RBSE Class 10 Social Science Important Questions Economics Chapter 4 वैश्वीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था

Rajasthan Board RBSE Class 10 Social Science Important Questions Economics Chapter 4 वैश्वीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था Important Questions and Answers. 

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RBSE Class 10 Social Science Important Questions Economics Chapter 4 वैश्वीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था

वस्तुनिष्ठ प्रश्न 

प्रश्न 1. 
बहुराष्ट्रीय कम्पनियों द्वारा किये जाने वाले निवेश को कहा जाता है- 
(अ) विदेशी निवेश 
(ब) देशी निवेश 
(स) अन्तर्राष्ट्रीय निवेश 
(द) सरकारी निवेश 
उत्तर:
(अ) विदेशी निवेश

प्रश्न 2. 
बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के निवेश का रास्ता है-
(अ) स्थानीय कम्पनियों को खरीदना . 
(ब) स्थानीय कम्पनियों के साथ संयुक्त उत्पादन 
(स) दूसरे देश में कारखाने स्थापित करना 
(द) उपर्युक्त सभी 
उत्तर:
(द) उपर्युक्त सभी

प्रश्न 3. 
बहुराष्ट्रीय कम्पनियों का प्रमुख उद्देश्य है- 
(अ) लाभ अर्जित करना 
(ब) व्यापार को विदेशों में फैलाना 
(स) अपने सामान व सेवाओं को विदेश में बेचना 
(द) उपर्युक्त सभी 
उत्तर:
(द) उपर्युक्त सभी 

प्रश्न 4. 
बहुराष्ट्रीय कम्पनियाँ किस दृष्टि से काफी सम्पन्न होती हैं-
(अ) तकनीक की दृष्टि से 
(ब) वित्त की दृष्टि से 
(स) वस्तुओं एवं सेवाओं की गुणवत्ता की दृष्टि से 
(द) उपर्युक्त सभी 
उत्तर:
(द) उपर्युक्त सभी 

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प्रश्न 5. 
निम्न में से कौनसी भारत की बहुराष्ट्रीय कम्पनी है- 
(अ) टाटा मोटर्स 
(ब) फोर्ड मोटर्स 
(स) सेवरलेट 
(द) सुजुकी 
उत्तर:
(अ) टाटा मोटर्स 

प्रश्न 6. 
निम्न में से वैश्वीकरण का कारण नहीं है- 
(अ) प्रौद्योगिकी में तीव्र उन्नति
(ब) आयात पर कर और कोटा का उपयोग 
(स) व्यापार और निवेश नीतियों का उदारीकरण 
(द) डब्ल्यू.टी.ओ. जैसे अन्तर्राष्ट्रीय संगठन 
उत्तर:
(ब) आयात पर कर और कोटा का उपयोग 

प्रश्न 7. 
विभिन्न देशों के बीच परस्पर सम्बन्ध और तीव्र एकीकरण की प्रक्रिया क्या कहलाती है? 
(अ) उदारीकरण 
(ब) औद्योगीकरण 
(स) वैश्वीकरण 
(द) नगरीकरण 
उत्तर:
(स) वैश्वीकरण

प्रश्न 8. 
तत्काल इलेक्ट्रॉनिक डाक (ई-मेल) किसके द्वारा भेजी जा सकती है? 
(अ) वायु परिवहन द्वारा 
(ब) डाकघर द्वारा 
(स) इंटरनेट द्वारा 
(द) फैक्स द्वारा 
उत्तर:
(स) इंटरनेट द्वारा 

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प्रश्न 9. 
वैश्वीकरण और प्रतिस्पर्धा के दबाव में सबसे ज्यादा प्रभावित कौन हुए हैं? 
(अ) श्रमिक 
(ब) बहुराष्ट्रीय कम्पनियाँ 
(स) भू-स्वामी 
(द) इनमें से कोई नहीं 
उत्तर:
(अ) श्रमिक 

प्रश्न 10. 
न्यायसंगत वैश्वीकरण के लिए सरकार को करना चाहिए- 
(अ) श्रमिक कानूनों का उचित कार्यान्वयन 
(ब) छोटे उत्पादकों को कार्य निष्पादन में सुधार हेतु सहायता 
(स) व्यापार और निवेश अवरोधकों का उपयोग 
(द) उपर्युक्त सभी 
उत्तर:
(द) उपर्युक्त सभी

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
 
1. कोई भी ......... इस आशा से किया जाता है कि ये परिसंपत्तियां लाभ अर्जित करेंगी। 
2. बहुराष्ट्रीय कंपनियां ......... की प्रक्रिया में मुख्य भूमिका निभा रही हैं। 
3. आयात पर कर .......... का एक उदाहरण है। 
4. भारत में करीब सन् ......... के प्रारंभ से नीतियों में कुछ दूरगामी परिवर्तन किये गये। 
5. वर्तमान में विश्व के लगभग ......... देश विश्व व्यापार संगठन के सदस्य है। 
उत्तरमाला:
1. निवेश 
2. वैश्वीकरण 
3. व्यापार अवरोधक 
4. 1991 
5. 1641 

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अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न 

प्रश्न 1. 
निवेश क्या है? 
उत्तर:
परिसम्पत्तियों, जैसे-भूमि, भवन, मशोन तथा अन्य उपकरणों की खरीद में व्यय की गई मुद्रा को निवेश कहते हैं। 

प्रश्न 2. 
दो देशों के मध्य होने वाले व्यापार को क्या कहा जाता है? 
उत्तर:
दो देशों के मध्य होने वाले व्यापार को विदेशी व्यापार कहा जाता है। 

प्रश्न 3. 
उस कम्पनी को क्या कहा जाता है जो एक से अधिक देशों में उत्पादन पर नियन्त्रण अथवा स्वामित्व रखती है?
उत्तर:
बहुराष्ट्रीय कम्पनी। 

प्रश्न 4. 
वैश्वीकरण के फलस्वरूप भारत को होने वाली कोई एक हानि बताइए। 
उत्तर:
वैश्वीकरण से भारत के लघु एवं कुटीर उद्योगों का पतन हुआ है। 

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प्रश्न 5. 
भारतीय अर्थव्यवस्था में बहुराष्ट्रीय निगमों का एक योगदान वताइए। 
उत्तर:
इन निगमों से देश में विदेशी निवेश में वृद्धि हुई है। 

प्रश्न 6. 
अंग्रेजों के समय भारत का विदेश व्यापार कैसा था? 
उत्तर:
अंग्रेजों के समय भारत कच्चे माल का निर्यातक एवं निर्मित माल का आयातक था। 

प्रश्न 7. 
भारत की किसी एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी का नाम बताइए। 
उत्तर:
रैनबैक्सी। 

प्रश्न 8. 
बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के कोई दो मुख्य उद्देश्य वताइए। 
उत्तर:

  • अपने लाभ को अधिकतम करना। 
  • व्यापार का विदेशों तक विस्तार करना। 

प्रश्न 9. 
भारत में कार्यरत कोई दो बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के नाम बताइए। 
उत्तर:

  • हिन्दुस्तान लीवर लिमिटेड 
  • कोका-कोला। 

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प्रश्न 10. 
भारत में बहुराष्ट्रीय कम्पनियों द्वारा उत्पादित कोई दो उत्पादों के नाम बताइए। 
उत्तर:

  • कोलगेट टूथपेस्ट 
  • सैमसंग टी.वी.। 

प्रश्न 11. 
विदेशी निवेश किसे कहा जाता है? 
उत्तर:
बहुराष्ट्रीय कम्पनियों द्वारा किए गए निवेश को विदेशी निवेश कहा जाता है। 

प्रश्न 12. 
विदेश व्यापार से आप क्या समझते हैं? 
उत्तर:
दो या दो से अधिक देशों के मध्य वस्तुओं तथा सेवाओं के क्रय-विक्रय को विदेश व्यापार कहा जाता है। 

प्रश्न 13. 
बहुराष्ट्रीय कम्पनियों से आप क्या समझते हैं? 
उत्तर:
बहुराष्ट्रीय कम्पनियाँ ऐसी कम्पनियाँ हैं जिनका व्यवसाय एक से अधिक राष्ट्रों तक फैला हुआ है। 

प्रश्न 14. 
बहुराष्ट्रीय कम्पनियों में पाई जाने वाली क्षमता को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
बहुराष्ट्रीय कम्पनियों में दूरस्थ उत्पादकों के मूल्य, गुणवत्ता. आपूर्ति और श्रम शर्तों का निर्धारण करने की प्रचण्ड क्षमता होती है।

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प्रश्न 15. 
बहुराष्ट्रीय कम्पनियों द्वारा दूसरे देशों में निवेश करने के कोई दो तरीके बताइए। 
उत्तर:

  • स्थानीय कम्पनियों को खरीदना। 
  • स्थानीय कम्पनियों के साथ संयुक्त उत्पादन। 

प्रश्न 16. 
विदेश व्यापार का कोई एक लाभ बताइए। 
उत्तर:
विदेश व्यापार विभिन्न देशों के बाजारों को जोड़ने या एकीकरण में सहायक होता है। 

प्रश्न 17. 
वैश्वीकरण से क्या अभिप्राय है?
अथवा 
वैश्वीकरण का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
अथवा 
वैश्वीकरण से आप क्या समझते हैं? 
उत्तर:
विभिन्न देशों के बीच परस्पर सम्बन्ध और तीव्र एकीकरण की प्रक्रिया ही वैश्वीकरण है। 

प्रश्न 18. 
वैश्वीकरण का कोई एक महत्व अथवा लाभ बताइए।
उत्तर:
वैश्वीकरण से विभिन्न देशों के वीच अधिक से अधिक वस्तुओं और सेवाओं, निवेश और प्रौद्योगिकी का आदान-प्रदान हो रहा है।

प्रश्न 19. 
वैश्वीकरण को संभव बनाने वाले कोई दो कारकों के नाम बताइए। 
उत्तर:

  • प्रौद्योगिकी का तीव्र विकास। 
  • सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी का विकास।

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प्रश्न 20. 
किन लोगों पर वैश्वीकरण का एक समान प्रभाव नहीं पड़ा है? 
उत्तर:
उत्पादकों एवं श्रमिकों पर।

प्रश्न 21. 
विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए सरकार ने किन कानूनों में लचीलापन लाने की अनुमति प्रदान की है?
उत्तर:
श्रम कानूनों में। 

प्रश्न 22. 
आयात कोटा का क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
इसमें सरकार द्वारा आयात की जाने वाली मात्रा को निर्धारित कर दिया जाता है उससे अधिक मात्रा का आयात नहीं किया जा सकता है।

प्रश्न 23. 
विश्व व्यापार संगठन की स्थापना क्यों की गई है? 
उत्तर:
सदस्य देशों के बीच व्यापार करने के लिए ही विश्व व्यापार संगठन की स्थापना की गई है। 

प्रश्न 24. 
विश्व व्यापार संगठन का मुख्य कार्य क्या है?
उत्तर:
विश्व व्यापार संगठन का मुख्य कार्य अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार सम्बन्धी नियमों का निर्धारण करना एवं उनकी अनुपालना करवाना है।

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प्रश्न 25. 
उदारीकरण का क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
सरकार द्वारा व्यापार एवं निवेश पर से अवरोधों अथवा प्रतिबन्धों को हटाने की प्रक्रिया को उदारीकरण कहा जाता है।

प्रश्न 26. 
निजीकरण को परिभाषित कीजिए।
उत्तर:
निजीकरण से तात्पर्य है-निजी क्षेत्र पर से कड़े नियंत्रण को हटाकर उन्हें जरूरी निर्णय लेने के लिए मुक्त करना।

प्रश्न 27. 
व्यापार अवरोधक से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
व्यापार अवरोधक सरकार द्वारा लगाए वे प्रतिबन्ध हैं जिनसे वे विदेशी व्यापार को नियमित करती है। 

लघूत्तरात्मक प्रश्न (Type-I)

प्रश्न 1. 
विगत वर्षों में भारतीय बाजारों के स्वरूप में हुए परिवर्तनों को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
वर्ष 1991 में भारत ने उदारीकरण तथा वैश्वीकरण की प्रक्रिया को अपनाया। इस प्रक्रिया के पश्चात् भारतीय बाजारों में विदेशी वस्तुओं का आगमन तथा विदेशी निवेश में काफी वृद्धि हुई है। उपभोक्ताओं को अब कम कीमत पर बहुराष्ट्रीय कम्पनियों की उच्च गुणवत्ता वाली वस्तुएँ प्राप्त हो रही हैं।

प्रश्न 2. 
बहुराष्ट्रीय कम्पनियों पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
बहुराष्ट्रीय कम्पनियाँ ऐसी कम्पनियाँ होती हैं जिनका व्यवसाय एक से अधिक राष्ट्रों में फैला होता है। बहुराष्ट्रीय कम्पनियों का मुख्य उद्देश्य अपने व्यापार का अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार कर अधिक से अधिक लाभ कमाना हे ता है।

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प्रश्न 3. 
बहुराष्ट्रीय कम्पनियाँ अन्य देशों में निवेश करने से पूर्व किन बातों को ध्यान में रखती हैं? कोई दो बातें बताइए।
उत्तर:

  • बाजार की निकटता, कम लागत पर कुशल व अकुशल श्रम की उपलब्धता तथा उत्पादन के अन्य कारकों की उपलब्धता।
  • बहुराष्ट्रीय कम्पनियाँ उस देश की सरकार की सरकारी नीतियों को भी ध्यान में रखती हैं कि सरकारी नीतियाँ उनके अनुकूल हैं या नहीं।

प्रश्न 4. 
बहुराष्ट्रीय कम्पनियाँ विदेशों में किस तरह से निवेश करती हैं? 
उत्तर:
बहुराष्ट्रीय कम्पनियाँ विदेशों में कई तरीके से निवेश करती हैं-

  • वे सीधे कारखानों की स्थापना कर सकती हैं। 
  • वे स्थानीय कम्पनियों को खरीदती हैं। 
  • कई बार वे स्थानीय कम्पनियों के साथ मिलकर संयुक्त रूप से भी उत्पादन करती हैं।

प्रश्न 5. 
विदेश व्यापार के कोई दो लाभ बताइए।
उत्तर:

  • विदेश व्यापार से देश के उपभोक्ताओं को कम मूल्य पर उच्च गुणवत्ता वाली वस्तुएँ एवं सेवाएँ प्राप्त होती हैं।
  • विदेश व्यापार से उत्पादकों को अपना उत्पाद विदेशों में बेचने का अवसर प्राप्त होता है जिससे उन्हें अधिक लाभ प्राप्त होता है।

प्रश्न 6. 
वैश्वीकरण के भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले कोई दो सकारात्मक प्रभाव बताइए।
उत्तर:

  • वैश्वीकरण से बड़े उद्योगों को अपना विस्तार करने का अवसर मिला है तथा देश के उपभोक्ताओं को कम कीमत पर अधिक गुणवत्ता वाली वस्तुएँ प्राप्त हुई हैं।
  • वैश्वीकरण के फलस्वरूप बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के आगमन से रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। 

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प्रश्न 7. 
वैश्वीकरण के भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले कोई दो नकारात्मक प्रभाव बताइए।
उत्तर:

  • वैश्वीकरण के फलस्वरूप देश के छोटे एवं कुटीर उद्योगों का पतन हुआ है क्योंकि उनकी प्रतिस्पर्धा क्षमता कम है।
  • वैश्वीकरण से कई बार श्रमिकों के हितों का संरक्षण नहीं हो पाता है। 

प्रश्न 8. 
सूचना एवं प्रौद्योगिकी ने वैश्वीकरण को किस प्रकार सम्भव बनाया है?
उत्तर:
सूचना एवं प्रौद्योगिकी के अन्तर्गत दूरसंचार, कम्प्यूटर, इन्टरनेट आदि के उपयोग से विभिन्न देश के व्यापारियों एवं उपभोक्ताओं का आसानी से सम्पर्क हुआ है तथा नवीन प्रौद्योगिकी से अब घर बैठे वस्तुओं एवं सेवाओं का आदान-प्रदान सम्भव हो गया है। 

प्रश्न 9. 
वस्तुओं, सेवाओं, निवेशों और प्रौद्योगिकी के अतिरिक्त विभिन्न देशों को आपस में जोड़ने का एक और कौनसा माध्यम है? संक्षिप्त में समझाइये।
उत्तर:
वस्तुओं, सेवाओं, निवेशों और प्रौद्योगिकी के अतिरिक्त विभिन्न देशों को आपस में जोड़ने का एक और माध्यम है। यह माध्यम है विभिन्न देशों के बीच लोगों का आवागमन। प्रायः लोग बेहतर आय, बेहतर रोजगार एवं शिक्षा की तलाश में एक देश से दूसरे देश में आवागमन करते हैं। किन्तु, विगत कुछ दशकों में अनेक प्रतिबंधों के कारण विभिन्न देशों के बीच लोगों के आवागमन में अधिक वृद्धि नहीं हुई है। 

लघूत्तरात्मक प्रश्न (Type-II)

प्रश्न 1. 
वैश्वीकरण में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी की भूमिका को किन्हीं तीन आधार पर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
वैश्वीकरण में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी की भूमिका-वर्तमान में दूरसंचार, कम्प्यूटर तथा इंटरनेट के कारण वैश्वीकरण में तेजी आई है। यथा-

  • दूरसंचार सुविधाओं-टेलीग्राफ, टेलीफोन, मोबाइल फोन, फैक्स आदि का विश्व भर में एक-दूसरे से सम्पर्क करने, सूचनाओं को तत्काल प्राप्त करने तथा दूरवर्ती क्षेत्रों से संवाद करने में प्रयोग किया जाता है।
  • कम्प्यूटरों ने भी वैश्वीकरण को गति प्रदान की है। जीवन के लगभग प्रत्येक क्षेत्र में कम्प्यूटरों का प्रवेश हो गया है।
  • इंटरनेट से तो स्थितियाँ बिल्कुल बदल गई हैं। इससे पूरे संसार की जानकारी घर बैठे प्राप्त की जा सकती है तथा बाँटी जा सकती है। इससे हम तत्काल ई-मेल भेज तथा प्राप्त कर सकते हैं। 

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प्रश्न 2. 
भारतीय अर्थव्यवस्था पर वैश्वीकरण के किन्हीं तीन प्रभावों का वर्णन कीजिए।
अथवा 
वैश्वीकरण क्या है? भारत में इसके दो प्रभाव लिखिए।
अथवा 
भारत में वैश्वीकरण के किन्हीं तीन प्रभावों को समझाइए।
उत्तर:
वैश्वीकरण का अर्थ-विभिन्न देशों के बीच परस्पर सम्बन्ध और तीव्र एकीकरण की प्रक्रिया ही वैश्वीकरण है। इसमें विश्व के विभिन्न देशों के बाजार एक बाजार के समान कार्य करते हैं।

भारत में वैश्वीकरण के प्रभाव-

  • वैश्वीकरण के प्रभावस्वरूप बहुराष्ट्रीय कम्पनी ने भारत में अपने निवेश में वृद्धि की है जिससे देश में रोजगार अवसरों में भी वृद्धि हुई है एवं नए रोजगार अवसर उत्पन्न हुए हैं।
  • वैश्वीकरण के प्रभावस्वरूप शीर्ष भारतीय कम्पनियाँ बढ़ी हुई प्रतिस्पर्धा से लाभान्वित हुई हैं एवं उनका विस्तार विदेशों तक हुआ है।
  • वैश्वीकरण के कारण उपजी प्रतिस्पर्धा के कारण छोटी औद्योगिक इकाइयाँ बंद हो गई हैं जिससे बेरोजगारी में वृद्धि हुई है।

प्रश्न 3. 
वैश्वीकरण को सम्भव बनाने वाले प्रमुख दो कारकों की विवेचना कीजिए। 
उत्तर:
वैश्वीकरण को सम्भव बनाने वाले दो प्रमुख कारक निम्नलिखित हैं-
(1) सूचना प्रौद्योगिकी का विकास सूचना प्रौद्योगिकी के तहत दूरसंचार, कम्प्यूटर, इन्टरनेट आदि की सहायता से सम्पूर्ण विश्व में सरलता से सम्पर्क किया जा सकता है एवं व्यापार किया जा सकता है जिससे वैश्वीकरण की गति तीव्र हुई है। अनेक बहुराष्ट्रीय कम्पनियाँ विकासशील देशों में काल सेंटर स्थापित करके विश्व में फैले ग्राहकों की जानकारी प्रदान कर रही हैं।

(2) प्रौद्योगिकी में तेज उन्नति–परिवहन प्रौद्योगिकी में उन्नति से लम्बी दूरियों तक वस्तुओं को कम लागत पर शीघ्र पहुँचाया जा सकता है, जिसके फलस्वरूप तीव्र वैश्वीकरण सम्भव हो पाया है।

प्रश्न 4. 
विदेश व्यापार के उदारीकरण की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
विदेश व्यापार के उदारीकरण से तात्पर्य व्यापार पर अनावश्यक प्रतिबंधों को हटाकर अर्थव्यवस्था को अधिक प्रतियोगी बनाना है। इसमें विदेशी आयात-निर्यात पर निर्णय लेने के लिए व्यापारी सरकार के प्रतिबंधों से मुक्त हैं तथा इस सम्बन्ध में सरकार का दृष्टिकोण उदार हुआ है। विदेश व्यापार के उदारीकरण के अन्तर्गत न केवल प्रतिबन्धों को कम किया जाता है वरन् देशों द्वारा उद्यमियों को विदेश व्यापार हेतु प्रोत्साहित किया जाता है तथा उन्हें कई प्रकार की सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं।

प्रश्न 5. 
विश्व व्यापार संगठन पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
विश्व व्यापार संगठन एक अन्तर्राष्ट्रीय संगठन है जिसका मुख्य उद्देश्य अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार को उदार बनाना है। यह अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार से सम्बन्धित नियमों का निर्धारण करता है तथा यह देखता है कि इन नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। विश्व व्यापार संगठन विदेश व्यापार के अवरोधों को कम करने का प्रयास करता है जिससे विदेश व्यापार में वृद्धि की जा सके। विश्व व्यापार संगठन सभी देशों को मुक्त व्यापार की सुविधा प्रदान करता है।

वर्तमान में विश्व के लगभग 164 देश विश्व व्यापार संगठन के सदस्य हैं। 

प्रश्न 6. 
न्यायसंगत वैश्वीकरण को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
न्यायसंगत वैश्वीकरण का तात्पर्य यह है कि वैश्वीकरण से सभी लोगों को समान लाभ हो तथा देश के पिछड़े वर्गों को भी संरक्षित किया जाना चाहिए। वैश्वीकरण के हानिकारक प्रभावों को कम करने के प्रयास किए जाने चाहिए तथा लघु एवं कुटीर उद्योगों का भी संरक्षण किया जाना चाहिए। न्यायसंगत वैश्वीकरण में यह ध्यान दिया जाता है कि वैश्वीकरण का लाभ केवल धनी लोगों को ही ना मिले एवं निर्धनों की भी वेहतर हिस्सेदारी हो। इसमें छोटे उद्योगों के कार्य निष्पादन में सुधार हो तथा श्रमिक कानूनों का भी उचित रूप से क्रियान्वयन किया जाए ताकि श्रमिकों के हितों का भी संरक्षण हो।

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प्रश्न 7. 
आयात पर कर को व्यापार अवरोधक के रूप में क्यों जाना जाता है? स्वतंत्रता के बाद भारत सरकार ने विदेशी व्यापार तथा विदेशी निवेशों पर प्रतिबंध क्यों लगाया? तीन कारण दीजिए।
उत्तर:
आयात पर 'कर' को व्यापार अवरोधक के रूप में इसलिए जाना जाता है क्योंकि इससे सरकार विदेशी व्यापार पर कुछ प्रतिबंध लगाकर उसे नियमित करती है, जिससे विदेशी व्यापार सीमित हो जाता है।

भारत सरकार द्वारा विदेशी व्यापार व निवेश पर प्रतिबंध लगाने के कारण-

  • देश के छोटे उद्योगपतियों को प्रतियोगिता से बचाने हेतु ताकि वे अपना पर्याप्त विकास कर सकें एवं उनका पतन न हो।
  • विदेशी कम्पनियाँ अच्छी गुणवत्ता के साथ-साथ कम मूल्य पर वस्तुएँ उपलब्ध कराती थीं, जबकि भारतीय कम्पनियों के लिए ऐसा करना कठिन था।
  • भारतीय उत्पादकों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से संरक्षण प्रदान करने के लिए।

(2) स्थानीय कम्पनियों को खरीदना-बहुराष्ट्रीय कम्पनियों द्वारा निवेश का सबसे आम रास्ता स्थानीय कम्पनियों को खरीदना तथा उसके बाद उत्पादन का प्रसार करना है। अपार सम्पदा वाली ये कम्पनियाँ स्थानीय कम्पनियों को आसानी से खरीद सकती हैं।

(3) छोटे उत्पादकों को उत्पादन आर्डर देना-बहराष्ट्रीय कम्पनियाँ स्थानीय उत्पादकों को भी उत्पादन आर्डर देकर उत्पादन पर नियंत्रण करती हैं। वस्त्र, जूते-चप्पल एवं खेल के सामान ऐसे उद्योग हैं जहाँ बड़ी संख्या में छोटे उत्पादकों द्वारा उत्पादन किया जा रहा है।

admin_rbse
Last Updated on May 17, 2022, 8:01 p.m.
Published May 17, 2022