RBSE Solutions for Class 6 Social Science Chapter 4 ग्लोब

Rajasthan Board RBSE Class 6 Social Science Solutions Chapter 4 ग्लोब

RBSE Solutions for Class 6 Social Science

RBSE Solutions for Class 6 Social Science Chapter 4 ग्लोब

RBSE Class 6 Social Science ग्लोब Intext Questions and Answers

आओ करके देखें

पृष्ठ संख्या – 21

प्रश्न 1.
विद्यालय में उपलब्ध ग्लोब को देखकर अपने देश की स्थिति को पहचानिए।
उत्तर:
यदि हम भारत को ग्लोब पर देखें तो भारत उत्तरीपूर्वी गोलार्द्ध में 8°4′ से 37°6′ उत्तरी अक्षांश तथा 68°7′ से 97°25′ पूर्वी देशान्तर के मध्य स्थित है।

पृष्ठ संख्या – 31

प्रश्न 2.
पिछले पृष्ठ पर दिए गए। मानचित्र को देखकर पता लगाइए कि कहाँ-कहाँ अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा को टेढ़ा-मेढ़ा किया गया है तथा वह किन महासागरों से होकर गुजरती है?
उत्तर:
यदि हम अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा को देखें तो पाएँगे कि साइबेरिया को विभाजन से बचाने एवं साइबेरिया से अलास्का को अलग रखने के लिए 75° उत्तरी अक्षांश पर अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा को पूर्व की ओर मोड़ा गया है। बेरिंग सागर में यह रेखा पश्चिम की ओर मोड़ी गई है। फिजी द्वीप-समूह एवं न्यूजीलैण्ड के विभिन्न भागों को एक साथ रखने के लिए यह रेखा दक्षिणी प्रशान्त महासागर में पूर्व दिशा की ओर मोड़ी गई है। अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा.प्रशांत महासागर से होकर गुजरती है।

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प्रश्न 3.
पता लगाइए कि अगर ग्रीनविच (0° देशान्तर) पर सुबह के 8 बजे हैं तो भारत में क्या समय हो रहा होगा?
उत्तर:
भारत का मानक 821° पूर्वी देशान्तर से निर्धारित किया गया है। चूँकि यह देशान्तर ग्रीनविच रेखा से 8210 पूर्व दिशा में स्थित है अतः यहाँ का समय ग्रीनविच रेखा के स्थानीय समय से 5 घण्टे आगे है। अत: यदि ग्रीनविच रेखा पर सुबह के आठ बजे हैं तो भारत में उस समय दोपहर के 1.30 बजे होंगे।

पृष्ठ संख्या – 32

प्रश्न 4.
सन् 2012 के बाद अगले पाँच अधिवर्षों का पता लगाइए।
उत्तर:
लीप वर्ष या अधिवर्ष हर चौथे वर्ष आता है। वर्ष 2012 लीप वर्ष या अधिवर्ष है अतः अगले पाँच अधिवर्ष निम्न प्रकार होंगे-2016, 2020, 2024, 2028, 2032

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पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

प्रश्न 1.
सही विकल्प को चुनिए –
(i) वह रेखा जो पृथ्वी को उत्तरी गोलार्द्ध तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में विभाजित करती है, कहलाती है ………………
(क) कर्क रेखा
(ख) विषुवत रेखा
(ग) मकर रेखा
(घ) ग्रीनविच रेखा
उत्तर:
(ख) विषुवत रेखा

(ii) पृथ्वी पर एक अधिवर्ष में कितने दिन होते हैं?
(क) 365
(ख) 364
(ग) 366
(घ) 363
उत्तर:
(ग) 366

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प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –

  1. पृथ्वी का भूमध्यवर्ती व्यास ……………… व्यास से अधिक होता है।
  2. भारत का मानक समय ……………… पूर्वी देशान्तर से निर्धारित किया गया है।
  3. पृथ्वी ……………… से प्रकाश प्राप्त करती है।
  4. 21 जून को सूर्य की सीधी किरणें ……………… रेखा पर गिरती हैं।

उत्तर:

  1. ध्रुवीय
  2. 821°
  3. सूर्य
  4. कर्क

प्रश्न 3.
अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा का क्या महत्त्व है?
उत्तर:
अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा समय निर्धारण में सहायक है। सभी देश अपने मानक समय का निर्धारण ग्रीनविच रेखा या अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा के सन्दर्भ में ही करते हैं। विश्व स्तर पर तिथियों के सामञ्जस्य की दृष्टि से इस रेखा का विशेष महत्त्व है।

प्रश्न 4.
अक्षांश रेखाओं एवं देशान्तर रेखाओं में क्या अन्तर है?
उत्तर:
अक्षांश और देशान्तर रेखाओं में प्रमुख अन्तर निम्नलिखित हैं –

  1. समान अक्षांशों को मिलाने वाली रेखा अक्षांश रेखा कहलाती है और समान देशान्तरों को मिलाने वाली रेखा को देशान्तर रेखा कहा जाता है।
  2. अक्षांश रेखाएँ पूर्व से पश्चिम की ओर खींची जाती हैं जबकि देशान्तर रेखाएँ उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव को मिलाती हुई उत्तरदक्षिण में खींची जाती हैं।
  3. अक्षांश रेखाओं की संख्या 180 है, जबकि देशान्तर रेखाओं की संख्या 360 है।
  4. अक्षांश रेखाओं से ताप कटिबन्धों का निर्धारण होता है, जबकि देशान्तर रेखाओं से समय व तिथियों का निर्धारण होता है।

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प्रश्न 5.
पृथ्वी की गतियाँ कौन-कौनसी हैं? समझाइये।
उत्तर:
पृथ्वी की गतियाँ पृथ्वी की दो प्रकार की गतियाँ होती हैं –
1. दैनिक/घूर्णन गति – पृथ्वी अपने अक्ष पर घूमती है उसे घूर्णन कहते हैं। जिस प्रकार लटू अपने अक्ष पर घूमता है उसी प्रकार पृथ्वी भी अपने अक्ष पर 24 घण्टे में एक चक्कर (घूर्णन) पूरा करती है। इसलिए ही एक दिन 24 घण्टे का होता है जिसे सौर दिवस के नाम से जाना जाता है। पृथ्वी के घूमने से समय के मापन का एक सुविधाजनक पैमाना मिलता है तथा दिन-रात बनते हैं। साथ ही पृथ्वी के घूर्णन से पृथ्वी की भौतिक और जैविक क्रियाएँ भी प्रभावित होती हैं। दिन-रात का यही चक्र पृथ्वी के दैनिक तापीय चक्र को गतिशील बनाए रखता है।

2. वार्षिक/परिक्रमण गति – पृथ्वी सौर परिवार की एक सदस्य है तथा यह एक स्थिर कक्ष में सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाती है। इसे पृथ्वी की परिक्रमण गति कहते हैं। पृथ्वी 365 दिन और 6 घण्टे में एक परिक्रमा पूरी करती है। पृथ्वी की इस वार्षिक अथवा परिक्रमण गति के कारण ही मौसम बनते हैं।

प्रश्न 6.
स्थानीय समय एवं प्रामाणिक समय में क्या अन्तर हैं?
उत्तर:
स्थानीय समय – किसी स्थान पर सूर्य की स्थिति से ज्ञात किया गया समय स्थानीय समय कहलाता है। एक ही देशान्तर पर स्थित सभी स्थानों का स्थानीय समय एक जैसा होता है परन्तु पूर्व से पश्चिम की ओर प्रत्येक देशान्तर का स्थानीय समय अलग-अलग होता है। एक देश में कई स्थानीय समय हो सकते हैं। प्रामाणिक समय-प्रामाणिक समय सामान्यतः किसी देश के मध्य भाग से गुजरने वाली देशान्तर रेखा से निर्धारित किया जाता है। इस प्रकार प्रत्येक देश का अपना प्रामाणिक समय होता है जो पूरे देश में लागू होता है।

प्रश्न 7.
पृथ्वी पर दिन-रात कैसे बनते हैं? चित्र बनाकर समझाइए।
उत्तर:
पृथ्वी पर दिन-रात, पृथ्वी की दैनिक अथवा घूर्णन गति के कारण बनते हैं। इसे निम्न रेखाचित्र द्वारा समझा जा सकता है –
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पृथ्वी अपने अक्ष पर 24 घण्टे में एक चक्कर पूरा करती है। पृथ्वी का आकार गोल है अतः एक समय में इसके आधे भाग पर ही सूर्य का प्रकाश पड़ता है। अतः सूर्य की तरफ वाले भाग में दिन होता है तथा दूसरा भाग जो सूर्य के विपरीत होता है वहाँ पर रात होती है। चूंकि पृथ्वी का अक्ष अपने परिभ्रमण तल से 661°का कोण बनाता है। अतएव दिन-रात की लम्बाई में परिवर्तन होता रहता है।

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प्रश्न 8.
ऋतुओं का बदलना पृथ्वी की किस गति से सम्बन्धित है और क्यों?
उत्तर:
ऋतुओं का बदलना पृथ्वी की वार्षिक अथवा परिक्रमण गति के कारण होता है। पृथ्वी अपने अक्ष पर 23 के कोण में झुकी हुई है तथा इसी स्थिति में वह सूर्य के चारों ओर अपनी कक्षा में परिक्रमा करती है। इससे उत्तरी और दक्षिणी गोलार्द्ध में ऋतुओं का एक चक्र बनता है। पृथ्वी में मार्च से सितम्बर माह के मध्य सूर्य की सीधी किरणें उष्ण कटिबन्धीय क्षेत्र अर्थात् विषवत् रेखा और कर्क रेखा के मध्य गिरती है, इस समय उत्तरी गोलार्द्ध में गर्मी और दक्षिणी गोलार्द्ध में शीत ऋतु होती है।

इसी प्रकार सितम्बर से मार्च माह के मध्य सूर्य की सीधी किरणें दक्षिणी उष्ण कटिबन्धीय क्षेत्र अर्थात् विषुवत् रेखा और मकर रेखा के मध्य गिरती हैं, इस समय उत्तरी गोलार्द्ध में शीत और दक्षिणी गोलार्द्ध में ग्रीष्म ऋतु होती है।

RBSE Class 6 Social Science ग्लोब Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

Question 1.
पृथ्वी का अक्ष अपने परिक्रमण समतल से कितने का कोंण बनाता है ……………….
(अ) 23 1/2° का
(ब) 66 का
(स) 45° का
(द) 90° का
उत्तर:
(ब) 66 का

Question 2.
वह रेखा जो पृथ्वी को उत्तर व दक्षिण दो बराबर भागों में बांटती है, उसे कहते हैं ……………….
(अ) विषुवत् रेखा
(ब) कर्क रेखा
(स) मकर रेखा
(द) देशान्तर रेखा
उत्तर:
(अ) विषुवत् रेखा

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Question 3.
कर्क और मकर रेखाओं के मध्य के प्रदेश को कहा जाता है ……………….
(अ) उष्ण कटिबंध
(ब) शीतोष्ण कटिबंध
(स) शीत कटिबंध
(द) ध्रुव
उत्तर:
(अ) उष्ण कटिबंध

Question 4.
0° देशान्तर रेखा को कहते हैं ……………….
(अ) अक्षांश रेखा
(ब) ग्रीनविच या मानक रेखा
(स) विषुवत् रेखा
(द) कर्क रेखा
उत्तर:
(ब) ग्रीनविच या मानक रेखा

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Question 5.
किस दिन उत्तरी गोलार्द्ध में वसन्त ऋतु तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में शरत ऋतु होती है?
(अ) 21 जून
(ब) 23 सितम्बर
(स) 21 मार्च
(द) 22 दिसम्बर
उत्तर:
(स) 21 मार्च

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

  1. भूमध्य रेखा से उत्तर या दक्षिण में स्थित किसी स्थान की कोणीय स्थिति ……………… कहलाती है। (अक्षांश/देशान्तर)
  2. 0° देशान्तर (प्रधान रेखा) के पूर्व या पश्चिम में स्थित किसी स्थान की कोणीय स्थिति ……………… कहलाती है। (अक्षांश/देशान्तर)
  3. ……………… के ऊपरी भाग को उत्तरी गोलार्द्ध व नीचे वाले भाग को दक्षिणी गोलार्द्ध कहते हैं। (विषुवत् रेखा/मकर रेखा)
  4. 21 मार्च तथा 23 सितम्बर को सूर्य की सीधी किरणें ………………पर गिरती हैं। (कर्क रेखा/विषुवत् रेखा)
  5. ग्रीनविच रेखा के स्थानीय समय में 572 घण्टे जोड़ने पर ……………… समय का पता लगाया जाता है। (भारत/नेपाल)

उत्तर:

  1. अक्षांश
  2. देशान्तर
  3. विषुवत् रेखा
  4. विषुवत् रेखा
  5. भारत

सुमेलित कीजिए

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उत्तर:
1. (iii)
2. (iv)
3. (i)
4. (ii)

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
पृथ्वी विषुवत् रेखा के पास फैली हुई और ध्रुवों के पास चपटी क्यों है?
उत्तर:
केन्द्रापसारक अथवा अपकेन्द्री बल के कारण।

प्रश्न 2.
केन्द्रापसारक बल किसे कहते हैं?
उत्तर:
जब कोई वस्तु घुमावदार पथ पर गतिशील हो तो वह बहिर्गामी बल महसूस करती है, इस बल को केन्द्रापसारक बल कहते हैं।

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प्रश्न 3.
पृथ्वी का अक्ष अपने परिक्रमण तल से कितने का कोण बनाता है?
उत्तर:
पृथ्वी का अक्ष अपने परिक्रमण तल से 66 का कोण बनाता है।

प्रश्न 4.
विषुवत रेखा के उत्तर तथा दक्षिण की तरफ जाने पर अक्षांश रेखाओं की लम्बाई पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
विषुवत रेखा के उत्तर तथा दक्षिण की तरफ जाने पर अक्षांश रेखाओं की लम्बाई कम हो जाती है।

प्रश्न 5.
कर्क एवं मकर रेखा कौनसी हैं?
उत्तर:
23 – उत्तरी अक्षांश को कर्क रेखा एवं 23 – दक्षिणी अक्षांश रेखा को मकर रेखा कहा जाता है।

प्रश्न 6.
पृथ्वी 1 घण्टे में कितनी घूमती है?
उत्तर:
पृथ्वी 1 घण्टे में 15° घूमती है।

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प्रश्न 7.
सूर्य की किरण को एक देशान्तर से दूसरे देशान्तर तक पहुँचने में कितना समय लगता है?
उत्तर:
4 मिनट।

प्रश्न 8.
प्रत्येक चौथे वर्ष एक अतिरिक्त दिन किस माह में जोड़ा जाता है?
उत्तर:
फरवरी माह में।

प्रश्न 9.
पृथ्वी का भूमध्यवर्ती व्यास, ध्रुवीय व्यास से अधिक क्यों है?
उत्तर:
पृथ्वी के ध्रुवों पर चपटी और भूमध्य रेखा पर उभरी होने के कारण पृथ्वी का भूमध्यवर्ती व्यास ध्रुवीय व्यास से अधिक है।

प्रश्न 10.
अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा से दिन की गणना किस प्रकार करते हैं?
उत्तर:
अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा को पूर्व से पश्चिम की ओर पार करने पर एक दिन कम कर दिया जाता है और पश्चिम से पूर्व की ओर पार करने पर एक दिन जोड़ दिया जाता है।

लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
परिधि, व्यास तथा अर्द्धव्यास क्या है?
उत्तर:
किसी वृत्त को घेरने वाली रेखा को परिधि कहते हैं और वृत्त के केन्द्र बिन्दु से गुजर कर परिधि के दो बिन्दुओं को मिलाने वाली सीधी रेखा को व्यास कहते हैं एवं वृत्त के केन्द्र बिन्दु से परिधि तक की दूरी अर्धव्यास कहलाती है जो व्यास की आधी होती है।

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प्रश्न 2.
केन्द्रापसारक बल क्या है? केन्द्रापसारक बल पर गतिशील वस्तु की किन विशेषताओं का प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
जब कोई वस्तु घुमावदार पथ पर गतिशील हो तो वह बहिर्गामी बल महसूस करती है। इस बहिर्गामी बल को केन्द्रापसारक बल कहते हैं। बल का प्रभाव वस्तु के द्रव्यमान (वजन), घूमने की गति और केन्द्र से दूरी पर निर्भर करता है। वस्तु जितनी बड़ी और वजनदार हो और जितनी तेजी से घूम रही हो और केन्द्र से जितनी अधिक दूर हो तो केन्द्रापसारक बल उतना ही अधिक प्रभावशाली होगा।

प्रश्न 3.
पृथ्वी की आकृति कैसी है?
उत्तर:
अंतरिक्ष से देखने पर पृथ्वी का आकार गोलाकार नजर आता है किन्तु पृथ्वी पूर्ण रूप से गोलाकार नहीं है। पृथ्वी ऊपर व नीचे से अर्थात् ध्रुवों के पास थोड़ी चपटी व मध्य से अर्थात् विषुवत् रेखा के पास उभरी हुई है। इस तरह की आकृति को भू-आभ (oblate ellipsoid) कहते हैं।

प्रश्न 4.
पृथ्वी कितने समय में सूर्य की परिक्रमा पूरी कर लेती है? इसके परिक्रमण, कक्ष तथा अधिवर्ष को स्पष्ट कीजिये।
उत्तर:
पृथ्वी सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाती है। जिस पथ पर पृथ्वी सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाती है, उसे कक्ष कहा जाता है। सूर्य के चारों ओर स्थिर कक्ष में पृथ्वी की गति को परिक्रमण कहते हैं। पृथ्वी 365 दिन और 6 घंटों में एक परिक्रमण पूरा करती है। इस कारण एक वर्ष 365 दिन का होता है। अतिरिक्त 6 घंटे 4 वर्षों में 1 दिन बनाते हैं। इसलिए प्रत्येक चौथे वर्ष में यह दिन फरवरी माह में जोड़ा जाता है। इस वर्ष को अधिवर्ष कहते हैं जो 366 दिन का होता है।

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प्रश्न 5.
विषुवत रेखा, ग्रीनविच रेखा, अक्षांश व देशान्तर रेखाएँ किस प्रकार की रेखाएँ हैं और इनकी उपयोगिता क्या है?
उत्तर:
विषुवत रेखा, ग्रीनविच रेखा, सभी अक्षांश व देशान्तर रेखाएँ पृथ्वी पर वास्तव में नहीं पायी जाती हैं। ये सभी काल्पनिक रेखाएँ हैं जो ग्लोब या मानचित्र पर खींचा गया है। इन रेखाओं की सहायता से किसी भी महासागर, महाद्वीप, द्वीप, क्षेत्र की निश्चित स्थिति तथा समय का पता लगाया जा सकता है।

प्रश्न 6.
अक्षांश व अक्षांश रेखा से आप क्या समझते है?
उत्तर:
भूमध्य रेखा से उत्तर या दक्षिण में स्थित किसी स्थान की कोणीय स्थिति अक्षांश कहलाती है। ये अक्षांश 180 होते हैं। समान अक्षांशों को मिलाने वाली रेखा को अक्षांश रेखा कहते हैं । ये रेखाएँ भूमध्य रेखा के समानान्तर पूर्व से पश्चिम खींची जाती हैं।

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प्रश्न 7.
देशान्तर और देशान्तर रेखाएँ क्या हैं?
उत्तर:
0° देशान्तर (प्रधान रेखा) के पूर्व या पश्चिम में स्थित किसी स्थान की कोणीय स्थिति देशान्तर कहलाती है। ये संख्या में 360 होते हैं। समान देशान्तरों को मिलाने वाली रेखा देशान्तर रेखा कहलाती है। ये रेखाएँ उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव तक खींची जाती हैं।

प्रश्न 8.
विषुवत् रेखा क्या है? इसकी स्थिति स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
वह रेखा जो पृथ्वी को उत्तर व दक्षिण दो बराबर भागों में बांटती है, उसे विषुवत् रेखा या भूमध्य रेखा कहते हैं। इस रेखा के ऊपरी भाग को उत्तरी गोलार्द्ध तथा नीचे वाले भाग को दक्षिणी गोलार्द्ध कहते हैं। विषुवत् रेखा से उत्तर व दक्षिण में जाने पर अक्षांश रेखाओं की लम्बाई कम होती जाती है।

प्रश्न 9.
उष्ण कटिबंध, शीतोष्ण कटिबंध और शीत कटिबंध किसे कहते हैं?
उत्तर:
कर्क और मकर रेखाओं के मध्य के प्रदेश को उष्ण कटिबंध: कर्क रेखा और आर्कटिक वृत्त तथा मकर रेखा और अंटार्कटिक वृत्त के मध्य भूभाग को शीतोष्ण कटिबंध और आर्कटिक वृत्त से उत्तरी ध्रुव एवं अंटार्कटिक वृत्त से दक्षिणी ध्रुव के मध्य भाग को शीत कटिबंध के नाम से जाना जाता है।

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प्रश्न 10.
मानक रेखा तथा अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा किसे कहते हैं?
उत्तर:
0° देशान्तर रेखा को ग्रीनविच रेखा या मानक रेखा कहते हैं। यह इंग्लैंड के ग्रीनविच शहर से होकर निकलती तथा पूर्व में 180° तक पूर्वी देशान्तर रेखाएँ पायी जाती हैं। 180° पूर्वी तथा 180° पश्चिमी देशान्तर एक ही रेखा होती है। इसे अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा कहते हैं।

प्रश्न 11.
प्रत्येक चौथे वर्ष फरवरी का महीना 29 दिनों का क्यों होता है?
उत्तर:
पृथ्वी 365 दिन और 6 घण्टे में एक परिक्रमा पूरी करती है। इसी कारण एक वर्ष में 365 दिन होते हैं। शेष बचे हुए 6 घण्टे 4 वर्षों में 24 घण्टे या 1 दिन बनाते हैं। जाता है। इसी कारण उस वर्ष (हर चौथे वर्ष) फरवरी का महीना 28 दिनों की बजाय 29 दिनों का होता है, जिसे हम लीप या अधिवर्ष कहते हैं।

निबन्धात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
अयनांत और विषुव किसे कहते हैं?
उत्तर:
अयनांत – जब सूर्य की किरणें सीधी मकर रेखा पर या कर्क रेखा पर गिरती हैं तो उसे अयनांत कहते हैं। उत्तरी अयनांत एवं दक्षिणी अयनांत – 21 जून को सूर्य की सीधी किरणें कर्क रेखा पर गिरती हैं। इस दिन उत्तरी गोलार्द्ध में सबसे लम्बा दिन और दक्षिणी गोलार्द्ध में सबसे लम्बी रात होती है। इसे उत्तरी अयनांत कहते हैं और 22 दिसम्बर को सूर्य की सीधी किरणें मकर रेखा पर गिरती हैं।
गोलार्द्ध में सबसे लम्बी रात होती है। इसे दक्षिणी अयनांत कहते हैं।

उत्तरी एवं दक्षिणी विषव – 21 मार्च को सूर्य की सीधी किरणें विषुवत् रेखा पर गिरती हैं। इस दिन पृथ्वी पर दिन व रात बराबर होते हैं। इसे उत्तरी विषुव या वसन्त विषुव कहते हैं। इसी प्रकार 23 सितम्बर को सूर्य की सीधी किरणें पुनः विषुवत् रेखा पर गिरती हैं। इस दिन पुनः दिन व रात बराबर होते हैं। इसे दक्षिणी विषुव कहते हैं। इस प्रकार स्पष्ट है कि जब विषुवत् रेखा पर सूर्य की सीधी किरणें पड़ती हैं, उसे विषुव कहते हैं।

प्रश्न 2.
स्थानीय समय से क्या आशय है? इसे किस प्रकार ज्ञात करते हैं?
उत्तर:
किसी स्थान विशेष के समय को स्थानीय समय कहते हैं। पृथ्वी अपने अक्ष पर जब पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है तो सूर्य की किरणे देशान्तर रेखाओं पर गिरती हैं अर्थात् पहले पूर्वी देशान्तरों पर और बाद में पश्चिमी देशान्तरों पर। किसी दो लगातार देशान्तर के मध्य 4 मिनट का अन्तर होता है इसलिए स्थानीय समय ‘ज्ञात करने के लिए जब हम 1° पूर्व की तरफ जाते हैं तो उस जगह के स्थानीय समय में 4 मिनट जोड़ दिये जाते हैं। ठीक इसी प्रकार जब हम 1° पश्चिम की तरफ जाते हैं तो उस जगह के स्थानीय समय में 4 मिनट घटा दिये जाते हैं। उदाहरण के लिए 0° देशान्तर रेखा पर यदि सुबह के 10 बजे हों तो 1° पूर्वी देशान्तर पर स्थानीय समय 10.00 + 4 मिनट = 10.04 (10 बजकर 4 मिनट) होगा जबकि 1° पश्चिमी देशान्तर पर स्थानीय समय 10.00 – 4 मिनट = 9.56 (9 बजकर 56 मिनट) होगा।

प्रश्न 3.
मानक समय क्या है? इसकी आवश्यकता क्यों हुई तथा इसकी गणना किस संदर्भ में की जाती है?
उत्तर:
मानक समय – प्रत्येक देशान्तर का अपना अलगअलग समय होता है। एक देश में कई देशान्तर रेखाएँ होती हैं। अतः एक देश में कई स्थानीय समय हो सकते हैं। अगर प्रत्येक स्थान का समय उसके देशान्तर से निश्चित करेंगे तो किसी भी देश में एक निश्चित का पता लगाने में समस्या आयेगी। इस समस्या का निदान पाने हेतु प्रत्येक देश ने अपना प्रामाणिक समय निर्धारित किया है, जो उस देश के मानक देशान्तर रेखा से निश्चित किया गया है। इस प्रामाणिक समय को उस देश का मानक समय कहते हैं। मानक समय की गणना ग्रीनविच (0° देशान्तर पर) के सन्दर्भ में की जाती है। भारत के मानक का निर्धारण 82 \(\frac { 1 }{ 2 }\)1/2° पूर्वी देशान्तर से किया गया है जो कि ग्रीनविच के पूर्व में स्थित है। अतः ग्रीनविच के स्थानीय समय में 51/2 घण्टे जोड़कर भारत का स्थानीय समय ज्ञात किया जाता है।
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प्रश्न 4.
सूर्य ग्रहण कैसे होते हैं? सचित्र वर्णन कीजिये।
उत्तर:
पृथ्वी व चंद्रमा के अपनी – अपनी कक्षा में परिक्रमण के दौरान एक स्थिति ऐसी आती है जब सूर्य, चन्द्रमा व पृथ्वी एक सीधी रेखा में आ जाते हैं। इस स्थिति में जब चंद्रमा पृथ्वी व सूर्य के मध्य आ जाता है तब सूर्य से आने वाली किरणें चंद्रमा द्वारा रोक ली जाती हैं। ये किरणें पृथ्वी पर नहीं पहुँच पाती हैं। इस स्थिति को सूर्य ग्रहण कहते हैं। नीचे चित्र की मदद से सूर्य ग्रहण की प्रक्रिया को आसानी से समझा जा सकता है। पृथ्वी के जिस भाग में चन्द्रमा की पूर्ण छाया पड़ती है, वहाँ पूर्ण सूर्य ग्रहण तथा जिस भाग में सीमांत छाया पड़ती है, वहाँ आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई देता है।

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प्रश्न 5.
चन्द्र ग्रहण किसे कहते हैं? सचित्र समझाइये।
उत्तर:
जब पृथ्वी सूर्य व चंद्रमा के मध्य आ जाती है तब सूर्य से आने वाली किरणें पृथ्वी द्वारा बाधित होने के कारण चंद्रमा तक नहीं पहुंच पातीं। इस स्थिति को चंद्र ग्रहण कहते हैं। चन्द्रग्रहण को नीचे दिए चित्र से आसानी से समझा जा सकता है
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प्रश्न 6.
भूमण्डल को ताप कटिबन्धों में बांटिये।
उत्तर:
भूमण्डल को अक्षांशों के आधार पर निम्नलिखित ताप कटिबंधों में बांटा गया है –
1. उष्ण कटिबन्ध – 23 \(\frac { 1 }{ 2 }\)° उत्तरी अक्षांश रेखा को कर्क रेखा और 23 \(\frac { 1 }{ 2 }\)° दक्षिणी अक्षांश को मकर रेखा कहते हैं। इन दोनों रेखाओं के मध्य भाग को उष्ण कटिबंध कहते हैं।

2. शीतोष्ण कटिबंध – दोनों गोलार्डों (उत्तरी गोलार्द्ध एवं दक्षिणी गोलार्द्ध) में क्रमशः कर्क रेखा से 66 \(\frac { 1 }{ 2 }\)° उत्तरी अक्षांश (आर्कटिक वृत्त) तथा मकर रेखा से 66 \(\frac { 1 }{ 2 }\)°दक्षिणी अक्षांश (अंटार्कटिक वृत्त) के मध्य स्थित भू-भाग को उत्तरी और दक्षिणी शीतोष्ण कटिबंध कहते हैं।

3. शीत कटिबंध – दोनों गोलार्डों में क्रमशः आर्कटिक वृत्त से उत्तरी ध्रुव तक तथा अंटार्कटिक वृत्त से दक्षिणी ध्रुव के मध्य स्थित भू-भाग को शीत कटिबंध के नाम से जाना जाता है।

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