RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् धातुरूपाणि

Rajasthan Board RBSE Solutions for Class 10 Sanskrit व्याकरणम् धातुरूपाणि Questions and Answers, Notes Pdf.

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RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् धातुरूपाणि

परिभाषा - क्रिया का निर्माण जिससे होता है, उसके मूल रूप को संस्कृत में 'धातु' कहा जाता है। जैसे पठ् या लिख् धातु है और इनसे पठति, लिखतु आदि क्रियापद बनते हैं। सैकण्डरी के नवीन पाठ्यक्रम में जो धातुएँ निर्धारित हैं, उनके पाँच लकारों में रूपों का ज्ञान आवश्यक है। वे पाँच लकार अर्थात् क्रिया के काल इस प्रकार हैं - 

  1. लट् लकार - वर्तमान काल की क्रिया में लट् लकार आता है। अर्थात् जिस क्रिया से वर्तमान काल का बोध होता है, उसमें लट् लकार आता है। जैसे-छात्रः पठति, त्वं लिखसि, आवां क्रीडावः आदि। 
  2. लोट् लकार - आज्ञा काल या आज्ञा देने के अर्थ में क्रिया के रूप लोट् लकार में चलते हैं। जैसे-सः पठतु, त्वम् पठ, अहं पठानि आदि। 
  3. लङ् लकार - भूतकाल के लिए यह लकार आता है। इसमें धातु से पहले सर्वत्र 'अ' जुड़कर क्रिया-पद बनता है। जैसे-अपठत्, अपठः आदि। 
  4. विधिलिङ् लकार - 'चाहिए' अर्थ में, प्रार्थना या निवेदन करने के अर्थ में विधिलिङ् लकार प्रयुक्त होता हैं। 
  5. लृट् लकार - भविष्यत् काल की क्रिया में लृट् लकार आता है। इसमें सेट् धातुओं में 'स्य' तथा अनिट् धातुओं में 'इस्य' लगता है। जैसे-पठिष्यति, भविष्यति, दास्यामि, वक्ष्यसि आदि। 

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् धातुरूपाणि

लकार के पुरुष - प्रत्येक लकार के तीन पुरुष होते हैं -

  1. प्रथम पुरुष या अन्य पुरुष
  2. मध्यम पुरुष 
  3. उत्तम पुरुष। 

जिसके विषय में कहा जाता है, वह प्रथम पुरुष या अन्य पुरुष होता है। जैसे-स: गच्छति (प्रथम पुरुष एकवचन), तौ पठतः (प्रथम पुरुष द्विवचन), ते लिखन्ति (प्रथम पुरुष बहुवचन)। 

जिसे सामने कहा जाता है, वह मध्यम पुरुष होता है। जैसे-त्वं पठसि (मध्यम पुरुष एकवचन), युवाम् गच्छथः (मध्यम पुरुष द्विवचन), यूयम् क्रीडथ (मध्यम पुरुष बहुवचन)। 

जो कहने वाला होता है, उसे उत्तम पुरुष कहते हैं। जैसे-अहं गच्छामि (उत्तम पुरुष एकवचन), आवाम् पठावः (उत्तम पुरुष द्विवचन), वयम् लिखामः (उत्तम पुरुष बहुवचन)। 
इस प्रकार प्रत्येक लकार में तीनों पुरुषों के रूप बनते हैं। 

पाठ्यक्रम में निर्धारित धातु-रूप 

भू (होना) धातु 

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् धातुरूपाणि 1

गम् (गच्छ) धातुः 

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् धातुरूपाणि 2

इष (इच्छा करना) धातुः
RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् धातुरूपाणि 3
RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् धातुरूपाणि 4

प्रच्छ (पूछना) धातुः 

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् धातुरूपाणि 5

लिख (लिखना) धातु 

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् धातुरूपाणि 6
RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् धातुरूपाणि 7

हन् (मारना) धातु 

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् धातुरूपाणि 8
RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् धातुरूपाणि 9

भी (डरना) धातुः 

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् धातुरूपाणि 10

दा (देना) धातुः 

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् धातुरूपाणि 11
RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् धातुरूपाणि 12

नृत् (गात्रविक्षेपे) धातुः 

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् धातुरूपाणि 13

जन् (पैदा होना) धातुः (क) लट्लकारः 

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् धातुरूपाणि 14

कृ (करना) धातुः 

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् धातुरूपाणि 15
RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् धातुरूपाणि 16

क्री (द्रव्यविनिमये) धातुः 

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क्रीड् (विहारे) धातुः 

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RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् धातुरूपाणि 19

चिन्त् (स्मृत्याम्) धातुः 

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त्यज् (हानौ) धातुः 

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आत्मनेपदम्। 

सेव् (सेवायाम्) 

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् धातुरूपाणि 23
लभ् (प्राप्तौ) 

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् धातुरूपाणि 24

अभ्यासार्थ प्रश्नोत्तराणि 

बहुविकल्पात्मकप्रश्नाः -  

प्रश्न 1. 
इष् धातोः लट्लकारस्य उत्तमपुरुषस्यैकवचने रूपं भविष्यति - 
(अ) इच्छसि 
(ब) इच्छामः 
(स) एषिष्यामि 
(द) इच्छामि
उत्तरम् :
(द) इच्छामि

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् धातुरूपाणि

प्रश्न 2. 
प्रच्छ् धातोः लुट्लकारस्य प्रथमपुरुषस्य बहुवचने रूपं भविष्यति -
(अ) प्रक्ष्यन्ति 
(ब) प्रक्ष्यसि 
(स) प्रक्ष्यतः 
(द) प्रक्ष्यामः
उत्तरम् :
(अ) प्रक्ष्यन्ति 

प्रश्न 3. 
लिख धातोः लट्लकारस्य मध्यमपुरुषैकवचने रूपं भविष्यति - 
(अ) लिखत 
(ब) लेखिष्यसि 
(स) लिखसि 
(द) अलिखः
उत्तरम् :
(ब) लेखिष्यसि 

प्रश्न 4. 
हन् धातोः लोट्लकारस्य मध्यमपुरुषस्यैकवचने रूपं भविष्यति - 
(अ) हनतु 
(ब) जहि 
(स) हत 
(द) हतम्
उत्तरम् :
(ब) जहि

प्रश्न 5. 
भी धातोः लङ्लकारस्य प्रथमपुरुषस्य बहुवचने रूपं भविष्यति - 
(अ) अबिभेत् 
(ब) अबिभेः 
(स) अबिभीत 
(द) अबिभयुः
उत्तरम् :
(द) अबिभयुः

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प्रश्न 6. 
दा धातोः विधिलिङ्लकारे मध्यमपुरुषैकवचने रूपं भविष्यति - 
(अ) दद्युः 
(ब) दद्यात् 
(स) दद्याः 
(द) दद्याव
उत्तरम् :
(स) दद्याः 

प्रश्न 7. 
नृत् धातोः लट्लकारस्य उत्तमपुरुषस्य बहुवचने रूपं भविष्यति - 
(अ) नृत्यन्ति 
(ब) नृत्यथ 
(स) नर्तिष्यामः 
(द) नृत्येमः
उत्तरम् :
(स) नर्तिष्यामः 

प्रश्न 8. 
जन् धातोः लङ्लकारस्य मध्यमपुरुषैकवचने रूपं भविष्यति - 
(अ) जाये 
(ब) जायै 
(स) अजाये 
(द) जायेम
उत्तरम् :
(स) अजाये 

प्रश्न 9. 
कृ धातोः लृट्लकारस्य उत्तमपुरुषस्य बहुवचने रूपं भविष्यति -  
(अ) करिष्यामः 
(ब) कुरुत 
(स) अकुरुत 
(द) कुर्यात
उत्तरम् :
(अ) करिष्यामः

प्रश्न 10. 
क्री धातोः लट्लकारस्य उत्तमपुरुषस्य बहुवचने रूपं भविष्यति - 
(अ) क्रीणीमः 
(ब) क्रेष्यामः 
(स) क्रीणाम 
(द) अक्रीणीम 
उत्तरम् :
(अ) क्रीणीमः 

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प्रश्न 11.
चिन्त् धातोः विधिलिङ्लकारस्य उत्तमपुरुषस्यैकवचने रूपं भविष्यति -  
(अ) चिन्तयेत् 
(ब) चिन्तयेयम्
(स) चिन्तयानि 
(द) चिन्तयेः
उत्तरम् :
(ब) चिन्तयेयम्

प्रश्न 12. 
त्यज् धातोः लुट्लकारस्य मध्यमपुरुषस्य बहुवचने रूपं भविष्यति 
(अ) त्यजथ 
(ब) त्यजत 
(स) त्यक्ष्यथ 
(द) त्यजेत
उत्तरम् :
(स) त्यक्ष्यथ 

प्रश्न 13.
सेव् धातोः लट्लकारस्य प्रथमपुरुषस्य बहुवचने रूपं भविष्यति 
(अ) सेवध्वे 
(ब) सेवन्ते 
(स) सेवावहे 
(द) सेवामहे 
उत्तरम् :
(ब) सेवन्ते

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अतिलघूत्तरात्मक/लघूत्तरात्मकप्रश्नाः 

प्रश्न 1. 
निम्नलिखितधातूनां यथानिर्दिष्टं रूपाणि लिखत 
1. सेव् (लट्लकारस्य प्रथमपुरुषे) 
उत्तरम् : 
सेवते, सेवेते, सेवन्ते। 

2. क्रीड् (लट्लकारस्य मध्यमपुरुषे) 
उत्तरम् : 
क्रीडिष्यसि, क्रीडिष्यथः, क्रीडिष्यथ। 

3. कृ (लङ्लकारस्य प्रथमपुरुषे) 
उत्तरम् :
अकरोत्, अकुरुताम्, अकुर्वन्। 

4. दा (लोट्लकारस्य उत्तमपुरुषे) 
उत्तरम् : 
ददानि, ददाव, ददाम। 

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5. नृत् (विधिलिङ्लकारस्य उत्तमपुरुषे) 
उत्तरम् :
नृत्येयम्, नृत्येव, नृत्येम। 

6. भी (लट्लकारस्य मध्यमपुरुषे) 
उत्तरम् : 
बिभेषि, बिभीथः, बिभीथ। 

7. हन् (लङ्लकारस्य मध्यमपुरुषे) 
उत्तरम् : 
अहः, अहतम्, अहत। 

8. इष् (लुट्लकारस्य प्रथमपुरुषे) 
उत्तरम् : 
एषिष्यति, एषिष्यतः, एषिष्यन्ति। 

9. प्रच्छ (लट्लकारस्य उत्तमपुरुषे) 
उत्तरम् :
प्रक्ष्यामि, प्रक्ष्यावः, प्रक्ष्यामः। 

10. लभ् (लट्लकारस्य मध्यमपुरुषे) 
उत्तरम् : 
लभसे, लभेथे, लभध्वे। 

11. भू (लोट्लकारस्य उत्तमपुरुषे) 
उत्तरम् : 
भवानि, भवाव, भवाम। 

प्रश्न 2. 
निम्नलिखितधातूनां निर्दिष्टलकारे रूपाणि लिखत 
1. भी (लट्लकारे) ................................
2. प्रच्छ् (विधिलिङ्लकारे) ..................... 
3. कृ (लोट्लकारे) ................................. 
4. जन् (लुट्लकारे) ...............................
5. दा (लङ्लकारे) ................................. 
6. हन् (लट्लकारे) ................................ 
7. लिख् (लुट्लकारे) .............................. 
8. लभ् (लट्लकारे) ................................ 
9. इष् (लङ्लकारे) ................................. 
10. चिन्त् (विधिलिङ्लकारे) ................... 
उत्तर :
नोट - उपर्युक्त धातुओं के रूप पूर्व में दिये गये हैं, वहाँ से देखकर लिखिए। 

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प्रश्न 3. 
अधोलिखितपदेषु धातु-लकार-पुरुष-वचनानां निर्देशं कुरुत। 
उत्तरम् :  
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प्रश्न 4. 
अधोलिखितक्रियापदेषु काल (लकार) परिवर्तनं कुरुत -

  1. अबिभेत् - (लोट) 
  2. त्यक्ष्यामि - (लङ्) 
  3. इच्छति - (लुट्) 
  4. हन्तु - (विधिलिङ्) 
  5. क्रीणाति - (लुट्) 
  6. नर्तिष्यति - (लट्) 
  7. पृच्छेयुः - (लोट) 
  8. कुर्मः - (लुट्) 
  9. भवन्ति - (लङ्) 
  10. गच्छेत - (लोट) 

उत्तरम् : 

  1. बिभतु 
  2. अत्यजम्
  3. एषिष्यति
  4. हन्यात्
  5. क्रीणिष्यति
  6. नृत्यति
  7. पृच्छन्तु
  8. करिष्यामः 
  9. अभवन् 
  10. गच्छतु

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प्रश्न 5. 
समुचितक्रियाप्रयोगेण रिक्तस्थानानि पूरयत 

  1. रामः श्वः लेखम् ......................। (लिख् + लृट्) 
  2. देवाः प्रजापतिं ...........................। (प्रच्छ् + लङ्) 
  3. शिष्याः गुरुकुले ज्ञानम् ...............। (लभ् + लट) 
  4. धनाशया सः कृपणमपि ...................। (सेव् + लट्) 
  5. तम् अवलोक्य शृगालः ............................। (चिन्त् + लङ्) 

उत्तरम् : 

  1. लेखिष्यति
  2. अपृच्छन्
  3. लभन्ते
  4. सेवते
  5. अचिन्तयत्

प्रश्न 6. 
अधोलिखितेषु क्रियापदेषु धातु-लकार-पुरुषवचनानि लिखत - 
(i) अलिखन् 
(ii) हनिष्यामि 
(iii) सेवन्ते। 
उत्तरम् : 
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प्रश्न 7. 
अधोलिखितेषु क्रियापदेषु धातु-लकार-पुरुषवचनानि लिखत - 
(i) प्रक्ष्यामि 
(ii) बिभ्यतु 
(iii) लभे। 
उत्तरम् : 
RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् धातुरूपाणि 27

प्रश्न 8. 
निम्नलिखितेषु क्रियापदेषु धातु-लकार-पुरुष-वचनानि लिखत - 
(i) इच्छेयम् 
(ii) नर्तिष्यन्ति 
(iii) सेवध्वे। 
उत्तरम् : 
RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् धातुरूपाणि 28

प्रश्न 9. 
निम्नलिखितेषु क्रियापदेषु धातु-लकार-पुरुष-वचनानि लिखत -
(i) अचिन्तयन् 
(ii) सेवे 
(iii) एष्यन्ति। 
उत्तरम् : 
RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् धातुरूपाणि 29

प्रश्न 10.
निम्नलिखितेषु क्रियापदेषु धातु-लकार-पुरुष-वचनानि लिखत - 
(i) अलिखन् 
(ii) दास्यति 
(iii) लभे। 
उत्तरम् : 
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प्रश्न 11. 
अधोलिखितपदेषु धातु-लकार-पुरुष-वचनानां निर्देशं कुरुत। 
उत्तरम् : 
RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् धातुरूपाणि 31

प्रश्न 12. 
निम्नलिखितधातूनां यथानिर्दिष्टं रूपाणि लिखत्। 
(i) त्यज् (लोट्लकारस्य उत्तमपुरुषैकवचने) 
उत्तरम् : 
त्यजानि। 

(ii) सेव् (लट्लकारस्य प्रथमपुरुषस्य द्विवचने) 
उत्तरम् : 
सेवेते। 

(iii) क्रीड् (विधिलिङ्लकारस्य मध्यमपुरुषैकवचने) 
उत्तरम् : 
क्रीड़ेः। 

(iv) क्री (लङ्लकारस्य प्रथमपुरुषस्य बहुवचने) 
उत्तरम् : 
अक्रीणन्। 

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(v) जन् (लट्लकारस्य उत्तमपुरुषस्य द्विवचने) 
उत्तरम् : 
जायावहे। 

(vi) दा (लङ्लकारस्य प्रथमपुरुषस्य बहुवचने) 
उत्तरम् : 
अददुः। 

(vii) भी (लोट्लकारस्य मध्यमपुरुषस्य बहुवचने) 
उत्तरम् : 
बिभीतः। 

(viii) हन् (लट्लकारस्य उत्तमपुरुषैकवचने) 
उत्तरम् : 
हन्मि।

Prasanna
Last Updated on May 7, 2022, 3:20 p.m.
Published May 7, 2022