RBSE Solutions for Class 6 Social Science Chapter 14 स्थानीय स्वशासन: ग्रामीण और शहरी

Rajasthan Board RBSE Class 6 Social Science Solutions Chapter 14 स्थानीय स्वशासन: ग्रामीण और शहरी

RBSE Solutions for Class 6 Social Science

RBSE Solutions for Class 6 Social Science Chapter 14 स्थानीय स्वशासन: ग्रामीण और शहरी

RBSE Class 6 Social Science स्थानीय स्वशासन: ग्रामीण और शहरी Text Book Questions and Answers

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

प्रश्न 1.
सही विकल्प को चुनिए –
(i) स्थानीय ग्रामीण स्वशासन की इकाई है ………………
(अ) नगर निगम
(ब) नगर परिषद्
(स) नगरपालिका
(द) ग्राम पंचायत
उत्तर:
(द) ग्राम पंचायत

(ii) ग्राम पंचायत के वार्ड के मतदाताओं का प्रतिनिधि होता ………………
(अ) वार्ड पंच
(ब) सरपंच
(स) प्रधान
(द) पंचायत समिति सदस्य
उत्तर:
(अ) वार्ड पंच

(iii) स्थानीय नगरीय स्वशासन की इकाई है ………………
(अ) नगरपालिका
(ब) नगर परिषद्
(स) नगर निगम
(द) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(द) उपर्युक्त सभी

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प्रश्न 2.
निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –

  1. वार्ड सभा की अध्यक्षता ………………. करता है।
  2. गाँव के विकास की योजनाएँ ………………. की बैठक में बनाई जाती हैं।
  3. ………………. पंचायती राज व्यवस्था की सर्वोच्च इकाई है।
  4. नगर निगम के वार्ड का निर्वाचित प्रतिनिधि ………………. कहलाता है।

उत्तर:

  1. वार्ड पंच
  2. ग्राम सभा
  3. जिला परिषद्
  4. पार्षद

प्रश्न 3.
स्तम्भ ‘अ’ को स्तम्भ ‘ब’ से सुमेलित कीजिए
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उत्तर:
RBSE Solutions for Class 6 Social Science Chapter 14 स्थानीय स्वशासन ग्रामीण और शहरी

प्रश्न 4.
पंचायती राज व्यवस्था के तीन स्तर कौन-कौनसे
उत्तर:
पंचायती राज व्यवस्था के तीन स्तर ये हैं –

  1. पहले स्तर पर गाँव की ग्राम पंचायत
  2. दूसरे स्तर (विकास खण्ड स्तर) पर पंचायत समिति तथा
  3. तीसरे स्तर (जिला स्तर) पर जिला परिषद् का गठन होता है।

प्रश्न 5.
ग्राम पंचायत द्वारा किये जाने वाले कोई चार कार्य लिखिये।
उत्तर:
ग्राम पंचायत के चार प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं –

  1. शुद्ध व स्वच्छ पेयजल, सफाई और सार्वजनिक स्थलों पर प्रकाश आदि की व्यवस्था करना।
  2. सड़क, नालियाँ, विद्यालय भवन आदि का निर्माण करवाना।
  3. स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करवाना।
  4. जन्म-मृत्यु का पंजीकरण करना।

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प्रश्न 6.
स्थानीय नगरीय निकायों द्वारा किये जाने वाले कोई चार कार्य लिखिए।
उत्तर:
स्थानीय नगरीय निकायों द्वारा किये जाने वाले चार – प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं –

  1. शहर के लिए शुद्ध पानी की व्यवस्था करना।
  2. सड़कों पर रोशनी और सफाई की व्यवस्था करना।
  3. जन्म-मृत्यु का पंजीकरण करना।
  4. दमकल की व्यवस्था करना।

प्रश्न 7.
जिला परिषद् के गठन को समझाइये।
उत्तर:
1. जिला परिषद् का गठन – जिला परिषद् पंचायती राज व्यवस्था की तीसरी और सर्वोच्च, इकाई है। एक जिले की सभी पंचायत समितियों को मिलाकर उस जिले की जिला परिषद् का गठन होता है। इसका कार्यकाल जिला मुख्यालय पर होता है।

2. जिला परिषद् के सदस्य – जिला परिषद् के गठन के लिए पूरे जिले को वार्डों में विभाजित किया जाता है। जिला परिषद् के प्रत्येक वार्ड के मतदाता अपने एक प्रतिनिधि का निर्वाचन करते हैं जो जिला परिषद् का सदस्य होता है।

3. जिला प्रमुख तथा उप – जिला प्रमुख-जिला परिषद् के सदस्य अपने में से ही एक सदस्य को जिला प्रमुख और एक सदस्य को उप-जिला प्रमुख निर्वाचित करते हैं। जिला परिषद् का मुखिया जिला प्रमुख होता है।

4. अन्य सदस्य – उस जिले से निर्वाचित विधानसभा, लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य तथा जिले की समस्त पंचायत समितियों के प्रधान भी जिला परिषद् के सदस्य हैं। बैठकें-समय-समय पर जिला परिषद् की बैठकें होती हैं। समस्याओं को सुनने के लिए इस बैठक में सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी भी सम्मिलित होते हैं।

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प्रश्न 8.
आपके क्षेत्र में या नजदीकी शहर में कौनसी नगरीय स्वशासन संस्था कार्य करती है? उसके गठन को समझाइये।
उत्तर:
1. नोट – (विद्यार्थी अपने नजदीकी शहर में कार्यरत नगरीय स्वशासन की जो संस्था नगरपालिका, नगर परिषद् या नगर निगम कार्यरत है, उसके गठन का वर्णन करें। यहाँ पर जयपुर नगर निगम के गठन का वर्णन किया जा रहा है।)

2. नगर निगम – हमारे जयपुर शहर में नगरीय स्वशासन की संस्था नगर निगम कार्यरत है। इसके गठन को निम्नलिखित बिन्दुओं के अन्तर्गत स्पष्ट किया गया हैनगर निगम की स्थापना का आधार-5 लाख या उससे अधिक जनसंख्या वाले नगरों में ‘नगर निगम’ की स्थापना की गई है।

3. नगर निगम के निर्वाचित सदस्य – पार्षद् – नगर निगम के गठन के लिए इसके क्षेत्र को वार्डों में बाँट दिया गया है। प्रत्येक वार्ड के मतदाता अपने एक प्रतिनिधि का निर्वाचन करते हैं जो कि पार्षद् कहलाता है।

4. नगर निगम के अन्य सदस्य – नगर निगम क्षेत्र के लोकसभा व विधानसभा के सदस्य तथा कुछ मनोनीत लोग भी इसके सदस्य होते हैं।

5. महापौर तथा उपमहापौर – नगर निगम के निर्वाचित सदस्य अपने में से ही किसी एक पार्षद् को अपना मुखिया और एक को उप-मुखिया चुनते हैं, जिन्हें क्रमशः महापौर और उपमहापौर कहा जाता है।

6. कार्यकाल – नगर निगम का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है। बैठकें-समय-समय पर होने वाली बैठकों में महापौर द्वारा अध्यक्षता की जाती है। इन बैठकों में पार्षद अपने शहर की विकास योजनाओं, समस्याओं आदि पर चर्चा कर निर्णय लेते हैं। ये अपने क्षेत्राधिकार के विषयों पर नियम-उपनियम भी बनाते हैं।

7. अधिकारी व कर्मचारीगण – नगर निगम के कार्यों में मदद देने के लिए मुख्य कार्यकारी आयुक्त, इंजीनियर, स्वास्थ्य अधिकारी, राजस्व अधिकारी तथा सफाई निरीक्षक आदि होते हैं।

RBSE Class 6 Social Science स्थानीय स्वशासन: ग्रामीण और शहरी Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

Question 1.
पंचायती राज संरचना में प्रथम स्तर की संरचना है …………….
(अ) ग्राम पंचायत
(ब) पंचायत समिति
(स) जिला परिषद्
(द) नगरपालिका
उत्तर:
(अ) ग्राम पंचायत

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Question 2.
भारत में त्रिस्तरीय. पंचायती राज व्यवस्था का प्रारम्भ सबसे पहले राजस्थान के किस जिले में प्रारम्भ किया गया?
(अ) जयपुर
(ब) उदयपुर
(स) नागौर
(द) भरतपुर
उत्तर:
(स) नागौर

Question 3.
ग्राम पंचायत में सरकार के पदाधिकारी को कहते हैं …………….
(अ) विकास अधिकारी
(ब) ग्राम सेवक
(स) पटवारी
(द) सरपंच
उत्तर:
(ब) ग्राम सेवक

Question 4.
नगर निगम बनाये जाते हैं, जहाँ जनसंख्या …………….
(अ) 5000 से अधिक हो
(ब) दस हजार से अधिक हो
(स) एक लाख से अधिक हो
(द) 5 लाख से अधिक हो
उत्तर:
(द) 5 लाख से अधिक हो

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Question 5.
जिन शहरों की जनसंख्या एक लाख से ज्यादा और 5 लाख से कम होती है, वहाँ स्थापना होती है …………….
(अ) नगरपालिका की
(ब) नगर परिषद् की
(स) नगर निगम की
(द) छावनी बोर्ड की
उत्तर:
(ब) नगर परिषद् की

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

  1. एक पार्षद का कार्यकाल …………….. वर्ष होता है।
  2. ग्रामीण स्वशासन …………….. संरचना है।
  3. …………….. ग्राम पंचायत की सबसे छोटी इकाई होती है।
  4. किसी ग्राम पंचायत क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं की सभा को …………….. कहते हैं।
  5. ग्राम पंचायत का मुखिया …………….. होता है।

उत्तर:

  1. 5
  2. त्रिस्तरीय
  3. वार्ड सभा
  4. ग्राम सभा
  5. सरपंच

स्तम्भ ‘अ’ को स्तम्भ ‘ब’ से सुमेलित कीजिए –

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उत्तर:
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अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
किस संवैधानिक संशोधन विधेयक द्वारा पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा दिया गया?
उत्तर:
73वें संविधान संशोधन विधेयक द्वारा।

प्रश्न 2.
किस संस्था के माध्यम से ग्रामीण जनता देश के विकास में अपनी प्रत्यक्ष भागीदारी देती है?
उत्तर:
‘ग्राम सभा’ के माध्यम से।

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प्रश्न 3.
ग्राम पंचायत का मुखिया क्या कहलाता है?
उत्तर:
सरपंच।

प्रश्न 4.
पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल कितना है?
उत्तर:
5 वर्ष।

प्रश्न 5.
पंचायत समिति के मुखिया को क्या कहते हैं?
उत्तर:
प्रधान।

प्रश्न 6.
ग्राम सभा किसे कहते हैं?
उत्तर:
किसी ग्राम पंचायत क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं की सभा को ‘ग्राम सभा’ कहते हैं।

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प्रश्न 7.
जिला प्रमुख का चुनाव कैसे होता है?
उत्तर:
जिला परिषद् के निर्वाचित सदस्य मिलकर अपनों में से ही किसी एक को जिला प्रमुख चुनते हैं।

प्रश्न 8.
महापौर का चुनाव कौन करता है?
उत्तर:
नगर निगम के निर्वाचित पार्षद अपनों में से ही किसी एक को महापौर निर्वाचित करते हैं।

प्रश्न 9.
शहरी स्थानीय निकायों में स्थानीय लोगों द्वारा जो प्रतिनिधि चुनकर भेजे जाते हैं, उन्हें क्या कहते हैं?
उत्तर:
पार्षद।

प्रश्न 10.
किस संविधान संशोधन द्वारा शहरी स्थानीय निकायों को संवैधानिक दर्जा प्राप्त हुआ?
उत्तर:
74वें संविधान संशोधन द्वारा।

लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
वार्ड सभा का गठन कैसे होता है?
उत्तर:
वार्ड सभा – एक ग्राम पंचायत में जितने वार्ड पंचों की संख्या निर्धारित होती है, उस ग्राम पंचायत क्षेत्र को उतने ही भागों में बाँटा जाता है। ऐसा प्रत्येक भाग वार्ड कहा जाता है। प्रत्येक वार्ड के मतदाताओं की सभा को वार्ड सभा कहते हैं।

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प्रश्न 2.
वार्ड सभा क्या कार्य करती है?
उत्तर:
वार्ड सभा के माध्यम से ही वार्ड के विकास की योजनाएँ बनाई जाती हैं तथा उनको लागू करवाने के लिए प्रस्ताव ग्राम पंचायत को भेजे जाते हैं। वार्ड सभा उस वार्ड से सम्बन्धित लोक उपयोगी सेवाओं के लिए स्थानों का सुझाव देना, साक्षरता, शिक्षा, स्वास्थ्य, बाल विकास व पोषण कार्यों को बढ़ावा देने जैसे कार्य करती है।

प्रश्न 3.
ग्राम सचिवालय व्यवस्था क्या है?
उत्तर:
ग्राम सचिवालय व्यवस्था के अन्तर्गत प्रत्येक माह की 5, 12, 20 व 27 तारीख को ग्राम पंचायत स्तरीय कर्मचारी, जैसे – ग्राम सेवक, पटवारी, कृषि पर्यवेक्षक, ए.एन.एम., हैण्डपम्प मिस्त्री आदि दिन भर ग्राम पंचायत मुख्यालय पर उपस्थित रहते हैं तथा सरपंच की अध्यक्षता में गाँव के लोगों की समस्याएँ सुनते हैं और उनका समाधान करते हैं।

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प्रश्न 4.
पंचायत समिति के चार कार्यों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
पंचायत समिति के चार प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं –

  1. अपने क्षेत्र की पंचायतों के कार्यों की समीक्षा व पर्यवेक्षण करना।
  2. किसानों के लिए उत्तम खाद – बीज उपलब्ध करवाना।
  3. प्रारम्भिक शिक्षा की व्यवस्था करना।
  4. सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं को क्रियान्वित करवाना।

प्रश्न 5.
जिला परिषद् क्या है?
उत्तर:
जिला परिषद् – जिला परिषद् त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था की सर्वोच्च इकाई है। जिला परिषद् का गठन एक जिले की सभी पंचायत समितियों को मिलाकर किया जाता है। यह सम्पूर्ण जिले की विकास योजनाएँ बनाती है।

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प्रश्न 6.
जिला परिषद् के कोई तीन कार्य लिखिए।
उत्तर:
जिला परिषद् के कार्य –

  1. यह पंचायत समितियों के कार्यों की सामान्य देखरेख करती है।
  2. यह सम्पूर्ण जिले की विकास योजनाएँ बनाती है।
  3. यह जिले में होने वाले विकास कार्यों का निरीक्षण तथा पर्यवेक्षण करती है।

निबन्धात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
ग्राम पंचायत के गठन को समझाइये।
उत्तर:
ग्राम पंचायत का गठन ग्रामीण स्वशासन की त्रिस्तरीय संरचना में ग्राम पंचायत पहले स्तर की संरचना है। ग्राम पंचायत का गठन निम्न प्रकार से होता है

  1. ग्राम पंचायत क्षेत्र – किसी भी बड़े गाँव में या आसपास के कुछ छोटे गाँवों को मिलाकर एक ग्राम पंचायत बनायी जाती है।
  2. सदस्य – ग्राम पंचायत का मुखिया सरपंच होता है तथा उस ग्राम पंचायत क्षेत्र के सभी वार्ड पंच उस ग्राम पंचायत के सदस्य होते हैं।
  3. सरपंच तथा वार्ड पंचों का निर्वाचन – सरपंच का चुनाव ग्राम पंचायत के मतदाताओं द्वारा प्रत्यक्ष मतदान से किया जाता है तथा वार्ड पंचों का चुनाव प्रत्येक वार्ड के मतदाताओं द्वारा प्रत्यक्ष मतदान द्वारा किया जाता है।
  4. उपसरपंच – सभी वार्ड पंच अपने में से ही किसी एक वार्ड पंच को उपसरपंच चुन लेते हैं।
  5. कार्यकाल – ग्राम पंचायत का कार्यकाल 5 वर्ष है।
  6. बैठकें – ग्राम पंचायत की बैठक माह में दो बार आयोजित की जाती है जिसकी अध्यक्षता सरपंच द्वारा की जाती है। इस बैठक में गाँव के विकास की योजनाओं को बनाने, उनको क्रियान्वित करने और अन्य आवश्यक मुद्दों पर चर्चा व निर्णय लिये जाते हैं।
  7. सरकारी कर्मचारी – ग्राम पंचायत के कार्यों की क्रियान्विति के लिए ग्राम पंचायत में सरकारी कर्मचारी होते हैं, जिनमें से एक ग्राम सेवक पदेन सचिव होता है।

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प्रश्न 2.
पंचायत समिति के गठन को समझाइये।
उत्तर:
पंचायत समिति का गठन राज्य में प्रत्येक विकास खण्ड स्तर पर पंचायत समिति का गठन किया गया है। यथा –

  1. पंचायत समिति क्षेत्र – विकास खण्ड में शामिल सभी ग्राम पंचायतों को मिलाकर पंचायत समिति का गठन किया गया है।
  2. पंचायत समिति के निर्वाचित सदस्य – प्रत्येक पंचायत समिति क्षेत्र को वार्डों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक वार्ड के मतदाता अपने एक प्रतिनिधि का निर्वाचन करते हैं, जो पंचायत समिति का सदस्य होता है।
  3. प्रधान तथा उपप्रधान – पंचायत समिति के निर्वाचित सदस्य अपने में से ही किसी एक सदस्य को प्रधान व एक सदस्य को उप-प्रधान के रूप में निर्वाचित करते हैं। प्रधान पंचायत समिति का मुखिया होता है।
  4. पंचायत समिति के अन्य सदस्य – पंचायत समिति के क्षेत्र के विधानसभा सदस्य और उस क्षेत्र में स्थित सभी ग्राम पंचायतों के सरपंच भी पंचायत समिति के सदस्य होते हैं।
  5. बैठकें – समय-समय पर इसकी बैठकें होती हैं जिनमें उस विकास खण्ड के सभी विभागों के खण्ड-स्तरीय अधिकारी भी सम्मिलित होते हैं।

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