RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण सन्धि

Rajasthan Board RBSE Solutions for Class 6 Sanskrit व्याकरण सन्धि Questions and Answers, Notes Pdf.

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RBSE Class 6 Sanskrit Vyakaran सन्धि

दो वर्णों के परस्पर मेल को सन्धि कहते हैं। यह सामान्यतः तीन प्रकार की होती है-स्वर सन्धि, व्यंजन सन्धि तथा विसर्ग सन्धि।
(क) स्वर-सन्धि - दो स्वरों के मेल से होने वाली सन्धियाँ स्वर-सन्धि कहलाती हैं। जैसे - 

  • राम + अवतारः = रामावतारः 
  • राजा + इन्द्रः = राजेन्द्रः
  • सदा + एव = सदैव आदि।

1. दीर्घ सन्धि-जब अ, इ, उ, ऋ के बाद कोई समान स्वर आए तो उन दोनों के स्थान पर उनका दीर्घ स्वर हो जाता है। जैसे - 

  • अ + अ = आ 
  • कृष्ण + अवतारः = कृष्णावतारः 
  • अ + आ = आ 
  • हिम + आलयः = हिमालयः 
  • आ + आ = आ 
  • विद्या + आलयः = विद्यालयः 
  • इ + इ = ई 
  • अति + इव = अतीव
  • कपि + ईशः = कपीशः 
  • लक्ष्मी + ईशः = लक्ष्मीशः
  • उ + उ = ऊ 
  • गुरु + उपदेशः = गुरूपदेशः 
  • ऋ + ऋ = ऋ 
  • पितृ + ऋषिः = पितृर्षिः

RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण सन्धि

2. गुण-सन्धि - 

(अ) अ या आ के बाद इ या ई हो तो दोनों के स्थान पर 'ए' होगा। जैसे - 

  • अ + ई = ए 
  • सुर + ईशः = सुरेशः 
  • आ + इ = ए 
  • महा + इन्द्रः = महेन्द्रः 
  • आ + ई = ए 
  • राजा + ईशः = राजेशः

(ब) अ या आ के बाद उ या ऊ हो तो दोनों के स्थान पर 'ओ' होगा। जैसे -

  • अ + उ = ओ 
  • चन्द्र + उदयः = चन्द्रोदयः 
  • आ + उ = ओ 
  • महा + उत्सवः = महोत्सवः 
  • आ + उ = ओ 
  • महा + उदयः = महोदयः

(स) अ या आ के बाद ऋ या ऋ हो तो दोनों का 'अर्' होगा। जैसे - 

  • अ + ऋ = अर् 
  • ब्रह्म + ऋषिः = ब्रह्मर्षिः 
  • आ + ऋ = अर् 
  • महा + ऋषिः = महर्षिः 
  • आ + ऋ = अर्
  • राजा + ऋषिः = राजर्षिः

RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण सन्धि

3. यण-सन्धि - यदि इ, उ, ऋ अथवा लु वर्ण के बाद कोई भिन्न स्वर वर्ण होता है तो इ, उ, ऋ तथा लु वर्णों के स्थान पर क्रमशः य, व, र, ल आदेश होता है। उदाहरण जैसे - 

  • यदि + अपि = यद्यपि 
  • मधु + अरिः = मध्वरिः 
  • वधू + आगमनम् = वध्वागमनम् 
  • पितृ + आदेशः = पित्रादेशः 
  • लृ + आकृतिः = लाकृतिः

4. वृद्धि-सन्धि - यदि अ/आ के सामने ए/ऐ अथवा ओ/औ स्वर वर्ण आता है तो क्रमशः ऐ अथवा औ हो जाता है। उदाहरण - यथा - 

  • एक + एकम् = एकैकम् 
  • देव + ऐश्वर्यम् = देवैश्वर्यम्
  • गङ्गा + ओघः = गङ्गौघः 
  • महा + ओषधि: = महौषधिः

5. अयादि-सन्धि - यदि ए, ऐ, ओ अथवा औ वर्ण के बाद कोई भी स्वर आता है तो क्रमशः 'ए' के स्थान पर 'अय्', ऐ के स्थान पर 'आय', 'ओ' के स्थान पर 'अव्' तथा 'औ' के स्थान पर 'आव्' आदेश होता है। उदाहरण - यथा - 

  • ने + अनम् = नयनम् 
  • गै + अकः = गायक: 
  • पो + अनम् = पवनम् 
  • पौ + अक: = पावकः

RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण सन्धि

(ख) व्यंजन सन्धि - जिसमें प्रथम शब्द का अन्तिम वर्ण और द्वितीय शब्द का प्रथम वर्ण दोनों व्यंजन होते हैं,
या एक स्वर और एक व्यंजन होता है। जैसे - 

  • जगत् + ईशः = जगदीशः 
  • सत् + चरित्रः = सच्चरित्रः 
  • वाक् + ईशः = वागीशः 
  • हरिम् + वन्दे = हरिं वन्दे 
  • षड् + आननः = षडाननः

(ग) विसर्ग सन्धि - जिसमें प्रथम शब्द के अन्त में विसर्ग रहे और वह बाद के शब्द के प्रथम अक्षर से मिल जाये। 
जैसे - 

  • हरिः + अवदत् = हरिरवदत् 
  • इतः + ततः = इतस्ततः 
  • सः + अपि = सोऽपि 
  • कः + चित् = कश्चित् 
  • निः + धनम् = निर्धनम् 
  • प्रीतिः + न = प्रीतिर्न

RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण सन्धि

अभ्यासार्थ प्रश्नोत्तर -

प्रश्न 1. 
निम्नलिखित पदों का सन्धि-विच्छेद कीजिए। 
उत्तरम् : 
पदम् - 'सन्धि-विच्छेदः

  • अल्पाहारम् - अल्प + आहारम् 
  • श्रुतेनैव - श्रुतेन + एव 
  • अतीव - अति + इव 
  • इत्यादयः - इति + आदयः 
  • सदैव - सद + एव 
  • देवालयम् - देव + आलयम् 
  • पाणिन - पाणिः + न 
  • विद्यालयम् - विद्या + आलयम् 
  • तत्रैव - तत्र + एव 
  • कपीशः - कपि + ईशः
Prasanna
Last Updated on July 2, 2022, 10:04 a.m.
Published July 2, 2022