RBSE Solutions for Class 6 Hindi Chapter 7 भक्ति-माधुरी

RBSE Solutions for Class 6 Hindi

Rajasthan Board RBSE Class 6 Hindi Chapter 7 भक्ति-माधुरी

RBSE Class 6 Hindi भक्ति-माधुरी पाठ्य-पुस्तक के प्रश्नोत्तर

सोचें और बताएँ

प्रश्न (1)
माँ यशोदा कृष्ण को पालने में क्यों झुला रही है?
उत्तर :
माता यशोदा कृष्ण को सुलाने के लिए झूला झुला रही है।

प्रश्न (2)
जब बालक कृष्ण पालने में अकुलाते हुए जाग जाते हैं, तो मैया क्या यत्न करती है?
उत्तर :
माता यशोदा तब बालक कृष्ण को सुलाने के लिए मधुर स्वर में धीरे-धीरे गाने लगती है।

प्रश्न (3)
रसखान ने किसके भाग्य की सराहना की है?
उत्तर:
रसखान ने कौए के भाग्य की सराहना की है।

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प्रश्न (4)
रसखान किस क्षेत्र में निवास की इच्छा प्रकट करते हैं?
उत्तर :
रसखान ब्रज क्षेत्र में निवास की इच्छा प्रकट करते हैं।

लिखें –

RBSE Class 6 Hindi भक्ति-माधुरी बहुविकल्पी प्रश्न 

प्रश्न 1.
जो सुख ‘सूर’ अमर-मुनि दुर्लभ सो नंद भामिनी पावे। रेखांकित पद आया है –
(क) देवकी के लिए
(ख) यशोदा के लिए
(ग) राधा के लिए
(घ) ललिता के लिए।
उत्तर:
(ख) यशोदा के लिए

प्रश्न 2.
सूरदास के पदों की भाषा है –
(क) मारवाड़ी
(ख) ढूंढाड़ी
(ग) ब्रज
(घ) अवधी।
उत्तर:
(ग) ब्रज

RBSE Class 6 Hindi भक्ति-माधुरी अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न (1)
रसखान के सवैया “धूरि भरे अति सोभित स्यामजू, तैसी बनी सिर सुन्दर चोटी।” में कृष्ण के किस रूप का वर्णन किया गया है?
उत्तर:
इस सवैया में कृष्ण के बाल रूप का वर्णन किया गया है।

प्रश्न (2)
किसकी लकुटी व कामरिया पर कवि तीनों लोकों का राज्य न्यौछावर करना चाहता है?
उत्तर:
कवि बालक कृष्ण की लकुटी व कामरिया पर तीनों लोकों का राज्य न्यौछावर करना चाहता है।

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प्रश्न (3)
“तू काहे न बेगि सी आवै, तोको कान्ह बुलावै!” यहाँ कान्ह द्वारा किसे बुलाने के लिए कहा गया है?
उत्तर:
यहाँ कान्ह द्वारा नींद को बुलाने के लिए कहा गया है।

RBSE Class 6 Hindi भक्ति-माधुरी लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
माँ यशोदा मौन होकर इशारे कर-करके बात क्यों करती है?
उत्तर:
बालक कृष्ण पालने में सो रहे हैं। वे जाग न जाएँ, इसलिए माँ यशोदा मौन होकर इशारे कर-करके बातें कर रही है।

प्रश्न 2.
श्रीकृष्ण कहाँ खेल रहे हैं?
उत्तर:
श्रीकृष्ण अपने आँगन में खेल रहे हैं।

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प्रश्न 3.
रसखान अपने नैनों से क्या देखना चाहते हैं?
उत्तर:
रसखान अपने नेत्रों से ब्रज के वन-बाग और तालाब देखना चाहते हैं।

RBSE Class 6 Hindi भक्ति-माधुरी दीर्घउत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
श्रीकृष्ण के बाल रूप का अपने शब्दों में वर्णन कीजिए।
उत्तर:
श्रीकृष्ण का बाल रूप अपने आप में अत्यन्त शोभायमान है। वे धूल से सने हुए शरीर से-शोभायमान हो रहे हैं, वैसे ही सुन्दर उनकी चोटी बनी हुई है। वे अपने पैरों में पाजेब पहने हुए आँगन में माखन-रोटी खाते खेलते हुए घूम रहे हैं। वे पीली लंगोटी पहने हुए अतिशोभायमान लग रहे हैं ।।

प्रश्न 2.
माँ यशोदा कृष्ण को सुलाने के लिए क्या-क्या यत्न करती है?
उत्तर:
माँ यशोदा कृष्ण को सुलाने के लिए पालने को हिलाती है तो कभी बालक कृष्ण को दलार करती हई, उन्हें लोरी गाकर सुनाती है और उन्हें सुलाने के लिए नींद को बुलाती है।

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प्रश्न 3.
कवि रसखान कृष्ण का सामीप्य प्राप्त करने के लिए क्या-क्या न्यौछावर करने को तैयार हैं ?
उत्तर:
कवि रसखान कृष्ण का सामीप्य पाने के लिए तीनों लोकों का राज्य, आठों सिद्धियों व नवों निधियों का सुख तथा करोड़ों सोने-चाँदी के महल छोड़ने के लिए तैयार हैं।

भाषा की बात –
1. हिन्दी भाषा में स्त्रोत की दृष्टि से पाँच प्रकार के शब्द होते हैं –

  1. तत्सम – संस्कृत भाषा के वे शब्द जो हिन्दी में ज्यों के त्यों प्रचलित हैं उन्हें तत्सम शब्द कहते हैं; जैसे – अग्नि, दुग्ध।
  2. तद्भव – वे शब्द जो संस्कृत के शब्दों से विकसित होकर हिन्दी में आए हैं; जैसे – आग, दूध।
  3. देशज – वे शब्द जो स्थानीय भाषाओं या बोलियों से हिन्दी में आए हैं; जैसे – खिड़की, सूप।।
  4. विदेशज – वे शब्द जो विदेशी भाषाओं से हिन्दी में आए हैं; जैसे – डॉक्टर, स्कूल।
  5. संकर – दो भिन्न भाषाओं के शब्दों से मिलकर बने शब्द जो हिन्दी में प्रयुक्त हो रहे हैं; जैसे – टिकिटघर, रेलगाड़ी।

आप भी प्रत्येक प्रकार के दो-दो शब्दों के उदाहरण लिखिए।
उत्तर:
उदाहरण:

  1. तत्सम – निद्रा, श्वेत।
  2. तद्भव – पानी, उजाला।
  3. देशज – लोटा, पगड़ी।
  4. विदेशज – अमीर, कूपन।
  5. संकर – मोटरगाड़ी, हवाई जहाज।

पाठ से आगे –

प्रश्न 1.
यदि आपको श्रीकृष्ण का साथ मिले तो आपको कैसा अनुभव होगा? सोचकर लिखिए।
उत्तर:
यदि मुझे श्रीकृष्ण का साथ मिले तो मुझे अत्यधिक प्रसन्नता होगी। मैं उनका साथ पाकर अपने आप को धन्य समझेंगा और यह समझूगा कि मेरे पुण्य फलित हो गये हैं। मुझसे भाग्यशाली इस संसार में कोई दूसरा नहीं है।

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प्रश्न 2.
माँ अपने छोटे बच्चे को सुलाने के लिए क्या|क्या प्रयास करती है? लिखिए।
उत्तर:
माँ अपने छोटे बच्चे को सुलाने के लिए उसी प्रकार प्रयास करती है जिस प्रकार माता यशोदा अपने बालक कृष्ण को सुलाने के लिए प्रयास करती थी। माँ अपने बच्चे को झूले में या गोद में झुलाती है, मीठी लोरी गाती है तथा बच्चे के सिर पर एवं पीठ को सहलाती है। माँ अपने बच्चे को थपकी देती है और उसे प्यार से सुलाने का प्रयत्न करती है।

यह भी करें –
प्रश्न 1.
सूरदास व रसखान हिन्दी साहित्य में कृष्णभक्ति काव्यधारा के कवि हैं। हिन्दी में इस धारा से सम्बन्धित अन्य रचनाकारों के बारे में अपने शिक्षक/शिक्षिका तथा पुस्तकालय की मदद से जानकारी हासिल कीजिए तथा इनकी अन्य रचनाओं का संकलन कीजिए।
उत्तर:
शिक्षक की सहायता से जानकारी हासिल कर रचनाओं का संकलन करें।

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प्रश्न 2.
तुलसीदास द्वारा लिखित राम के बालरूप का कोई एक पद याद करके अपनी बाल सभा में सुनाइए।
उत्तर:
शिक्षक की सहायता लेकर पद याद कर बाल सभा में सुनाइए।

RBSE Class 6 Hindi भक्ति-माधुरी अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न

RBSE Class 6 Hindi भक्ति-माधुरी वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1.
बालक कृष्ण को सुलाने के लिए माँ यशोदा बुलाती
(क) नन्दजी को
(ख) सेविका को
(ग) निंदरिया को
(घ) श्रीदामा को।
उत्तर:
(ग) निंदरिया को

प्रश्न 2.
माता यशोदा मधुर गीत गाने लगती है –
(क) बालक कृष्ण के सो जाने पर
(ख) बालक कृष्ण के अकुलाने पर
(ग) बालक कृष्ण के रोने पर
(घ) आँखें खोल कर देखने लगने पर।
उत्तर:
(ख) बालक कृष्ण के अकुलाने पर

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प्रश्न 3.
कवि तीनों लोकों का राज्य न्यौछावर करना चाहता है –
(क) कृष्ण की लाठी और गायों पर
(ख) कृष्ण का सामीप्य पाने पर
(ग) कृष्ण की लाठी और कंबल पर
(घ) कृष्ण के सुखकारी नैनों पर।
उत्तर:
(ग) कृष्ण की लाठी और कंबल पर

प्रश्न 4.
सिद्धियाँ बतायी गयी हैं –
(क) सात
(ख) नौ
(ग) ग्यारह
(घ) आठ।
उत्तर:
(घ) आठ।

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प्रश्न 5.
कौआ माखन-रोटी ले गया है –
(क) बालक कृष्ण के हाथ से
(ख) सेविका के हाथ से
(ग) यशोदा के हाथ से
(घ) राधा के हाथ से।
उत्तर:
(क) बालक कृष्ण के हाथ से

रिक्त स्थानों की पूर्ति –
प्रश्न 6.
उचित शब्द से रिक्त स्थानों की पूर्ति करें –

  1. मेरे लाल को ………… निंदरिया, काहे न आन सुलावै। (आउ / जाउ)
  2. इहि अंतर अकुलाई उठे हरि ……….. मधुरै गावै। (जसुमति / देवकी)
  3. रसखानि जवै इन नैनन ते …………. के वन-बाग तड़ाग निहारै॥ (ब्रज / जग)
  4. खेलत खात फिरै अंगना, पग पैंजनि बाजति ……….. कछौटी। (लाल / पीरी)
  5. या छवि को रसखानि बिलोकत, ……………. काम कलानिधि कोटी। (बारत / वारत)

उत्तर:

  1. आउ
  2. जसुमति
  3. ब्रज
  4. पीरी
  5. वारत।

RBSE Class 6 Hindi भक्ति-माधुरी अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 7.
माँ यशोदा निंदरिया को क्यों बुला रही है?
उत्तर:
माँ यशोदा बालक कृष्ण को सुलाने के लिए निंदरिया को बुला रही है।

प्रश्न 8.
माता यशोदा के अनुसार बालक कृष्ण किसको बुला रहे हैं?
उत्तर:
माता यशोदा के अनुसार बालक कृष्ण नींद को बुला रहे हैं।

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प्रश्न 9.
बालक कृष्ण को सोते जानकर माता यशोदा क्या कर रही है?
उत्तर:
बालक कृष्ण को सोते जानकर माता यशोदा सेविकाओं को मौन रहने का संकेत कर रही है।

प्रश्न 10.
बालक कृष्ण के अकुलाकर उठने पर माता यशोदा क्या करती है?
उत्तर:
बालक कृष्ण के अकुलाकर उठने पर माता यशोदा. मधुर स्वर में लोरी गाकर सुलाने का प्रयास करती है।

प्रश्न 11.
नन्दजी की गाय चराने के लिये कवि किसका सुख त्यागने को तैयार है?
उत्तर:
नन्दजी की गाय चराने के लिए कवि आठों सिद्धियों और नवों निधियों का सुख त्यागने को तैयार है।

प्रश्न 12.
बालक कृष्ण के हाथ से कौन माखन-रोटी झपट कर उड़ गया?
उत्तर:
बालक कृष्ण के हाथ से कौआ माखन-रोटी झपटकर उड़ गया।

RBSE Class 6 Hindi भक्ति-माधुरी लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 13.
सोने के बहाने बालक कृष्ण कौन-कौनसी ग| चेष्टाएँ करते हैं?
उत्तर:
सोने के बहाने बालक कृष्ण कभी तो पलकें मूंद लेते नि हैं और कभी ओष्ठ फड़काने लगते हैं। इसके साथ ही वे बीच-बीच में अकुला कर उठते हैं।

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प्रश्न 14.
बालक कृष्ण को पालने में झुलाते समय माता यशोदा किस सुख को प्राप्त करती है?
उत्तर:
बालक कृष्ण को पालने में झुलाते समय माता यशोदा उस सुख को प्राप्त करती है जो सुख देवताओं और ऋषिमुनियों को भी दुर्लभ है।

प्रश्न 15.
आठ सिद्धियाँ और नौ निधियाँ कौन-कौनसी बतायी गयी हैं? उनके नाम लिखिए।
उत्तर:
आठ सिद्धियाँ और नौ निधियाँ निम्नलिखित बतायी गयी हैं-आठ सिद्धियाँ –

  1. अणिमा
  2. गरिमा ना
  3. महिमा
  4. लघिमा
  5. प्राप्ति
  6. प्राकाम्य
  7. ईशत्व और
  8. वशित्व।

नौ निधियाँ

  1. पदम
  2. महापद्म
  3. शंख
  4. मकर
  5. कच्छप
  6. मुकुन्द
  7. कुन्द
  8. नील और
  9. खर्व।

RBSE Class 6 Hindi भक्ति-माधुरी निबन्धात्मक प्रश्न

प्रश्न 16.
कवि रसखान श्रीकृष्ण की भक्ति के लिए क्याक्या छोड़ने के लिए तैयार हैं?
उत्तर:
रसखान श्रीकृष्ण की लाठी और कंबल को प्राप्त करने के लिए तीनों लोकों का राज्य छोड़ने, नन्दजी की गाय चराने के लिए, आठों सिद्धियों और नवों निधियों का सुख त्यागने तथा ब्रज के वन-बाग व तालाब के सौन्दर्य को देखने के लिए करोड़ों सोने के बने महलों को भी न्यौछावर करने को तैयार हैं।

पाठ-परिचय –
‘भक्ति-माधुरी’ शीर्षक कविता पाठ में तीन पद संकलित हैं । पहला पद सूरदास द्वारा रचित है जिसमें भक्त कवि ने माता यशोदा द्वारा बालक कृष्ण को पालने में झुलाने का चित्रण किया है। दूसरे पद में कवि रसखान ने कृष्ण की भक्ति तथा तीसरे पद में बालक कृष्ण के सौन्दर्य का वर्णन किया है।

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सप्रसंग व्याख्याएँ –

(1) जसोदा हरि पालने ……….. भामिनी पावै॥

कठिन-शब्दार्थ:
हरि = भगवान कृष्ण। पालनै = पालना। हलराव = हिलाना। दुलरावै = दुलार करना, प्यार करना। निंदरिया = नींद। सलावै = सुलाना। बेगि = जल्दी से। कान्ह = कृष्ण। मँद लेत = बन्द कर लेते हैं। अधर = ओष्ठ, होंठ। सैन = संकेत, इशारा। भामिनी = स्त्री, पत्नी। अमर = देवता।

प्रसंग – प्रस्तुत पद ‘भक्ति-माधुरी’ शीर्षक पाठ से लिया गया है। इसके रचयिता महाकवि सूरदास हैं। इसमें माता यशोदा द्वारा बालक कृष्ण को पालने में झुलाने तथा वात्सल्य व बाल-सुलभ चेष्टाओं का वर्णन किया गया है।

व्याख्या / भावार्थ – माता यशोदा कृष्ण को पालने में झुला रही है। वह उसे हिलाती हैं, दुलारती हैं तथा जो कुछ याद आता है, उसे सस्वर गाती हैं। वह चाहती है कि मेरे बालक कृष्ण को नींद आ जाए। फिर प्रश्न करती है कि यह नींद, आकर उसे क्यों नहीं सुला रही है? वह कहती है कि हे नींद, तू क्यों नहीं जल्दी से आ रही है, तुझे कृष्ण बुला रहे हैं।

इसी दौरान वे देखती हैं कि कभी बालक कृष्ण पलक मूंद लेते हैं, कभी ओष्ठ फड़काते हैं। कृष्ण को सोता हुआ जानकर माता यशोदा मौन रहने का संकेत करती है। इसी बीच बालक कृष्ण अकुला उठते हैं। यशोदा माँ उन्हें सुलाने के लिए मीठे स्वर में धीरे-धीरे गाने लगती है। सूरदासजी कहते हैं कि जो सुख देवताओं तथा मुनियों को दुर्लभ है, उस सुख को नन्दजी की पत्नी (यशोदा) बालक कृष्ण को पालने में झुला कर पा रही है।

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(2) या लकुटी अरु कामरिया ……….. कुंजन ऊपर वारौं।

कठिन-शब्दार्थ:
लकुटी = लाठी। कामरिया = कंबल । तिहुपुर को = तीनों लोकों का। सिद्धि = अलौकिक शक्ति। निधि = अपूर्व धन, सम्पदा। कोटिक = करोड़ों। कलधौत = सोने। धाम = महल। बिसारौं = भूल जाऊँ। तड़ाग = तालाब। निहारौं = देखें। करील = काँटेदार झाड़ी। वारौं = न्यौछावर करूँ।

प्रसंग – यह सवैया ‘भक्ति-माधुरी’ शीर्षक पाठ से लिया गया है। इसके रचयिता भक्तकवि रसखान हैं। कवि श्रीकृष्ण के प्रति अपने भक्ति भाव का वर्णन करता है।
व्याख्या / भावार्थ – भक्तकवि कहता है कि मैं श्रीकृष्ण की लाठी और कंबल को प्राप्त करने के लिए तीनों लोकों का राज्य भी छोड़ सकता हूँ तथा नन्दजी की गाय चराने के लिए अणिमा आदि आठों सिद्धियों तथा पद्म आदि नौ निधियों के सुख को भी त्याग सकता हूँ। रसखान कवि कहते हैं कि जब से मैंने अपनी इन आँखों से ब्रज के वन और तालाबों को देखा है, तब से मैं उनके लिए इतना आतुर हो गया हूँ कि मैं वैभव के प्रतीक उन करोड़ों सोने के महलों को ब्रज के करील के कुंजों के ऊपर न्यौछावर कर सकता हूँ।

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(3) धूरि भरे अति सोभित ………….. माखन-रोटी॥

कठिन-शब्दार्थ:
धूरि भरै = धूल से सने हुए। शोभित = सुशोभित होना। अंगना = आँगन में। पैंजनी = पाजेब। पीरी = पीली। कछौटी = लंगोटी। छवि = सुन्दरता। बिलोकत = देखना। वारत = न्यौछावर करती है। काम = कामदेव। कला = सुन्दरता। कोटी = कोटि, करोड़ों। काग = कौआ। भाग = भाग्य। सजनी = सहेली। हरि-हाथ = कृष्ण के हाथ से। माखन = मक्खन।

प्रसंग – यह सवैया ‘भक्ति-माधुरी’ शीर्षक पाठ से लिया गया है। इसके रचयिता भक्तकवि रसखान हैं। इसमें कवि रसखान ने श्रीकृष्ण की सौन्दर्यमयी छवि का वर्णन किया है।

व्याख्या / भावार्थ – कवि रसखान कहते हैं कि धूल से सने हुए शरीर वाले बालक श्रीकृष्ण अत्यन्त शोभायमान लग रहे हैं। ऐसी ही शोभा से युक्त उनके सिर की चोटी बनी हई है। वे खेलते हए और माखन-रोटी खाते हुए अपने आँगन में घूम रहे हैं, उस समय उनके पैरों में बँधी पाजेब बज रही है।

वे पीली लंगोटी पहने हुए हैं। रसखान कवि कहते हैं कि उनकी उस समय की शोभा को देखकर मैं कामदेव की करोड़ों कलाओं की सुन्दरता को भी उस पर न्यौछावर कर सकता हूँ। गोपियाँ आपस में कहती हैं कि हे सखि! उस कौए का बहुत बड़ा सौभाग्य है जो कृष्ण के हाथ से माखन-रोटी छीन कर ले गया है।

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