कीड़ों के होने से भी यह रोग होता है।

बचने के उपाय –

  1. रक्त नियमित रूप से बनता रहे, इसके लिए रोगी व्यक्ति उचित आहार ले।
  2. प्रोटीन, विटामिन और लौह-तत्त्व वाले पदार्थों का सेवन करे।
  3. पौष्टिक आहार, दूध, फल आदि उपयुक्त मात्रा में ले।
  4. व्यक्ति स्वच्छ वाय का सेवन करे।

प्रश्न 2.
पेट में कीड़े कैसे प्रवेश करते हैं? इनस बचने के लिए हमें क्या-क्या करना चाहिए? लिखिए।
उत्तर:
कीड़े प्रायः दूषित जल एवं खाने की सामग्री में रहते हैं और उनसे ही ये हमारे पेट में प्रवेश करते हैं। शौचालय या गन्दी जगहों पर ऐसे सूक्ष्म कीड़े होते हैं, जिनके अण्डे जमीन की ऊपरी सतह पर पाये जाते हैं। इन अण्डों से उत्पन्न हुए लार्वे त्वचा के रास्ते शरीर में प्रवेश करते हैं। इनसे बचने के लिए यह जरूरी है कि हम सफाई से बनाये गये खाद्य पदार्थ ही ग्रहण करें। भोजन करने से पूर्व अपने हाथ अच्छी तरह से धो लें और शुद्ध-साफ पानी ही पियें। शौचालय में नंगे पैर न जावें और गंदी जगहों पर या इधर| उधर नंगे पैर न घूमें।

प्रश्न 3.
ब्लड बैंक में रक्तदान करने से क्या लाभ है?
उत्तर:
ब्लड बैंक में रक्तदान करने से ये लाभ है कि वहाँ पर सभी रक्त वर्गों को सुरक्षित रखा जाता है। वहाँ से रोगी को अपने वर्ग का रक्त आसानी से मिल जाता है और उसकी जीवन-रक्षा हो जाती है। ब्लड बैंक से रक्त कम कीमत पर और शुद्ध मिलता है। अस्पतालों में आपात स्थिति में ब्लड बैंक में किया गया रक्तदान सभी के लिए लाभदायक रहता है।

भाषा की बात –
प्रश्न 1.
“चार महीने के होते-होते ये नष्ट हो जाते हैं।” इस वाक्य में होते-होते’ का अर्थ बताया है कि चार महीने से पूर्व ही नष्ट हो जाते हैं। इस तरह के पाँच-पाँच वाक्य आप भी बनाएँ जिनमें निम्नांकित शब्दों का प्रयोग होबनते-बनते, पहँचते-पहुँचते, खाते-खाते, पढ़ते-पढ़ते।
उत्तर:

  1. सड़क के बनते-बनते आसपास धूल उड़ेगी।
  2. घर पहुँचते-पहुँचते दादाजी थक गये थे।
  3. बालक खाते-खाते बाहर घूमने चला गया।
  4. रमा को आज पढ़ते-पढ़ते नींद आ गयी।
  5. अस्पताल पहुंचते-पहुंचते रोगी बेहोश हो गया।

प्रश्न 2.
“अगले दिन अस्पताल पहुँचकर अनिल ने डॉक्टर दीदी के कमरे के दरवाजे पर दस्तक दी।” इस वाक्य में ‘दस्तक देना’ मुहावरे का प्रयोग हुआ है, जिसका अर्थ है-दरवाजा खटखटाना। पाठ में आए अन्य मुहावरों व लोकोक्तियों को छाँटकर उनका वाक्य में प्रयोग कीजिए।
उत्तर:
भानुमति का पिटारा-अनेक तरह की चीजों का एक-साथ होना। प्रयोग-हमारे देश में कई राजनीतिक दल भानुमति के पिटारे से कम नहीं हैं। धावा बोलना-आक्रमण करना। प्रयोग-सीमा पर हमारे सैनिकों ने शत्रुओं पर धावा बोला। पीठ ठोकना-शाबाशी देना। प्रयोग-परीक्षा में सर्वाधिक अंक मिलने से पिताजी ने मेरी पीठ ठोकी।

प्रश्न 3.
ध्यान से पढ़िए –
1. मुहावरों और लोकोक्तियों (कहावत, जनश्रुति) का प्रयोग भाषा में रोचकता और प्रभाव पैदा करने के लिए किया जाता
2. मुहावरों का प्रयोग स्वतन्त्र नहीं होता जबकि लोकोक्तियों का प्रयोग स्वतन्त्र रूप से होता है।
3. मुहावरे वाक्य में प्रयुक्त होकर वाक्य का अंग बन जाते हैं, किन्तु लोकोक्ति का प्रयोग वाक्य के अन्त में होता है।
उत्तर:
दी गई परिभाषा एवं नियमों को समझिए।

पाठ से आगे –

प्रश्न 1.
एक व्यक्ति कितने समय पश्चात् पुनः रक्तदान कर सकता है? पता करें और लिखें।
उत्तर:
एक व्यक्ति जब रक्तदान करे, तो वह फिर से छप्पन दिनों के बाद ही रक्तदान कर सकता है।

प्रश्न 2.
चिकित्सकीय भाषा में खून के वर्ग (प) बने हैं। जानकारी करें कि रक्त कितने वर्ग में बाँटा गया है?
उत्तर:
कुछ विशेष गुणों के आधार पर रक्त को मुख्य चार वर्गों में बाँटा गया है, उनके नाम हैं – ए, बी, एबी व ओ। इन वर्गों के भी फिर दो-दो वर्ग होते हैं – पोजिटिव और नेगेटिव।

प्रश्न 3.
आपकी जानकारी में ऐसे लोग अवश्य होंगे, जिन्होंने रक्तदान किया हो, उनकी सूची बनाइये।
उत्तर:
जानकारी कर सूची स्वयं बनाइए।

कल्पना करें –

प्रश्न 1.
यदि हमारे शरीर में रक्त ही नहीं हो तो क्या होगा?
उत्तर:
रक्त से ही शरीर का विकास एवं रक्षा होती है। रक्त न होने पर तो मृत्यु हो जाती है। अतः हमारे शरीर में रक्त न होने पर मृत्यु हो जायेगी।

RBSE Class 7 Hindi रक्त और हमारा शरीर अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न

RBSE Class 7 Hindi रक्त और हमारा शरीर वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1.
डॉक्टर दीदी स्लाइड की जाँच कर रही थी –
(क) दूरबीन से
(ख) सूक्ष्मदर्शी से
(ग) कम्प्यू टर से
(घ) परखनली से।
उत्तर:
(ख) सूक्ष्मदर्शी से

प्रश्न 2.
n मोटे तौर पर रक्तकणों के कितने भाग होते हैं?
(क) चार भाग
(ख) तीन भाग
(ग) दो भाग
(घ) आठ भाग।
उत्तर:
(ग) दो भाग

प्रश्न 3.
रक्तकणों का जीवनकाल कितना होता है?
(क) चार महीने
(ख) आठ महीने
(ग) सात महीने
(घ) सालों-साल।
उत्तर:
(क) चार महीने

प्रश्न 4.
एनीमिया रोग होने का सबसे बड़ा कारण क्या –
(क) समय पर नहीं सोना।
(ख) जरूरत से ज्यादा सोना।
(ग) समय पर जाग जाना।
(घ) पौष्टिक आहार न लेना।
उत्तर:
(घ) पौष्टिक आहार न लेना।

प्रश्न 5.
एक व्यक्ति से एक समय में कितना रक्त लिया जाता है?
(क) पाँच सौ मिलीलीटर
(ख) तीन सौ मिलीलीटर
(ग) दो सौ मिलीलीटर
(घ) सात सौ मिलीलीटर।
उत्तर:
(ख) तीन सौ मिलीलीटर

रिक्त स्थानों की पूर्ति
प्रश्न 6.
निम्नलिखित वाक्यों के रिक्त स्थानों की पूर्ति कोष्ठक में दिये गये सही शब्दों से कीजिए –
(क) रक्त की एक बूंद में इनकी संख्या ………… होती (हजारों / लाखों)
(ख) लाल कणों की इसी कमी को ……… कहते हैं। (एनीमिया / प्लेग)
(ग) सफेद कण वास्तव में हमारे शरीर के वीर ………. । (सिपाही / योद्धा)
(घ) स्वस्थ शरीर में लगभग पाँच लीटर……….होता (पानी / खून)
उत्तर:
(क) लाखों
(ख) एनीमिया
(ग) सिपाही
(घ) खून।

RBSE Class 7 Hindi रक्त और हमारा शरीर अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 7.
प्लाज्मा किसे कहते हैं?
उत्तर:
शरीर में स्थित रक्त-कणों के तरल भाग को प्लाज्मा कहते हैं।

प्रश्न 8.
बिंबाणु किन्हें कहते हैं?
उत्तर:
रक्त के कुछ कण लाल, कुछ सफेद और कुछ बिना रंग के होते हैं, इन्हें ही बिंबाणु कहते हैं।

प्रश्न 9.
शरीर में लाल रक्तकणों की बनावट किसकी तरह लगती है?
उत्तर:
शरीर में लाल रक्तकणों की बनावट बालूशाही की तरह लगती है।

प्रश्न 10.
प्रोटीन और विटामिन की मात्रा किन पदार्थों में अधिक रहती है?
उत्तर:
पौष्टिक आहार जैसे हरी सब्जी, ताजे रसदार फल, दूध-दही, दाल आदि में प्रोटीन और विटामिन की मात्रा अधिक रहती है।

प्रश्न 11.
शरीर के वीर सिपाही किन्हें और क्यों कहा गया है?
उत्तर:
शरीर के सफेद रक्त कणों को वीर सिपाही कहा गया है, क्योंकि ये शरीर में घुसने वाले रोगाणुओं का डटकर मुकाबला करते हैं।

RBSE Class 7 Hindi रक्त और हमारा शरीर लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 12.
एनीमिया रोग के क्या लक्षण बताये गये हैं?
उत्तर:
एनीमिया रोग के लक्षण ये हैं –

  1. हर समय थकान महसूस हो
  2. मन किसी काम में न लगे
  3. भूख भी कम लगे
  4. शरीर लगातार कमजोर होता रहे और
  5. सन्तुलित आहार न लेने से शरीर में रक्त की कमी हो।

इन लक्षणों से एनीमिया रोग की पहचान हो जाती है।

प्रश्न 13.
शरीर में ऑक्सीजन का संचार किस तरह होता
उत्तर:
शरीर में रक्तकण रात-दिन काम करते हैं। जब हम साँस लेते हैं, तो साफ हवा को ऑक्सीजन रूप में ग्रहण करते हैं। उस ऑक्सीजन को शरीर के हर हिस्से में पहुँचाने का काम ये रक्तकण ही करते हैं। इस तरह रक्तकणों के साथ ऑक्सीजन का संचार होता है।

प्रश्न 14.
अनिल कहाँ और किसलिये गया था? बताइये।
उत्तर:
अनिल की छोटी बहिन दिव्या का शरीर कमजोर हो रहा था। अस्पताल में उसके खून की जाँच कराई गई थी। अनिल अस्पताल में उसके खून की जाँच की रिपोर्ट लेने गया था। खून की जाँच-रिपोर्ट आने पर ही दिव्या की बीमारी का पता चल सकता था और उसका उचित इलाज हो सकता था।

प्रश्न 15.
स्लाइड को देखकर अनिल को क्या आश्चर्य हुआ?
उत्तर:
अनिल को डॉक्टर दीदी ने सूक्ष्मदर्शी से स्लाइड देखने को कहा। उसने जब देखा कि रक्त की एक बूंद में लाखों कण ऐसे चमक रहे हैं, जैसे बहुत-सी छोटी-छोटी बालूशाही रख दी गई हों। रक्तकणों की ऐसी स्थिति को देखने से अनिल को आश्चर्य हुआ और वह उनकी और जानकारी पाने के लिए उत्सुक हो गया।

प्रश्न 16.
रक्त के सफेद कणों को वीर सिपाही क्यों कहा गया है?
उत्तर:
रक्त के सफेद कण शरीर पर आक्रमण करने वाले रोगाणुओं को रोकने की कोशिश करते हैं। ये जहाँ तक सम्भव हो, रोगाणुओं को शरीर के भीतर घर करने नहीं देते हैं तथा उन्हें समाप्त करने में लगे रहते हैं। इसी विशेषता से रक्त के सफेद कणों को वीर सिपाही कहा गया है।

RBSE Class 7 Hindi रक्त और हमारा शरीर निबन्धात्मक प्रश्न

प्रश्न 17.
बिंबाणुओं का क्या काम होता है? बताइये।
उत्तर:
बिंबाणुओं का काम है शरीर में चोट लगने पर रक्त को बहने से रोकना और उसकी जमाव क्रिया में मदद करना। रक्त के तरल भाग में एक विशेष किस्म की प्रोटीन होती है। यह रक्तवाहिका अर्थात् नसों की कटी-फटी दीवार में मकड़ी के जाले के समान एक जाला बुन देती है। बिंबाणु उस जाले पर चिपक जाते हैं। इस तरह रक्तवाहिका की दीवार में आयी दरार या चोट भर जाती है, जिससे रक्त का बाहर निकलना बन्द हो जाता है। इस प्रकार बिंबाणुओं का काम चोट लगने या कटने-फटने पर रक्त के बहाव को रोकने में मदद करना है या रक्त जमाव की क्रिया करना है।

प्रश्न 18.
‘रक्त और हमारा शरीर’ पाठ से क्या शिक्षा दी गई है?
उत्तर:
‘रक्त और हमारा शरीर’ पाठ स्वास्थ्य एवं स्वच्छता सम्बन्धी जानकारी पर आधारित है। इसमें रक्त की कमी से होने वाली बीमारी का इलाज बताया गया है। साथ ही पौष्टिक आहार लेने, नियमित स्वास्थ्य की जाँच कराने और हमेशा सफाई से रहने का सन्देश दिया गया है। वर्तमान में रक्तदान को लेकर कुछ लोग गलतफहमी में रहते हैं, परन्तु ऐसे विचार पूरी तरह गलत हैं। जरूरतमन्द रोगियों का इलाज सही ढंग से हो सके, उन्हें रक्त मिल सके, अर्थात् जीवनदान मिले, इसके लिए सभी को रक्तदान करते रहना चाहिए। इस पाठ से शरीर को स्वस्थ रखने तथा रोगियों की पूरी सहायता करने की शिक्षा दी गई है।

प्रश्न 19.
निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिएपौष्टिक आहार हरी सब्जी, फल, दूध आदि में उपयुक्त मात्रा में होते हैं। यदि कोई व्यक्ति उचित आहार ग्रहण नहीं करता है तो इन कारखानों को आवश्यकतानुसार कच्चा माल नहीं मिल पाता। नतीजा यह होता है कि रक्त कण बन नहीं पाते, रक्त में इनकी कमी हो जाती है। लाल कणों की इसी कमी को एनीमिया कहते हैं।

प्रसंग – यह गद्यांश ‘रक्त और हमारा शरीर’ पाठ से लिया गया है। इसके लेखक यतीश अग्रवाल हैं। इसमें बताया गया है कि शरीर को पौष्टिक आहार न मिलने से रोग हो जाते हैं।

व्याख्या – लेखक बताता है कि पौष्टिक भोजन या पेय लेने से शरीर में रक्त सही मात्रा में बनता है। पौष्टिक आहार के लिए कई पदार्थ उपयुक्त रहते हैं।

जैसे हरी सब्जियाँ, रसदार ताजे फल, दूध आदि पदार्थों को पूरी तरह पौष्टिक आहार माना जाता है और इनसे शरीर में रक्तकणों का सही ढंग से निर्माण होता है। परन्तु यदि कोई व्यक्ति पौष्टिक आहार या प्रोटीन, विटामिन आदि की दृष्टि से उचित भोजन नहीं लेता है, तो उसके शरीर में रक्त बनाने वाले कारखानों को अर्थात् भीतरी अंगों को रक्त बनाने वाला कच्चा माल नहीं मिलता है। इसका परिणाम यही होता है कि शरीर में रक्तकण नहीं। बन पाते हैं। रक्त की कमी हो जाती है। उस दशा में लाल कणों की कमी होने से जो रोग उभरता है, उसे एनीमिया कहते हैं।

प्रश्न 20.
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिये गये प्रश्नों के उत्तर लिखिएप्रायः यह समझा जाता है कि रक्तदान करने से कमजोरी हो जाएगी, किन्तु यह विचार बिल्कुल निराधार है। हमारा शरीर इतना रक्त तो कुछ ही दिनों में बना लेता है। वैसे भी शरीर में लगभग पाँच लीटर खून होता है। इसमें से यदि कुछ रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए जीवनदान बन जाए तो इससे बड़ी बात क्या होगी।

प्रश्न – (क) उपर्युक्त गद्यांश किस पाठ से लिया गया
(ख) रेखांकित शब्दों के अर्थ लिखिए।
(ग) स्वस्थ शरीर में कितना खून रहता है?
(घ) कौनसा विचार पूरी तरह गलत है?
उत्तर:
(क) यह गद्यांश ‘रक्त और हमारा शरीर’ पाठ से लिया गया है।
(ख) निराधार = बिना आधार के, पूरी तरह गलत। जीवनदान – जीवन देना।
(ग) स्वस्थ शरीर में लगभग पाँच लीटर खून जमा रहता है।
(घ) रक्तदान करने से शरीर कमजोर हो जायेगा, ऐसा विचार पूरी तरह गलत है।

पाठ-परिचय:
यह पाठ यतीश अग्रवाल द्वारा लिखा गया एक निबन्ध है। यह शरीर में रक्त की स्थिति, उसके प्रवाह तथा रक्त के कारण होने वाले रोग आदि से सम्बन्धित है। इसमें शरीर को स्वस्थ रखने में रक्त का महत्त्व बताया गया है।

कठिन-शब्दार्थ:
रक्त = खून। दस्तक = दरवाजा खटखटाना। सूक्ष्मदर्शी = एकदम छोटी वस्तुओं को देखने का यन्त्र स्लाइड = काँच की छोटी पट्टी। एनीमिया = खून कम होने की बीमारी। जिज्ञासा = जानने की इच्छा। प्लाज्मा = जीवद्रव्य। बालूशाही = मैदा से बनी एक मिठाई। अवतल = कुछ नीचे बैठे हुए। मज्जा = चर्बी जैसा तत्त्व। प्रोटीन = एक रासायनिक तत्त्व। रक्तदान = खून देना। पौष्टिक = शक्ति बढ़ाने वाल। आहार = भोजन। सन्तुलित = उचित पोषण वाला। रोगाणु = रोग फैलाने वाले सूक्ष्म कण। रक्तवाहिका = खून को ले जाने वाली नली, नशें। आपात स्थिति = अचानक आने वाली बुरी दशा। निराधार = बिना आधार का, गलत। लार्वे = कीट बिम्ब।

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